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सर्वमान्य चेहरे माने जाने वाले अंजुम लोकसभा के तगड़े दावेदार

Posted Date : 11-Feb-2019

दिल्ली में दिग्गज नेताओं से की बैठक, सीएम बघेल के समक्ष भी ठोंका दांव

छत्तीसगढ़ संवाददाता

राजनांदगांव, 11 फरवरी। प्रदेश में कांग्रेस के सत्तारूढ़ होते ही आसन्न लोकसभा में टिकट के लिए घमासान शुरू हो गया है। राज्य के सबसे हाईप्रोफाईल सीट राजनांदगांव लोकसभा में पार्टी आलाकमान नए और सक्षम चेहरों पर दांव लगाने के संकेत के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंजुम अल्वी के नाम की सियासी हल्के में चर्चा है।

छात्र राजनीति से कांग्रेस से जुड़े श्री अल्वी करीब 40 साल से सक्रिय राजनीति में है। बताया जाता है कि अल्वी इस बार पूरी दमदारी से टिकट के लिए जोर लगा रहे है। हाल ही में छत्तीसगढ़ की राजनीति से वास्ता रखने वाले नेताओं से सीधे रूबरू होकर श्री अल्वी ने चुनाव लडऩे की ख्वाहिश जाहिर की।

श्री अल्वी की राजनांदगांव लोकसभा के सभी 8 सीटों में खासी पहचान है। 70 के दशक में एनएसयूआई से उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग पदों में रहकर सक्रिय राजनीति की। 90 के दशक में श्री अल्वी ने राजनांदगांव  युवक कांग्रेस (ग्रामीण) के अध्यक्ष के तौर पर लंबा कार्यकाल किया। वह 1995-97 तक अविभाजित मध्यप्रदेश में प्रदेश युवक कांग्रेस के महासचिव भी रहे।

युवक कांग्रेस की राजनीति से अल्वी को एक बड़ी राजनीतिक पहचान मिली। इस आधार पर वह अविभाजित राजनांदगांव जिले के वीरेन्द्रनगर (अब पंडरिया) और खुज्जी व डोंगरगांव विधानसभा से तगड़े दावेदार माने जाते रहे। श्री अल्वी की राजनीतिक जगत में सर्वमान्य चहेरे में गिनती होती रही है। राजनीति के अलावा श्री अल्वी को गैर राजनीतिक संगठनों में व्यापक प्रभाव है। श्री अल्वी रेडक्रास समिति के आजीवन सदस्य होने के साथ ही इंदिरा फैंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष रहे। श्री अल्वी जिला एवं प्रदेश कांग्रेस के कई अहम पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।

आईबी ग्रुप में बतौर डायरेक्टर कार्यरत श्री अल्वी का सामाजिक दायित्वों से भी सरोकार रहा है। श्री अल्वी कंपनी डायरेक्टर के रूप में जनहितों से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढक़र भाग लेते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मौका मिलने की उम्मीद से कांग्रेस संगठन में उत्साह दिख रहा है। बताया जाता है कि अल्वी के नाम पर मुहर लगने से कांग्रेस में गुटीय राजनीति नगण्य हो सकती है।




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