बिलासपुर

बिलासपुर में 24 घंटे में 5 मौतें, 148 नये केस
21-Sep-2020 11:46 AM 5
बिलासपुर में 24 घंटे में 5 मौतें, 148 नये केस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 21 सितम्बर। बीते 24 घंटे के भीतर जिले में कोरोना के 148 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या बढक़र 6553 हो चुकी है। इस बीच 5 की मौत भी हो गई। इनमें से 3980 केस अब भी एक्टिव है जबकि बाकी की तबियत सुधर चुकी है। कल 22 सितम्बर से शुरू होने वाले एक सप्ताह के सख्त लॉकडाउन के चलते बाजार में उमड़ रही भीड़ को संभालने में पुलिस-प्रशासन विफल दिखाई दे रहा है।

कोरोना के नये मामलों में तखतपुर के तहसीलदार, सिम्स के दो मेडिकल छात्र, एक डॉक्टर, सरकारी अधिकारी और दो पुलिस जवान भी शामिल हैं। संक्रमित होने वालों में 5 साल के बच्चे से लेकर से 82 साल के वृद्ध शामिल हैं। संक्रमितों में प्राय: सभी नगर निगम सीमा में रहने वाले लोग हैं। मौतों में एक कोरबा जिले का है जिसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, शेष चार बिलासपुर से हैं।  

बिलासपुर को उन जिलों में शामिल किया गया है जहां सीरो टेस्ट किया जा रहा है। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार किए जा रहे इस टेस्ट से पता चलेगा कि क्या यहां हर्ड इम्युनिटी फैल चुकी है। क्या वे कोरोना वायरस की चपेट में आये और प्रतिरोधक क्षमता ठीक होने के कारण बिना अस्पताल में भर्ती हुए या किसी इलाज के बगैर ही ठीक हो गये, यह भी पता चलेगा। 20 सितम्बर को इसकी शुरूआत हुई है। इसमें बुजुर्गों, अन्य बीमारियों से पीडि़तों तथा बच्चों का सैम्पल लिया जाना है। पहले दिन 280 सैम्पल लिये गये।  

निजी अस्पतालों पर नकेल के लिए टीम
सरकारी अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटर में भारी अव्यवस्था के चलते लोग निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं लेकिन वहां जिस तरह से फीस वसूली में मनमानी हो रही है उसने पीडि़तों को परेशान कर रखा है। अब जिला प्रशासन ने सभी निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य कर दिया है कि वे कोरोना पीडि़त प्रत्येक मरीज का विवरण स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायें। उनसे कितनी राशि वसूल की गई यह भी बतायें। 

मरीजों को भी स्वैच्छिक रूप से कहा गया है कि वे बिल को लेकर शिकायत हो तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों पर निगरानी के लिये पांच सदस्यीय डॉक्टरों की एक टीम भी बनाई है। इनके फोन नंबर भी सार्वजनिक किये गये हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक करीब 40 प्रतिशत मरीज घरों में रहकर इलाज करा रहे हैं। जो सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं कराना चाहते उन्हें होटलों में भी आइसोलेट रहने की छूट दी गई है।  

हड़ताल से और चरमराई स्वास्थ्य सेवा
एक तरफ कोरोना से निपटने के लिये जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार ड्यूटी पर है वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर के संविदा कर्मचारियों ने हड़ताल कर रखी है। इनमें बिलासपुर जिले के भी संविदा कर्मचारी शामिल हैं। संविदा कर्मचारियों के माध्यम से ही कोरोना मरीजों का डॉक्टरों से सम्पर्क होता है और उन्हें चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका होती है। सीएमएचओ ने कहा है कि आंदोलनरत संविदा कर्मचारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। काम पर नहीं लौटे तो अत्यावश्यक सेवा अधिनियम के तहत उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अन्य नियमित कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यहां तक कि साप्ताहिक अवकाश पर भी रोक लगा दी गई है। जिले में संविदा कर्मचारियों संख्या करीब 400 है।

सब्जी किराना दुकानों में भीड़, मुनाफाखोरी
कल 22 सितम्बर से जिले के सभी नगरीय निकायों में कंटेनमेंट जोन के प्रावधान लागू होंगे। यह लॉकडाउन जैसा ही रहेगा। हालांकि अत्यावश्यक कार्यों के लिए निकलने और शहर से बाहर जाने पर रोक नहीं है पर पहली बार सब्जी और किराना दुकानों को खोलने पर भी पाबंदी लगाई गई है। डेयरी और चारा की दुकानें सुबह-शाम एक-डेढ़ घंटे के लिए खोली जाएगी।
 
एक सप्ताह के लॉकडाउन के चलते सब्जी और किराना दुकानों में भीड़ टूट पड़ी है जिनमें सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो रही है। आलू-प्याज सब्जियां डेढ़ से दो गुना दाम पर बिक रही है। पान-गुटखे की भी जमाखोरी हो रही है। इन पर नियंत्रण करना पुलिस व प्रशासन के लिये मुश्किल हो रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने कहा है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर महामारी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी पर लॉकडाउन से पहले जो भीड़ टूट पड़ी है वह कोरोना से बचाव के उद्देश्य को विफल करने पर तुला हुआ है। लॉकडाउन पर कानून व्यवस्था संभालने के लिये पुलिस ऐसे वक्त मोर्चे पर है जब उसके 130 जवान कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें पांच थाना प्रभारी हैं। एक थाना प्रभारी को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है।

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