राजनांदगांव

न्यायालय बंद होने से बिगड़ी वकीलों की हालत, कलेक्टर से मिलकर मांगी क्षतिपूर्ति
23-Sep-2020 2:36 PM 4
न्यायालय बंद होने से बिगड़ी वकीलों की  हालत, कलेक्टर से मिलकर मांगी क्षतिपूर्ति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 सितंबर।
वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में आने से न्यायालयीन कामकाज के बंद होने से वकीलों की हालत खराब हो गई है। करीब छह माह से न्यायालयों में सिर्फ विशेष मामलों की सुनवाई की व्यवस्था होने से अधिवक्ताओं के सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। 

राजनंादगांव अधिवक्ता संघ ने बुधवार को कलेक्टर टीके वर्मा से मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया। एक ज्ञापन सौंपते हुए वकीलों ने कहा कि मार्च 2020 से आज पर्यन्त न्यायालय के नियमित कार्य स्थगित हैं। जिसके चलते वकीलों के कामकाज पर विपरीत असर पड़ा है।  

कोविड-19 के कारण बंद पड़े न्यायालीन कामकाज से होने वाली आय से अधिवक्ताओं को हाथ धोना पड़ा है। लिहाजा अधिवक्ताओं के पास जीवकोपार्जन की दूसरी व्यवस्था नहीं होने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण पोषण करना दूभर होता चला जा रहा है। 

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि राज्य सरकार से प्रतिमाह 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की गुजारिश की गई है, ताकि परिवारों का भरण-पोषण हो सके। उन्होंने कहा कि  छह माह से आज पर्यन्त की अवधि के अनुसार एकमुश्त सभी वकीलों को सरकार 50-50 हजार रुपए की सहायता अतिरिक्त रूप से करें।
 
कलेक्टर के समक्ष वकीलों ने अपनी मौजूदा आर्थिक हालत को लेकर अन्य जानकारियां भी दी है। इस दौरान संघ  सचिव के के सिंह, शरद खंडेलवाल, संजीव श्रीवास्तव समेत अन्य शामिल थे।

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