धमतरी

दो दिनों की बारिश ने धान पर ढाया कहर
23-Sep-2020 7:54 PM 3
दो दिनों की बारिश ने धान पर ढाया कहर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 23 सितंबर। बीते दो दिनों में हुई बारिश ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। हवा पानी ने गर्भावस्था पार कर चुके धान की फसल को खेत में सुला दिया है, जिससे फ़सल खऱाब होने की आंशका ने धरतीपुत्रों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। ऐसी स्थिति में वे समझ नहीं पा रहे हैं कि किससे मदद मांगे।                                                                         

गौरतलब है कि इस वर्ष कुरूद विकास खंड में 1133 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, पिछले 24 घंटे में 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। कुरूद के शेखर चन्दाकर, रमेशर,बिष्णु राम साहू, कृपाराम, मूलचंद सिन्हा, भरदा, कुहकुहा के पप्पू दाऊ, डिगेश्वर, गोलू निर्मलकर ने बताया कि अर्ली वैरायटी के धान गभौट और बाली निकलने की अवस्था में है, ऐसे में हवा तूफान के साथ आए पानी ने पौधों की कमर तोड दी, जिससे फसल को नुकसान होना तय है। चर्रा के कृपाराम यादव खैरा के गणेश, योगेश्वर साहू बानगर के घनश्याम साहू,अभिमन्यु नेताम,बगदेही के दीपक साहू, सिलौटी,सेमरा,सिर्री वाले यशवंत साहू ,धनसिंह सेन, खेमन देवांगन आदि किसानों का कहना है कि इस वर्ष खरीफ  में बारहआने फसल की उम्मीद जगी थी लेकिन कभी मौसम तो कभी कीटव्याधि किसानों की खुशीयां छीन लेती है। जरुरत के समय कृषि विभाग से सलाह और मार्गदर्शन नहीं मिलता।

मोंगरा के अम्बेद, जीवराखन साहू, सिहाद वाले गंगाराम, खेदन साहू, ने बताया कि धान में तनाछेदक, पत्तीमोडक,और ब्लास्ट जैसी बीमारी की दवाई अपने अनुभव और दवा विक्रेताओं की मर्जी से खरीद खेत में छिडक़ाव कर रहे थे, लेकिन फसल के सो जाने से दवा डालने में परेशानी हो रही है। खेत में पानी भरा है जिसे खाली भी नहीं कर सकते क्योंकि दुसरे किसानों को अपनी फसल पकाने और पानी की जरूरत होगी।

अन्य पोस्ट

Comments