सरगुजा

तय मानक के अनुरूप ही तैयार हो वर्मी कम्पोस्ट खाद - कलेक्टर
27-Oct-2020 10:00 PM 33
 तय मानक के अनुरूप ही तैयार हो वर्मी कम्पोस्ट खाद - कलेक्टर

लापरवाही पर जनपद सीईओ को कारण बताओ सूचना

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

अम्बिकापुर, 27 अक्टूबर। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों में गोबर खरीदी तथा वर्मी कम्पोस्ट निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण में पूरे जिले में एकरूपता लाने के लिए मानक तय करें और सभी गोठानों में उसी मानक के अनुसार ही वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करें। समीक्षा के दौरान उदयपुर के जनपद सीईओ द्वारा वर्मी कम्पोष्ट खाद बनाने में लापरवाही बरतते हुए करीब 1117 क्विंटल गोबर को वर्मी टांका में न डालकर बाहर ही रखने पर कलेक्टर ने कारण बताओ सूचना जारी करने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए।

कलेक्टर ने कहा कि गोधन न्याय योजना राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजना है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोष्ट खाद बनाने के लिए एक वर्मी टांका में प्रत्येक लेयर में खाद और कचड़े की मात्रा तय हो। इसके लिए एक मानक तय करें, ताकि सभी गोठानों में वर्मी कम्पोष्ट समान रूप से तथा गुणवत्तापूर्ण तैयार हो सके। उन्होंने वर्मी कम्पोष्ट खाद बनाने हेतु द्वितीय चरण के प्रशिक्षण के लिए कृषि विज्ञान केंद्र तथा एनआरएलएम के अधिकारियों को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की बेहतर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गोठानों में तैयार की जा रही वर्मी कम्पोस्ट खाद की जानकारी रखें तथा वर्मी टांका में किस तिथि को गोबर डाली गई और संभावित तिथि तक कितना वर्मी कम्पोष्ट खाद तैयार होगा इसकी जानकारी भी गोठानों में रखें। उन्होंने द्वितीय चरण के तहत जिले में निर्मित 105 गोठानो में भी गोबर खरीदी शुरू कर वर्मी खाद तैयार करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने नरवा, गुरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के नरवा घटक के तहत जल संचय के काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश समाप्त हो गई है और नालों में पानी भी कम हो गया है। नालो का पानी रोकने के लिए बोल्डर बांध निर्माण कराए तथा वन अधिकार पत्रधारी किसानों को रोजगार दिलाएं। इसके साथ ही जो किसान डबरी बनवाने के इच्छुक हो उनके खेत मे डबरी का काम शुरू करें। डबरी केवल गड्ढा बनाने के लिए नही बल्कि पानी का संचय हो इस उद्देश्य से बनाये। पूर्व में स्वीकृत तथा अब तक अप्रारंभ डबरी का भौतिक सत्यापन कराये। यदि डबरी के लिए उपयुक्त नही है तो निरस्त कर अन्य उपयुक्त स्थल पर डबरी की स्वीकृति दें।

सभी विकासखण्डों में स्थापित होगा फूडपार्क

विकासखण्डों में फूडपार्क बनाने की स्वीकृति शासन द्वारा स्वीकृति मिली है। फूडपार्क में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना होगी जिससे आस-पास के ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के अधिकारियों को फूडपार्क स्थापना के लिए संबंधित विकासखण्ड में स्थल चयन के साथ भूमि अधिग्रहण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले में डैगन फ्रूट एवं कीवी की खेती के लिए उपयुक्त स्थल का चयन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने रबी सीजन में दलहन की खेती के लिए सिंचित क्षेत्र का निर्धारण कर किसानों को मटर, चना एवं अरहर की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुलदीप शर्मा, अपर कलेक्टर ए.एल. ध्रुव, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ तथा जिला अधिकारी ऑनलाईन जुड़े हुए थे।

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