राजनांदगांव

देवउठनी पर बाजार में दिवाली जैसी रौनक, तुलसी विवाह के बाद शुरू होंगे मांगलिक कार्य
25-Nov-2020 3:59 PM 58
देवउठनी पर बाजार में दिवाली जैसी रौनक, तुलसी विवाह के बाद शुरू होंगे मांगलिक कार्य

छत्तीसगढ़ संवाददाता

राजनांदगांव, 24 नवंबर। देवउठनी पर्व पर बुधवार को बाजार में दिवाली जैसा नजारा रहा। छोटी दिवाली के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व का उत्साह बाजार में चौतरफा नजर आया। लोगों की खरीददारी से कारोबार में चमक दिखी। कपड़े से लेकर सराफा बाजार भी इस पर्व पर दमका रहा। लोकमान्यता है कि देवउठनी पर्व के बाद मांगलिक कार्यों की शुरूआत होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस पर्व के दिन से देवगण नींद से जागते हैं और उसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों का सिलसिला शुरू होता है।

देवउठनी पर्व यानी छोटी दिवाली आज जिले के शहर समेत अंचल में धूमधाम से मनाया गया। छोटी दिवाली में यानी जेठाउनी पर्व पर घरों में बुधवार को परंपरागत तुलसी की पूजा-अर्चना करने के बाद जोड़ों ने फेरा लिया। तुलसी विवाह कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रृंगार सामग्री के साथ नई साड़ी भी अर्पित की गई। इस दौरान घरों में पर्व की खुशियां बिखरी रही। देवउठनी एकादशी पर्व तुलसी विवाह को लेकर अंचल समेत शहरों में हर्षोल्लास का माहौल रहा। इस मौके पर घर-परिवार में मांगलिक आयोजनों की कामना भी की गई। पर्व को मनाने के लिए लोग घरों के आंगन में रंगोली भी बनाई और घरों में दीये भी जलाकर घरों व आंगन को रौशन किया।

दीपावली पर्व के बाद बुधवार को देवउठनी एकादशी पर्व अंचल में धूमधाम से मनाया गया। शहर सहित ग्रामीण अंचल में इस पर्व को लेकर लोगों में उत्साह का आलम था। देवउठनी पर्व के चलते बाजार में सुबह से लेकर देर शाम तक लोग पूजा सामग्रियों की खरीदी करने के लिए बाजार में चहल-पहल की स्थिति निर्मित रही। पर्व के इस मौके पर शहर सहित ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोगा पूजन सामग्रियों की बिक्री के लिए भी पहुंचे थे। वहीं लोगों ने पूजन सामग्रियों की खरीदी करने पहुंचने से बाजार क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी उमड़ी रही। ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसायियों ने गन्ने समेत अन्य पूजन सामग्रियों की दुकानें सजा रखी थी। शहर के चौक-चौराहों से लेकर बाजार क्षेत्र में पूजन सामग्रियों की दुकानें देर शाम तक सजी रही, जहां लोगों की भीड़ भी उमड़ी रही।

इधर देवउठनी पर्व पर शहर समेत अंचल के घरों के आंगनों व तुलसी चौरा की व्यापक साज-सजावट भी की गई थी। देर शाम घर आंगन में तुलसी चौरा पर गन्ने का मंडप लगाकर विधि-विधान से मां तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के स्वरूप सालिकग्राम के साथ किया गया। इस दौरान परिवार के लोगों की उपस्थिति भी रही। पूजा-अर्चना के दौरान घर परिवार में मंगल कामना एवं मांगलिक कार्यक्रमों की कामना की गई। पर्व के दौरान शहर सहित ग्रामीण इलाकों में लोगों ने जहां घर व तुलसी चौरा में साज-सजावट किया। वहीं पूजा-अर्चना के बाद देर रात तक पटाखे छोडक़र पर्व का आनंद उठाया।

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