बिलासपुर

वनमाली सृजन पीठ की दूसरी वर्षगांठ पर साहित्यकारों का सम्मान
22-Dec-2020 11:39 AM 47
वनमाली सृजन पीठ की दूसरी वर्षगांठ पर साहित्यकारों का सम्मान

 निबंध, कहानी और कविता पाठ का आयोजन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 22 दिसंबर।
वनमाली सृजनपीठ की दूसरी वर्षगांठ पर साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। साथ ही निबंध पाठ, कहानी पाठ और कविता पाठ का आयोजन किया गया।
आयोजन में जगन्नाथ प्रसाद चौबे वनमाली की कहानी, आईसेक्ट पब्लिकेशन में प्रकाशित और कथा देश मे प्रकाशित रचनाओं पाठ किया गया। साथ ही वरिष्ठ साहित्यकारों रचनाकारों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। साहित्य जगत से जुड़े वरिष्ठ लोगों ने उस पर टिप्पणी भी की।  

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सी वी रामन विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि प्रकाश दुबे ने कहा कि साहित्यकार संतोष चौबे की व्यापक दृष्टि और विश्व रंग जैसे आयोजन के कारण आज हिंदी को विदेशों में प्रमुख स्थान मिला है।

वनमाली सृजनपीठ के अध्यक्ष सतीश जायसवाल ने कहा कि वास्तव में सृजनपीठ पीठ,  संस्था से अधिक हिंदी का एक बड़ा आंदोलन हैं। विश्वरंग के माध्यम से हमारे जिला और ग्रामीण इकाई के  वनमाली सृजन केंद्र विश्व स्तर तक जुड़ सके हैं।
इस अवसर पर गुरुघासीदास केंद्रीय विवि के प्रो. देवेंद्र सिंह ने अपनी कहानी शहर कोतवाल का पाठ किया। साथ ही जगन्नाथ प्रसाद चौबे वनमाली की आदमी और कुत्ता निबंध का भी पठन किया गया।  वरिष्ठ साहित्यकार राम कुमार तिवारी की कई कविताओं का पाठ किया गया। निबंध, कहानी और कविता पाठ के बाद डॉ मुरली मनोहर सिंह और सेवानिवृत्त शिक्षक, साहित्यकार राधेश्याम दुबे, खुर्शीद हयात, आकाशवाणी की डॉ. सुप्रिया भारतीयन और नवल शर्मा ने प्रस्तुत रचनाओं पर टिप्पणी की। इस मौके पर साहित्य के योगदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार महेश श्रीवास और बांग्लादेश के विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम में कहानी शामिल किए जाने के लिए खुर्शीद हयात का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन आईसेक्ट बिलासपुर के रीजनल मैनेजर योगेश मिश्रा ने तथा संचालन में सहयोग राखी श्रीवास ने किया। इस अवसर पर सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

 

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