बिलासपुर

स्वेच्छा से आस्था बदलने पर रसूखदारों ने बंद कराया हुक्का पानी, जुर्माना
30-Dec-2020 2:41 PM 193
स्वेच्छा से आस्था बदलने पर रसूखदारों ने बंद कराया हुक्का पानी, जुर्माना

पीडि़तों को संगठनों का साथ, कार्रवाई की मांग, सभा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 30 दिसम्बर।
जांजगीर जिले के मालखरौदा में स्वेच्छा से अपनी धार्मिक मान्यता अपनाने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने, जुर्माना वसूलने और नाबालिग लड़कियों को भयभीत करने की घटना सामने आई है। घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक और थाने में की गई है। प्रताडऩा के विरोध में मालखरौदा में कुछ संगठनों ने प्रदर्शन भी किया।

मालखरौदा के छपोरा ग्राम के बसंत कुर्रे, सावित्री कुर्रे, सुखीराम कुर्रे, पतिराम भारद्वाज, कलाराम कुर्रे, आयुष्मान अशोक बौद्ध, नैना बघेल, श्याम बघेल, फनीराम बघेल और नानक भारद्वाज ने थाना प्रभारी को दी गई शिकायत में बताया है कि वे धार्मिक आजादी के अपने मौलिक अधिकार के तहत बिना भय या लालच के क्रियाकलाप कर रहे हैं लेकिन गांव के पूर्व सरपंच भगत राम खुंटे, पुकराम खुंटे, पूर्व उप सरपंच जनकराम खूंटे, हितेश बघेल, भूतपूर्व पंच नारायण प्रसाद राय, फिरतराम कुर्रे, हरिराम राय, मोहित राम राय तथा सरकारी कर्मचारी नानकचंद खुंटे द्वारा उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है। उन्होंने गांव वालों को भी सामाजिक बहिष्कार करने के लिये कहा है। इन्होंने धमकी देकर सामूहिक दबाव बनाया और उनसे आर्थिक दंड वसूल किया। आवेदक आयुष्मान ने सरकारी औपचारिकतायें पूरी कर बौद्ध धर्म अपना लिया, जिससे 7 हजार रुपये अर्थदंड लिया गया है। शिकायतकर्ता चार लोगों ने ईसा मसीह पर आस्था रखते हैं। इनमें से एक नानक भारद्वाज से 4 हजार रुपये अर्थदंड लिया गया। आयुष्मान का किराना दुकान और नैना बघेल का टेलरिंग का व्यवसाय है, जिसका बहिष्कार करा दिया गया है।

आवेदकों ने बताया कि इन लोगों ने दो नाबालिग बहनों को भी तब घेर लिया जब वह प्रार्थना करने के लिये चर्च जा रही थी। लडक़ी के पिता नहीं है और मां मजदूरी के लिये बाहर गई हुई है। दोनों लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताजनक स्थिति है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इन लड़कियों को शराब के नशे में घर में घुसकर भी धमकाया है।

शिकायत में बताया गया है कि उनके और उनके परिवार के लोगों से ग्रामवासियों को किसी तरह की बातचीत करने पर भी रोक लगाई गई है। बहिष्कृत लोगों से बात करने की सूचना देने पर 500 रुपये का इनाम भी देने का फरमान भी जारी किया गया है। आवेदकों ने भविष्य में भी अनिष्ट और षडय़ंत्र की आशंका को देखते हुए दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है साथ ही सुरक्षा देने की गुहार भी लगाई है।

बहिष्कार के मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने की मांग को लेकर मालखरौदा के वीरभाटा चौक पर 29 दिसम्बर को गुरु घासीदास सेवादार संघ तथा लोक सिरजनहार यूनियन की ओर से एक सभा रखी गई थी, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।

अन्य पोस्ट

Comments