रायगढ़

लैलूंगा में महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पति व जीजा निकले हत्यारे, गिरफ्तार
20-Jan-2021 5:39 PM 56
लैलूंगा में महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पति व जीजा निकले हत्यारे, गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 20 जनवरी।
पुलिस द्वारा थाना लैलूंगा अंतर्गत ग्राम भेलवाटोली एवं खम्हार के बीच जंगल में मिले अज्ञात महिला के हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली गई है। मामले में लैलूंगा पुलिस द्वारा मृतका के पति और उसके जीजा को हत्या कर साक्ष्य छिपाने के अपराध के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है। घटना का खुलासा बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ में एडिशनल एसपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया गया। 

प्रेस कान्फ्रेंस में एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा बताया कि 12 जनवरी को थाना लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत एक अज्ञात महिला उम्र करीब 25-30 वर्ष की डेड बॉडी भेलवाटोली-खम्हार जंगल के बीच मिली थी। महिला के गले को दुपट्टा से घोटा जाना तथा प्रथम दृष्टया ही हत्या का मामला प्रतीत हुआ। ऐसे में मौके पर एसडीओपी धरमजयगढ़, थाना प्रभारी लैलूंगा, एफएसएल की टीम, साइबर की टीम, डॉग स्कॉड को भेजा गया। शव का पीएम कराकर डॉक्टर से मौत के संबंध में अभिमत/शॉट पीएम रिपोर्ट प्राप्त कर 13 जनवरी को अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना लैलूंगा में धारा 302, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया। इसके बाद पुलिस के लिए सबसे बड़ी सिरदर्द मृतक की शिनाख्ती थी। इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी और काफी प्रयास के बाद मृतका की शिनाख्त हो सकी। मृतका की शिनाख्तगी के बाद मामले में नए पहलू सामने आया। जिससे अनसुलझे हत्याकांड की परत दर परत गुत्थी सुलझती गई। लैलूंगा पुलिस को हत्याकांड में ग्राम कमरगा थाना लैलूंगा के जयकुमार सिदार, के मृतका के कथित पति होने की जानकारी मिली। लैलूंगा पुलिस द्वारा गोपनीय तरीके से जयकुमार सिदार का उसके गांव में पता लगाया गया तो जानकारी मिली कि जय कुमार सिदार तथा उसका जीजा रवि कुमार सिदार दोनों ही अपने-अपने गांव से गायब हैं। हत्या के इस गंभीर मामले में एसपी द्वारा अज्ञात महिला के वारिसानों एवं संदिग्धों की पतासाजी के लिए थाना लैलूंगा, धरमजयगढ़, चौकी रैरूमा की तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई।

तीनों टीमों के प्रयास पर अज्ञात मृतका के आरोपियों को ग्राम रजौरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर से हिरासत में लेकर थाना लाया गया। दोनों आरोपी पुलिस से लुक-छिप कर रजौरी के जंगल में लकड़ी काटने का काम कर रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ किया, तो दोनों ने सरस्वती मराण्डी की हत्या करना स्वीकार किए हैं।

इंसानों के हुलिया से मृतका का मिलान किया गया। सीसीटीएनएस ऑपरेटर्स को पोर्टल पर राज्य के लगभग सभी जिलो के गुम इंसान से हुलिया का मिलान कराया गया। सभी सोशल मीडिया ग्रुप में मृतका के फोटो वायरल किए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना/चौकी प्रभारियों एव पिछले छह माह में पारिवारिक केन्द्र में आए पति-पत्नी विवादों पर भी जांच कर मृतका के वारिशानों का पता लगाने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीओपी धरमजयगढ़ को धरमजयगढ़ अनुविभाग से इस उम्र की महिलाएं जो बाहर कामने-खाने गई हैं। उनकी जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया गया। धरमजयगढ़ एसडीओपी की पूरी टीम लगातार मृतका के वारिसानों का पता लगा रही थी। कहीं कुछ जानकारी मिली कि इस हुलिया/उम्र की महिला कमाने खाने ओडि़सा के लेफरीपारा, दिल्ली, बिहार, झारखंड गई है। सभी के रिस्तेदारों से सम्पर्क कर तस्दीकी की गई तथा जिनसे सम्पर्क नहीं हुआ उनकी तस्दीकी के लिए टीमें दिल्ली, ओडि़सा रवाना किया गया। आखिरकार सोशल मीडिया में वायरल किए गए तस्वीर के जरिए मृतिका के सरस्वती मराण्डी पिता सुजीत मराण्डी उम्र 23 वर्ष निवासी ढांगी करतस, जिला धनबाद (झारखंड) के रूप में हुआ। 

आरोपी जय कुमार सिदार ने बताया कि चार-पांच साल पहले कमाने खाने बोकारो, झारखंड गया था। वहां राजू टिंबर ट्यूनिंग प्लांट में और क्लीनर मशीन चलाता था और किराए मकान में रह करता था। मोबाइल के जरिए सरस्वती मरांडी से जान परिचय हुआ। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और जयकुमार सिदार सरस्वती को पत्नी बनाकर रख लिया था। सरस्वती 2017 में प्रौढ़ शिक्षा मिशन के तहत पढ़ाने का काम कर रही थी। दोनों बोकारो में किराए मकान में एक साथ रहते थे।

वर्ष 2020 में लॉकडाउन में दोनों बोकारो से गांव कमरगा आकर रह रहे थे। कमरगा में जयकुमार सिदार, तेजराम सिदार की ट्रैक्टर चलाता था। एक दिन ट्रैक्टर को एक्सीडेंट कर देने पर तेजराम सिदार, जय को डांट फटकार किया। तब से जयकुमार सिदार अपनी पत्नी सरस्वती के साथ अपने जीजा रवि सिदार के घर ग्राम सरडेगा में रहने लगा। ग्राम सरडेगा के लोग दबी जुबान से जय कुमार को दूसरे समाज की लडक़ी को पत्नी बना कर रखा है इसे समाज से अलग करना है कहते थे। इससे जय कुमार परेशान था और उसने अपने जीजा रवि के साथ सरस्वती की हत्या का प्लान बनाया और प्लान के तहत 07 जनवरी को घूमने जाने का बहाना कर सरस्वती को मोटरसाइकिल सीडी एचएफ डीलक्स में बैठाकर लैलूंगा ले कर आए। लैलूंगा बस स्टैंड में खाने पीने के सामान व सरस्वती कपड़े खरीदी। तीनों फिर खम्हार के झरन डेम गए। जहां सरस्वती वहीं पीली सलवार कुर्ती पहनी जिसे वह गांव कमरगा के सुनीता सिदार (ट्रेलर) के पास बनवाई थी। वहां उन्होंने मोबाइल पर खूब सेल्फी लिए। शाम करीब 05-06 बजे भेलवाटोली एवं खम्हार के बीच पगडंडी रास्ते में रवि सिदार लघुशंका करने का बहाना कर रुका। उसी समय जयकुमार सिदार, सरस्वती के बाल को पकडक़र जमीन में पटक दिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया। इसके बाद रवि और जयकुमार सिदार सरस्वती के गले में नीले रंग की चुनरी से गांठ बांधकर खींचे और लाश को सरई झाडिय़ों के बीच छिपा दिए। दोनों आरोपी भागने की हड़बड़ी में अपने चप्पल, गमछा भी घटनास्थल के पास छोड़ गए। लैलूंगा पुलिस आरोपी जय कुमार सिदार पिता शरदराम सिदार उम्र 25 साल निवासी कमरगा, थाना लैलूंगा रवि सिदार पिता रूपसिंह सिदार उम्र 30 वर्ष निवासी सरडेगा थाना लैलूंगा को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है। लैलूंगा पुलिस आरोपियों के चप्पल, गमछा तथा मोबाइल पर खींची हुई तस्वीरें मोबाइल पर खींची हुई तस्वीरों का स्क्रीन शॉट, मृतका का मोबाइल एवं आरोपी की एचएफ डिलक्स बाइक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त किया गया है। आरोपियों को बुधवार को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
 

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