महासमुन्द

विवादित भूमि का मामला भी क्लियर नहीं हो पा रहा, ब्रिज में गर्डर चढ़ाने के लिए रेलवे की अनुमति का इंतजार
22-Jan-2021 4:27 PM 38
विवादित भूमि का मामला भी क्लियर नहीं हो पा रहा, ब्रिज में गर्डर चढ़ाने के लिए रेलवे की अनुमति का इंतजार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 22 जनवरी।
जनवरी का महीना बीतने के लिए अब मात्र एक हफ्ता शेष है लेकिन रेलवे से अभी तक ब्लॉक का परमिशन नहीं मिला है। गर्डर चढ़ाने के लिए रेलवे की टीम ने टेस्टिंग भी कर लिया है। लिहाजा ओवरब्रिज निर्माण कम्पनी ब्रिज में गर्डर चढ़ाने के लिए रेलवे की अनुमति का इंतजार कर रही है। दूसरी ओर विवादित भूमि का मामला भी क्लियर नहीं हो पा रहा है। अधिग्रहण मामले में 6 से 7 रजिस्ट्री अभी भी शेष है। किश्त-किश्त में जगह मिलने के कारण ठेकेदार को काम करने में परेशानी हो रही है। जिसकी वजह से काम की रफ्तार धीमी हो गई है। मजदूर खाली बैठे हुए हैं। 

कंपनी के इंजीनियर राहुल कुमार ने बताया कि ब्रिज निर्माण का काम रुक गया है। काम करने के लिए जगह ही नहीं है। भूमि का रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं रेलवे से गर्डर चढ़ाने की अनुमति भी अभी तक नहीं मिली है। रिटर्निंग वॉल की दीवार भी खड़ी हो गई है, लेकिन स्लोब उतारने के प्लान को अभी तक हरी झंडी नहीं मिल पाई है। 

सेतु निगम के इंजीनियर एलडी महाजन ने बताया कि एक-दो दिन में अम्बेडकर चौक की ओर होने वाले निर्माण का निरीक्षण करने टीम आएगी। जैसे ही तैयार किए गए प्लान को हरी झंडी मिलेगी, अंबेडकर चौक की ओर काम शुरू कर दिया जाएगा। 
गौरतलब है कि रेलवे पटरी के दोनों हिस्सों की खाली जगह पर और पटरी के ऊपरी हिस्से में गर्डर चढ़ाया जाना है। इसकी कुल लंबाई 75.440 मीटर है। इसे जोडऩे के लिए 18 मीटर के 12 व 36 मीटर के 6 गर्डर का इस्तेमाल किया जाएगा। ये सभी गर्डर 6 लाइन में लगाए जाएंगे। गर्डर लगाने के लिए फाउंडेशन का काम पूरा हो गया है। गर्डर का निर्माण रायपुर के उरला में हुआ है। 
 

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