कोरिया

अवैध रेत खुदाई के खिलाफ 7 दिनों से धरना जारी
12-Feb-2021 5:34 PM 40
अवैध रेत खुदाई के खिलाफ 7 दिनों से धरना जारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 12 फरवरी।
कोरिया जिले के राम वन गमन मार्ग संरक्षित क्षेत्र हरचोखा में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ  7 दिनों से ग्रामीणों को धरना जारी है।
गुरूवार को एसडीएम ने सरपंच सहित पंचों को तहसील मुख्यालय बुलवाया, 24 किमी सफर तय कर सब एसडीएम कार्यालय भी पहुंच गए परन्तु एसडीएम से उनकी मुलाकात नहीं हुई, घंटों परेशान होकर वापस लौटे ग्रामीणों ने फैसला किया है जिसे भी बात करनी है वो उनके धरना स्थल आए, और उनकी एक मात्र मांग अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगे वो तत्काल लगाया जाए।

6 फरवरी से भरतपुर के संरक्षित क्षेत्र हरचोखा स्थ्ति मवई नदी से अवैध रेत के कारोबार को बंद करने ग्रामीण धरना दे रहे है। ग्रामीणों का साथ देने आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष सुखवंती सिंह, रमाशंकर मिश्रा के साथ काफी कार्यकर्ता रोजाना मौके पर बैठे देखे जा रहे है, जबकि भाजपा और गोंगपा के ग्रामीण स्तर के कार्यकर्ता भी ग्रामीणों के साथ धरना में हिस्सा ले रहे है, धरना शुरू होने के पांचवें दिन भरतपुर एसडीएम से धरने में बैठे सरपंच और पंचों को 24 किमी दूर भरतपुर तहसील मुख्यालय बुलाया। सरपंच और पंच जनकपुर स्थित एसडीएम कार्यालय भी पहुंच गए, परन्तु एसडीएम से किसी की मुलाकात नहीं  हो पाई, घंटों इंतजार करने के बाद सभी परेशान होकर वापस लौट गए। वहीं धरने पर बैठे ग्रामीणों को कहना है कि अब वो प्रशासन से बात करने धरना स्थल छोड़ कहीं नहीं जाएंगे, जिसको भी उनसे बात करना वो धरना स्थल आए, वहीं पर बात होगी। 

उनका कहना है कि मामला सिर्फ अवैध रेत उत्खनन रोकने का है, जिला प्रशासन को चाहिए कि तत्काल रेत माफिया के खिलाफ जारी की गई लीज को निरस्त करें और आगे से किसी भी ठेकेदार को यहां से रेत उत्खनन की अनुमति प्रदान न करे। दूसरी ओर जिला प्रशासन ने अब तक रेत उत्खनन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की है।

नीचे चला गया जलस्तर
धरने पर बैठी काफी संख्या में महिलाओं की नाराजगी इस बात पर है कि उनके कुएं और हैडपंप गर्मी आने के पूर्व की सूखने लगे हैं। उनका कहना है कि तय सीमा से ज्यादा नीचे से रेत उत्खनन होने से नदी सूखने लगी है, जिसके कारण भू जलस्तर काफी नीचे चला गया है, अभी हमारे कुएं में पानी कम हो चला है, जबकि पूर्व के वर्षो में ऐसा नहीं हुआ है, कई हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है, ऐसे में आने वाले गर्मी में उनके पीने का पानी वो कहां से लाएंगे। यदि अभी अवैध रेत उत्खनन नहीं रोका गया तो हम आगे की पीढिय़ों को क्या मुंह दिखाएंगे।

6 फरवरी से बंद है रेत उत्खनन और परिवहन
ग्रामीणों के धरने के बाद से हरचोखा में रेत उत्खनन और परिवहन दोनों बंद है, वहीं तत्काल गोली मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एफआईआर दर्ज होने से ग्रामीणों का गुस्सा काफी हद तक शांत हुआ है, वहीं एफआईआर के बाद से ठेकेदार के लोग भी मौके से फरार हो गए है, जिससे ग्रामीणों और ठेकेदारों के लोगों के बीच हो रहा टकराव भी खत्म हो गया है, परन्तु ग्रामीण धरने से हटने को तैयार नहीं है। उनका कहना है जैसे ही वो हटेंगेे जिला प्रशासन एक बार फिर अवैध रेत के कारोबार को शुरू करावा देगा, यही कारण है ग्रामीण रात दिन हरचोखा में टेंट लगाकर कर धरने पर बैठे हुए है।
 

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