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चिरमिरी में एसईसीएल की खाली जमीन और क्वार्टर में विस्थापित होंगे प्रभावित, जमीन पर मिलेगा मालिकाना हक
04-Mar-2021 8:11 PM 39
चिरमिरी में एसईसीएल की खाली जमीन और क्वार्टर में विस्थापित होंगे प्रभावित, जमीन पर मिलेगा मालिकाना हक

 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

चिरमिरी, 4 मार्च। चिरमिरी शहर में अंडर ग्राउंड माईस के कारण जमीन में लगी आग की समस्या और भू धंसान से प्रभावित लोगों को विस्थापित करने व अन्य समस्याओं को लेकर राज्य गठन होने के 20 वर्षो बाद पहली बार शहर के विधायक डॉ.विनय जायसवाल के नेतृत्व में एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में हाई पावर कमेटी की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया कि एसईसीएल की खाली पड़ी नान एक्टिव जमीन शासन को वापस की जाएगी।

राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी की इस तरह की बैठक हुई है। जो जून  के 30 तारीख तक एसईसीएल नॉन एक्टिव जमीन और अपने क्वार्टर की रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेगी। इसके बाद एक साल के भीतर शासन द्वारा प्रभावितों को जमीन मुहैया करा कर विस्थापित किया जाएगा। वहीं शहर के स्थायित्व के लिए सीएसआर मद से एडवेंचर पार्क समेत बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर सहमति बनी। बैठक में एसईसीएल सीएमडी एपी पंडा, डायरेक्ट टेक्निकल मनोज प्रसाद, डायरेक्टर फाइनेंस व डायरेक्टर पर्सनल एसएम चौधरी, राजस्व व आपदा प्रबंधन सेक्रेटरी रीता शांडिल्य समेत सांसद ज्योत्सना महंत, विधायक डॉ. विनय जयसवाल, महापौर कंचन जायसवाल, कलेक्टर एसएन राठौर, नगर निगम चिरमिरी के प्रभारी आयुक्त अपर कलेक्टर पी.वी.खेस उपस्थित रहे।

चिरमिरी की कई जगहों से होता है गैस का रिसाव

चिरमिरी में अंडर ग्राउंड माइंस से कोयला खनन के दौरान आग की वजह से चिरमिरी को कई जगहों पर अंडर ग्राउंड फापर है, जहां से धुआं निकलता रहता है और जमीन के धंसने की घटनाएं सामने आती हैं। विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने बताया कि अब इस समस्या केस्थापी समाधान के लिए एसईसीएल के नॉन एक्टिव एरिया में बसाहटको शिफ्ट करने के साथ ही राज्य शासन वहां शहर में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर स्थायित्व की दिशा में योजना तैयार करेगी, जिससे क्षेत्र से पलायन को रोका जा सके और रोजगार की स्थित बनाई जा सके।

एसईसीएल को जून तक का समय

राज्य मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल के अधिकारियों को जून माह के 30 तारीख तक का समय दिया है, इस अवधि में एसईसीएल नॉन एक्टिव जमीन की जानकारी दें और वापस उक्त जमीन राज्य शासन को कम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाए।

सीएमडी ने रिपोर्ट तैयार करने कहा

सीएमडी एपी पंडा ने स्थानीय एसईसीएल प्रशासन को निर्देश जारी कर जमीन से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। वहीं चिरमिरी के स्थायित्व के लिए हर संभव सहयोग करने की भी बात कही है।

मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ.विनय जायसवाल  ने बताया कि बैठक के बाद चिरमिरी शहर के साहित्य के लिए रास्ता खुल रहा है। पलायन रोकने एसईसीएल से रिटायर होने वाले श्रमिकों को उनके क्वार्टर का मालिकाना हक हम और हमारी सरकार देगी।

बैठक में इन मुद्दों पर मंथन

1.चिरमिरी हल्दीबाड़ी में भू- स्खलन के बाद प्रभावितों को अब एसईसीएल द्वारा अस्थायी रूप से रहने के लिए कार्टर उपलब्ध कराएगी।

2. चर्चा के दौरान शासन की ओर से मंत्री अग्रवाल ने कहा गया कि जून तक एसईसीएल यह बताए कि कितनी जमीन अम उनके काम की नहीं है, उस जमीन को सरकार को वापस करने को दिशा में कार्रवाई शुरू की।

3. एसईसीएल के क्वार्टर की स्थिति भी बतानी होगी, जिससे रिटायर होने वाले ऐसे श्रमिक, जो चिरमिरी नहीं छोडऩा चाहते है, उन्हें उस मकान का मालिकाना हक दिया जा सके।

4. एसईसीएल की खाली पड़ी जमीन राज्य सरकार वापस लेने के बाद यहां शहर की जरूरत के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेगी। और विस्थापितों को पट्टा मुहैया कराएगी।

5. रोजगार स्थायित्व और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने एडवेंचर पार्क में सहयोग व जिला अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन की व्यवस्था कर ज जल्द से जल्द सुचारू करने की बात पर निर्णय किया गया।

 

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