जान्जगीर-चाम्पा

सीधी शिक्षक भर्ती में अनियमितता का आरोप, पात्र को अपात्र बनाया
04-Apr-2021 8:54 PM (241)
सीधी शिक्षक भर्ती में अनियमितता का आरोप, पात्र को अपात्र बनाया

   आवेदकों ने अकलतरा विधायक को बताई पीड़ा   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदा,  4 अप्रैल। सीधी शिक्षक भर्ती में अनियमितता का आरोप अभ्यर्थियों ने लगाते हुए

अकलतरा विधायक सौरभ सिंह को अपनी पीड़ा बताई। आवेदकों ने बताया कि मार्च 2019 में 14580 शिक्षक भर्ती के आवेदन लिए गए थे। आवेदन के बाद स्क्रूटनी और जांच, दावा आपत्ति के बाद चयन प्रक्रिया आरम्भ हुई। जिसमें पहले कई आवेदकों को पात्र बता कर चयन कर लिया गया। इसके कुछ दिनों के बाद फिर अपात्र बता कर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया। आरोप है कि सरकारी नौकरी पाने के अंतिम दहलीज में चयन कर अपात्र घोषित कर दिया।

मामला मार्च 2019 में निकली सीधी भर्ती शिक्षक 14580 पद के लिए संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर के द्वारा आवेदन पात्र बेरोजगारों से मंगाये थे, जिसके प्रमाणपत्रों की जांच सत्यापन कराया गया वहीं संभागीय कार्यालय संयुक्त संचालक सरगुजा में 21 जनवरी 2021को शिक्षक सीधी भर्ती हेतु परीक्षण में आवेदकों के दस्तावेज पूर्ण पाए गए, जिसके आधार पर शिक्षक विषय अंग्रेजी संवर्ग टी पर नियुक्ति का प्रस्ताव दिया गया था और कहा गया है कि वर्तमान कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने के बाद पद रिक्तता के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी करने की लिखित पत्र चयनितों को दिया गया था। इसके बाद आवेदक अपने चयन से संतुष्ट होकर स्कूल खुलने का इंतजार करने लगे थे कि एक माह बाद 22 फरवरी 2021 को कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक सरगुजा के द्वारा भेजे पत्र में आवेदकों को पुन: दस्तावेज सत्यापन के बाद अपात्र घोषित कर दिया। कारण यह है कि आवेदकों के सीटेट की शिक्षक पात्रता परीक्षा में कम अंक होना बताया जबकि 21 जनवरी को दस्तावेज सत्यापन में सी टेट में मिले अंक के आधार और अन्य प्रमाणपत्र में पात्र घोषित किया गया था।

आरक्षण के प्रावधानों से छत्तीसगढ़ राजपत्र में सी टेट में प्राप्त अंकों में आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को केन्द्र और राज्य सरकार अभ्यर्थियों को मिलने वाले छूट का पालन कर नियुक्ति करना है। लेकिन एक समीक्षा बैठक के बाद  ठीक एक माह बाद ही शासन के सारे नियम और निर्देश बदल गए, जिसके कारण से आवेदक शिक्षक बनते बनते वंचित हो रहे है। आवेदकों की उम्र 2019 में आरक्षण नियमों के तहत चयन के लिए पात्र थे और दो वर्षों के पश्चात अब नई भर्ती के लिए उम्र सीमा पार हो जाने से नौकरी की उम्मीद भी खत्म हो गई। इसके लिए आवेदकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदार डीपीआई सरगुजा से व्यक्तिगत सम्पर्क किया तो बिना किसी चर्चा के कार्यालय से जाने को कहा, जैसा कि आवेदक रामनारायण सोनी निवासी बलौदा ने बताया।

रामनारायण  सोनी और उनके साथ और चयन से वंचितों ने बताया कि यह कार्रवाई सन्देह से परे नहीं है। डीएड, बीएड प्रशिक्षित संघ के द्वारा लगाए गए दावा आपत्ति के बाद ही हमें अपात्र किया गया, जबकि पूर्व में दावा-आपत्ति गया था, उसके बाद हमें शिक्षक भर्ती के लिए पात्र घोषित किया गया। अब नई भर्ती के लिये हमारी उम्र सीमा पार हो गई और अंतिम उम्मीदों पर पानी फिर गया। इसी उम्मीद में आवेदकों ने अकलतरा विधायक सौरभ सिंह से अपनी पीड़ा बताई।

विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि आपकी बातों को लेकर डीपीआई संचनालाय रायपुर को पत्र लिख कर उचित प्रावधानों में आपके नियुक्ति के लिए कहेंगे , फिर भी नहीं माने तो सडक़ की लड़ाई में आपके साथ रहेंगे।

अन्य पोस्ट

Comments