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18-Oct-2020 10:01 PM 6

पुजारियों व कारोबारियों की तहसीलदार व सीएमओ ने ली बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 18 अक्टूबर।
आज रविवार को नगर पंचायत के सभाकक्ष में नगर के व्यापारियों,मंदिर के पुजारियों व बुद्धजीवियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नवरात्र व आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम व बचाव के लिए लोगों से मास्क पहनने तथा मंदिर में सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए इस संबंध में जारी शांसन प्रशासन की गाइड लाइन का पालन करने की बात अधिकारियों ने कही। वहीं नगर के दुकानदारों को खुद व अपने दुकान में काम करने वालों को मास्क पहनने तथा ग्राहकों को भी मास्क पहनकर दुकानों में आने के लिए प्रेरित करने की बात कही। 

इस दौरान तहसीलदार रामरतन दुबे,सीएमओ मनीष गायकवाड़, नायब तहसीलदार राज श्री पांडेय, डौंडीलोहारा थाना प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद यादव, सुरेगांव थाना प्रभारी अमित तिवारी,जनपद पंचायत से जी एल भुआर्य, नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेश्वरी साहू, कांग्रेस नेता गोपिनारायन साहू, डौंडीलोहारा भाजपा मंडल महामंत्री नोहरू जगनायक, एल्डरमेन हस्तीमल सांखला, संजय गुप्ता, व्यापारी अमित भन्साली, मा काली मंदिर के पुजारी दुबे महाराज व अन्य मौजूद रहे।

बैठक में मौजूद डौंडीलोहारा तहसीलदार रामरतन दुबे ने नगर पंचायत सीएमओ मनीष गायकवाड़ को प्रत्येक मंगलवार को साप्ताहिक बंद होने पर नगर की दुकानों को सेनेटाइस कराने के लिए कहा।जिस पर व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों ने भी सहमति जताई।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने तहसील परिसर में मशीन लगाने की बात कही वही अस्पताल में इसकी व्यवस्था के लिए जे डी एस को भी कहने की बात कही गयी । बैठके में उपस्थित तहसीलदार रामरतन दुबे,सी एम ओ मनीष गायकवाड़ व थाना प्रभारी आर पी यादव ने कहा कि कोरोना काल मे शांसन प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। मास्क न पहनने,सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं करने व दुकानों में भीड़भाड़ करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
 


17-Oct-2020 5:49 PM 6

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 17 अक्टूबर।
मां शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि शनिवार से शुरू हो चुका है। जिले के शक्तिपीठों में पूजा अर्चना एवं जोत प्रज्ज्वलन की प्रक्रिया आज की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए केवल मंदिर परिसर के लोगों के द्वारा ही यहां पर पूजा अर्चना की जा रही है। शनिवार को विशेष पूजा अर्चना मंत्रोचार के साथ मनोकामना के 852 दीप मां गंगा मंदिर में प्रज्वलित किए गए जिसमें से 801 तैल ज्योति कलश और 51 घी ज्योति कलश जलाए गए हैं। वहीं मां गंगा मैया मंदिर के समीप मां शीतला मंदिर में 51 ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी मंदिरों में जो जलाया जा रहा है। वहीं इस बार प्रशासन में भक्तों के लिए मंदिर के द्वार को बंद रखा है केवल मंदिर परिसर के लोग ही पूजा अर्चना कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि बालोद जिले में मां गंगा मैया रानी माई सहित मासिया देवी जैसे बड़े-बड़े शक्तिपीठ हैं। यहां पूरे प्रदेश भर के लोग माता रानी के दर्शन करने पहुंचते हैं पर इस वर्ष कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए मंदिर में आम भक्तों के लिए द्वार बंद किए गए हैं।

भूमि फोड़ हनुमान मंदिर में भी जली ज्योत
दक्षिण मुखी भूमिफोड हनुमान मंदिर ग्राम कमरौद तहसील गुण्डरदेही जिला बालोद में क्वांर नवरात्रि पर्व पर मनोकामना ज्योति कलश के लिए 122 ज्योति  कलश का पंजीयन हुआ जिसमें 91 तेल व 31 घी हैं। मंदिर समिति व श्रदालु जन आपस में चर्चा कर निर्णय लिए कि कोरोना व शासन की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए सभी के नाम से सिर्फ एक ही ज्योत जलाने का फैसला लिया गया है।
 


17-Oct-2020 1:00 PM 6

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 17 अक्टूबर।
बालोद जिले में प्रवेश कर चुके हाथियों के दल ने बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र डौंडी अंतर्गत आधा दर्जन गांव के खेतों के खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं। 

कुछ किसानों ने बताया कि बीती रात को हाथियों का यह दल उनके घरों तक पहुंच गया था। डौंडी ब्लाक के ग्राम छापर पारा कुर्सी टिकुर के एक घर की छप्पर को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास हाथी द्वारा किया जा रहा था। हाथियों के इस दल से बचने वन विभाग के निर्देशन में रात में आग जलाने की तैयारियां की जा रही थी, परंतु उससे पहले हाथी द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया जा चुका था।

ज्ञात हो कि बालोद जिले का डौंडी वनांचल क्षेत्र है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि जब झुंड के झुंड हाथी आए तो पहले वे उसे कुछ और जानवर समझ रहे थे। जब देखा तो ग्रामीणों की आंखें फटी की फटी रह गई। लोग घरों में ही खुद को सुरक्षित समझने लगे। उसके बाद रात में आग जलाने की तैयारियां करने लगे, जिसके बाद से हाथी उन क्षेत्रों में प्रश्नों को नुकसान पहुंचाते हुए दूसरे क्षेत्र की ओर निकल गया। अब भी ग्रामीण काफी परेशान हैं, वहीं वन विभाग द्वारा फसलों की क्षति का आंकलन लगाना शुरू कर दिया गया है।

फसलों को क्षति पहुंचने के कारण किसान काफी चिंतित हैं, वहीं सूत्रों की मानें तो लगभग 22 हाथी जिले में प्रवेश किए हुए थे, परंतु अब यह दो भागों में बांट चुके हैं जो कि काफी चिंता का विषय है, वहीं ग्रामीण उत्सुकतावश जंगलों तक इन हाथियों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं जिसके कारण हाथी अपना रास्ता भी भटक सकते हैं।
 
वन विभाग लगातार हाथियों को ट्रेस करने में जुटा हुआ है ताकि उन्हें बेहतर ढंग से जंगल तक वापस ले जाया जा सके, परंतु आधा दर्जन गांव ऐसे भी हैं जिनकी फसलों को हाथी बर्बाद कर चुके हैं, उन्हें वन विभाग से मुआवजे की उम्मीद है। वहीं वन विभाग द्वारा सर्वे का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।


16-Oct-2020 5:30 PM 5

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 16 अक्टूबर।
बालोद जिले के कोविड-19 आइसोलेशन केंद्र पाकुरभाट से कुछ मरीजों के वीडियो सामने आए हैं। उनके द्वारा आइसोलेशन केंद्र में मस्ती भरे अंदाज में खुद को स्वस्थ रखने की कोशिश की जा रही है। मरीजों द्वारा फिल्मी गानों में महिलाओं को डांस करते देखा जा रहा है। इसके साथ ही पारंपरिक पंथी नित्य पर भी महिला व पुरुष एक साथ नृत्य करते देखे जा रहे हैं। वहीं कुर्सी दौड़ के माध्यम से भी वे खुद को स्वस्थ रखने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल कोविड-19 के मरीज वहां बैठे-बैठे बोर होते हैं इससे उन्होंने खुद को स्वस्थ रखने का रास्ता खोज लिया है। अब मस्ती मस्ती से में ही कोविड-19 से यह मरीज लड़ाई लड़ रहे हैं।
बालोद जिले में कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कोविड-19 आइसोलेशन केंद्र में सुविधाओं के लिए भी प्रशासन मुस्तैद है। ऐसे में बोर हो रहे मरीज स्वयं अपने मनोरंजन के लिए रास्ता निकाल रहे हैं। वहीं प्रशासन के माध्यम से भी बीच-बीच में वहां ऑर्केस्ट्रा आदि की प्रस्तुति की जाती है ताकि लोगों को घर से दूर अकेलेपन का एहसास ना हो इसके साथ ही बेहतरीन पुस्तकें और खिलौने भी बच्चों के लिए भेजे गए हैं। 

ज्ञात हो कि बालोद जिले में वर्तमान में कुल मरीजों की संख्या 3410 हो गई है इसके साथ ही वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या 795है। वही 2598 मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। इसके साथ ही 17 मरीजों की मृत्यु हो गई है। प्रशासन द्वारा कोविड-19 सेंटर्स में अच्छे भोजन के साथ साथ इस तरह की एक्टिविटी को लेकर निर्देशित किया गया है जिसके बाद से कई तरह के आयोजन इत्यादि के माध्यम से मरीजों को स्वस्थ रखने प्रयास किया जा रहा है।
 


16-Oct-2020 5:29 PM 8

बालोद के डेढ़ सौ लोगों से 25 लाख की ठगी का मामला

दो डायरेक्टर पहले हो चुके गिरफ्तार, अन्य की तलाश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 16 अक्टूबर।
पुलिस ने एम वे कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड चिटफण्ड कंपनी के एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चिटफण्ड कंपनी के दो आरोपी डायरेक्टर पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं। कंपनी द्वारा जिला बालोद के लगभग 150 निवेशकों से 25 लाख रूपये से अधिक की ठगी की गई है।

पुलिस के अनुसार थाना बालोद अंतर्गत एमवे कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड कंपनी शाखा बालोद में एजेन्ट के माध्यम से सन् 2013 में 2,50,000 रूपये एवं सन् 2014 में 2,50,000 रूपये प्रार्थिया राजकुमारी यादव पति स्व. किसनलाल यादव निवासी दल्लीराजहरा द्वारा अपने एस.बी.आई. खाते से रिटायरमेंट का पैसा निकालकर बालोद स्थित एमवे कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड कंपनी में पैसा जमा किया था। प्रार्थिया के पति की मृत्यु 01 मार्च 2017 को हो गई। परिपक्वता की तिथि पूर्ण होने पर भाटिया कॉम्पलेक्स राजनांदगांव रोड बालोद स्थित उक्त कंपनी द्वारा पैसा वापस नहीं किया गया और ऑफिस बंद कर फरार हो गए। प्रार्थीया एम वे कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड कंपनी का मुख्य कार्यालय बि_ल रूखमणी पैलेस पांचवी मंजिल प्लाट नंबर 283 वेस्ट हाईवे कोर्ट रोड लक्ष्मी नगर नागपुर (महाराष्ट्र) जाकर पता की तो कंपनी का ऑफिस बंद होना तथा संचालकों का फरार हो जाना पता चला। संचालकों के विरूद्ध थाना बालोद में कई धाराओं में अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। 

कंपनी की स्थापना निर्माण कार्य बिल्डिंग बनाने इत्यादि के लिये किया गया था, परन्तु कंपनी के डायरेक्टर द्वारा 02 वर्ष, 03 वर्ष, 05 वर्ष, 07 वर्ष, 09 वर्ष, 11 वर्ष का इंश्योरेंस प्लान बनाकर निवेशकों से ठगी की गई है। इस चिटफण्ड कंपनी द्वारा जिला बालोद के लगभग 150 निवेशकों से 25 लाख रूपये से अधिक की ठगी की गई है। इस कंपनी में 04 मुख्य डायरेक्टर हैं। डायरेक्टर सुनीता सिंह और मनोज अग्निहोत्री के 1000-1000 शेयर है तथा डायरेक्टर धर्मेन्द्र सिंह और रवि कांबले के 22500-22500 शेयर हैं। पूर्व में डायरेक्टर सुनीता सिंह और मनोज अग्निहोत्री की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य दोनों डायरेक्टर की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे थे।

मामले को गंभीरता से लेते हुये वरिष्ठ एसपी बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा के निर्देशन में एएसपी बालोद डी.आर. पोर्ते के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक बालोद दिनेश कुमार सिन्हा के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित कर प्रकरण के आरोपी के पतासाजी हेतु नागपुर (महाराष्ट्र) रवाना किया गया था। जिसमें प्रकरण के आरोपी रवि माधव राव कांबले निवासी 105 रघुजी नगर, थाना शक्करदरा नागपुर (महाराष्ट्र) वर्तमान पता विजन सिटी, फ्लैट नं. 105 प्रथम तल एफ बिल्डिंग मालवाड़ा जामुड़मावड़ थाना वडग़ांव पुणे (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में आरोपी डायरेक्टर सुनीता सिंह निवासी नागपुर (महाराष्ट्र) को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार की गई है तथा आरोपी डायरेक्टर मनोज अग्निहोत्री निवासी नागपुर (महाराष्ट्र) को 07 जनवरी 2020 को गिरफ्तारी की जा चुकी है। अन्य फरार डायरेक्टर का पता तलाश किया जा रहा है।

उक्त प्रकरण के आरोपी के पतासाजी एवं गिरफ्तारी में उनि. शिशिर पाण्डेय, महिला प्रधान आरक्षक नर्मदा कोठारी, आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक विपिन कुमार गुप्ता एवं सायबर सेल से आरक्षक पुरन देवांगन, आरक्षक मिथलेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।
 


15-Oct-2020 9:23 PM 7

बालोद, 15 अक्टूबर। बालोद पुलिस द्वारा हत्या के 6 घंटों के भीतर मामला सुलझाया गया। ग्राम अरकार में हुई हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार व बाईक बरामद कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी ओमकार प्रसाद साहू पचपेडी थाना भखारा जिला धमतरी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 14 अक्टूबर को अपने पड़ोसी नीलध्वज साहू के साथ पैसा लेने अरकार जाने बोलने पर ओमकार प्रसाद साहू और नीलध्वज साहू अरकार देशी शराब दुकान गये। वहां आरोपी द्वारा शराब लेने के लिए 500 रूपये दिया गया। शराब लेने के बाद मृतक और आरोपी सेमरा रोड में बैठ कर शराब पीयेगें, कहकर ले गये। तीनों एक साथ शराब पीये। शराब खत्म हो जाने के बाद पुन: आरोपी ने शराब खरीदने ओमकार प्रसाद साहू को भेज दिया। ओमकार प्रसाद साहू शराब भट्टी से शराब लेकर वापस आ रहा था तब उसने देखा कि आरोपी ने नीलध्वज साहू को धारदार हथियार से मार रहा था और वह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई थी।

 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद  डी.आर पोर्ते के मार्गदर्शन में, उप पुलिस अधीक्षक बालोद दिनेश सिन्हा के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा उप पुलिस अधीक्षक बालोद दिनेश सिन्हा के नेतृत्व में थाना प्रभारी गुरूर अरूण नेताम, चौकी प्रभारी कंवर कैलाशचंद मरई व स्टाफ की टीम घटना स्थल रवाना किया गया। जिसमें उक्त टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से जांच कर ग्रामीणों से शराब भठठी के आस-पास के लोगों से पूछताछ कर मुखबीर के माध्यम से घटना के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त किया। 

 प्रकरण के संदेही रिंकु उर्फ भारत भूषण चन्द्राकर (38 वर्ष) रजोली, थाना रनचिरई, जिला बालोद की बडभूम एवं चूल्हापथरा के आस-पास जंगलों में छुपे रहने की सूचना मिलने पर उप पुलिस अधीक्षक बालोद दिनेश सिन्हा व टीम द्वारा सघन सर्च कर उसे हिरासत में लेकर  पूछताछ किया गया। आरोपी रिंकू उर्फ भारत भूषण चन्द्रकार अपना हार्वेस्टर बेचना चाहता था। मृतक नीलध्वज कमीशन पर वाहन खरीदी-ब्रिकी का काम करता था। आरोपी ने मृतक से इस हेतु संपर्क किया, जो 2,90,000 रूपये में उमरगांव के कृषक को बेचने का सौदा किया था। जिसमें 15,000 रूपये का कमीशन था, इस हेतु दिनांक 09.10.2020 को एग्रीमेंट हुआ था, 2,00,000 रूपये एडवांस राशि को रिंकू उर्फ भारत भूषण चन्द्राकर को मिल गया था। इसी बीच मृतक नीलध्वज ने अपना कमीशन मांगा। तो आरोपी ने 90,000 रूपये में से कांटने की बात कहा लेकिन रिंकू उर्फ भारत भूषण चन्द्राकर को 90,000 रूपये डूबने की आशंका हुई और उसने योजना बनाकर मृतक को अरकार बुलाकर उक्त घटना कारित करना स्वीकार किया। आरोपी के मेमोरेण्डम अनुसार घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल व हथियार बरामद किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

उक्त हत्या के प्रकरण को सुलझाने व आरोपी की गिरफ्तारी में उप पुलिस अधीक्षक बालोद दिनेश सिन्हा , थाना प्रभारी गुरूर अरूण नेताम, चौकी प्रभारी कंवर कैलाशचंद मरई व थाना गुरूर एवं चौकी कंवर के पुलिस स्टाफ का सराहनीय भूमिका रही।

 


15-Oct-2020 7:36 PM 6

शिव जायसवाल

बालोद, 14 अक्टूबर (छत्तीसगढ़)। कोरोना वायरस के संक्रमण काल ने काफी कुछ बदल कर रख दिया है। कई लोगों के जीवन यापन पर समस्या आन पड़ी है। इसी प्रकार कुम्हारों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।

ज्ञात हो कि गणेश चतुर्थी में जो मूर्तिकार लाखों रुपए की मूर्तियां बनाकर बेचा करते थे वे मुश्किल से कुछ ही मूर्तियां बेच पाए थे। अब नवरात्रि के लिए भी जो मूर्तियां बनकर तैयार हैं उनके भी ऑडर कैंसिल हो रहे हैं। अब उन्हें उम्मीद है दीपों के पर्व दीपावली का कुछ दिए दिखे तो इनके घर में भी उजियारे हो पाए उनके घरों में चूल्हे जल पाए।

कुम्हारों की सुध लेने ‘छत्तीसगढ़’ बालोद जिले के ग्राम पंचायत बरही पहुंचा। इस गांव के कुम्हार मिट्टी से बने बर्तन, दिए और मूर्ति बनाकर जीवन यापन करते हैं। कुम्हारों के इस गांव में जहां हमेशा रौनक रहती थी वहां मायूसी नजर आ रही है। इस गांव में हर दूसरे घर मूर्ति निर्माण करने वाले लोग अपना काम बखूबी तो करते हैं पर इस कोरोना काल ने उनके जीवन पर संकट ला दिया है।

कुछ कुम्हारों ने बताया कि सारे त्यौहार पर कोरोना वायरस का साया रहा। जहां हम सब मूर्तियां बेचते थे। वहां चार-पांच गणेश की मूर्तियां ही बिकी। हमने लागत लगाकर मां दुर्गा की मूर्तियां बनाई थी जिनके ऑडर भी कैंसिल हो चुके हैं। अब समझ नहीं आ रहा कि लागत भी कहां से निकाले। कुम्हारों ने कहा कि हम भले पैसे ना कमाए परंतु जीवन यापन के लायक तो हमारा काम धाम चल पाता। इस बार तो सब्जी नमक के भी लाले पड़े हुए हैं। हम वर्षों से इस काम के माध्यम से अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब हमने इस तरह के बुरे दिन देखे हैं। इन्हें सरकार से कुछ उम्मीदें हैं कि कुम्हार जाति के लोगों के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएं।

कुम्हारों ने बताया कि मंदिरों से भारी मात्रा में दिए इत्यादि के ऑर्डर भी पहले आते थे। कोरोना संक्रमण काल में लोग अगर मंदिर ही नहीं जाएंगे तो दिए कौन जलाएगा। इसलिए दीयों की मांग भी काफी कम हो चुकी है और नवरात्रि में कलश इत्यादि के लिए भी मांग काफी कम हो गई है।

उनका कहना है कि कुछ ही गांव ऐसे होंगे जहां पर मूर्ति स्थापित की जाएगी, लिहाजा हम लोगों के व्यापार पर इसका काफी बुरा असर पड़ रहा है। हमें और कोई काम नहीं आता बचपन से ही हमारे बड़े बुजुर्गों ने हमने यही सीखा है।

कुम्हार रूपेश कुमार ने बताया कि जो मूर्तियां कैंसिल हो गई हैं उन्हें हम निर्माण कर सुरक्षित रखने के लिए तैयारी कर रहे हैं ताकि अगले वर्ष कोरोना का संक्रमण यदि कट जाए और हमारे जिले में त्यौहारों की रौनक लौट आए तो वह इन मूर्तियों को सजा कर वापिस बेचेंगे ताकि उन्हें नुकसान भी ना हो और उनकी मूर्तियां वापिस काम में आ जाए परंतु उन्हें तो चिंता इस बात की है कि इस वर्ष जो लागत उन्होंने लगाया है क्या उसकी वसूली हो पाएगी।


14-Oct-2020 9:36 PM 7

बालोद, 14 अक्टूबर। प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बालोद तहसील के ग्राम पीपरछेड़ी पहुंचकर पूर्व आईजी स्व. रविन्द्र भेडिय़ा के शोक संतप्त परिवारजनों से भेंट की। उन्होंने स्व. रविन्द्र भेडिय़ा की पत्नी व प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री अनिला भेडिय़ा तथा उनके शोकसंतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

 इस अवसर पर विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेडिय़ा, कलेक्टर जनमेजय महोबे, एसपी जितेन्द्र सिंह मीणा,एसडीएम थॉमस सिल्ली,तहसीलदार रश्मि वर्मा,टीआई जीएस ठाकुर, सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक आदि मौजूद थे।


14-Oct-2020 7:06 PM 11

शिव जायसवाल

बालोद, 14 अक्टूबर (‘छत्तीसगढ़’)। बालोद जिला मुख्यालय से लगभग 10 किमी की दूरी पर बालोद धमतरी नेशनल हाईवे से 2 किलोमीटर अंदर बरही नामक एक गांव बसा हुआ है। इस गांव को पार करते ही प्रकृति वहां से गुजरने वाले लोगों को अपने गोद में स्थान देती है और इसी गोद में एक मंदिर स्थापित है जिसे बेहद कम लोग जानते हैं परंतु यह मंदिर अपने आप में कई राज खुद के अंदर समेटे हुए है। यही नहीं यह मंदिर मानव निर्मित नहीं बल्कि पहाड़ों के भीतर स्थापित है।

वर्तमान समय में हल्के कृत्रिम ईट सीमेंट का उपयोग कर उनका संरक्षण किया जा रहा है। पत्थरों के बीच में जो खोल बने हुए हैं वहां पर मूर्तियां स्थापित है जिसके कारण इसे खोल डोंगरी भी नाम दिया गया है और इसका असली नाम शरण शरणा नंद वन आश्रम है।

आश्रम मंदिर समूह के अध्यक्ष कमलेश सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मंदिर की काफी मान्यता है एक स्वतंत्रता सेनानी की समाधि आज मंदिर का रूप ले चुकी है। यहां लोगों की काफी श्रद्धा है। उन्होंने बताया कि बेमेतरा क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी को इस जगह से बेहद स्नेह था। वे यहां अक्सर आया करते थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनका एक अनोखा योगदान रहा, वे हमेशा यह कहते थे कि उनकी मृत्यु कहीं भी हो उनकी समाधि इसी जगह पर बनाई जाए। उनकी मृत्यु के बाद इस आश्रम में ही पत्थरों के बीच उनकी समाधि बनाई गई है जो कि आज लोगों में आस्था का केंद्र है। यहां दोनों नवरात्रि ज्योति कलश जलाए जाते हैं और लोग दूर-दूर से दर्शन करने भी आते हैं। उन्होंने बताया कि एक मान्यता यह भी है कि यहां की जो पर्वत श्रेणी है वह भी निरंतर बढ़ती जा रही है।

गांव के उप सरपंच ने मंदिर समूह के बारे में बताया कि यह मंदिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की समाधि की स्मृतियों से सजा हुआ है। वहीं उनकी समाधि है। उन्होंने पूरा जीवन सन्यासी के रूप में बिताया। गुरु पूर्णिमा का पर्व भी यहां बेहद उत्साह से मनाया जाता है जिसमें मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से भी लोग आते हैं।

यह मंदिर समूह और इसका आसपास का क्षेत्र बेहद सुखद अनुभव कराता है। दूर-दूर से लोग यहां सुकून की तलाश में आते हैं। मंदिर से लोगों की श्रद्धा जुड़ी हुई है तो यहां की प्रकृति लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मंदिर में प्राकृतिक गुफा भी है जो कि लोगों के लिए उत्साह का केंद्र बना रहता है। साथ ही मंदिर के किनारे एक जलाशय भी है जिसकी शीतलता लोगों को काफी सुखद अनुभव देती है।

मंदिर समिति द्वारा इस मंदिर के विकास को लेकर नित्य प्रयास किए जा रहे हैं उन्हें शासन प्रशासन के सहयोग की भी उम्मीद है।


14-Oct-2020 2:39 PM 6

कांकेर के चारामा से लाई गई थी रेत-टीआई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 14 अक्टूबर।
बालोद जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत खैरतराई में पंचायत भवन निर्माण के लिए लाए गए रेत में मंगलवार सुबह मानव कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। 

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खैरतराई में पंचायत भवन निर्माण कार्य चल रहा है जिसके लिए चारामा से रेत मंगाया गया। रात के वक्त रेत खाली करने के दौरान कंकाल देखा गया। जिसकी सूचना तत्काल बालोद थाना में दी गई। बालोद थाना पुलिस मौके पर पहुंच कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया। वही कंकाल काफी दिन पुराना होने के चलते नर या नारी की है ये पता नहीं चल पाया है।

इस संबंध में बालोद थाना प्रभारी जी. एस. ठाकुर ने बताया कि रेत कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र से लाने की जानकारी मिली है। चूंकि बालोद जिले से अलग दूसरे जिला व थाना क्षेत्र पड़ता है, इसलिए बालोद थाने में जीरो मर्ग कायम कर संबंधित थाने को जांच के लिए प्रेषित किया जाएगा।


13-Oct-2020 8:26 PM 5

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 13 अक्टूबर। प्रदेश में महिलाओं के साथ लगातार बढ़ रहे अपराधों व दुष्कर्म के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने धरना दिया। महिला मोर्चा की टीम द्वारा सरकार के खिलाफ शहर में कैंडल मार्च भी निकाला गया। महिलाओं ने धरने के माध्यम से गैंगरेप पीडि़ता के परिवार के सदस्य को नौकरी, उचित मुआवजा व इन मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा कि भूपेश-सरकार जब से प्रदेश की सत्ता में आई है, छत्तीसगढ़ को किसी की नजर लग गयी है। बलात्कारों का सिलसिला चल पड़ा है। महिला सशक्तिकरण, महिला स्वाभिमान और अस्मत की सुरक्षा के तमाम सरकारी दावे दम तोड़ चुके हैं। शालिनी राजपूत ने कहा कि जब शासक कमजोर होता है तो व्यवस्थाएं अनियंत्रित हो जाती हैं। पुलिस की इतनी ताकत हो जाती है कि एफआईआर के लिए घूस मांगते हैं।  प्रदेश भाजपा मंत्री राकेश यादव ने जनता को जगाना है और दुराचार की व्यवस्था का अंत करना है।

भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने कहा कि यहां के आदिवासी भोले हैं परंतु अगर उनके सम्मान से खिलवाड़ नहीं रुका तो वे भाला बनकर सरकार के खिलाफ चुभ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहां की महिला मोर्चा द्वारा अत्याचार के खिलाफ मोर्चा खोला गया है। वो दिन दूर नहीं जब यहां एक एक महिला सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरी नजर आएगी।

भाजपा महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष भुनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि यहां की सरकार यहां की महिलाओं के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें तो करती है परंतु उसे निभा पाने में पूरी तरह अक्षम साबित हो रही है। जब से यहां पर भाजपा की सरकार आई है महिलाओं के साथ निरंतर घटनाएं हो रही हैं। कांग्रेस शासित राज्यों में जब महिलाओं के खिलाफ अत्याचार होता है तो कांग्रेसी चुप है वहीं उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में घटनाएं होती है तो इसे मुद्दा बनाया जा रहा है यह बिल्कुल भी सही नहीं है।


13-Oct-2020 6:35 PM 5

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 13 अक्टूबर। बालोद जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसोदा में शीतला तालाब की पचरी दीवार अचानक गिर गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान यदि वहां पर कोई रहता तो हादसा हो सकता था।

इस संबंध में वर्तमान सरपंच का कहना है कि यह पूर्व कार्यकाल का मामला है और इस संदर्भ में जानकारी जनपद पंचायत के अधिकारियों को दे दी गई है। आगे की कार्रवाई जांच उपरांत जनपद के माध्यम से की जाएगी।

ग्राम पंचायत परसोदा से मिली जानकारी के अनुसार 9 लाख 53 हजार की लागत से 2 साल पहले तालाब गहरीकरण और निर्मला घाट का निर्माण किया गया था, अब यह दीवार टूट कर गिर चुकी है। मलबा बिखरा पड़ा है। बताया जाता है कि सूचना बोर्ड पर लिखे कार्य संबंधित शब्दों को पुताई कर मिटा दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार 12 मार्च 2018 को कार्य शुरू किया गया था जिसमें से 7 लाख 29 हजार मजदूर की लागत थी और 2 लाख 24 हजार की सामग्री लगाई गई थी।

इस मामले में सरपंच का कहना है कि यह मामला पिछले कार्य काल का है। जिस संदर्भ में हमें किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। वहीं उक्त कार्यकाल के दौरान जिस सचिव की नियुक्ति थी उनका भी स्थानांतरण हो चुका है। हमने जिम्मेदारी निभाते हुए जनपद पंचायत को इसकी जानकारी दे दी है। अब आगे की कार्रवाई जनपद के दिशा निर्देशन में की जाएगी।


08-Oct-2020 5:38 PM 3

छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 8 अक्टूबर।
जिला मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी द्वारा किसानों के मुद्दे को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया। यहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बघेल सरकार पर ठगी करने का आरोप लगाया है। 

कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद ने कहा कि गंगाजल लेकर यहां पर सरकारों ने झूठी कसम खाई है और किसानों को ठगने का कार्य कर रहे हैं। वहीं जब केंद्र की भाजपा सरकार किसान हित में कोई बिल लाना चाह रही है तो यहां पर कांग्रेस द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। किसानों में भ्रम पैदा कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार ने एक साथ बोनस देने का वादा किया था परंतु सब्जी भाजी की तरह थोड़े थोड़े मात्रा में इस तरह किस से दिया जा रहा है कि किसान इसका सही उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में घटना होती है तो हाहाकार मच आती है वहीं जब छत्तीसगढ़ में इस तरह की घटना हुई है तो यह लोग चुप हैं।
 


07-Oct-2020 8:21 PM 3

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 7 अक्टूबर। आम आदमी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व में विधानसभा आंदोलन समितियों द्वारा बालोद जिले के बालोद, गुंडरदेही व डौंडी लोहारा विधानसभा क्षेत्र के गांव स्तर रोजगार, सड़क, स्कूल, बिजली, पानी व किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद करेगी। आप पार्टी के नेता घनश्याम चन्दाकर ने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दो वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन सरकार अपने किए वादों को पूरा करने में असफल रही है।

आप नेता कुशल कलिहारी ने बताया कि आम आदमी पार्टी जमीनी स्तर से जनता की आवाज उठाएगी। कांग्रेस और भाजपा ने हमेशा प्रदेश की जनता को धोखा दिया है,इसलिए जनता की निगाहें आम आदमी पार्टी की तरफ टिकी हैं। दिल्ली की तर्ज पर आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में भी मजबूती से जनता की आवाज बनकर उभर चुकी है। दिल्ली की कामों से प्रभावित हो कर बोधन साहू पार्टी में जुड़े।

वरिष्ठ नेता बालक साहू ने कहा कि पार्टी ने बताया कि बालोद जिले की जिला कमेटी को भंग कर दिया गया है। आगे नए सिरे से सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल करते हुए नई कार्यकारिणी घोषित की जाएगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील किया कि जनहित के सभी मुद्दों पर सक्रियता के साथ आवाज बुलंद करें। इस मीटिग में हरेश चक्रधारी, कांकेर जिला अध्यक्ष दीपक आरदे, घनश्याम चन्द्रकर, बालक साहू, मधुसूदन साहू, कोमल साहू, दीपक साहू, कुशल कलिहारी, ओमनारायण ,भीष्मपितामह साहू, उमाशंकर साहू, शंकर बंजारे ,संतोस साहू, बोधन साहू, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


06-Oct-2020 7:39 PM 4

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 6 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप को लेकर कांग्रेस भवन के सामने कांग्रेसियों ने मौन धारण कर योगी और मोदी सरकार को जमकर घेरा।

इस दौरान सभी ने कहा कि यह हमारा मौन सत्याग्रह है उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अपराध चरम सीमा पर है और वहां की शासन और प्रशासन अमानवीय हरकत पर उतर आई है घटना को छुपाने का प्रयास किया गया है जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं। हिंदू सभ्यता में रात में अंतिम संस्कार का नियम नहीं है परंतु योगी सरकार द्वारा उस युवती का शव रातों-रात जला दिया गया।कांग्रेस के शीर्ष नेता मामले में पीडि़त परिवार से मिलने गए तो उनके साथ भी दुव्र्यवहार किया गया।

जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के माध्यम से यह मौन धरना रखा गया था जहां जिला कांग्रेस कमेटी सहित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी व शहर कांग्रेस कमेटी के नेता जनप्रतिनिधि कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के अपराध को योगी और मोदी सरकार छुपाने में लगी हुई है। यह कहां का न्याय है। इस तरह के कृत्यों का हमारी कांग्रेस पार्टी घोर निंदा करती है। अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष दीनाराम चालक ने भी कहा कि एक युवती के साथ इस तरह की घटना को भारत जैसे देश में बिल्कुल भी दरकिनार नहीं किया जा सकता परंतु उत्तर प्रदेश की सरकार ऐसे मामलों को छुपा कर राजनीति करने में जुटी हुई है जब हमारे शीर्ष नेता परिवार से मिलने गए तो उन्हें रोक दिया गया।


06-Oct-2020 7:39 PM 4

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 6 अक्टूबर। थोक सब्जी बाजार में कुछ व्यापारियों द्वारा भ्रामक पोस्टर लगाए जाने पर नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा और बाजार विभाग के सभापति बिरजू ठाकुर मौके पर पहुंचे और पोस्टर को निकलवाया। उन्होंने बताया कि व्यापारियों द्वारा इतवार और बुधवार को बुधवारी बाजार में सब्जी मार्केट नहीं लगाया जाएगा क्योंकि इस दिन काफी भीड़ होती है। वहीं सप्ताह के अंत अन्य दिनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाजार इसी जगह संचालित किया जाएगा।

नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बताया कि बाजार विस्थापन में कोई दिक्कत नहीं है। इतवार बुधवार को जो बाजार में ही लगता है उसे दूसरे जगह खोलने की अनुमति दे दी गई है। रविवार और बुधवार को सब्जी बाजार पूर्णत: बंद करने के लिए कहा गया है तो फिर सब्जी व्यापारियों द्वारा अचानक क्यों बुधवार से दूसरी जगह दुकान लगाने के लिए कहा जा रहा है। सारी बातें पहले ही स्पष्ट हो चुकी थी पर अचानक सब्जी व्यापारी बुधवार से दूसरी जगह बाजार लगाने संबंधित बैनर पोस्टर चस्पा कर दिए थे।

ज्ञात हो कि जब बुधवारी बाजार में भीड़ के मद्देनजर थोक व चिल्लर बाजार को दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात की जा रही थी तब व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। तब जाकर बुधवार और रविवार को बाजार ना लगाने की बात पर सहमति बनी थी और बाकी दिन सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की बात को प्रमुखता से कही जा रही थी, परंतु अब अचानक व्यापारियों द्वारा इस तरह का बैनर पोस्टर बाजार परिसर में लगा दिया गया था जिसको लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और बाजार के सभापति द्वारा व्यापारियों को हिदायत दे दी गई है।


06-Oct-2020 5:14 PM 3

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 6 अक्टूबर।
बालोद के जय स्तंभ चौक में सोमवार को भाजपाइयों ने प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस और भाजपाइयों के बीच हल्की झूमा झटकी भी हुई, जहां कार्यकर्ता पुतला दहन करने में सफल रहे। कार्यकर्ताओं के मन में राज्य सरकार और उनके मंत्रियों के प्रति काफी आक्रोश देखने को मिला। भाजपाइयों ने गैर जिम्मेदाराना बयान देने वाले मंत्रियों को तत्काल अपने पद से इस्तीफे देने की मांग की।

सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से भाजपा कार्यकर्ता पुतला लेकर पहुंचे और घड़ी चौक होते हुए जय स्तंभ चौक पहुंचे जहां नारेबाजी के बीच भाजपाइयों द्वारा पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। बालोद के जय स्तंभ चौक पर भाजपा की महिला कार्यकर्ता भी मौजूद थीं। इस दौरान प्रदेश सरकार का पुतला भाजपाइयों द्वारा फूंक दिया गया पुलिस द्वारा पुतला बुझाने का प्रयास किया गया और इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक झूमा झटकी भी हुई। एक पुतले को खींच पाने में पुलिस सफल रही, जिसके बाद से फिर दूसरा पुतला भाजपाइयों द्वारा फूंक दिया पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष लीला शर्मा ने कहा कि हमें तकलीफ होती है कि यहां की जिम्मेदार सरकार में बैठे मंत्री इस तरह की बयानबाजी करते हैं। यह घटना उन्हें छोटी लगती है। यही घटना जब उत्तर प्रदेश में हुई है तो विपक्ष इसमें सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है यहां पर सरकार अपनी अक्षमता को छुपाने में लगी हुई है। वहीं भाजयुमो जिला अध्यक्ष अमित चोपड़ा ने कहा कि यहां की सरकार जब से सत्ता में आई है तब से लगातार प्रदेश में अपराध बढ़ा हुआ है। अपराध रोकना छोड़ यहां के मंत्री गैरजिम्मेदाराना बयान बाजी करते हैं जिसका हम विरोध कर रहे हैं।
 


05-Oct-2020 7:16 PM 5

राजनीतिक समेत प्रशासनिक महकमे में भी शोक की लहर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 5 अक्टूबर। पूर्व आईजी रविन्द्र भेडिय़ा का रायपुर के निजी अस्पताल में रविवार देर रात निधन हो गया। सोमवार को गृहग्राम पीपरछेड़़ी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र द्वारा मुखाग्नि दी गई। उनके निधन से राजनीतिक समेत प्रशासनिक महकमे में भी शोक है। पूर्व आईजी के अंतिम दर्शन को कई दिग्गज पहुंचे हुए थे। ज्ञात हो कि वे एक सप्ताह पहले ही कोरोना से स्वस्थ होकर घर लौटे थे।

ज्ञात हो कि रविन्द्र भेडिय़ा सूबे की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा के पति थे। देर रात रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिनके पार्थिव शरीर को गृहग्राम पीपरछेड़ी स्थित निवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था जहां सैकड़ों की संख्या में लोग श्री भेडिय़ा को नम आंखों से विदाई दी।

इस दौरान छग शासन के नगरीय प्रशासन व श्रममंत्री शिव डहरिया पीपरछेड़ी पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए। भेडिय़ा के निधन पर मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों व संसदीय सचिवों ने भी श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के बाद दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

वहीं संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, बालोद विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना देवी देशलहरे, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशिप्रभा सुधाकर, जिला भाजपा अध्यक्ष केसी पवार, पवन साहू, अभिषेक शुक्ला, खेमचंद गोयल सहित सैकड़ों की संख्या में जिले भर के विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों सहित कार्यकर्ता अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके अलावा जिले के कलेक्टर, एसपी,जिला पंचायत के सीईओ, एसडीएम सहित आला अधिकारी शामिल हुए।

3 साल पहले आईजी

से हुए थे रिटायर

जानकारी के मुताबिक 3 साल पहले ही में आईजी पद से रविन्द्र भेडिय़ा रिटायर हुए थे। उस दौरान उनके चुनाव लडऩे की अटकलें भी लग रही थी, लेकिन उनके स्थान पर उनकी पत्नी अनिला भेडिय़ा को कांग्रेस ने डौंडीलोहारा से उम्मीदवार बनाया। अनिला भेडिय़ा जीतीं भी और बाद में मंत्री भी बनाईं गईं।

प्रदेश के कई जिलों के एसपी रहे रविन्द्र भेडिय़ा पूरी तरह से स्वस्थ थे। कल वे जब रायपुर स्थित मंत्री बंगले में परिवार के सभी लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान वो उठकर बाथरूम गए, जहां उन्हें अटैक आ गया और वो बेहोश होकर गिर पड़े। परिवार के लोगों ने तत्काल उन्हें रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद सोमवार की सुबह ही शव को परिजन द्वारा बालोद स्थित पैतृक गांव पीपरछेड़ी लाया गया जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया गया।

रिटायर आईजी की मौत के बाद पुलिस महकमे के अलावा राजनीतिक गलियारे में भी शोक की लहर है। रिटायर होने के बाद वो बालोद में लगातार सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय थे।

जाबांज पुलिस अफसर थे श्री भेडिय़ा

श्री भेडिय़ा बिलासपुर, रायगढ़ में लंबे समय तक एएसपी रहे। बस्तर पोस्टिंग के दौरान नक्सलियों के खिलाफ बहादुरी से कार्रवाई की थी। नारायणपुर एसपी रहने के दौरान नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर उनकी गाड़ी उड़ा दी थी। वे गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। लंबे समय तक वे अस्पताल में रहे। स्वास्थ्य होकर लौटने के बाद फिर से नक्सली ऑपरेशन में जुट गए थे।


05-Oct-2020 7:12 PM 9

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 5 अक्टूबर। जिले के दो पत्रकार भाईयों के खिलाफ नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। पैसा वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने की भी बात कही गई है। दोनों भाई पूर्व सीएम और पूर्व मंत्री का करीबी बताकर पीडि़तों को अपने झांसे में लेते थे। एक पत्रकार ऐसे ही मामले में जेल भी जा चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से उसने ठगी की।

इस संबंध में थाना प्रभारी बालोद जी. एस. ठाकुर ने बताया कि विवेचना पश्चात आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी कपुलिस के अनुसार बालोद जिले के पत्रकार राहुल भूतड़ा और रवि भूतड़ा बाजार पारा करहीभदर के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। एक अन्य मामले में आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

पुलिस के अनुसार दोनों भाई राहुल और रवि भूतड़ा द्वारा बीते लंबे समय से पत्रकारिता की आड़ में भोले भाले लोगों के साथ ठगी की जा रही थी। दो साल पहले भी इसी तरह के मामले में राहुल भूतड़ा को जेल जाना पड़ा था। जहां उसे जमानत मिल गई थी। जमानत से वापस आने के बाद भी आरोपी द्वारा पुन: इसी तरह का रवैया अपनाया गया।

मामले में हरिदास निवासी ग्राम भैंसबोड़ से पटवारी की नौकरी लगाने के नाम पर 7 लाख रुपए लिए गए थे। इसी तरह उसी गांव के ईश्वर राम निषाद से सहायक ग्रेड-3 में नौकरी लगाने के नाम पर 4 लाख 50 हजार रुपए लिए हुए थे। एक अन्य मामले में उसी गांव के श्रवण कुमार से छात्रावास अधीक्षक की नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख रुपए लिए गए थे। इसी तरह के मामले में भुज लाल सुरेंद्र से ढाई लाख रुपए भृत्य पद पर नौकरी लगाने के नाम पर और देवेंद्र कुमार से 2 लाख 20 हजार और देवेंद्र कुमार से 2 लाख 30 हजार घसीया राम से 2 लाख 20 हजार इस तरह कुल 6 लाख 70 हजार रुपए लिए थे। एक गांव के इन सभी पीडि़तों की राशि की बात की जाए तो 23 लाख 20 हजार रुपए होता है।

पीडि़तों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों भाई इन्हें लगभग 3 साल से घुमाते रहे और पत्रकारिता की धौंस दिखाकर धमकाते भी रहे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह लोग पुलिस विभाग सहित प्रशासन के बड़े लोगों को अपना करीबी बताकर इस तरह ठगी को अंजाम देते आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ अपनी तस्वीर को दिखाते हुए खुद को उनका बेहद करीबी बताया जाता था, इसके साथ ही पूर्व शिक्षा मंत्री केदार कश्यप को भी करीबी बताकर आदिवासी विभाग और शिक्षा विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की जाती रही है।

चेक पकड़ाकर बहलाते रहे

इस मामले से जुड़े सभी पीडि़तों के अनुसार सभी को आरोपियों द्वारा चेक दिया जाता था और आज देंगे कल देंगे कहकर भगा दिया जाता था। वहीं इनके चेक भी बाउंस हो जाते थे। साथ ही जिस बैंक में खाता बंद हो जाता था उस बैंक का चेक भी पीडि़तों को थमा देते थे। इस तरह के पुराने अन्य मामलों में 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध था जिसे चेक देने के बाद से इस मामले को चेक बाउंस में कन्वर्ट कर लिया गया। वहीं जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।

इसी तरह के मामले में उसे 18 माह जेल भी जाना पड़ा था। परंतु वापस आने के बाद भी इस तरह का रवैया जारी रहा। मामले में झलमला ब्रांच के बंद एक्सिस बैंक अकाउंट का चैक भी पीडि़तों को बहलाने के लिए दिया गया था।


05-Oct-2020 5:32 PM 6

राजनीतिक समेत प्रशासनिक महकमे में भी शोक की लहर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 5 अक्टूबर।
पूर्व आईजी रविन्द्र भेडिय़ा का रायपुर के निजी अस्पताल में रविवार देर रात निधन हो गया। सोमवार को गृहग्राम पीपरछेड़़ी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र द्वारा मुखाग्नि दी गई। उनके निधन से राजनीतिक समेत प्रशासनिक महकमे में भी शोक है। पूर्व आईजी के अंतिम दर्शन को कई दिग्गज पहुंचे हुए थे। ज्ञात हो कि वे एक सप्ताह पहले ही कोरोना से स्वस्थ होकर घर लौटे थे। 

ज्ञात हो कि रविन्द्र भेडिय़ा सूबे की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा के पति थे। देर रात रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिनके पार्थिव शरीर को गृहग्राम पीपरछेड़ी स्थित निवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था जहां सैकड़ों की संख्या में लोग श्री भेडिय़ा को नम आंखों से विदाई दी।

इस दौरान छग शासन के नगरीय प्रशासन व श्रममंत्री शिव डहरिया पीपरछेड़ी पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए। भेडिय़ा के निधन पर मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों व संसदीय सचिवों ने भी श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के बाद दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। 

वहीं संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, बालोद विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना देवी देशलहरे, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशिप्रभा सुधाकर, जिला भाजपा अध्यक्ष केसी पवार, पवन साहू, अभिषेक शुक्ला, खेमचंद गोयल सहित सैकड़ों की संख्या में जिले भर के विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों सहित कार्यकर्ता अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके अलावा जिले के कलेक्टर, एसपी,जिला पंचायत के सीईओ, एसडीएम सहित आला अधिकारी शामिल हुए।

3 साल पहले आईजी से हुए थे रिटायर
जानकारी के मुताबिक 3 साल पहले ही में आईजी पद से रविन्द्र भेडिय़ा रिटायर हुए थे। उस दौरान उनके चुनाव लडऩे की अटकलें भी लग रही थी, लेकिन उनके स्थान पर उनकी पत्नी अनिला भेडिय़ा को कांग्रेस ने डौंडीलोहारा से उम्मीदवार बनाया। अनिला भेडिय़ा जीतीं भी और बाद में मंत्री भी बनाईं गईं। 

प्रदेश के कई जिलों के एसपी रहे रविन्द्र भेडिय़ा पूरी तरह से स्वस्थ थे। कल वे जब रायपुर स्थित मंत्री बंगले में परिवार के सभी लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान वो उठकर बाथरूम गए, जहां उन्हें अटैक आ गया और वो बेहोश होकर गिर पड़े। परिवार के लोगों ने तत्काल उन्हें रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद सोमवार की सुबह ही शव को परिजन द्वारा बालोद स्थित पैतृक गांव पीपरछेड़ी लाया गया जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

रिटायर आईजी की मौत के बाद पुलिस महकमे के अलावा राजनीतिक गलियारे में भी शोक की लहर है। रिटायर होने के बाद वो बालोद में लगातार सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय थे।

जाबाज पुलिस अफसर थे श्री भेडिय़ा
श्री भेडिय़ा बिलासपुर, रायगढ़ में लंबे समय तक एएसपी रहे। बस्तर पोस्टिंग के दौरान नक्सलियों के खिलाफ बहादुरी से कार्रवाईयां की। नारायणपुर एसपी रहने के दौरान नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर उनकी गाड़ी उड़ा दी थी। वे गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। लंबे समय तक वे अस्पताल में रहे। स्वास्थ्य होकर लौटने के बाद फिर से नक्सली ऑपरेशन में जुट गए थे।