छत्तीसगढ़ » रायपुर

Date : 17-Jul-2019

नगर पंचायत में व्याप्त परिवहन व्यवस्था तथा बस स्टैंड यातायात समस्याओं को लेकर एसडीएम-सीएमओ को ज्ञापन सौंपा 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अभनपुर, 17 जुलाई।
अभनपुर नगर पंचायत में व्याप्त परिवहन व्यवस्था तथा बस स्टैंड यातायात आदि विभिन्न समस्याओं को लेकर रायपुर जिला भाजयुमो महामंत्री संचित तिवारी के नेतृत्व में भाजयुमो द्वारा एसडीएम एवं नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

 ज्ञापन में कहा है कि अभनपुर अंतर्गत रायपुर रोड, राजिम रोड एवं धमतरी रोड बहुत व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग है। प्रतिदिन औसत 1 घंटे में लगभग 360 वाहनों का उक्त मार्ग में आना जाना होता है। अभनपुर के मुख्य मार्ग पर  शिक्षण संस्थान सभी शासकीय कार्यालय एवं मुख्य व्यापारिक केन्द्र हैं, जिसमें हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि अत्यधिक यातायात दबाव वाले सड़कों पर बेरिकेट स्थापना, स्पीड ब्रेकर, यातायात संकेत, सिटी प्रवेश के बाद वाहनों को स्पीड कम करने हेतु निर्देशित एवं रेत लोड वाहनों पर अनिवार्य रूप से तिरपाल लगाने हेतु ज्ञापन दिया गया है।
 ज्ञापन सौंपने वाले में प्रमुख रूप से भाजयुमो संचित तिवारी, भरत बैस, कुंदन बघेल, किशन शर्मा, राजा राय, अविनाश तिवारी, विरेन्द्र साहू, रामकृष्ण बैस, झडी पटेल, गौरव गुप्ता, लोटन गिलहरे, रितेश साहू, कैलाश गुप्ता, सागर, राम सिन्हा, जनक खंडेलवाल आदि उपस्थित थे।


Date : 17-Jul-2019

थाना परिसर में पर्यावरण को संतुलित बनाये रखने एवं प्रदूषण को दूर रखने के लिए थाना प्रथारी ने स्टॉफ के साथ 40 पौधों का रोपण किया
अभनपुर, 17 जुलाई।
अभनपुर थाना परिसर में पर्यावरण को संतुलित बनाये रखने एवं पर्यावरण प्रदूषण को दूर रखने के लिए थाना प्रथारी बोधन साहू ने स्टॉफ के साथ विभिन्न प्रजाति के 40 पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप् से बोधन साहू थाना प्रभारी, सबीर अली, दीपक साहू, भागीरथी बंजारे, टीकम ध्रुव, खिलेश साहू, कुलेश्वर नागरची, दिनेश, मोहन केासरिया रामकृष्ण राठौर, रामकुमार भारती आदि उपस्थित थे।

 


Date : 16-Jul-2019

रिंकू खनूजा आत्महत्या प्रकरण, रमन के ओएसडी रहे अरुण बिसेन से पूछताछ
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
कथित सेक्स सीडी कांड के आरोपी रिंकू खनूजा की खुदकुशी प्रकरण में पूर्व सीएम डॉ. रमनसिंह के ओएसडी रहे अरुण बिसेन से भी लंबी पूछताछ की गई। बताया गया कि बिसेन के बयान लिए गए हैं। 

पूर्व मंत्री राजेश मूणत की कथित सेक्स सीडी मामले के आरोपी रिंकू खनूजा ने सीबीआई पूछताछ के चलते यहां गोवर्धन चौक स्थित अपनी दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में पिछले शुक्रवार को उसके भाई लवली खनूजा को गिरफ्तार कर यहां अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लवली खनूजा ने एक दिन की पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान कथित सेक्स सीडी कांड से कई और लोगों के जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने उन सभी लोगों की खोज-खबर शुरू कर दी है। 

जानकारी के मुताबिक पुलिस मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.  रमनसिंह के ओएसडी रहे अरुण बिसेन तक पहुंची। पता चला है कि बिसेन सेक्स सीडी कांड से जुड़े मानव साहू, विजय पंड्या, कैलाश मुरारका व अन्य के संपर्क में थे और उनका मुंबई, दिल्ली तक भी आना-जाना लगा हुआ था। इसके पुख्ता प्रमाण मिले हैं। बिसेन से लंबी पूछताछ की गई। उनका बयान दर्ज किया गया। कहा जा रहा है कि इस प्रकरण से जुड़े और भी लोगों तक पुलिस जल्द पहुंच सकती है। 

उल्लेखनीय है कि पुलिस लवली खनूजा को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लेने के प्रयास में लगी थी, पर वह अदालत से एक ही दिन की रिमांड पर मिल पाया। पुलिस ने उससे घंटों पूछताछ करते हुए प्रकरण से जुड़े कई सवाल रखे। इस दौरान जो जवाब मिले हैं, उसी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में लगी है। 


Date : 16-Jul-2019

महाधिवक्ता के इस्तीफे और नई नियुक्ति पर विधानसभा गरमाया, कार्रवाई स्थगित
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
विधानसभा में मंगलवार को विपक्षी भाजपा सदस्यों ने कैबिनेट के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की सूचना दी। भाजपा सदस्यों ने कहा कि महाधिवक्ता ने इस्तीफा नहीं दिया और नए महाधिवक्ता नियुक्ति कर दी गई। विपक्ष ने इसको संविधान का उल्लंघन करार दिया। इसका सत्तापक्ष के सदस्यों ने तीखा प्रतिवाद किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई और सदन की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। 

प्रश्नकाल के तुरंत बाद पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने यह मामला उठाया है। उन्होंने महाधिवक्ता कनक तिवारी के इस्तीफे पर सवाल खड़े किए और कहा कि खुद महाधिवक्ता ने मीडिया में इस्तीफे का खंडन किया है। जबकि मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकृत कर लिया गया है। विधि मंत्री का कहना था कि महाधिवक्ता ने पद पर रहने में  अनिच्छा जताई है। पूर्व मंत्री ने महाधिवक्ता के इस्तीफे और नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की सूचना दी है। 

श्री चंद्राकर के साथ-साथ अन्य भाजपा सदस्य भी खड़े हो गए। अन्य कांग्रेस सदस्य भी खड़े हो गए और जोर-जोर से बोलने लगे। विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि सबकुछ नियमानुसार है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने व्यवस्था दी कि निंदा प्रस्ताव की सूचना अग्राह्य कर दी है और अब इस मामले में चर्चा नहीं हो सकती। पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर के साथ-साथ भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा और अन्य ने पूरी प्रक्रिया को संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ बताया। इस पर विधि मंत्री श्री अकबर ने कहा कि संविधान के उल्लंघन मामले पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। इसके लिए उच्चन्यायालय सक्षम है। इस पर श्री चंद्राकर ने बहस की चुनौती दी। सत्तापक्ष की तरफ से कहा गया कि पहली बार महाधिवक्ता इंपोर्ट नहीं किया गया है। इस दौरान सत्ता और विपक्षी सदस्यों के बीच नोंक-झोंक जारी रही।


Date : 16-Jul-2019

सभी वार्डों में 50-50 लाख के विकास कार्य होंगे, जोन दफ्तरों से मंगाए प्रस्ताव, महापौर ने की विकास कार्यों की समीक्षा 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
महापौर प्रमोद दुबे ने मंगलवार को निगम अधिकारियों की बैठक लेकर वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जोन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि में धन की कमी नहीं है। सभी जोन अपने-अपने जोन क्षेत्र के लिए 50 -50 लाख तक के विकास कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भेजें, ताकि आने वाले निकाय चुनाव से पहले तक उन सभी कार्यों को पूरा किया जा सके। खासकर सड़कों-गड्ढों की तुरंत मरम्मत हो सके। 

 महापौर श्री दुबे ने निगम कमिश्नर शिव अनंत तायल की उपस्तिति में हुई समीक्षा बैठक में बताया कि राज्य सरकार से निगम को मदद राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 25 करोड़ रुपये रायपुर नगर निगम को देने की घोषणा की गई थी, जिसमें से 15 करोड रुपये आ गया है। इसी तरह नगरीय निकाय मंत्री डॉ. शिव डहरिया द्वारा भी निगम को 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस तरह निगम के पास अब 25 करोड़ रुपये आ चुका है, जिसे वार्ड विकास पर खर्च किए जाएंगे। 

महापौर श्री दुबे ने राज्य सरकार से मिलने वाली राशि की जानकारी देेते हुए यह सभी जोन अफसरों को निर्देशित किया है कि वे सभी 50-50 लाख का जोनवार विकास कार्यों का प्रस्ताव बनाकर निगम मुख्यालय को भेजें। उन्होंने कहा है कि सड़कों तथा अन्य जगहों पर हुए गड्ढ़ों को भरने के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत है। इस राशि का उपयोग करते हुए सड़कों की मरम्मत करायी जाएगी और गड्ढे भरे जाएंगे। विद्युत मंडल द्वारा किए गए गड्ढ़ों के लिए सीएसईबी अधिकारियों से मिलकर संबंधित ठेकेदारों से उसे तत्काल भरने के लिए कहा जाए।

 


Date : 16-Jul-2019

महिला मंडल द्वारा गोदड़ी धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजन 

रायपुर, 16 जुलाई। गोदड़ी वाला धाम देवपुरी में मंगलवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मीरा देवी के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया। सुबह 7.00 बजे पूज देवरी साहब का पंचामृत स्नान, 8.00 बजे वस्त्र आभूषण सत्संग कीर्तन गोदड़ी वाला महिला मंडल द्वारा एवं 9.00 बजे अखंड धुनी साहब भोग साहब एवं पललव साहब के पश्चात प्रसादी वितरण किया गया। दोपहर 1 बजे सत्यनारायण कथा एवं आरती सत्संग के बाद दोपहर 3.00 बजे भंडारा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोदड़ीवाला धाम के सेवादारी अमर गिदवानी, राम खूबचंदानी, हरि ईसरानी, इंदर सचदेव, सतीश थौरानी, दिलीप इसरानी, लाल खूबचंदानी, राज थौरानी, हरगुन पिंजानी, भारत डिंगवानी, सुनील काशवानी, गननू काशवानी, राकी काशवानी, अनिल थौरानी घनश्याम माखीजा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 


Date : 16-Jul-2019

बिलासपुर में सीवरेज परियोजना में देरी, लंबे समय से जमे अफसर हटेंगे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
बिलासपुर नगरीय क्षेत्र में भूमिगत सीवरेज परियोजना को लेकर मंगलवार को विधानसभा में जमकर बहस हुई। जनता कांग्रेस के सदस्य धर्मजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सीवरेज के काम में लगातार देरी हो रही है। निगम ने 20-20 साल से अफसर जमे हैं। कांग्रेस के सदस्य शैलेष पाण्डेय ने भी सुर में सुर मिलाया और कहा कि ठेकेदार भाग खड़ा हुआ है। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कहा कि लंबे समय से जमे अफसरों को हटाया जाएगा। 

प्रश्नकाल में जनता कांग्रेस के सदस्य धर्मजीत सिंह ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सीवरेज परियोजना के चलते बिलासपुर के रहवासियों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। यह परियोजना वर्ष-2008 में शुरू हुई थी और इसके बाद से परियोजना का बजट बढ़ता गया, लेकिन इसका लाभ अब तक जनता को नहीं मिल सका है। 

उन्होंने कहा कि लागत भी 113 करोड़ बढ़ गई है। पूरे शहर गड्ढों से भरा है। धर्मजीत सिंह ने कहा कि दो साल में पूरी होने वाली परियोजना 11 साल में नहीं पूरी हो सकी है। नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि यह योजना दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कटाक्ष किया कि पिछली सरकार ने बिलासपुर को घुरवा बनाकर रख दिया था। जिसकी सफाई हमारी सरकार करा रही है। कांग्रेस सदस्य शैलेष पाण्डेय ने भी अफसरों पर गुमराह करने का आरोप लगाया है और कहा कि सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में अफसरों ने बताया था कि सिर्फ 2 प्रतिशत काम बचा है, जबकि सीवरेज का काम 15 फीसदी से ज्यादा बचा है। ठेकेदार भी भाग गया है ऐसे में कैसे काम होगा। 

नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि लंबे समय से जमे अफसरों को हटाया जाएगा और काम जल्द से जल्द पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया। 


Date : 16-Jul-2019

हार्डवेयर दुकान व अन्य जगहों पर चोरी का आरोपी पकड़ाया, लैपटॉप, एलसीडी, मोबाइल, व दो एक्टिवा बरामद 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
लोधीपारा (गंज) स्थित खंडेलवाल हार्डवेयर व अन्य जगहों पर चोरी का आरोपी पकड़ा गया। पुलिस में उसके कब्जे से लैपटॉप, एलसीडी, मोबाइल, सोने का मंगलसूत्र व दो एक्टिवा बरामद किया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह नशा और महंगा शौक पूरा करने चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। 

गिरफ्तार आरोपी संजय साहू (27) लाल बगीचा धमतरी का रहने वाला है और  हाल में काशीराम नगर तेलीबांधा रायपुर में रहता था। गंज थाना क्षेत्र के खंडेलवाल हार्डवेयर दुकान में चोरी की रिपोर्ट दुकानदार केशव खंडेलवाल ने दर्ज कराई थी। उनका लोधीपारा स्टेशन रोड में खंडेलवाल हार्डवेयर के नाम से पेंट्स एवं हार्डवेयर सामान का दुकान है। 12 जुलाई की रात चोरी का पता उसे 13 जुलाई को सुबह चला। ताला तोड़ दुकान के दराज में रखे बैग से नगदी 1 लाख 10 हजार रूपये गायब था।  आफिस में रखे कंपनी का लैपटाप, बैग तथा उसमें रखे कागजात भी गायब रहे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने और पूछताछ के बाद के आरोपी तक पहुंची। 

बताया गया कि मुखबीर की सूचना पर आरोपी संजय साहू पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से चोरी की 01 नग लैपटॉप एवं एलसीडी टीवी, मोबाईल फोन एवं सोने का मंगल सूत्र जब्त किया गया। 
पूछताछ में आरोपी द्वारा उक्त घटना के अलावा पचपेढ़ी नाका से 1 एक्टिवा एवं मेकाहारा परिसर से 1 एक्टिवा चोरी करना बताया। जिस पर आरोपी के कब्जे से चोरी की 2 नग एक्टिवा वाहन भी जब्त की गई। 

 


Date : 16-Jul-2019

किसानों की कर्जमाफी, बिजली कटौती पर विपक्ष का कामरो को प्रस्ताव आग्राह्य, नारेबाजी, विपक्षी सदस्य निलंबित

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
विधानसभा में किसानों के कर्जमाफी के मसले पर विपक्ष के कामरोको प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया गया। बाद में विपक्षी भाजपा सदस्य गर्भगृह में चले गए और सदन की कार्रवाई से निलंबित हो गए। 

भाजपा सदस्यों ने किसानों की वादाखिलाफी और खाद बीज की अनुपलब्धता के साथ-साथ बिजली कटौती को लेकर कामरोको प्रस्ताव लाया और इस पर चर्चा की मांग की। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि खाद बीज की समस्या बनी हुई है। इसके बाद अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी एक साथ खड़े होकर बोलना शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विपक्ष का तीखा प्रतिवाद किया। 

जनता कांग्रेस के सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि पानी नहीं गिर रहा है। खाद-बीज की समस्या बनी हुई है। कर्जमाफी नहीं हुआ है। एक महीने के भीतर संकट आने वाले हैं। किसान आत्महत्या कर सकते हैं। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सभी अलग-अलग मसले हैं। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अभी चर्चा नहीं होगी तो कब होगी। इसके बाद सभी सदस्य एक साथ खड़े हो गए और गर्भगृह में चले गए। और स्वमेव सदन की कार्रवाई से निलंबित हो गए। 


Date : 16-Jul-2019

स्कूल शिक्षा मंत्री से स्थानांतरण के लिए सीधे पत्राचार नहीं कर सकेंगे स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्थ कर्मचारी अपने स्वयं के स्थानांतरण एवं अन्य कारणों से सीधे मंत्री से पत्राचार नहीं कर सकेंगे। सीधे पत्राचार करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में संचालक लोक शिक्षण, संयुक्त संचालक संभागीय कार्यालय, स्कूल शिक्षा, सभी जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि विभाग के अंतर्गत अधीनस्थ कार्यालय एवं संस्थाओं में कार्यरत सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया जाए। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का पालन न करने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 


Date : 16-Jul-2019

सरकारी होटल प्रबंधन संस्थान पर 13 साल में 24 करोड़ खर्च, एक भी पढक़र न निकला!

अजीत जोगी ने उठाया मामला

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
पर्यटन विभाग के होटल प्रबंधन संस्थान की दुर्दशा का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि 13 साल में संस्थान पर करीब 24 करोड़ खर्च हो चुके हैं। मगर, एक भी व्यक्ति यहां से शिक्षित होकर नहीं निकला है।  मंत्री का जवाब शर्मसार करने वाला है। उन्होंने सुझाव दिया कि नोएडा के राष्ट्रीय संस्थान से यहां के प्रबंधन संस्थान को मान्यता दिलाने के लिए पहल करनी चाहिए ताकि इसका उपयोग हो सके। पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपव्यय को माना और भरोसा दिलाया कि जो भी बेहतर हो सकेगा, वह किया जाएगा। 

प्रश्नकाल में जनता कांग्रेस के सदस्य श्री जोगी ने यह मामला उठाया है। इसके जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि होटल प्रबंधन खानपान तकनीकी एवं अनुप्रयुक्त पोषाहार संस्थान का पंजीयन रजिस्ट्रार, फर्म एवं सोसायटी रायपुर में 6 जून 2006 को हुआ था। संस्थान ने अब तक शिक्षण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। 

उन्होंने यह भी बताया कि होटल प्रबंधन संस्थान ने भवन निर्माण कार्यों पर कुल सकल राशि 20 करोड़ 71 लाख खर्च किए गए हैं और लैब उपकरण सेटअप आदि पर कोई खर्च नहीं हुआ है। पर्यटन मंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान की स्थापना से लेकर दिसंबर 2018 तक वेतन भत्तों के मद में पूर्ण राशि 3 करोड़ 31 लाख से अधिक का भुगतान किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मंत्री के जवाब को शर्मसार करने वाला करार दिया और कहा कि 23 करोड़ खर्च होने के बाद भी एक भी व्यक्ति शिक्षित होकर नहीं निकला है। 

उन्होंने कहा कि संस्थान को मान्यता भी नहीं है और इसके लिए नोएडा के राष्ट्रीय संस्थान से मान्यता दिलाने के लिए पहल होनी चाहिए ताकि इसका उपयोग हो सके। पर्यटन मंत्री श्री साहू ने कहा कि हाईकोर्ट में प्रबंधन संस्थान में भर्ती और अन्य विषयों को लेकर प्रकरण चल रहा है। कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। जल्द से जल्द प्रकरण के निराकरण कोशिश की जा रही है ताकि मान्यता आदि दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जा सके। 

पूर्व मुख्यमंत्री श्री जोगी ने इससे संतुष्ट नहीं हुए और कहा कि कोर्ट ने मान्यता दिलाने के लिए कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई है। सरकार को नोएडा के राष्ट्रीय संस्थान से मान्यता दिलाने के लिए पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मान्यता के लिए कैटरिंग लैब आदि का निर्माण करना होगा। पर्यटन मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जो भी बेहतर हो सकेगा,  किया जाएगा। 

 

 

 


Date : 16-Jul-2019

महिला मुखिया के न पहुंचने पर राशन कार्ड सत्यापन फॉर्म नहीं, हंगामा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
कलेक्टोरेट परिसर के समीप टाउन हॉल में लगाए गए राशन कार्ड सत्यापन शिविर में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। वहां महिला मुखिया के न पहुंचने पर परिवार के अन्य सदस्यों को सत्यापन फार्म देने से मना कर दिया गया। कांग्रेस नेता गिरीश दुबे ने वहां मौके पर पहुंचकर महापौर, निगम कमिशनर और अन्य अधिकारियों से चर्चा की। इसके  बाद अब यह तय किया गया कि सत्यापन फार्म परिवार का कोई भी सदस्य शिविर में पहुंचकर ले सकता है, बशर्तें उसके पास मुखिया का पहचान पत्र हो। यह निर्देश शहर की सभी वार्डों के लिए भी जारी किए जा रहे हैं। 

नगर निगम द्वारा शहर के सभी 70 वार्डों में राशन कार्ड सत्यापन के लिए कल से शिविर लगाए जा रहे हैं और यहां सत्यापन फार्म को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। अधिकांश शिविरों में परिवार की मुखिया के आने पर सत्यापन फार्म दिए जा रहे हैं। टाउन हॉल में भी लोगों को परिवार की मुखिया के आने पर फार्म देने की बात कही गई। यह सुनकर वहां फार्म लेने पहुंचे लोग भडक़ गए और लिखित में आदेश की मांग करने लगे। उन्होंने इसकी शिकायत शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे से करते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग भी की। 
कांग्रेस नेता श्री दुबे का कहना है कि परिवार की मुखिया का शिविरों तक पहुंचना मुश्किल है। खासकर वृद्ध महिलाओं का फार्म लेने और जमा करने के लिए वहां तक जाना कठिन है। लोगों की शिकायत पर उनकी महापौर प्रमोद दुबे समेत निगम अफसरों से चर्चा हुई है। उन्होंने निगम के सभी जोन अफसरों को निर्देशित किया है कि परिवार के किसी भी सदस्य के मुखिया का पहचान पत्र लेकर पहुंचने पर उसे सत्यापन फार्म उपलब्ध कराया जाए। चर्चा और निर्देश के बाद टाउन हॉल में फार्म वितरण शुरू कर दिया गया।

शिविर कल से शहीद स्मारक भवन में 
उन्होंने बताया कि टाउन हॉल में रिनोवेशन के चलते शिविर बाहर कैंपस में कड़ी धूप में लगाए जा रहे हैं। इसकी भी शिकायत करने पर निगम प्रशासन ने यह शिविर कल से शहीद स्मारक भवन में लगाने के निर्देश दिए हैं। 

 

 


Date : 16-Jul-2019

डहरिया-चंद्राकर में नोंक-झोंक, विस अध्यक्ष की नसीहत

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
विधानसभा में मंगलवार को नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। श्रम विभाग से जुड़े नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर जब चंद्राकर बोलने के लिए खड़े हुए, तो डॉ. डहरिया कह गए कि आप हर जगह टपक पड़ते हैं। इस पर श्री चंद्राकर के साथ-साथ अन्य भाजपा सदस्यों ने आपत्ति की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने दोनों पक्षों को शांत कराया और शालीन भाषा का उपयोग करने की नसीहत दी। उन्होंने कबीर का दोहा सुनाया- शब्द संभाल के बोलिये, शब्द के हाँथ न पाँव रे, एक शब्द औषद करे, एक शब्द करे घाव रे। अध्यक्ष के कथन पर पूर्व सीएम अजीत जोगी ने कहा- जय सदगुरू कबीर महाराज। 

 


Date : 16-Jul-2019

मानसून की देरी ने किसानों का बजट बिगाड़ा

तिल्दा -नेवरा, 16 जुलाई। मानसून के बिगड़े मिजाज ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। तिल्दा क्षेत्र में पानी नहीं आने के कारण किसान धान की रोपाई डीजल इंजनों से करने को मजबूर हैं। इस बार जहां किसानों को धान की रोपाई में अधिक लागत लगानी पड़ रही है। वहीं, मानसून की देरी ने किसानों के बजट को बिगाड़ दिया है।

 इस बार जुलाई का आधा महीना बीतने के बाद भी बारिश नहीं हो सकी है। इससे धान की रोपाई करने को तैयार बैठे किसानों की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई हैं। बारिश नहीं होने से धान का क्षेत्रफल इस बार कम होने की उम्मीद है। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार किसानों को धान की रोपाई में अधिक लागत लगानी पड़ रही है। इसका मुख्य कारण डीजल के साथ उर्वरकों की बढ़ती कीमतें हैं। 

तिल्दा क्षेत्र में पानी नहीं आने के कारण किसान धान की रोपाई करने में डीजल इंजनों का सहारा ले रहे हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। देहात क्षेत्र में बिजली आपूर्ति कम होने के कारण खेतों पर लगे नलकूप भी शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे सिंचाई विभाग और बिजली विभाग के खिलाफ किसानों में रोष व्याप्त है। मानसून की देरी ने फसलों की लागत के बोझ को बढ़ाकर किसानों के बजट को बिगाड़ दिया है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बारिश नहीं होना धान की रोपाई में आढ़े आ रही है। जिससे धान का क्षेत्रफल घटने की उम्मीद है।

 


Date : 16-Jul-2019

शराबबंदी पर कांग्रेस भी चली भाजपा की राह पर-भूपेंद्र

आंदोलन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
प्रदेश में बीते 20-25 वर्षों से शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में शराबबंदी का मसला महज चुनावी शिगूफा बनकर रह गया है। विधानसभा में कल उठाए गए इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार का जवाब भाजपा सरकार की तरह रहा। सत्तारूढ़ कांग्रेस भी कमेटियों की आड़ में शराबबंदी के अपने चुनावी वादे से पीछे हटते हुए भाजपा की राह पर चलने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि शराब से कमाई के चलते कांग्रेस सरकार टालमटोल का रवैया अपना रही है, जिससे आमजनों को अब लगने लगा है कि शराबबंदी का वादा महज चुनावी और वोट बटोरने तक ही सीमित था। उन्होंने बसपा विधायक इंदू बंजारे समेत शराबबंदी मुद्दा उठाने वाले विधायकों को बधाई देते हुए कहा है कि पूर्ववर्ती सरकार ने भी चरणबद्ध ढंग से शराबबंदी के वादे को पूरा करने का प्रयास करते हुए कमाई करती रही। 
श्री शर्मा ने कहा है कि बीते 15 वर्षों तक विपक्ष में रहने व लोगों का आक्रोश देखने के बाद भी अब शराबबंदी के लिए कमेटी बनाना हास्यास्पद है। कमेटी की आड़ में इसे लागू करने से कतराना पूर्ववर्ती सरकार की तरह इस सरकार की मंशा को भी उजागर करता है। सरकार द्वारा शराबबंदी के लिए तिथि निर्धारित न कर टालमटोल रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने शराबबंदी की मांग को लेकर शराब विरोधी संगठनों को एकजुट कर आंदोलन की चेतावनी दी है। 

 


Date : 16-Jul-2019

प्रदेश कांग्रेस का 20 को जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन

केन्द्र के गरीब-किसान विरोधी फैसलों का विरोध

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
केन्द्र सरकार के गरीब-किसान विरोधी फैसलों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस द्वारा 20 जुलाई को रायपुर समेत सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पहले उनका यह धरना प्रदर्शन 8 जुलाई को प्रस्तावित था। 
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि उनका यह आंदोलन केन्द्र से छत्तीसगढ़ के मिट्टी तेल कोटे में कटौती, पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि, बढ़ती महंगाई, धान समर्थन मूल्य में मात्र 3.7 प्रतिशत वृद्धि एवं दाल-भात केंद्रों व छात्रावासों के चावल कोटे में कटौती के खिलाफ है। उन्होंने कहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार का यह फैसला छत्तीसगढ़ विरोधी, गरीब विरोधी, किसान विरोधी है। 

उन्होंने बताया कि धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के सभी जनप्रतिनिधि, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला संगठनों के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, पदाधिकारी समेत सभी मोर्चा संगठनों, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस व सेवादल के पदाधिकारी-कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल होंगे। सभी जिला मुख्यालयों में उनके पदाधिकारी कार्यकर्ता घंटों धरना प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार के फैसलों का जमकर विरोध करेंगे। 


Date : 16-Jul-2019

छत्तीसगढ़ की माटी का लगान भुवन ने अपनी नायाब बुनकरी से उतारा

रायपुर, 16 जुलाई। बड़े पर्दे पर भारत की सबसे मशहूर फिल्म लगान की कहानी छत्तीसगढ़ के ‘भुवन’ के संघर्ष और सफलता के इर्द-गिर्द घूमती है। छत्तीसगढ़ के भुवन का लगान, ब्रिटिश हुकूमत के द्वारा लगाया गया नहीं था। यह लगान परम्परागत बुनकरों के लिये मल्टीनेशनल कम्पनियों द्वारा लाई गई चुनौतियों, गांव वालों के संघर्षो तथा परिवार के अरमानों व इच्छाओं को पूरा करने की दिशा में किये गये प्रयासों का था।

यह कहानी छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के ग्राम बिलाईगढ़ के युवा ‘भुवन’ के हौसलों की हैं, जिसने छोटी सी उम्र में अपने पिता के बुनकरी के कौशल को सहेजने का कार्य करते हुए प्रशिक्षण द्वारा अपने हुनर को और अधिक तराशा। आज इस भुवन के बनाये परिधान व साडिय़ां दिल्ली में प्रदर्शनी के लिये लग रही है, जहां पेज-3 के लोगों द्वारा उसके बनाये कपड़े हाथों-हाथ लिये जा रहे हैं।

    ‘भुव’ के कौशल में और अधिक निखार लाने में अहम योगदान छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग विभाग का भी है। विभाग के अधिकारियों से भुवन को मध्यप्रदेश के महेश्वर में बुनकरी की एक संस्था द्वारा, जो नई तकनीकों, डिजाईन आदि में नि:शुल्क प्रशिक्षण देती है उसकी जानकारी मिली। उन्होंने भुवन को बताया कि, राज्य का हथकरघा विभाग, मध्यप्रदेश में महेश्वर की संस्था ‘वूमेन वीव’ के माध्यम के छत्तीसगढ़ के युवाओं को हथकरघा उद्योग के विभिन्न पहलुओं के संबंध में आधुनिकतम प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि, ‘वूमेन वीव’ संस्था महेश्वर साड़ी की प्राचीन कला को सहेजने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा सैकड़ों महिलाओं को रोजगार दिया गया है। यहां निर्मित कपड़े 21 देशों में निर्यात हो रहे हैं। संस्था के ‘द हैण्डलूूम स्कूल’ में 1 वर्ष का  ‘सर्टिफिकेट इन डिजाइन एण्ड इंटरप्राइज मैनेजमेंट’ का कोर्स होता है, जिसमें छात्र बुनकरी के नये कौशल से परिचित होते है। इस कोर्स में अब तक छत्तीसगढ़ के 10 छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में चांपा, राजनांदगांव, बिलासपुर व बालौद के चार छात्र यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। 
 ‘वूमेन वीव’ संस्था में 18 से 30 वर्ष का 10वीं पास युवा प्रशिक्षण ले सकता है। प्रशिक्षण नि:शुल्क व रोज छात्रों को 300 रूपये प्रतिदिन स्टायफंड भी मिलता है। परंतु छात्र के पास इसमें प्रवेश लेने के लिये दो वर्ष बुनाई से जुड़ा अनुभव और एक वर्ष व्यवसायिक बुनाई का अनुभव होना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ का भुवन आज फैशन जगत की नई चुनौतियों से निपटने व आगे बढऩे में बेहद सक्षम है। उसने हैण्डलूूम के कपड़ों पर जाला वर्क के माध्यम से बारीक बुनकरी से नायाब साडिय़ां तैयार की है। उसकी बनायी साडिय़ों की प्रदर्शनी 11 से 13 जुलाई 2019 को नई दिल्ली के आर.के. खन्ना टेनिस स्टेडियम लगी, जो कि हाई प्रोफाईल लोगों के बीच काफी डिमांड में थी। भुवन ने बताया की बारीक बुनकरी से तैयार जाला साडिय़ों को बनाने में 6 से 7 दिन लगे। भुवन आज अपने गांव के युवाओं के लिये प्रेरणास्रोत है। उसने अपनी मेहनत से माता पिता के अरमानों को पूरा कर उनका लगान उतार दिया है। 

 


Date : 16-Jul-2019

चंद्रग्रहण खगोलीय घटना, अंधविश्वास में न पड़ें-डॉ. दिनेश

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा है कि चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है। चंद्रग्रहण का कहीं कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसे लेकर तरह-तरह के भ्रम व अंधविश्वास है। लोगों को इन अंधविश्वासों में नहीं पडऩा चाहिए। ग्रहण को सुरक्षित ढंग से देखा जा सकता है। वैज्ञानिक इसका अध्ययन भी करते हैं।

डॉ. मिश्र ने सदी के दूसरे सबसे लंबे (करीब 3 घंटे) चंद्रग्रहण पर कहा है कि शुरूआत में यह माना जा रहा था कि चंद्रग्रहण राहू-केतू के चंद्रमा को निगलने से होता है, जिससे धीरे-धीरे विभिन्न अंधविश्वास व मान्यताएं जुड़ती चली गईं, लेकिन बाद में विज्ञान ने यह सिद्ध किया कि चंद्रग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है, तब उसका एक किनारा जिस पर छाया पडऩेे लगती है और वहां काला होना शुरू हो जाता है, जिसे स्पर्श कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा छाया में आ जाता है, तब पूर्ण ग्रहण हो जाता है। जब चंद्रमा का पहला किनारा दूसरी ओर छाया से बाहर निकलना शुरू होता है तो ग्रहण छूटना शुरू हो जाता है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया से बाहर आ जाता है, तो ग्रहण समाप्त हो जाता है, जिसे ग्रहण का मोक्ष कहते हैं। 

उन्होंने कहा है कि भारत के महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने आज से करीब 1500 वर्ष पहले 499 ईस्वी में यह सिद्ध कर दिया था कि चन्द्रग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है, जो कि चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया पडऩे से होती है। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभट्टीय के गोलाध्याय में इस बात का वर्णन किया है। इसके बाद भी चन्द्रग्रहण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न भ्रम एवं अंधविश्वास कायम है। उन्होंने कहा है कि चंद्रग्रहण एक अनोखी खगोलीय घटना है। सभी नागरिकों को इसे बिना किसी डर या संशय के देखना चाहिए। चंद्रग्रहण देखना पूर्णत: सुरक्षित है।

डॉ. मिश्र ने कहा है कि जब चंद्रग्रहण होने वाला होता है, तब विभिन्न भविष्यवाणियाँ सामने आने लगती हैं और आम लोग संशय में पड़ जाते हैं। जबकि चंद्रग्रहण में खाने-पीने, बाहर निकलने की बंदिशों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण से खाद्य वस्तुएं अशुद्ध नहीं होती तथा उनका सेवन करना उतना ही सुरक्षित है जितना किसी सामान्य दिन या रात में भोजन करना। इस धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चंद्रग्रहण हानिकारक होता है तथा ग्रहण की वजह से स्नान करना कोई जरूरी नहीं है। अर्थात् इस प्रकार की आवश्यकता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है तथा ग्रहण का अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव पडऩे की मान्यता भी काल्पनिक है। यह सब बातें केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी पुस्तिका में भी दर्शायी गयी है।

 


Date : 16-Jul-2019

दो साल में साढ़े 23 हजार विदेशी पर्यटक आए

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
प्रदेश में पिछले दो साल में साढ़े 23 हजार विदेशी पर्यटक आए हैं। यह जानकारी पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। 
जनता कांग्रेस की सदस्य श्रीमती डॉ. रेणु जोगी ने जानना चाहा कि ट्राइबल टूरिज्म सर्किट योजना के मद में केन्द्र सरकार से प्रदेश को वर्ष 2017-18 में कितनी राशि का फंड प्राप्त हुआ और इसका उपयोग कहां-कहां किया गया? इसके जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि ट्राइबल टूरिज्म सर्किट योजना के मद में पर्यटन मंत्रालय से वर्ष-2017-18 में 25 करोड़ 2 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। 

उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग ट्राइबल टूरिज्म सर्किट के अंतर्गत स्वीकृत स्थलों में डीपीआर के अनुसार ट्राइबल थीम को लेते हुए पर्यटन अधोसंरचना चुनाव के विकास में किया जा रहा है। श्री साहू ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के बाहर पर्यटन से संबंधित इवेंट में समय-समय पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा सहभागिता की जाती है। जिसमें स्टॉल स्पेस से लेकर पर्यटन के प्रचार-प्रसार किया जाता है। 
पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रचार-प्रसार सामग्री वितरण की जाती है। दिल्ली में पर्यटन सूचना केन्द्र स्थापित हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 23625 विदेशी पर्यटक आए हैं। 

निर्माणाधीन स्काई वॉक को ढहाने के विकल्प का परीक्षण किया जा रहा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
रायपुर में निर्माणाधीन स्काईवॉक को ढहाने के विकल्प का परीक्षण किया जा रहा है। यह जानकारी पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। 
जनता कांग्रेस की सदस्य श्रीमती डॉ. रेणु जोगी के सवाल के जवाब में पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि रायपुर में निर्माणाधीन स्काईवॉक की कुल लंबाई 1470 मीटर है। शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग की ओर 616 मीटर, अंबेडकर अस्पताल की ओर 590 मीटर और शास्त्री  चौक के रोटरी विभाग में 266 मीटर की लंबाई में निर्माण होना है। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण के लिए बजट अनुमान 77 करोड़ 10 लाख की स्वीकृति प्राप्त है। 36 करोड़ 44 लाख से अधिक व्यय हो चुका है। एक पूरक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि स्काईवॉक के अनुपयोगी होने पर शासन ने स्काईवॉक ढहाने के अलावा अन्य विकल्पों का परीक्षण कर रही है। 

 


Date : 16-Jul-2019

तीन साल में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 47 करोड़ भुगतान

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 जुलाई।
पिछले तीन साल में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए करीब 47 करोड़ का भुगतान किया गया। जबकि बाहर के कलाकारों को साढ़े तीन करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। यह जानकारी संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। 

जनता कांग्रेस के सदस्य अजीत जोगी के सवाल के लिखित जवाब में  संस्कृति मंत्री ने बताया कि प्रदेश में जनवरी 2016 से 31 मई 2019 तक संस्कृति विभाग में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के 5981 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाए। इसके लिए इन कलाकारों को 47 करोड़  48 लाख से अधिक का भुगतान किया जाना था। 

इन कलाकारों को 31 मई 2019 तक 41 करोड़ 1 लाख से अधिक भुगतान किया गया है। संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के बाहर के कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में 101 कलाकार दलों को शामिल किया गया है और इसके लिए उन्हें तीन करोड़ 61 लाख से अधिक का भुगतान किया गया।