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Date : 30-Mar-2020

कोरोना प्रकोप, पंडितों ने मदद की लगाई गुहार

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। कोरोना के कहर से बदहाल राजधानी के पंडितों और पुजारियों ने शासन से सहायता की फरियाद की है। पंडितों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण बद पड़े मंदिरों और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण उन पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। ऐसे भी अन्य जरूरतमंद वर्ग की तरह पंडितों को भी राशन और सहायता राशि मुहैया कराई जाए।

सत्यनारायण मंदिर ब्राम्हणपारा के पंडित सत्यनारायण तिवारी कहते हैं कि  मंदिरों में पूजा पाठ के जरिए पंडित जीवकोपार्जन करते हैं। नवरात्रि में दान दक्षिणा का सहारा रहता है, लेकिन मंदिर बंद पड़े हैं। श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है ऐसे में पंडितों के समक्ष जीवकोपार्जन का संकट आ खड़ा हुआ है। हमारे पास न खेत है न खलिहान है। वर्तमान में लोग मंदिरों में दान की जगह अस्पताल में दान की बात कह रहे हैं, लेकिन हमारे बारे में कोई नहीं सोच रहा है। सरकार के पास कामगारों के लिए योजना है, लेकिन हम पंडित इससे वंचित हैं। हमें सालभर में दक्षिणा स्वरूप कई बार 5 हजार रूपए ही मिलते हैं। हमारे लिए न कोई मेडिकल योजना है और न ही बीपीएल कार्ड है। कोरोना ग्रस्त अन्य वर्ग की तरह सरकार को चाहिए कि वह हमें भी राशन और धनराशि मुहैया कराए।

पं. चंद्रभूषण शुक्ला ने बताया कि लॉक डाउन के मंदिरों में पूजा-पाठ बंद होने से पंडित परिवार का भरण-पोषण करने में अक्षम हो गए हैं। सरकारी योजनाओं से वंचित पंडित चाहते हैं कि संकट की इस धड़ी में सरकार उनकी मदद करे। पं. चंद्रभूषण शुक्ला कहते हैं नवरात्रि में आरती, दक्षिणा, मौली धागा के भरोसे से पंडितों को आर्थिक मदद मिल जाती थी लेकिन इन दिनों मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश भी बंद है। ऐसे में पंडितों की समस्या पर ध्यान देना जरूरी है।

पं. शेखर शुक्ला कहते हैं पंडितों की स्थिति रोजी मजदूर जैसी रहती है। अब जब मंदिर बंद पड़े हैं तो हम पंडितों के समक्ष आजीविका की समस्या आ खड़ी हुई है। सरकार और वर्ग की तरह हमारी भी मदद करे तो बेहतर होगा।


Date : 30-Mar-2020

मेंटल हेल्थ के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

रायपुर 30 मार्च 2020। रांची स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (ष्टढ्ढक्क) ने कोरोना वायरस के कारण लोगों में बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है7

यह हेल्पलाइन नंबर है+ 91-651-2451115 / 116/119; 2450822; 2450406. (दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक)7 इन नंबरों पर लोग अपनी समस्या बता कर उनका हल पासकते है ।

कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन के कारण कई लोग मनोवैज्ञानिक संकट में पडऩे लगे हैं7नोवेल कोरोना वायरस (ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ-19) के बारे में डर और चिंता लोगों में बढ रही है ।यह हेल्पलाइन मनोवैज्ञानिक संकट में पड़े किसी भी व्यक्ति के लिए है।

18001802063 टोल फ्रीपर भी 24ङ्ग 7 मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी के साथ कोविद-19 के कारण चिंता और तनाव के बारे में ओपीडी रोगियों और आम जनता को जानकारी दी जायेगी।

 

 


Date : 30-Mar-2020

रक्तदान के अलावा राशन वितरण में जुटे युवा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। राजधानी के छत्तीसगढ़ ब्लड डोनर फाउंडेशन द्वारा एक ओर जहां लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंदों के लिए रक्तदान किया जा रहा है वहीं गरीब, मजदूर वर्ग के लिए राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ ब्लड डोनर फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि थैलेसीमिया एवं अन्य पीडि़तों के लिए हाल में राशन, सहाय, देवेन्द्र साहू, मोहसिन, कुशाग्र चौबे, मनोज देवांगन, सोनू माखीजा, देवी साहू एवं ललित साहू सहित कुल 10 रक्तदाताओं ने रक्त दान किया।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर रक्तदान के अलावा संस्था द्वारा विगत दिनों 10 गरीब मजदूरों को भोजन, 36 परिवारों को राशन वितरण किया गया। इसके अलावा सौ परिवार के लिए राशन वितरण की व्यवस्था की गई। सोमवार को संस्था की 15 सदस्यीय टीम इंडोर स्टेडियम स्थित में अनाज के पैकेट दे रही है। इस काम में प्रशांत साहू, देवेन्द्र सूद, विजय, विनय, श्रद्धा साहू, कीर्ति साहू सहित अन्य सदस्यों की सहभागिता रही।


Date : 30-Mar-2020

सिंहदेव ने दक्षिण कोरिया के राजदूत से कोविड-19 नियंत्रण की रणनीति की ली जानकारी

रायपुर, 30 मार्च। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भारत में दक्षिण कोरिया के राजदूत शिन बॉग-किल से फोन पर चर्चा कर दक्षिण कोरिया द्वारा कोविड-19 के सफल नियंत्रण की रणनीति की जानकारी ली। उन्होंने श्री किल से वहां कोविड-19 के संक्रमण को रोकने और पीडि़तों के इलाज के लिए किए गए उपायों सहित अस्पतालों में गई त्वरित व्यवस्था की भी जानकारी ली।

श्री सिंहदेव ने उन्हें इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में त्वरित गति से उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया। श्री किल ने यहां सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को सही दिशा में जाता कदम बताया। उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया कोविड-19 के सबसे बेहतर प्रबंधन एवं नियंत्रण में सफलता पाने वाला अग्रणी देश है।

स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन नागरकर से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से चर्चा कर वहां कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली। डॉ. नागरकर ने बताया कि एम्स में 200 लोगों के इलाज के लिए अलग से विशेष यूनिट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने वहां उपचाररत कोरोना पाजिटिव पाए गए मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली।

श्री सिंहदेव ने स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला से भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए चर्चा कर प्रदेश में युद्ध स्तर पर कोविड-19 से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल स्टॉफ के लिए मुहैया कराए जा रहे मास्क व व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरणों की आपूर्ति और अस्पतालों में वेंटीलेटर्स के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों की साफ-सफाई करवाकर आपात स्थिति से निपटने की दिशा में भी तैयारियों के निर्देश दिए। श्री सिंहदेव ने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. योगेश जैन से भी प्रदेश में कोविड-19 के नियंत्रण एवं रोकथाम के संबंध में चर्चा की।


Date : 30-Mar-2020

लाकडाउन के दौरान खाद्य पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण पर रहेगी छूट

रायपुर, 30 मार्च। राज्य शासन द्वारा कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लाकडाउन के दौरान खाद्य पदार्थो की निरंतर आपूर्ति एवं उपलब्धता बनाए रखने के लिए खाद्य उत्पादों से संबंधित फैक्ट्रियों के नियमित संचालन की अनुमति दी गई है । खाद्य विभाग द्वारा आदेश जारी कर प्रदेश के सभी विभागों के सचिवों, सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, सभी विभागाध्यक्षों और पुलिस अधीक्षकों को खाद्य उत्पादों से संबंधित फैक्ट्रियों के नियमित संचालन की अनुमति देने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है ।

खाद्य विभाग के सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार खाद्य पदार्थो की जन सामान्य को निरंतर आपूर्ति एवं उपलब्धता बनाए रखने के लिए खाद्य उत्पादों का निरंतर उत्पादन आवश्यक है। इसके लिए कच्चे माल एवं पैकेजिंग मटेरियल की उपलब्धता, इस कार्य में लगे ट्रकों का परिचालन, कोल्ड स्टोरेज एवं वेयरहाउसेस का नियमित संचालन, श्रमिकों की फैक्ट्रियों में एवं वेयरहाउसेस मे आने एवं कार्य करने की स्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है। आदेश में जिला प्रशासन, पुलिस एवं परिवहन विभाग के माध्यम से इन खाद्य उत्पादों के परिवहन तथा श्रमिकों को फैक्ट्रियों में कार्य करने के लिए उपस्थित होने की अनुमति देने संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य उत्पाद से संबंधित फैक्ट्रियों के नियमित संचालन के संबंध में सचिव, भारत सरकार, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के द्वारा भी खाद्य उत्पादों के निरन्तर उत्पादन, परिवहन और वितरण सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्य पदार्थ की परिभाषा फूड सेफटी एण्ड स्टेन्डर्ड एक्ट 2006 के अनुसार होगी।

आदेश में कुछ खाद्य पदार्थों के नाम दिए गए हैं। उनमें फल एवं सब्जियां, चावल, गेहूं का आटा, अन्य अनाज एवं दालें, शक्कर एवं नमक, मशाले, बेकरी एवं डेयरी, दूध एवं दूध से बने उत्पाद, चाय एवं काफी, अंडे, मांस एवं मछली, खाद्यान्न, तेल, मसाला एवं खाद्य सामगी, पैकेज्ड, खाद्य पदार्थ एवं बेवरेजेस, हेल्थ सप्लीमेंटस, न्यूट्रास्यूटिकल्स, फूड फॉर स्पेशल मेडिकल परपस, शिशु, बेबी फूड, पशु आहार, पालतू पशु आहार एवं इससे संबंधित वितरण सेवाएं एवं ई-कामर्स सेवाएं, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, ईधन जैसे कोयला, राईस हस्क, डीजल, फर्नेस आयल एवं फैक्ट्रियों को चलाने के लिए अन्य आवश्यक ईंधन और खाद्य उत्पादों से संबंधित सभी प्रकार का कच्चा माल और पैकेेजिंग पदार्थ शामिल है ।    


Date : 30-Mar-2020

लॉकडाउन, बेघर-बार व्यक्तियों के लिए अस्थाई राहत शिविर संचालित करने कलेक्टरों को निर्देश

रायपुर, 30 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से सहायता के अनेक प्रावधान किए गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस आशय का परिपत्र मंत्रालय महानदी भवन से प्रदेश के सभी कलेक्टरों सह अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को जारी किया गया है। सहायता प्रावधानों के तहत कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के कारण प्रभावित बेघर-बार व्यक्तियों तथा प्रवासी श्रमिकों के लिए अस्थाई शिविर का संचालन किया जाना है, जहां अस्थाई आश्रय, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रावधान प्रभावशील किया गया है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत राहत शिविरों के लिए मापदंड अनुसार प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 60 रूपए भोजन आदि की व्यवस्था के लिए व्यय किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त अस्थाई राहत शिविरों के लिए की गई आवश्यक व्यवस्था पर हुए वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए कलेक्टरों अधिकृत किया गया है।

 कलेक्टरों से कहा गया है कि बेघर-बार व्यक्तियों के लिए अस्थाई राहत शिविरों के लिए शासकीय-अशासकीय भवनों, धर्मशालाओं, सामुदायिक भवनों का चयन किया जाए। अस्थाई राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भवनों की क्षमता के अनुसार विभिन्न अस्थाई राहत शिविरों में प्रभावित व्यक्तियों को रखा जाए। गर्मी को देखते हुए पंखे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सोने के लिए दरी-चादर की व्यवस्था की जाए। अपरिहार्य स्थिति में पक्के भवन नहीं होने के स्थिति टेंट लगाकर प्रसाधन सहित सभी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी अस्थाई राहत शिविरों में आवास, भोजन, शुद्ध पेयजल, निस्तारी हेतु जल, प्रसाधन, बिजली, पंखा की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है।

परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे सभी व्यक्तियों का स्वास्थ्य परिक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण हो तो उसकी जांच जिला चिकित्सालय में कराई जाए और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुरूप आईसोलेशन हेतु अग्रिम कार्यवाही की जाए। अस्थाई राहत शिविरों में प्रत्येक व्यक्ति के मध्य एक मीटर की शारीरिक दूरी बनाए रखने के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। अस्थाई राहत शिविरों में वृद्धजनों, विधवा, परित्यकता, गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जानी है। अस्थाई राहत शिविर का संचालन 14 अप्रैल 2020 तक किया जाए, यदि संचालन अवधि बढ़ाने की आवश्यकता होती है, तब राज्य शासन से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली जाए। वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न मदों के अंतर्गत आबंटन उपलब्ध कराया गया है। इस राशि का उपयोग किया जाए, आबंटन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में जिला कलेक्टरों को एक करोड़ रूपए आहरण करने के वित्तीय अधिकार प्रदत्त है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत आवश्यकता अनुसार आबंटन अतिशीघ्र उपलब्घ कराया जाएगा। प्रत्येक अस्थाई राहत शिविरों के लिए राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी राहत शिविर प्रभारी के रूप में लगाई जाए।

 


Date : 30-Mar-2020

प्रदेश में 62 हजार से अधिक परिवारों को बांटे गए भोजन और मुफ्त राशन

कई समाजसेवी संस्थाएं भी आगे आई, सीएम के निर्देशों पर त्वरित अमल

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उपायों के तहत चल रहे लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 62 हजार 172 गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क भोजन और निशुल्क राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे इन परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को इस कार्य को पूरी संवेदनशीलता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि  इस चुनौतीपूर्ण समय में कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। मुख्यमंत्री के आव्हान पर अनेक समाजसेवी संस्थाएं गरीबों और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामने आयी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस कार्य मे सहयोग दे रही हैं।

पूरे प्रदेश में 62 हजार 172 लोगों को भोजन और राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में संबंधित जिलों में जिला प्रशासन द्वारा 14 हजार 467 व्यक्तियों और 4015 परिवारों को निशुल्क राशन सामग्री वितरित की गई है, जबकि 28 हजार 227 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है। समाजसेवी संगठनों द्वारा पूरे प्रदेश में 18 हजार 638 व्यक्तियों और 18 हजार 097 परिवारों के लिए भोजन और निशुल्क राशन सामग्री का प्रबंध किया गया है। इनमें से राजधानी रायपुर में 9 हजार व्यक्तियों और 22 हजार परिवारों को भोजन और राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। रायपुर में 9000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है जबकि 4000 जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क राशन सामग्री वितरित की गई है । इसके अलावा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा 18 हजार परिवारों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था की गई है।

इसी प्रकार सरगुजा जिले में 11हजार 550 जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था की गई है। इनमें से 4900 लोगों के भोजन की व्यवस्था और 1500 लोगों को निशुल्क राशन तथा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा 5150 लोगों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले में इस योजना के माध्यम से 5963 जरूरतमंद व्यक्तियों को मदद की जा रही है। बस्तर जिले में 2180 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है और 1033 परिवारों को निशुल्क राशन सामग्री दी गई है जबकि स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा बस्तर जिले में 2750 लोगों के भोजन की और राशन की व्यवस्था की गई है।

राजनांदगांव जिले में 3565 लोगों को राशन और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा राजनांदगांव में 2831 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है और 734 परिवारों को निशुल्क राशन सामग्री वितरित की गई है। इसी प्रकार दुर्ग जिले में 2918, रायगढ़ जिले में 2882, कोरबा जिले में 2769, धमतरी जिले में 2380 लोगों के भोजन और निशुल्क राशन की व्यवस्था की गई है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले में 2306 लोगों के लिए, बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में 1885, सुकमा जिले में 1792 लोगों के लिए, जांजगीर-चांपा जिले में 1556 लोगों के लिए, जशपुर जिले में 1270, सूरजपुर जिले में 1180 लोगों के भोजन और निशुल्क राशन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा स्वयंसेवी संगठनों और समाजसेवियों तथा दानदाताओं की मदद से की गई है। बिलासपुर जिले में 1179, बीजापुर जिले में 1039, बालोद में 942, कांकेर में 886, महासमुंद में 854, बलरामपुर में 869, मुंगेली जिले में 841, कोंडागांव में 633, दंतेवाड़ा में 628, नारायणपुर में 437, बेमेतरा जिले में 205 और कोरिया जिले में 486 व्यक्तियों और 112 जरूरतमंद परिवारों  के निशुल्क राशन और भोजन की व्यवस्था से इन्हें राहत पहुंचाया गया है।


Date : 30-Mar-2020

कोरोना संक्रमण, जनता कांग्रेस की सरकार से श्वेत पत्र जारी करने मांग

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। जनता कांग्रेस ने कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारियों  और रणनीति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने आने वाली चुनौतियों को लेकर कुछ सुझाव भी दिए हैं।

जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि पार्टी ने कोरोना को देखते हुए 8 मांगे की थी। इनमें से तीन प्रमुख मांगे-टोटल लॉकडाउन,अंतर्राज्यीय बॉर्डर सील और राशन-पर काम हुआ है। आनी वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए बाकी 5 मांगों को भी गम्भीरता से लेना होगा। जिसमें से  वैधानिक वैतनिक अवकाश का प्रावधान, सभी बाहरी,बीमार और बूढ़ों की जांच, ब्लॉक-स्तरीय आईसोलेशन सेंटर का निर्माण, पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती और प्रशिक्षण शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।


Date : 30-Mar-2020

बिना हेलमेट दोपहिया चालकों पर फिर से चालानी कार्यवाही

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। लॉकडाउन में शहर में जरूरी काम से आने-जाने वालों पर पुलिस ने अब फिर से चालानी कार्यवाही शुरू कर दी है। खासकर कालीबाड़ी, जयस्तंभ चौक पर हेलमेट ना लगने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके अलावा दोपहिया चालको पर अन्य ढंग से भी सख्ती बरती जा रही है।

शहर में पिछले कुछ दिनों से लॉकडाउन जारी है और चौक-चौराहो पर तैनात पुलिस सडको पर आने-जाने वालो से पूछताछ करते हुए उनपर कड़ाई बरतने में लगी हुई है। आज सुबह से कालीबाड़ी चौक और जयस्तंभ चौक पर हेलमेट ना लगाने वाले कई दोपहिया चालक रोके गए। उनसे कड़ी पूछताछ करते हुए हेलमेट ना लगने के बारे में पूछा गया। जवाब संतोषजनक न मिलने पर चालान वसूला गया। इसी तरह कई और दोपहिया चालकों से मास्क ना लगाने पर पूछताछ-कार्यवाही की जाती रही।

इसी तरह जरूरी काम से पैदल य अन्य साधनों से निकले लोगो पर भी सख्ती बरती गई। नवरात्र में एक साथ सडक़ों पर निकले बच्चों को दूरी बनाकर अलग अलग चलने की समझाइश दी जाती रही।

कोरोना को हराने  लॉकडाउन का जितना हो सके पालन ज़रूरी है। यही वजह है कि सख्ती बरती जा रही है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के तीसरे-चौथे दिन पुलिस ने यहां वाहन चालकों के खिलाफ हेलमेट-मास्क ना लगाने पर तगड़ी कार्यवाही की थी।


Date : 30-Mar-2020

कोरोना से फल कारोबार हुआ आधा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लॉक डाउन के कारण नवरात्रि पर गुलजार रहनेवाला फल बाजार इन दिनों मंदा है। लॉक डाउन के कारण जहां लोग फल खरीदी के लिए कम निकल रहे हैं वहीं जूस सेंटर बंद होने के कारण फलों की बिक्री प्रभावित हुई है।

लालपुर के थोक फल व्यवसायी सुब्बा रेड्डी ने बताता लॉक डाउन के कारण फल कारोबार 50 फीसदी ही रह गया है। लालपुर में लगभग 25 फल कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। नवरात्रि में फलों की मांग ज्यादा हुआ करती थी लेकिन इस बार ग्राहकी नहीं है। संतरा 25 से 35 रूपए किलो थोक में बिक रहा है। अनाक 5 सौ से 9 सौ रूपए कैरेट बिक रहा है। एक कैरेट में 10 किलो फल आता है। अंगूर 5 सौ से 6 सौ रूपए कैरेट बिक रहा है।

फल के चिल्हर व्यवसायी केशव राव ने बताया कि इस बार नवरात्रि के बावजूद फल का धंधा मंदा है। जवाहर मार्केट गणेशराम नगर में आवक की कमी बनी हुई है। इन दिनों महाराष्ट्र से संतरा, अंगूर आ रहे हैं। अंगूर 6 सौ से 650 रूपए कैरेट बिक रहा है। केला 40 से 50 रूपए दर्जन के भाव से बिक रहा है।

आमापारा के फल व्यवसायी लक्ष्मण पामनानी के अनुसार इन दिनों फलों की मांग सीमित हो गई है। लॉक डाउन के कारण लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। नवरात्रि के मौके पर इन दिनों पपीता 50 रूपए किलो, अनार 140 रूपए किलो, अंगूर 100 रूपए से 120 रूपए के भाव से बिक रहा है।

जीई रोड किनारे एकता जूस सेंटर संचालक दुर्योधन देवांगन ने बताया कि पिछली 19 तारीख से उनका सेंटर बंद पड़ा है। अकस्मात लॉक डाउन के कारण उनका 20 से 30 हजार तक का फलों का नुकसान हुआ हफ्ते में वह लगभग 50 से 60 हजार फलों की खरीदी किया करते थे वह भी पूरी तरह से बंद है।

 


Date : 30-Mar-2020

कोरोना संक्रमण : 108-102 एम्बुलेंस कर्मियों ने मांगी सुरक्षा किट

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। प्रदेश में 108,102 एम्बुलेंस में तैनात कर्मियों ने कोरोना संक्रमण के चलते सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की है। उनका कहना है कि मास्क, हैंड-ग्लव्स, सैनिटाइजर सहित पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध ना कराने से उन्हें भी कोरोना संक्रमण का डर बना हुआ है।

प्रदेश में जय-अम्बे निजी कंपनी के माध्यम से 108 व त्रङ्क्य  कंपनी के माध्यम से 102 एम्बुलेंस सेवा संचालित है। एमरजेंसी में लोग इन दोनों एम्बुलेंस सेवाओं का मुफ्त लाभ ले रहे हैं। कोरोना मरीजों, संदिग्धों को लाने लेजाने में भी इन एम्बुलेंस सेवाओ की मदद ली जा रही है। ऐसे में इन एम्बुलेंसों में तैनात कर्मचारियों को भी कोरोना संक्रमण का डर सता रहा है। 108,102 कर्मचारी कल्याण संघ के प्रांत अद्यकध राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग स्वास्थ्य मंत्री से की गई है।

उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस सेवा में लगे करीब 550 कर्मचारी कुछ समय पहले नौकरी से निकाल दिए गए हैं और वे सभी बेरोजग़ार हैं। दूसरी तरफ जो कर्मचारी काम पर लगे हैं उन्हें जुलाई 2018, नवंबर 2019 एवं जनवरी फरवरी 2020 का वेतन भुगतान भी नही किया गया है जिससे उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ गयी है। उन्होंने आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की सभी समस्याओं को जल्द दूर करने की मांग की है।


Date : 30-Mar-2020

मुख्यमंत्री सहायता कोष में सारडा ग्रुप ने जरूरतमंदो के लिए दी एक करोड़ राशि

क्रेडाई और आनंद सिंघनिया ने दिए 11-11 लाख रूपए

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये लागू किये गए लॉक डाउन में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अपील पर औद्योगिक एवं व्यापारिक समूहों द्वारा मदद का सिलसिला जारी है।

आज सारडा ग्रुप द्वारा एक करोड़ रुपए की राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में दी गई है। वहीं क्रेडाई छत्तीसगढ़ और आनंद सिंघनिया द्वारा 11.11 लाख रुपए की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री बघेल ने संकट की घड़ी में मानवता की सेवा के लिए आगे बढक़र मदद देने वालों का आभार व्यक्त किया है।

सारडा ग्रुप के चेयरमैन कमल सारडा ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा है कि पूरे विश्व मे कोरोना वायरस की महामारी के कारण गरीब तथा दिहाड़ी मजदूरों और बाहर से आने वाले लोगो का जीवन बुरी तरह से प्रभावित किया है। छत्तीसगढ़ में भी इन वर्गों का जीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में जरूरतमंदों  की मदद के लिए संकट की इस घड़ी में आगे बढक़र मदद की जा रही है वह प्रसंशनीय है। संकट की घड़ी में एक जिम्मेदार कम्पनी होने के नाते सारडा ग्रुप भी जरूरतमंदो की सहायता के लिए एक करोड़ रुपए की सहायता दे रहा है।

क्रेडाई के अध्यक्ष रवि फतनानी और आनंद सिंघानिया ने 11 लाख रुपए की राशि भेजते हुए कहा है कि विपदा की इस घड़ी में राज्य शासन के साथ है।


Date : 30-Mar-2020

लॉक डाउन, क्वारनटाईन उल्लंघन और विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने पर 33 के खिलाफ अपराध दर्ज

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। लॉक डाउन, क्वारनटाईन उल्लंघन करने एवं विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने पर पुलिस ने पिछले 24 घंटे में 33 अपराध दर्ज किये हैं। रायपुर में 1, गरियाबंद में 2, धमतरी में 1, महासमुंद 1, बलौदाबाजार में 3, दुर्ग में 6, बेमेतरा में 1, बालोद में 1, बिलासपुर में 5, मुंगेली में 1, रायगढ़ में 1, जांजगीर-चाम्पा में 1, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 1, सरगुजा में 1, कोरिया में 1, सूरजपुर में 2, बस्तर में 1,  कोंडागांव में 2, बीजापुर में 1 अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।


Date : 30-Mar-2020

नगर निगम की फूड सप्लाई सेल ने 18 हजार लोगों तक पहुंचाया भोजन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। रायपुर नगर निगम द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव हेतु लागू लॉकडाउन के दौरान लोगों की सहायता के लिए शुरू की गई फूड सप्लाई सेल के जरिए अब तक 18 हजार लोगों तक भोजन पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कल शाम अपने निवास कार्यालय में खाद्यान्न वितरण योजना का शुभारंभ किया था।

स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से अब तक लगभग 4 हजार परिवारों को नि:शुल्क राशन सामग्री उपलब्ध करायी गई है। रायपुर जिले में शुरू की गई फूड सप्लाई सेल के दूरभाष क्रमांक 0771-4055574 के माध्यम से अब तक 9 हजार लोगों को भोजन कराया गया हैं इसके लिए तीन सामाजिक संगठनों के सदस्य पालियों में अपनी सेवाएं देकर घर तक भोजन प्रतिदिन पहुंचा रहे हैं। रायपुर जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में 100 से भी अधिक स्वयंसेवी संस्थाएं नागरिकों को भोजन एवं राशन वितरित कर रही है एवं उनके 2000 कार्यकर्ता सक्रियता से इस कार्य में लगे हैं। इसके अलावा पशु-पक्षियों के चारे एवं चिकित्सा सुविधा के लिए दो सामाजिक संस्थाएं कार्य कर रही है। स्वच्छता कार्य में लगे सफाई कर्मियों व अन्य मैदानी अमले के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी चार सामाजिक संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि कोविड 19 के रोकथाम और नियंत्रण की मुहीम के तहत चल रहे लॉकडाउन के दौरान रायपुर शहरी क्षेत्र के तीस हजार जरूरतमंद परिवारों तक नि:शुल्क खाद्यान्न सामग्री प्रदाय किए जाने की मानवीय पहल रायपुर नगर निगम द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। जरूरतमंद परिवारों को नगर निगम द्वारा निर्धारित मात्रा में प्रति परिवार के मान से चावल, दाल, तेल, मसाला सहित अन्य खाद्यान्न सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर शुरू की गई है।

 

नगर निगम रायपुर द्वारा शुरू की गई इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक जरूरतमंद परिवारों को चावल, दाल, तेल, मसाले, आलू, आटा, दूध का पैकेट, मास्क, साबुन आदि रायपुर में निवासरत सभी दिहाड़ी मजदूर परिवारों को तथा बिना राशन कार्डधारी परिवारों को वितरित किया जा रहा है।


Date : 30-Mar-2020

जरूरी सामान और सब्जियों के दाम जानने सड़क पर निकले सीएम

खाद्यान्न आपूर्ति के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम का लिया जायजा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न एवं सब्जियों की उचित मूल्य में उपलब्धता का जायजा लेने स्वयं राजधानी रायपुर की सड़कों पर निकले।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रावणभाटा स्थित अन्तर्राज्यीय बस स्टैंड के पास सब्जी विक्रेताओं एवं खरीददारों से बातचीत कर सब्जी के दाम एवं विक्रय की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बूढा तालाब के पास इंडोर स्टेडियम में खाद्यान्न आपूर्ति के लिए बनाए गए 24&7 कंट्रोल रूम का जायजा लिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मुश्किल होता है घरों में रहना लेकिन हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने लोगो से कहा कि अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, अन्यथा अपने घरों में रहे। राज्य सरकार आम जनता तथा जरूरतमंद लोगों को मदद और राहत पहुंचाने दिनरात जुटी हुई है।

 


Date : 30-Mar-2020

पशुआहार खरीदी विवाद, दुकानदार-ग्राहक में जमकर मारपीट, फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं, जांच 

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 30 मार्च। शहर के तेंदुआ रोड कबीर नगर स्थित एक पशु आहार दुकान में कल एडवांस देने के बाद भी समय पर पशु आहार न देने की बात पर दुकानदार और एक ग्राहक के बीच जमकर विवाद हो गया। दोनों ने फिर जमकर गाली-गलौज करते हुए एक-दूसरे व साथ में मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। दुकानदार के सिर पर रॉड से वार तो ग्राहक के पिता के सिर पर पत्थर से जानलेवा वार कर दिया गया। घटना में दुकानदार और ग्राहक के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों के सिर पर गहरी चोटें आई है और ग्राहक के पिता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस दोनों की शिकायत पर एक-दूसरे के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर पूछताछ में लगी है। 

पुलिस के मुताबिक कबीर नगर का भूपेंद्र पाल (30) कल दोपहर सोंडोंगरी के राहुल पशु आहार दुकान में पहुंचा। वहां उसने दुकानदार से पशुआहार की मांग की। उसने कहा साढ़े सात सौ रुपये एडवांस देने के बाद भी पशु आहार समय पर नहीं भेज पा रहे हो। उसने दुकानदार राकेश यदु (41) के साथ गाली-गलौज करते हुए उसके सिर पर लोहे के रॉड से वार भी कर दिया। इतना ही नही, उसने साथ गए अपने पिता छोटेलाल पाल व एक अन्य के साथ मिलकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

दूसरी तरफ गाली-गलौज और रॉड से वार करने के बाद दुकानदार राकेश ने भी अपने साथियों के साथ ग्राहक भूपेंद्र व एक अन्य के साथ जमकर मारपीट की। दुकान के भीतर पशु आहार उठाने के प्रयास में ग्राहक के पिता के साथ भी मारपीट की गई। इतना ही नहीं, ग्राहक के पिता के सिर पर पत्थर से जमकर वार भी कर दिया जिससे उसे गहरी चोट लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

दोनों पक्षों की शिकायत पर कबीरनगर पुलिस ने हत्या का प्रयास मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। फिरहाल किसी की गिरफ्तारी नही हो पायी है। पुलिस का कहना है कि दुकानदार और ग्राहक व साथ में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।


Date : 30-Mar-2020

मुख्यमंत्री की पहल पर संकटग्रस्त श्रमिकों को उपलब्ध करायी गई 68 लाख की सहायता
श्रमिकों के लिए भोजन-पानी, ठहरने, मास्क, सेनेटाईजर सहित वेतन भुगतान का लिया जायजा

रायपुर, 29 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त और जरूरतमंद श्रमिकों की सहायता के लिए अनेक उपाए किए गए हैं। इसके लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे संचालित हेल्पलाईन नम्बर 0771-2443809 और 91098-49992 में प्राप्त 413 सूचनाओं पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जरूरतमंद श्रमिकों को अब तक 68 लाख रूपए की सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के श्रमिकों को उनके प्रबंधकों के माध्यम से उनके खातों में 15 लाख रूपए एडवांस वेतन भी दिलाया गया है। श्रम विभाग द्वारा 2 हजार 957 जरूरतमंद श्रमिकों तक 214 किलो चावल और 10 किलो दाल भी पहुंचाया गया है। इस पहल से राज्य में स्थित विभिन्न कारखाना प्रबंधकों और ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिकों के लिए राशन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए करीब 57 लाख रूपए की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। 

श्रम विभाग के हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर श्रमिकों की समस्याओं को पंजीबद्ध कर तत्काल यथासंभव समाधान किया जा रहा है। रायगढ़ में श्रमिकों को 15 दिन के वेतन के बराबर एडवांस में 14 लाख 39 हजार 550 रूपए और कोरबा जिले में श्रमिकों को 60 हजार रूपए एडवांस सेलरी नियोजक द्वारा दिलवाया गया है।  

श्रम विभाग के निरीक्षण टीम द्वारा विभिन्न कारखानों का निरीक्षण कर श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखे जाने के लिए परामर्श एवं निर्देश दिए जा रहे हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कारखानों एवं निर्माणाधीन भवनों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति के संबंध में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में निरीक्षण के पश्चात श्रमिकों के भोजन आदि के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। 
 
श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा रायपुर जिलें के रांवाभाठा, सिलतरा, उरला, बोरझरा, जरवाय स्थित कारखानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा कारखाना प्रबंधन को श्रमिकों के पर्याप्त राशान-पानी उपलब्ध कराने, मास्क का उपयोग करने लोगों के बीच पर्याप्त दूरी बनाये रखने तथा इस संबंध में जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया। वहीं बलौदाबाजार जिले के रवान-हिरमी में कारखाना प्रबंधन को सभी ठेका एवं नियमित श्रमिकों को माह मार्च का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए, जहां कारखाना प्रबंधन द्वारा जल्द वेतन भुगतान करने का आश्वासन अधिकारियों को दिया गया। गरियाबंद जिले में लाईवलीवुड कॉलेज में कार्यरत श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर ही भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है। जिला धमतरी में कारखाना बंद है। महासमुन्द जिले के बेलसोंडा, बिरकोनी के कारखाना प्रबंधन को कारखाना परिसर के अंतर्गत निवासरत राज्य के बाहर के श्रमिकों के रहने एवं खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के चाम्पा, महुदा, अमझर सहित रायगढ़ जिले के कारखानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यरत समस्त श्रमिकों एवं कर्मचारियों को मास्क पहनने, सेनेटाईजर का उपयोग करने, साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही कारखाने के अंदर आने-जाने वाले निकटवर्ती गांवों में गरीब लोगों को खाने का पैकेट आदि वितरण की स्थिति का भी जायजा लिया। श्रमिकों के 15 दिन का वेतन पहले ही उनके खातों में जमा किया गया है। कारखाना के अंदर आने-जाने वाले श्रमिकों तथा कर्मचारियों का थर्मल मशीन द्वारा परीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। बस्तर (जगदलपुर) जिले के नगरनार में श्रमिकों के लिए पर्याप्त राशन आदि उपलब्ध कराने आदि निर्देशित किए गए हैं। दंतेवाड़ा जिले में कारखाना बंद है। 
        
इसी प्रकार अधिकारियों द्वारा सरगुजा जिले के तुर्रापानी, लखनपुर और चिकलीहीडीह तथा उदयपुर, दुर्ग जिले के रसमड़ा, जामुल, बेमेतरा जिले के कुसमी, करेली, पिरदा और कवर्धा जिले के पण्डरिया, कवर्धा के कारखानों का भी नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान श्रमिकों के लिए पेट्रोल एवं भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ मास्क और सेनेटाईजर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने जारी नियमानुसार सामाजिक दूरी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं।


Date : 29-Mar-2020

लॉक डाउन, परेशान लोगों को राशन देने में जुटे समाजसेवी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 29 मार्च। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स छत्तीसगढ़ इकाई ने कोरोना वायरस की महामारी के कारण हुए लॉक डाउन में जरूरतमंदों तक निशुल्क राशन पहुंचा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कफ्र्यू के एलान के तुरंत बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा ने पूरे छत्तीसगढ़ के लिए हेल्प लाइन नंबर दे कर संस्था की इस अनोखी पहल की शुरुआत की थी जिसमे संस्था रोज कमाने खाने वाले जरूरतमंदों एवं ऐसे बुजुर्ग जिनके बच्चे बाहर रह रहे हो उनको निशुल्क राशन वितरण कर रही हैं।

बताया गया कि संस्था ने रायपुर में ही लगभग 11 सौ परिवारों को मदद दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के अन्य नगरों एवं गांवों में भी अपने कार्यकर्ताओं और मित्रो के द्वारा जरूरतमंदों की मदद किया गया। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए आज प्रशासन के निवेदन पर संस्था ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास पटवा के नेतृत्व में 1 हजार परिवारों के लिए 7-10 दिनों का राशन रायपुर नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे की उपस्थिति में रायपुर स्मार्ट सिटी के जीएम आशीष मिश्रा के मार्फत प्रशासन को दिया। राशन में चावल, दाल, नमक, हल्दी दी जा रही है।

इस दौरान एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स से प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास पटवा, प्रदेश उपाध्यक्ष इंदर जग्गी, प्रदेश महासचिव पंकज कुकरेजा, प्रदेश कोषाध्यक्ष अतुल अग्रवाल, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्षा शिल्प नाहर, सचिव हरदीप कौर, सलाहकार अभय पारीक, विवेक साहू, अजय राठौड़, सुमीत गुप्ता, सुषमा समंतरॉय उपस्थित थे। इसके अलावा आज संस्था ने सरकारी हॉस्पिटलों में दिनरात कार्यरत 100 सफाई कर्मियों को भी निशुल्क राशन, सेनिटाइजर, मास्क दिया।इस लॉक डाउन के चलते बेजुबान जानवर खासकर गाय एवं कुत्तो के लिए भी आहार की दिक्कत आ गई है।

संस्था ने सुंदर नगर निवासी आनंद मिश्र की मदद से अगले 5-7 दिनों तक सुंदर नगर के आस पास राह रहे बेजुबान जानवरों के लिए पका चावल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इससे लगभग रोजाना 4 सौ-5 सौ जानवरो को भोजन देने की व्यवस्था की गई है। इस पूरी मुहिम में पूरे छत्तीसगढ़ से सहयोग करने के लिए सौ से ज्यादा व्यक्ति आगे आकर संस्था को अलग-अलग शहरों में मदद कर रहे हैं।


Date : 29-Mar-2020

चंपारण्य में फंसे श्रद्धालुओं को सीएम की पत्नी ने मदद पहुंचाई, गुजरात में भी सराहना

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 29 मार्च। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के संक्रमण के कारण देश व्यापी लॉग डाउन के चलते चंपारण अभनपुर में अहमदाबाद से आए तकरीबन 94 श्रद्धालु फंसे हुए है जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। इन महिलाओं को मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने पूरी मदद की। इसकी गुजरात में भी सराहना हो रही है।

तिवारी ने बताया कि चंपारण तीर्थ पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है यहां पर पुष्टिमार्ग के गुरु वल्लभाचार्य जी का जन्म स्थल है जहां पर पूरे देश और विदेश से श्रद्धालुओं का आवागमन पूरे वर्ष भर लगा रहता है इन श्रद्धालुओं के तकलीफ की जानकारी जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल को लगी तो उन्होंने तत्काल वहां पर कपड़े से बना हुआ 200 मास्क, 100 से अधिक एंटीसेप्टिक साबुन और दूध के पैकेट की व्यवस्था करवाई। श्रीमती बघेल ने वहां पर रुके हुए सभी श्रद्धालुओं से शांति बनाने की अपील की और कहां की उनके दवा एवं अन्य रोजमर्रा के सामग्रियों की व्यवस्था करवाई जाएगी।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने बताया कि श्रीमती बघेल के इस दरियादिली और सहयोग को देखकर गुजरात राज्य से आए हुए श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू आ गये और उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके धर्मपत्नी के कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा कि हजारों किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ प्रदेश में अपने पन का अहसास हो रहा है।


Date : 29-Mar-2020

कोरोना प्रकोप, मीटर रीडिंग-बिलिंग और बिजली की नई दरें सब कुछ रूका

 नई दरों की घोषणा अप्रैल के आखिरी में संभव

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 29 मार्च। कोरोना संक्रमण के चलते मीटर रीडिंग और बिलिंग को टाल दिया गया है। बिजली की नई दरें भी अब अप्रैल के आखिरी में घोषित की जाएंगी और नई दरें एक मई से लागू हो सकती है। नई दरें घोषित होने तक पुरानी दरें प्रभावशील रहेंगी।

राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन डीएस मिश्रा ने 'छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि नियमों में यह साफ है कि बिजली की नई दरें घोषित होने तक पुरानी दरें ही प्रभावशील रहती हैं। कोरोना प्रकोप के चलते लॉक डाउन है। ऐसी स्थिति में नई दरों की घोषणा नहीं की जा रही है। बताया गया कि आयोग ने 31 मार्च से पहले बिजली की नई दरें घोषित करने की तैयारी थी, जो कि एक अप्रैल से लागू होती। मगर फिलहाल नई दरों की घोषणा टाल दी गई है।

सूत्र बताते हैं कि आयोग ने नई दरों की घोषणा को लेकर ज्यादातर तैयारियां पूरी कर ली है। जन सुनवाई हो चुकी है। लॉक डाउन की वजह से दफ्तर बंद है। इस वजह से आगे का काम अटका पड़ा है। लॉक डाउन खत्म होने के बाद हफ्तेभर के भीतर नई दरों की घोषणा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएगी। माना जा रहा है कि अप्रैल के आखिरी में नई दरों की घोषणा हो सकती है। बदली परिस्थितियों में बिजली की नई दरें यथावत रखी जा सकती है या थोड़ी बहुत बढ़ोत्तरी हो सकती है।

इससे परे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी ने बिजली मीटर रीडिंग कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। ऐसे उपभोक्ता जिनकी मीटर रीडिंग नहीं हुई है उन्हें अक्टूबर 2018 से सितम्बर 2019 में खपत की गई बिजली के आधार पर औसत बिल जारी किया जायेगा। इस बिल में राज्य शासन की हाफ रेट पर बिजली योजना के तहत् 4 सौ यूनिट तक की छूट का लाभ फिलहाल प्रदान नहीं किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में प्रभावित उपभोक्ताओं के हित को दृष्टिगत रखते हुए यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी माह में वास्तविक विद्युत खपत के आधार पर जारी होने वाले बिजली बिल में उन्हें उक्त योजना के अन्तर्गत  एकमुश्त  दो  माह का लाभ ( 400़$ 400 कुल 800 यूनिट) अर्थात 800 यूनिट तक छूट का लाभ दिया जायेगा।

दूसरी तरफ, जन सुनवाई में उद्योगों से लेकर आम लोगों तक बिजली की दरों में छूट की मांग आई है। साथ ही गुणवत्ता को लेकर एक-दो संगठनों ने आयोग से निगरानी का आग्रह किया गया था।

उनका कहना था कि बहुत ज्यादा बिजली गुल (पॉवर फेल) होता है। जिससे हर किसी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह भी कहा गया कि उपभोक्ता पूरे महीने का डिमांड चार्ज क्यों दे? वह सिर्फ निर्धारित समय का ही लगना चाहिए। इससे परे राज्य पॉवर कंपनियों ने आयोग के समक्ष प्रस्तावों में कंपनियों ने 3233 करोड़ रुपए का घाटा दर्शाया। हालांकि कंपनियां सीधे दरों में वृद्धि की मांग नहीं कर सकती हैं, मगर इनके द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से दरों में वृद्धि की बात रखी गई थी।