राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : रिश्ते सुधारने का मौसम

Posted Date : 15-May-2018

विधानसभा चुनाव में अभी 6 महीने बाकी हैं और ज्यादातर भाजपा विधायकों को अपनी टिकट की चिंता सता रही है। कुछ विधायकों ने अपनी टिकट तय मानकर बकायदा प्रचार भी शुरू कर दिया है और वॉल राइटिंग भी करा रहे हैं। पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं के बैठकों में यह संकेत देने पर कि जीतने लायक को ही टिकट दी जाएगी, विधायकों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। कहा जा रहा है कि टिकट वितरण में न सिर्फ निजी एजेंसियों की सर्वे रिपोर्ट बल्कि जिला प्रशासन की राय भी अहम होगी। सुनते हैं कि कई विधायकों ने जिला प्रशासन के आला अफसरों से संपर्क बढ़ाना भी शुरू कर दिया है। प्रशासनिक अफसर भी एक कदम आगे जाकर विधायकों को सलाह भी दे रहे हैं कि मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कैसे बनाई जाए। प्रशासनिक अधिकारियों की सलाह मानकर कुछ विधायक सीट बदलने की संभावना भी टटोल रहे हैं। पहले कुछ विधायक कलेक्टर और अन्य अफसरों को बदलने के लिए दबाव बनाए हुए थे, वे भी पिछले माह के कलेक्टरों की तबादला सूची देखकर ठंडे पड़ गए। उन तक यह जानकारी छनकर आई है कि विधानसभा अध्यक्ष से लेकर मंत्रियों तक ने अपनी तरफ से जो नाम सुझाए थे, उन पर गौर ही नहीं किया गया। ऐसे हालात में अब विधायक, कलेक्टरों से अब संबंध सुधारने और उनके सुझावों पर अमल करने में जुट गए हैं। 

रामविचार रिश्ता बना आए...
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार के लिए प्रदेश से सिर्फ दो ही नेता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम गए थे। मुख्यमंत्री ने कई रोड शो और सभाओं को संबोधित किया। लेकिन रामविचार नेताम को पार्टी ने अलग ही जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें बेल्लारी के चार विधानसभाओं का प्रभारी बनाया गया था। यह इलाका खनन माफिया रेड्डी बंधुओं का गढ़ माना जाता है और यहां से रेड्डी बंधुओं में से दो भाई भाजपा की टिकट से चुनाव मैदान में थे। दोनों ने ही जीत हासिल की। सुनते हैं कि रेड्डी बंधुओं से नेताम की अच्छी जान पहचान हो गई है। कुछ लोग यह भी कह रहे हंै कि यदि रामविचार या उनके परिवार के कोई सदस्य विधानसभा चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो रेड्डी बंधु कर्जा जरूर उतारेंगे। (rajpathjanpath@gmail.com)


Related Post

Comments