राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : बृजमोहन की तारीफ, और तकलीफें

Posted Date : 12-Jun-2018


भाजपा के मुखिया अमित शाह ने अंबिकापुर की सभा में अपने संबोधन में बृजमोहन अग्रवाल को प्रदेश का बड़ा नेता कहकर पार्टी नेताओं को चौंका दिया। बृजमोहन को लेकर अमित शाह की टिप्पणी उस वक्त आई, जब मंच पर सीएम के अलावा नंदकुमार साय, सरोज पाण्डेय, रामविचार नेताम, विष्णुदेव साय, धरमलाल कौशिक सहित सरकार के अन्य मंत्री विराजमान थे। 
हालांकि बृजमोहन के कद को लेकर कोई दो राय नहीं रही है। वे पार्टी के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जो दंतेवाड़ा से लेकर कोरिया तक के पार्टी कार्यकर्ताओं को नाम से जानते हैं। जहां तक चुनावी राजनीति का सवाल है, वे रिकॉर्ड वोटों से जीतते रहे हैं। चुनाव प्रबंधन में उनका कोई मुकाबला नहीं है। वे छिंदवाड़ा लोकसभा उप चुनाव में अविभाजित मप्र के पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा के चुनाव संचालक रह चुके हैं। राज्य बनने के बाद ज्यादातर उपचुनाव में उन्हें ही कमान सौंपी गई और अनुकूल माहौल न होने पर भी पार्टी प्रत्याशी को जिताकर अपना लोहा मनवाया।
तमाम खूबियों के बावजूद इस दिग्गज नेता को जलकी प्रकरण के चलते कोर्ट-कचहरी के झंझट से मुक्ति नहीं मिल पाई है। सुनते हैं कि इस प्रकरण के चलते एक समय ऐसा भी आ गया था जब उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता था। सीएम से उनके मतभेद सार्वजनिक भी हो गए थे। ऐसे में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बृजमोहन के पुराने मित्र व पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय उनके लिए संकटमोचक बनकर सामने आए और फिर मंत्रिमंडल में फेरबदल टल गया। चुनाव में कुछ महीने ही बाकी है। ऐसे में हाईकमान पार्टी नेताओं के बीच आपसी मतभेद को हर हाल में खत्म करने की कोशिश में जुटा है और इन सबके बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष का बृजमोहन को बड़ा नेता बताकर उनके महत्व को बरकरार रखने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी तरफ सरकार की तरफ से बृजमोहन अग्रवाल को यह सलाह दी गई है कि वे समय रहते जमीनों के अपने मामले निपटा लें क्योंकि हाईकोर्ट ने भी इसे लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है, और हाईकोर्ट ने जमीनों के मामले को लेकर याचिका दाखिल करने वाली किरणमयी नायक चुनाव याचिका से लेकर यहां तक, कहीं भी बृजमोहन के सामने ढीली नहीं पड़ी हैं।

एक के बाद दूसरी कामयाबी
पहले चरण की विकास यात्रा के समापन के मौके पर पीएम की भिलाई सभा में भीड़ जुटाने की भरसक कोशिश हो रही है। अमित शाह की अंबिकापुर सभा की तुलना में यहां भीड़ कम न हो, इसके लिए सरकार और भाजपा संगठन ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। सरकार के दोनों मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय और राजेश मूणत लगातार बैठक ले रहे हैं। खुद सीएम कार्यक्रम की तैयारियों पर निगाह रखे हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों में कोई कमी न रह जाए, यह देखने के लिए सरगुजा कलेक्टर किरण कौशल को स्टेट प्लेन से दुर्ग भेजा गया। 
अंबिकापुर में न सिर्फ अमित शाह बल्कि उससे पहले सीएम की जितनी भी सभाएं हुई है, उसमें भारी भीड़ जुटी थी। इसका श्रेय किरण कौशल को दिया जाता है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब कलेक्टर के रहते दूसरे जिले के कलेक्टर को किसी जिले में भेजा गया हो। जबकि एसीएस आरपी मंडल पीएम के पूरे कार्यक्रम इंचार्ज हंै। मंडल रायपुर-बिलासपुर जिलों के सफल कलेक्टर रहे हैं। मंडल के साथ-साथ कमिश्नर बृजेशचंद्र मिश्रा भी वहां हैं। पुलिस में आईजी जीपी सिंह का वैसे भी कोई तोड़ नहीं है। प्रशासनिक और सुरक्षा इंतजाम में माहिर इन दिग्गजों के बीच किरण कौशल को भेजे जाने का फैसला हैरान करने वाला भी है। लेकिन ऐसा समझा जा रहा है कि मुंगेली और उसके बाद अंबिकापुर में सीएम का हर सरकारी कार्यक्रम किरण कौशल ने बड़ी खूबी से कामयाब किया है। (rajpathjanpath@gmail.com)


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