राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : कौन-कौन नहीं लड़ेंगे...

Posted Date : 30-Jun-2018

भाजपा के अंदरखाने में यह चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन पर सभी 90 सीटों में चुनाव संचालन की रणनीति बनाने की जिम्मेदारी होगी। सीएम ने पार्टी हाईकमान को उन्हें राज्यसभा में भेजने के लिए तैयार भी कर लिया था, लेकिन अपनी गलतियों के कारण कौशिक राज्यसभा में जाने से रह गए।
पार्टी नेताओं के बीच चर्चा है कि खुद मुख्यमंत्री राजनांदगांव से चुनाव लड़ेंगे। कौशिक भी चुनाव लड़ते हैं, तो चुनाव प्रचार की रणनीति प्रभावित हो सकती है। वैसे भी, उनकी परंपरागत बिल्हा सीट आसान नहीं रह गई है। यदि पार्टी सरकार में आती है, तो उनके लिए राज्यसभा में जाने का रास्ता आसान हो जाएगा। या फिर पार्टी उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ा सकती है। कुल मिलाकर चुनाव न लड़कर भी कौशिक फायदे में रहेंगे। लेकिन कुछ और नेता भी ऐसे हैं जिन्हें विधानसभा के बजाय अगला लोकसभा चुनाव लडऩा खुद के लिए भी बेहतर लग रहा है, और पार्टी भी ऐसा कर सकती है। चुनाव या बिना चुनाव, ऐसी भी चर्चा है कि अमर अग्रवाल को दिल्ली ले जाया जा सकता है क्योंकि जीएसटी की दर्जनों बैठकों में केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली उनसे भारी प्रभावित बताए जाते हैं। 

वन विभाग का अच्छा साल
वन विभाग के सबसे बड़े अफसरों की एक प्रमोशन लिस्ट बैठक हो जाने के बाद भी करीब महीने भर से रूकी हुई है। विभाग के एसीएस सी के खेतान पढऩे के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय गए हुए थे, और अब अधिक पढ़-लिखकर लौटकर हो सकता है कि वे विभाग की फाईल को ऊपर तेजी से करवा सकें। वैसे वन विभाग के लिए यह साल शायद इतिहास का सबसे अच्छा साल होगा जब कई आला अफसरों के ऊपर से चल रही जांच और कार्रवाई का खात्मा हुआ, और बहुत से अफसरों के प्रमोशन हुए, और पूरा वन विभाग नया रायपुर में एक नई विशाल इमारत में चले गया। तेंदूपत्ता के धंधे में खूब कमाई हुई और लाखों लोगों में बोनस बंटा। आखिर सबसे गरीब तेंदूपत्ता संग्राहकों की दुआ काम तो आती ही है।


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