राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : जोगी की ताकत कैसे बढ़े?

Posted Date : 07-Aug-2018

जोगी पार्टी से कांग्रेस को चुनाव में नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है। पर कई जगहों पर जोगी पार्टी के प्रत्याशी से फायदे की भी उम्मीद है। मसलन, जोगी पार्टी ने दुर्ग शहर से प्रताप मध्यानी को प्रत्याशी बनाया है। मध्यानी की सिंधी समाज में अच्छी पकड़ है और ये भाजपा के परंपरागत वोटर माने जाते हैं। यदि मध्यानी को समाज के वोटरों का साथ मिला, तो भाजपा प्रत्याशी को ज्यादा नुकसान हो सकता है। इसी तरह शराब कारोबारी जनरैल सिंह भाटिया को जोगी पार्टी ने खुज्जी से टिकट दी है। जबकि भाजपा से पूर्व मंत्री रजिन्दर पाल सिंह को भाजपा टिकट की संभावना जताई जा रही है। यदि पूर्व मंत्री भाटिया को भाजपा उम्मीदवार बनाती है, भाटिया वर्सेस भाटिया के चलते कांग्रेस की राह आसान हो सकती है। यानी साफ है कि कई सीटों पर जोगी पार्टी निर्णायक भूमिका में होगी। यह एक अलग बात है कि वह पलड़े को किस तरह झुकाएगी इसे लेकर जितने मुंह, उतनी बातें हैं। हालांकि अधिक लोग यह मानते हैं कि जोगी की ताकत जितनी बढ़ेगी, कांगे्रस को नुकसान उतना ही बढ़ेगा और भाजपा उतने ही मजे में रहेगी। अब जोगी की ताकत को बढ़ाने के लिए कई लोगों के पास कई किस्म के फार्मूले हैं, देखें, चुनाव तक कौन-कौन से इस्तेमाल होते हैं।

हाथी के खतरे और उम्मीदें
क्या कांग्रेस और बसपा का गठबंधन होगा? यह सवाल दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय है। कांग्रेस के बड़े नेता मान रहे हैं कि गठबंधन को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन बसपा के नेता इतनी सीटें मांग रहे हैं कि बात आगे नहीं बढ़ पा रही है। इन चर्चाओं से परे यह जानकारी छनकर आई है कि दोनों ही दल मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। कहा जा रहा है कि कांग्रेस, बसपा के लिए 8 सीट छोडऩे के लिए तैयार है और इस पर सहमति बनने के करीब है।
सुनते हैं कि जो फार्मूला तय हुआ है उसके मुताबिक कांग्रेस वह सीट बसपा के लिए छोड़ सकती है, जिसे बसपा ने पिछले चुनावों में कभी जीता था। ऐसी चार सीटें चिन्हित की गई, जिनमें बेलतरा (पहले सीपत), पामगढ़, जैजेपुर और सारंगढ़ हैं। कांगे्रस चार ऐसी सीटें छोडऩे के लिए भी तैयार हो गई है, जिसमें बसपा कभी दूसरे या तीसरे स्थान पर रही है। इनमें बिलाईगढ़ (भटगांव), चंद्रपुर, नवागढ़ और आरंग है। इन सीटों पर बसपा निर्णायक भूमिका में रही है। हालांकि गठबंधन को लेकर कांग्रेस में एक राय नहीं है। फिर भी कुछ लोग मानते हैं कि बसपा के वोट ट्रांसफर होते हैं और इससे कांग्रेस को बड़ा फायदा होगा। बहरहाल आने वाले दिनों में इसको लेकर खुलासा हो सकता है।


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