राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : कमल न मिला तो फिर कीचड़?

Posted Date : 14-Sep-2018

भाजपा में औपचारिक रूप से प्रत्याशी के चयन की प्रक्रिया भले ही शुरू नहीं हुई है, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का हवाला देकर कुछ विधायकों को उनकी हालत का अहसास कराया जा रहा है। ऐसे ही दुर्ग संभाग के एक विधायक को साफ तौर पर बता दिया गया कि सर्वे रिपोर्ट में उनकी हालत अच्छी नहीं है। टिकट कटने का संकेत मिलते ही इस विधायक ने पार्टी के दूसरे असंतुष्ट नेताओं से मेल-जोल बढ़ाना शुरू कर दिया है।  सुनते हंै कि एक  जगह असंतुष्ट नेता आपस में चर्चा के लिए एकत्र भी हुए थे। फिलहाल यह तय किया गया है कि टिकट की अधिकृत घोषणा का इंतजार किया जाए। इसके बाद पूरे जिले में पार्टी और सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ी जाएगी। इसमें किसान संगठनों को आगे किया जाएगा। पहले भी असंतुष्ट नेता किसानों की समस्याओं को लेकर अच्छी भीड़ जुटा चुके हैं। जानकारों का अंदाजा है कि असंतुष्ट गतिविधियां तेज हुई, तो भाजपा को राजनांदगांव और कवर्धा व बेमेतरा जिले में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

कारोबार को चुनावी राहत
चुनावी साल में वोटरों को लुभाने के लिए गिफ्ट बांटने का सिलसिला शुरू हो गया है। रक्षा बंधन से इसकी शुरूआत हुई थी। इसमें रायपुर के एक भाजपा विधायक ने रक्षाबंधन के पहले अलग-अलग स्तरों पर कार्यक्रम रख करीब दो हजार से अधिक महिलाओं को साडिय़ां और अन्य उपहार बांटे थे। सुनते हैं कि बस्तर की एक महिला भाजपा नेत्री ने साडिय़ों का लंबा-चौड़ा आर्डर दिया है। चुनाव आचार संहिता के पहले इसका वितरण भी हो जाएगा। नोटबंदी और जीएसटी की मार झेल चुके कपड़ा व्यापारियों के लिए चुनावी साल में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कारोबारी भी मानते हैं कि सोने की तुलना में कपड़ा कारोबार के चमकने की उम्मीद ज्यादा है। 

 


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