राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : विधानसभाध्यक्ष की मेज पर है

Posted Date : 04-Dec-2018

जोगी समर्थक विधायक आर के राय, सियाराम कौशिक और अमित जोगी की सदस्यता खत्म करने की याचिका पर फैसला पेंडिंग हैं। कहा जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल की टेबल पर फाइल पड़ी है, लेकिन इस पर वे फैसला नहीं ले पाए हैं। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और अन्य कांग्रेस विधायकों ने तीनों विधायकों की सदस्यता खत्म करने के लिए विधानसभा सचिवालय को आवेदन दिया था। 
कांग्रेस विधायक दल की याचिका पर तीनों विधायकों को नोटिस जारी किया गया था और काफी पहले तीनों जवाब भी दे चुके हैं। हालांकि दलबदल के फैसले का अब कोई ज्यादा महत्व भी नहीं है, क्योंकि चुनाव हो चुके हैं और 11 तारीख के बाद नए विधायक शपथ लेंगे। फिर भी इस बात को लेकर उत्सुकता है कि विधानसभा चुनाव परिणाम के पहले तीनों विधायकों की सदस्यता को लेकर कोई फैसला आता है या नहीं। 
अलग-अलग किस्म के भीतरघात
भाजपा ने 7 तारीख को अपने प्रत्याशियों की बैठक रखी है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में भाजपा के कई प्रत्याशी भीतरघात की शिकायत कर सकते हैं। धमतरी में कुछ अलग ही तरह की शिकायत सामने आ रही है। सुनते हैं कि यहां के जिला पदाधिकारियों ने कांग्रेस का काम किया। जबकि कांग्रेस के बड़े पदाधिकारियों ने भाजपा प्रत्याशी का साथ दिया। भीतरघात से बड़े नेता भी जूझते रहे हैं। चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष, नगरीय प्रशासन मंत्री सहित कई नेताओं के खिलाफ भी पार्टी के कुछ नेताओं ने मोर्चाबंदी की थी। पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी को कई कांग्रेस नेता मदद पहुंचा रहे थे, तो कुछ दिग्गज भाजपा नेताओं की सद्भावना कांग्रेस प्रत्याशी उमेश पटेल के साथ थी। चूंकि चार महीने बाद लोकसभा के चुनाव हैं, ऐसे में दिग्गजों के खिलाफ शिकायतें सुनी जाएगी, इसकी संभावना कम है। फिर यह बात भी अपनी जगह है कि भीतरघात करके विपक्षी को मदद पहुंचाने के मामले में दोनों ही पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं के बीच जिस तरह का भाईचारा (चूंकि महिलाओं का नाम सामने नहीं आया है इसलिए बहनचारा लिखना ठीक नहीं है) सामने आया है, उसमें अब मामले को न कुरेदा जाए तो ही बेहतर है।
(rajpathjanpath@gmail.com)


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