राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सुंदरानी की उम्मीद कम नहीं

Posted Date : 06-Dec-2018

भाजपा के रणनीतिकार रायपुर उत्तर की सीट को कमजोर मानकर चल रहे हैं, पर पार्टी प्रत्याशी श्रीचंद सुंदरानी ऐसा नहीं मानते। सुंदरानी से जुड़े लोगों का दावा है कि अंतिम तीन दिनों में विशेषकर बस्तियों के वोटरों को अपने पाले में करने के लिए काफी कुछ किया गया। इससे माहौल बदल गया। सुनते हैं कि पिछले दिनों पार्टी के एक बड़े नेता ने सुंदरानी की जीत पर संदेह जता दिया। इसके बाद सुंदरानी अपने अध्यात्मिक गुरू गुलाब बाबा का आशीर्वाद लेने सतना निकल गए। उन्हें बाबा पर भरोसा है और उम्मीद है कि मतगणना के बाद पार्टी के बड़े नेताओं की धारणा बदलेगी। 

मैत्रीपूर्ण मैच?
रायपुर दक्षिण के प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी जीत के दावे किए जा रहे हैं। उनके समर्थकों का अंदाजा है कि पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक वोटों से जीत हासिल होगी। यानी करीब 40 हजार वोटों से जीत का दावा किया जा रहा है। रायपुर दक्षिण में करीब एक लाख 47 हजार वोट पड़े हैं। इसमें से बृजमोहन को 80 हजार के आसपास वोट मिलने की उम्मीद जताई गई है। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया अग्रवाल को 35 हजार के आसपास वोट मिलने का आंकलन किया गया है। बाकी वोट निर्दलियों के खाते में जा सकते हैं। 
हालांकि रायपुर और आसपास में कुछ हद तक बदलाव की हवा चलने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद इतनी बड़ी जीत के दावे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही है। हल्ला यह भी है कि रायपुर दक्षिण में एक तरह से मैत्री मैच खेला गया। इस विधानसभा क्षेत्र के एक हिस्से में दोनों ही दलों के लोग जिस तरह मिलकर प्लॉटिंग कर रहे हैं, उससे मैत्रीपूर्ण मैच की चर्चाओं को बल मिला है। खैर, चुनाव नतीजे के बाद सारी तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।  

स्टिंग बाजार का सन्नाटा
चुनाव के पहले तरह-तरह के स्टिंग ऑपरेशनों में जितनी खलबली मचाई थी, वह सब अचानक शांत हो गई है। लोगों को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। कई और लोगों के नाम स्टिंग ऑपरेशनों में गिनाए गए थे, तस्वीरें भी दिखाई गई थीं, लेकिन उनमें से कम से कम तीन ऐसे बड़े नाम रहे जिनका स्टिंग कभी सामने आया ही नहीं। इसके अलावा राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि बड़ी संख्या में अफसरों के स्टिंग मौजूद थे, और वे एक साथ दफन करवा दिए गए। एक भी अफसर का स्टिंग बाद में नहीं आ पाया। चर्चाओं के सिर-पैर तो होते नहीं, इसलिए वे कितने नंबर का जूता पहनती हैं, यह कैसे पता लगेगा, लेकिन जो भी हुआ हो, बहुत से अफसर राहत से हैं, चाहे सरकार जो भी आए वे कम से कम स्टिंग को लेकर महफूज हैं। अब यह राहत सामग्री कैसे जुटाई गई इसे लेकर जितने मुंह, उतनी बातें। 

दिल बड़ा हो, तो दोस्त बनते हैं और, अक्ल बड़ी हो तो दुश्मन!

घमंड शराब जैसा होता है साहब,
खुद को छोड़कर सबको पता चलता है कि इसको चढ़ गई है।

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दिल से लिखता हूं इसलिए कम बिकता हूं...

23 साल पहले पूजा भट्ट की फिल्म आई थी 'सड़कÓ, और अब उसकी बहन आलिया भट्ट की फिल्म आई है 'हाईवे'।

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पेट्रोलियम कीमतों को लेकर फ्रांस में व्यापक आगजनी हो रही है 
हम लोग यहां 4 साल से ख़ुशी-ख़ुशी अपनी राहजनी करवाते रहे

बजरंग बली हनुमान क्षत्रिय थे और उनका ताल्लुक जैन धर्म से था - जैन मुनि आचार्य निर्भय सागर

क्या हनुमानजी के सभी मंदिरों में पुजारी का पद दलित वर्ग के लिए आरक्षित होगा ? 
ऐसी मांग अब जगह जगह से उठ रहीं है।


तीनों राज्यों में आ सकती है कांग्रेस की सरकार..?
बस कर पगले रुलाएगा क्या..

(rajpathjanpath@gmail.com)


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