राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : पतझड़ के पत्तों से अधिक रफ्तार से छोड़ रहे हैं वॉट्सऐप-ग्रुप...

Posted Date : 09-Jan-2019

छत्तीसगढ़ सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे बीवीआर सुब्रमण्यम अभी कश्मीर के मुख्य सचिव हैं। छत्तीसगढ़ में रहते हुए उन्होंने गृह विभाग का प्रभारी रहते हुए भी कभी मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया, फोन पर बात नहीं की, एसएमएस का जवाब नहीं दिया। रमन सरकार के वक्त सबसे अधिक बदनामी की जड़ रहा गृह विभाग ऐसे संपर्कहीन एसीएस को देखता रहा। फिर अचानक उन्हें कश्मीर का मुख्य सचिव बनाया गया, और वे चले गए। 
अब ऐसे संपर्कहीन अफसर ने कश्मीर जाने के बाद वॉट्सऐप पर एक ग्रुप बनाया है जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित देश भर के करीब सवा सौ आईएएस, आईपीएस लोगों को जोड़ा है, और उसमें कुछ दूसरे प्रमुख लोग भी जोड़े गए हैं। छत्तीसगढ़ के एक रिटायर्ड मुख्य सचिव सुनिल कुमार का हमनाम होने की वजह से इस नाम के एक अखबारनवीस को भी सुब्रमण्यम ने इस ग्रुप में जोड़ दिया है जबकि इस राज्य में रहते हुए उन्होंने इससे कभी बात नहीं की, कभी फोन नहीं उठाया, कभी संदेश का जवाब नहीं दिया, लेकिन कश्मीर से बनाए इस ग्रुप में उसे भी जोड़ लिया, रिटायर्ड आईएएस समझकर। 
सुब्रमण्यम ने इस ग्रुप में अपने मोबाइल नंबर भी अपने नाम-ओहदे के साथ लिखकर पोस्ट किया। इसके बाद जितने लोगों को उन्होंने ग्रुप में जोड़ा उसमें से अधिकतर लोग ग्रुप को इस रफ्तार से छोड़ते चले गए जिस रफ्तार से पतझड़ के मौसम में पत्ते पेड़ को छोड़ते चले जाते हैं। इसके बाद खुद सुब्रमण्यम ने यह ग्रुप छोड़ दिया। नतीजा यह हुआ कि छत्तीसगढ़ के एक दूसरे आईएएस समीर बिश्नोई अपने आप इस ग्रुप के एडमिन बन गए जो कि वॉट्सऐप की तकनीक की वजह से अपने आप होने वाली एक व्यवस्था है। फिर धीरे-धीरे इसमें लोगों ने देसी इलाज से लेकर सौ तरह की दूसरी चीजें पोस्ट करना शुरू कर दिया, और लोगों का ग्रुप छोडऩा भी जारी रहा। अब हालत यह है कि प्रधानमंत्री के छांटे हुए सुब्रमण्यम के बनाए हुए इस वॉट्सऐप ग्रुप में प्रधानमंत्री का मखौल उड़ाने वाले बहुत सारे पोस्टर पोस्ट किए जा रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग हक्का-बक्का हैं। इस ग्रुप से लोगों के छोडऩे की रफ्तार देखें तो ऐसा लगता है कि जितने लोग जोड़े गए थे शायद उससे ज्यादा लोग इसे छोड़ चुके हैं। 
मतलब यह कि वॉट्सऐप का ग्रुप बनाकर लोग हमेशा के लिए उस ग्रुप से अपना नाम ऐसा जोड़ लेते हैं कि वह फिर छोड़े नहीं छूटता। खुद तो ग्रुप छोड़ सकते हैं, लेकिन फिर वह बेकाबू चलते रहता है, और तबाही करते रहता है। rajpathjanpath@gmail.com


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