राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : हवाई जाति प्रमाणपत्र हवा हुआ

Posted Date : 07-Feb-2019

बैतूल की भाजपा सांसद ज्योति धुर्वे फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में  उलझ गई हैं। मध्यप्रदेश की राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने उनके जाति प्रमाण पत्र पर संदेह जताया है। और एक-दो दिन में समिति इस पर ऑर्डर कर सकती है। मध्यप्रदेश के सांसद की जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने की खबर से छत्तीसगढ़ भाजपा में भी हड़कंप मचा हुआ है।  

ज्योति धुर्वे छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। और उनका जाति प्रमाण पत्र भी रायपुर में बना था। सुनते हैं कि लोकसभा चुनाव के पहले पार्टी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी के निज सचिव चार्टर प्लेन लेकर रायपुर आए थे और वे हाथों-हाथ ज्योति का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर गए थे।  चर्चा है कि तहसीलदार ने ज्योति का जाति प्रमाण पत्र बनाने से मना कर दिया था तब प्रदेश सरकार के एक मंत्री को सीधे दखल देना पड़ा, तब कहीं जाकर उनका जाति प्रमाण पत्र बन पाया। अब राज्यस्तरीय छानबीन समिति पर निगाहें टिकी हुई है, इससे सारे तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है। इससे भाजपा के लोग भी बेचैन हैं। 

छत्तीसगढ़ के शत्रुघ्न सिन्हा
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के तेवर से भाजपा के रणनीतिकार परेशान हैं। कंवर ने पहले भूपेश सरकार की कर्जमाफी नीति की तारीफों के पुल बांधे, और फिर पिछली सरकार में पॉवरफुल रहे अफसर मुकेश गुप्ता और अमन सिंह के खिलाफ जांच बिठवाकर पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। सर्वविदित है कि दोनों ही अफसर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के बेहद करीबी रहे हैं। 

सुनते हैं कि कंवर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वे विधानसभा के बजट सत्र में भी अपने तेवर दिखा सकते हैं। एक तरफ भाजपा भूपेश सरकार पर बदलापुर की राजनीति का आरोप लगा रही है, ऐसे में कंवर के सुर अलग होने से पार्टी के लोग पशोपेश में हैं। चर्चा है कि कंवर ने अपने करीबी लोगों को यह साफ शब्दों में कह दिया है कि वे अगला विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी नेता प्रतिपक्ष बनने की इच्छी थी, लेकिन उन्हें यह दायित्व नहीं सौंपा गया। अब उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं रह गई है। 

कंवर अफसरों के बहाने एक तरह से रमन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। कहा जा रहा है कि वे इस बात से ज्यादा नाराज हैं कि उन्हें हराने के लिए रमन सिंह के करीबी लोगों ने विरोधियों को साधन-सुविधाएं मुहैया कराए थे। इसमें सच्चाई कितनी है यह साफ नहीं है, लेकिन कंवर के बागी तेवर से पूर्व सीएम रमन सिंह को परेशानी उठानी पड़ सकती है। कंवर को अनुशासनात्मक कार्रवाई की कोई परवाह नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि कंवर को पार्टी के भीतर रमन सिंह के विरोधियों का खूब समर्थन मिल रहा है। ऐसे में भाजपा के अंदरखाने में खींचतान और तेज होने के आसार दिख रहे हैं। कुल मिलाकर ननकीराम कंवर छत्तीसगढ़ में भाजपा के शत्रुघ्न सिन्हा हो गए हैं जो रोज लीडरशिप पर नाम लिए बिना हमला करते हैं, और पार्टी अगले चुनाव में टिकट काटने से परे उनका और कुछ नहीं कर पा रही है। 
(rajpathjanpath@gmail.com)


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