राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : पीछे के दरवाजे का राज

Posted Date : 10-Feb-2019

प्रदेश के ताकतवर पुलिस अफसर मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह के खिलाफ निलंबन और अपराधिक प्रकरण दर्ज की कार्रवाई से हड़कंप मचा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब डीजी स्तर के अफसर गुप्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। जबकि एसपी स्तर के अफसर पहले भी निलंबित हुए हैं। जीरम मामले में मयंक श्रीवास्तव को निलंबित किया गया था। 

करीब 15 साल पहले हाईप्रोफाईल रामअवतार जग्गी मर्डर केस में सबूत मिटाने और झूठे सबूत गढऩे के आरोप में तीन पुलिस अफसर एएस गिल, वी के पांडेय और राकेश त्रिवेदी के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था। सीबीआई ने इस प्रकरण की जांच की थी। तीनों जेल में रहे और फिर बाद में नौकरी भी चली गई। ये अलग बात है कि इस घटना के दौरान रायपुर एसपी रहे मुकेश गुप्ता का बाल-बांका भी नहीं हुआ। इस बार प्रकरण सीबीआई ने नहीं, बल्कि ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया है, जहां के आरोपी अफसर खुद वहां मुखिया रहे हैं। अब दोनों ही अफसरों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। 

सोशल मीडिया में चल रही एक खबर चर्चा में है, जिसमें यह कहा गया कि डीजी मुकेश गुप्ता ने अपने सरकारी निवास के पीछे की बाउंड्रीवॉल तुड़वाकर नया छोटा दरवाजा तैयार करवाया है। सुनते हैं कि सरकार बदलते ही इस ताकतवर अफसर के घर आने-जाने में कई लोगों को दिक्कत हो रही थी। इनमें एक शराब कारोबारी भी हैं, जिन्हें अक्सर वहां देखा जाता था। खैर, मुश्किलों में घिरे इस अफसर के खैरख्वाहों की कमी नहीं है। अब आने-जाने में दिक्कत न हो, इसलिए छोटा-सा दरवाजा बन गया, तो किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। 

कुछ फंसे, कुछ फंसेंगे, सबको सबक

राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में आए रजनेश सिंह की गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती रही है। ईओडब्ल्यू में पदस्थापना अवधि के दौरान काफी चर्चित रहे। सुनते हैं कि रजनेश का एक बार रमन सरकार में पावरफुल रहे एक आईएएस अफसर के साथ विवाद हुआ। चर्चा है कि बात बढ़ी तो  रजनेश ने आईएएस अफसर को बुरी तरह लताड़ दिया। अफसर ने तुरंत सीएम सचिवालय के ताकतवर अफसर को घटना की जानकारी दी। इसके  बाद उन्होंने रजनेश और आईएएस अफसर को बिठाकर दोनों के बीच सुलह कराई। तब रजनेश को आईपीएस अवॉर्ड भी नहीं हुआ था। अब बदले हुए हालात में कल की ताकत आज जिस तरह हवा हुई है, उसे देखकर सरकार में बैठे बहुत से लोग बंद कमरे की आपसी चर्चा में यह कहते मिल रहे हैं कि अच्छे वक्त पर बुरे वक्त की आशंका को पूरी तरह अनदेखा न किया होता, तो न ऐसी गलती होती, न ऐसे गलत काम होते। फिलहाल सरकार में बैठे लोग सन्न हैं।
(rajpathjanpath@gmail.com)


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