राजपथ - जनपथ

 छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सीधा और सादा भी...
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सीधा और सादा भी...
Date : 15-Apr-2019

जांजगीर-चांपा के भाजपा प्रत्याशी गुहाराम अजगले ने पार्टी दफ्तर को ही ठिकाना बना लिया है। वे दिनभर प्रचार के बाद जिला पार्टी दफ्तर में ही रात्रि विश्राम करते हैं। प्रचार खत्म होने के बाद पार्टी दफ्तर में अपने कपड़े धोते हैं और सुबह तैयार होकर प्रचार के लिए निकल जाते हैं। एक बार सांसद रह चुके गुहाराम अजगले से नामांकन फार्म भरने के लिए पार्टी नेताओं ने उनसे इनकम टैक्स ब्यौरा मांगा तो उन्होंने कह दिया कि इनकम ही नहीं है, तो टैक्स कैसा? पूर्व सांसद के रूप में उन्हें कुल 20 हजार रूपए पेंशन मिलती है। और गांव में थोड़ी सी जमीन है, उसी से उनका गुजारा होता है। 

चुनाव संचालन कर रहे नेताओं ने उनसे अपनी तरफ से कुछ संसाधन जुटाने के लिए कहा, तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। अब हाल यह है कि उनके लिए पार्टी नेताओं को गाड़ी किराए पर लेनी पड़ी, जिसमें वे क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। पन्द्रह साल की सरकार में पार्टी के कई छोटे-बड़े नेता करोड़पति-अरबपति बन गए हैं, लेकिन गुहाराम फक्कड़ ही रहे। गुहाराम की सादगी और सरलता के कारण ही पार्टी के छोटे-बड़े नेता उनके पक्ष में प्रचार के लिए निकल पड़े हैं और उन्हें जिताने के लिए भरसक कोशिश कर रहे हैं। 

जिम्मा फिर सौदान सिंह पर
लोकसभा चुनाव में भाजपा के राष्ट्रीय सहमहामंत्री (संगठन) सौदान सिंह सक्रिय दिख रहे हैं। जबकि विधानसभा चुनाव में हार के बाद काफी दिनों तक गायब थे और पार्टी के भीतर हल्ला था कि उन्हें छत्तीसगढ़ के प्रभार से अलग कर दिया गया है। प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन हरियाणा और मध्यप्रदेश में ज्यादा समय दे रहे हैं, तो यहां की जिम्मेदारी सौदान सिंह पर आ गई है। ये अलग बात है कि विधानसभा चुनाव में बुरी हार के लिए उन्हें ज्यादा जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। 

दुर्ग और कुछ और जगहों पर तो कार्यकर्ताओं ने सौदान के खिलाफ आग उगली थी। खैर, सौदान सिंह सभी लोकसभा क्षेत्रों में जाकर पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। पिछले दिनों वे हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर पहुंचे और वहां प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने यह कहा कि प्रदेश की सभी 11 सीटें जीत रहे हैं, तो एक-दो कार्यकर्ता मुंह दबाकर हँसने लगे। 

उन्होंने सरगुजा से भाजपा प्रत्याशी रेणुका सिंह को फोन लगाया और कहा कि उनकी स्थिति अच्छी है। और वे चुनाव जीत रहीं हैं। फिर उन्होंने रेणुका को सभी के साथ समन्वय बनाकर काम करने की नसीहत देकर फोन काट दिया। सुनते हैं कि वे खुद टिकट वितरण से नाखुश हैं। वे राजनांदगांव से अभिषेक, रायगढ़ से विष्णुदेव साय को टिकट दिलाना चाहते थे, पर हाईकमान ने एक लाइन में सभी सांसदों की टिकट काटने का फैसला लेकर झटका दिया है। चूंकि वे संगठन मंत्री हैं तो बैठक में औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।
(rajpathjanpath@gmail.com)

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