राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : शरारत या चूक?
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : शरारत या चूक?
Date : 19-Oct-2019

शरारत या चूक?

सत्ता से हटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पहले जन्मदिन में अखबारों में भाजपा छोड़ चुके पूर्व महापौर नरेश डाकलिया की तस्वीर छपने को अलग-अलग नजरिया से परखा गया। कुछ नेताओं ने इसे शरारत कहा तो कुछ ने चूक। भाजपा के विज्ञापन में अपनी तस्वीर देखने के बाद डाकलिया ने भी विरोध करने में देर नहीं की। उन्होंने इसके लिए भाजपा नेतृत्व को ही कोसा। सियासत में जरा सी भूल से बात का बतंगड़ बन जाता है। कांग्रेस के सत्ता में आने के कुछ महीनों में ही डाकलिया ने भगवा राजनीति को अलविदा कह दिया था। अब उनकी भाजपा नेताओं के साथ तस्वीर से  वे भले ही असहज हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस में उनके विरोधी नेता खुश दिख रहे हैं। कुछ इसी तरह की गलतियां विक्रम उसेंडी के जन्मदिन बधाई पोस्टर में भी दिखाई दी। कांकेर में कई जगह होर्डिंग्स में भाजपा के बड़े नेताओं के साथ-साथ पूर्व विधायक मंतूराम पवार की तस्वीर भी लगी थी। पवार ने कुछ दिनों पहले ही अंतागढ़ प्रकरण में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और अन्य के खिलाफ कोर्ट में बयान दिया था। जिसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। अब बधाई में उनकी तस्वीर छपने के बाद पार्टी में हडक़ंप मचा हुआ है। खुद विक्रम उसेंडी को इसके लिए सफाई देनी पड़ रही है। 

समय होत बलवान..
राजनीतिक ताकत धूप-छांव की तरह होती है। सियासी ताकत की चमक से बिरले नेता ऐसे होते है जो सूझबूझ से संतुलन बनाए रखते हैं। कभी खैरागढ़ राजघराने की सत्ता के गलियारों में तूती बोलती रही। एक ऐसा समय भी था जब पैलेस में सांसद रहे विधायक देवव्रत सिंह की चौखट पर आला नेताओं को मिलने के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी। एक बार तो सांसद रहते देवव्रत सिंह से मिलने के लिए प्रभावशाली नेता मोहम्मद अकबर को भी मिलने घंटों इंतजार करना पड़ा था। इस वाक्ये के नांदगांव के कई नेता साक्षी रहे। अब वक्त ने ऐसा करवट बदला कि जोगी पार्टी के विधायक देवव्रत सिंह को प्रभारी मंत्री अकबर की राह ताकते देखा जा सकता है। सुनते हैं कि देवव्रत सिंह अप्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस के लिए ही काम कर रहे हैं। अकबर के जरिए वह कांग्रेस में अपनी वापसी की संभावना तलाश रहे हैं। देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच रहे तल्ख रिश्तों पर जमी धूल को साफ करने अकबर एक मजबूत कड़ी भी माने जा रहे हैं। राजनांदगांव कलेक्टोरेट में देवव्रत को प्रभारी मंत्री अकबर से मुलाकात के लिए इंतजार करते देखकर कांग्रेस नेता चुटकी लेने से पीछे नहीं रहे कि समय होत बलवान...। rajpathjanpath@gmail.com

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