राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : जन्नत की हकीकत
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : जन्नत की हकीकत
16-Apr-2020

जन्नत की हकीकत

बहुत से अखबारों और पत्रिकाओं में इक्कीसवीं सदी में भी भविष्यफल छपते हैं, आखिर क्यों ना छपें, लोग आज भी कुंडली दिखाकर शादियां करते हैं, महूरत निकालकर घर के बाहर कदम रखते हैं, ऐसे में कुछ चर्चित ज्योतिषी मुफ्त में अपने नाम सहित रोज भविष्यफल छपने को देते है, एक बड़े ज्योतिषी ने तो इस अख़बार को उसके बदले में हर बरस अपना कामयाब पंचांग भी मुफ्त देने का प्रस्ताव रखा था. खैर, आज इसकी चर्चा की जरूरत इसलिए लगी कि छत्तीसगढ़ के एक होनहार कार्टूनिस्ट ने फेसबुक पर एक अख़बार में छापा अपना भविष्यफल दिखाया जिसमें आज विदेशयात्रा का योग दिख रहा है। 
इसे पढ़कर जब भविष्यफल देखा तो और भी मजेदार बातें निकलीं. उसमें छपी कुछ बातें इस प्रकार हैं-
-पश्चिम दिशा में ना जाएँ, जरूरी हो तो काली तिलभात से बनी वस्तु खाकर जाएँ. (मतलब यह कि तिलभात से पुलिस लाठी की मार कम लगेगी? )
- यात्रा का लुत्फ उठाएंगे ! कामकाज में अच्छा मुनाफा होगा ! आज छात्र पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगे !
-आज पूरा दिन तरोताजा रहेंगे, नौकरी में सफलता मिलेगी, व्यापार में धन लाभ होगा, धन सही कार्यों पर खर्च होगा, कार्य में अच्छी सफलता मिलेगी. 
- नौकरी में अच्छा धनलाभ होगा, प्रमोशन के संकेत हैं, व्यापारियों के लिए लाभ की स्थिति है, नौकरी में मान-प्रतिष्ठा, सफलता, प्रमोशन... 
-किसी शादी-विवाह या मांगलिक कार्य में शिरकत करेंगे, कामकाज में अच्छा धनलाभ होगा... 
-छात्रों को प्रतियोगिता में सफलता , कारोबार में वृद्धि... 
-आज विदेश यात्रा का आनंद लेंगे, कामकाज के सम्बन्ध में दूर की यात्रायें संभव, पालिसी, शेयर मार्किट में धन इन्वेस्ट कर सकते हैं... 
-मांगलिक कार्य में सहभागी होंगे, कार्य में सफलता, 
-कामकाज में लाभदायक स्थिति, मांगलिक कार्य में व्यस्त रहेंगे, 
(लेकिन इसके बाद की बात सही भी हो सकती है !)
-आज दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी, परिवार या प्रेमीजनों के साथ अच्छा समय गुजरेगा !
दरअसल भविष्यफल लोगों की जिंदगी में प्लेसिबो इफ़ेक्ट रखता है. जब किसी मरीज को दवा की जरूरत न हो, लेकिन उसे दवा लेने की जिद रहे, तो उसे बिना दवा वाली कैप्सूल दी जाती है, जिसे प्लेसिबो कहते हैं. भविष्यवाणी उसी किस्म की होती है. 
यह अखबारनवीस बहुत पहले एक अखबार में काम करता था. वहां दूर के शहर के एक ज्योतिषाचार्य डाक से लिखा हुआ भविष्यफल भेजते थे. कभी डाक की गड़बड़ी से समय पर भविष्यफल ना पहुंचे तो कंपोज़ीटर ही एक राशि का भविष्य दूसरे में जोड़कर पुराने को ताजा बना देता था. 
सबको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन, दिल के बहलाने को ग़ालिब ये खय़ाल अच्छा है...

कमाऊ विभाग के अफसरों की बेचैनी
किसी भी राज्य में आबकारी और रजिस्ट्री विभाग को कमाऊ पूत कहा जाता है। इन दोनों विभागों से राज्य को अच्छा खासा राजस्व मिलता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। इन दोनों विभागों के बारे में एक और सार्वजनिक सत्य यह भी है कि यहां काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारी भी मोटा माल अंदर करते हैं। लॉकडाउन के समय जब सारे सरकारी दफ्तरों में तालाबंदी है और वर्क फ्रॉम होम लागू है, फिर भी इन दोनों विभाग का महकमा सबसे पहले कामकाज शुरू करने के लिए बेचैन है। ये बेचैनी इस बात का भी संकेत है कि इन विभागों के कर्मचारियों-अधिकारियों की ऊपर की आमदनी बंद हो गई है। यही कारण है कि वे कामकाज शुरु करने के लिए उत्साहित दिखाई पड़ते हैं, जबकि सरकार की चिंता है कि कोरोना के संकट में इन दोनों विभागों में काम शुरू होते ही सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से भंग हो जाएगी, लिहाजा वे उचित समय का इंतजार कर रहे हैं। दिक्कत यह है कि इन दोनों विभागों के अफसर सरकार की मंशा को समझकर भी नासमझ बने हुए हैं और आदेश से पहले ही अपनी तैयारियां शुरु कर देते हैं, ताकि बिना देरी के तुरंत सब शुरू हो जाए। तभी तो कहीं पर शराब दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले लगाने की तो कहीं बेरिकेड्स लगाने की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, तो कहीं कार्यालय को सेनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया जाता है। सरकार से ज्यादा अफसरों को अपने राजस्व की चिंता ज्यादा सता रही है। इन उत्साही अफसरों के आदेश और कार्रवाई से सरकार की किरकिरी हो रही है, क्योंकि खाने पीने के शौकीन तो अपने घरों में नशामुक्ति केन्द्र जैसा निर्वासित जीवन जीना सीख रहे हैं, लेकिन विभाग के अफसरों को यह बात सहन नहीं हो रही है और वे हर दूसरे-तीसरे दिन ऐसा कुछ करते हैं, जिससे शौकीनों को उम्मीद की किरण नजर आने लगती है।

कुलपति महोदय को घेरने दांवपेंच
पत्रकारिता विवि के कुलपति बल्देव भाई शर्मा के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के फेसबुक पेज पर लाइव आने का विवाद गहराने लगा है। छात्र कांग्रेसियों ने सरकार से इसकी शिकायत की है। मीडिया में खबर आने के बाद कुलपति महोदय ने सफाई दी है कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि किस प्लेटफार्म का उपयोग किया गया है, बल्कि इसमें समाज के लिए दिया गया संदेश महत्वपूर्ण है। इस सफाई के बाद कुलपति जी को घेरने के लिए छात्र कांग्रेसियों ने रणनीति बनाई है। अब उन्हें एनएसयूआई के फेसबुक पेज पर लाइव के लिए इनवाइट करने की तैयारी है। संगठन के पदाधिकारियों को पूरा भरोसा है कि कुलपतिजी संघ की विचारधारा से प्रभावित हैं। ऐसे में वे कांग्रेस के छात्र संगठन के फेसबुक पर लाइव के लिए राजी नहीं होंगे। अगर ऐसा हुआ तो वे साबित करने में सफल हो जाएंगे कि विवि में खास विचारधारा को प्रमोट किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि कुलपति महोदय एनएसयूआई के पेज पर लाइव के लिए राजी हो गए तब तो दांव उलटा भी पड़ जाएगा। खैर, जो भी हो, लेकिन इस एपिसोड में किसका दांव सही होगा और किसका उलटा, यह देखना दिलचस्प होगा।  (rajpathjanpath@gmail.com)

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