राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : अगली लिस्ट तैयार...
11-Aug-2020 6:24 PM 7
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : अगली लिस्ट तैयार...

अगली लिस्ट तैयार...

छत्तीसगढ़ में निगम-मंडलों की दूसरी सूची फाइनल हो चुकी है और यह जल्द जारी हो सकती है। सुनते हैं कि सूची में नेताओं के अलावा सामाजिक संगठन के एक-दो लोगों के साथ ही एक रिटायर्ड आईएएस का भी नाम है। चर्चा है कि इस अफसर के नाम पर पहले ही सहमति बन चुकी थी। पहली सूची में नाम भी था, लेकिन टाइपिंग की चूक की वजह से नाम छूट गया। साफ छवि के इस रिटायर्ड अफसर के अनुभवों का सरकार पूरा लाभ उठाना चाहती है। और उन्हें आयोग में अहम दायित्व सौंपा जा सकता है।

कल्लूरी के तमाम लोग स्थापित...

पुलिस महकमे के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में पावरफुल रही, बस्तर के तत्कालीन आईजी एसआरपी कल्लूरी की टीम की फील्ड फिर से वापसी हो गई है। बस्तर में कल्लूरी के करीबी अफसर प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद महीनों तक लूपलाईन में रहे। अब पौने दो साल बाद कल्लूरी की टीम फिर से मैदान में दिख रही है। आईजी रहते कल्लूरी ने अपनी पसंद के अफसरों के जरिए नक्सलियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था, जिस पर उंगलियां भी उठी थी। कुछ मुठभेड़ की अभी भी जांच चल रही है। कल्लूरी के वक्त एसपी रहे डी. श्रवण, अभिषेक मीणा, आईके ऐलसेला, कमलोचन कश्यप और बीएल ध्रुव को फिर से पोस्टिंग मिल गई है। श्रवण और मीणा को तो राजनांदगांव और कोरबा जैसे बड़े जिलों की कप्तानी मिली है।

ऐलसेला की भले ही दोनों अफसरों की तुलना में बलौदाबाजार जैसे छोटे जिले तैनाती हुई लेकिन वह औद्योगिक नजरिए से तुलनात्मक रूप से बेहतर है। कमलोचन कश्यप की कल्लूरी की टीम में गिनती जरूर होती है, लेकिन वे उनके बाकी अफसरों की तुलना में ज्यादा विवादित नहीं रहे। कांग्रेस सरकार ने कश्यप को बीजापुर भेजकर उन पर भरोसा जताया है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस सरकार आने के कुछ दिनों बाद एसआरपी कल्लूरी को पहले ईओडब्ल्यू-एसीबी का चीफ बनाया गया था। बाद में उन्हें परिवहन विभाग में भेजा गया। अब वे पीएचक्यू में हैं, लेकिन पहले जैसे पॉवरफुल नहीं रह गए हैं। अलबत्ता, उनकी टीम के लोग अब सेट हो गए हैं।

चौधरी या जूदेव?

खबर है कि भाजपा में युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद के लिए काफी खींचतान चल रही है। भाजयुमो अध्यक्ष के लिए पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी का नाम प्रमुखता से उभरा है। चर्चा है कि पूर्व सीएम रमन सिंह, चौधरी को अध्यक्ष बनाने के पक्ष में हैं। वैसे भी चौधरी को आईएएस छोडक़र भाजपा में लाने में उनकी भूमिका रही है। मगर रमन विरोधी खेमा दिवंगत पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव के छोटे पुत्र प्रबल प्रताप सिंह को युवा मोर्चा की कमान सौंपने के पक्ष में है। प्रबल प्रताप ने अपने पिता के निधन के बाद ऑपरेशन घर वापसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाया और पूरे प्रदेश के जूदेव परिवार से जुड़े लोगों के लगातार संपर्क में भी हैं। अब तक तो सभी नियुक्तियों में हाईकमान ने रमन सिंह की पसंद को तवज्जो दी है। देखना है कि युवा मोर्चा अध्यक्ष के लिए हाईकमान किसकी सुनता है।

लोग हॉटस्पॉट बनाकर ही मानेंगे...

रायपुर में कोरोना संक्रमण गंभीर रूप ले रहा है। आम लोगों की लापरवाही की वजह से यह तेजी से फैल रहा है। यहां एक पॉश कॉलोनी में कोरोना के चार पॉजिटिव मिले हैं। एसिम्टोमैटिक होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती न कर होमआइसोलेशन के लिए कहा गया था। मगर कोरोना पीडि़त रोज सुबह-शाम वॉक पर निकल जा रहे हैं। उन्हें देखते ही कॉलोनी के बाकी लोग दहशत में घर के अंदर घुस जा रहे हैं।  कई बार कोरोना मरीजों को  समझाइश देने की कोशिश भी की गई, लेकिन वे मान नहीं रहे हैं। चारों की वजह से पूरी कॉलोनी में डर का माहौल है।  कुछ लोगों को आशंका है कि कोरोना मरीजों की लापरवाही रोकने के लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो कॉलोनी के हाटस्पॉट बनने में देर नहीं लगेगी।

कुछ कॉलोनियों में तो पॉजिटिव निकले लोग आस-पास के लोगों के बीच प्रवचनकर्ता का दजऱ्ा पा चुके हैं, लोग उनसे सुनते रहते हैं कि कैसा लगा था, क्या-क्या इलाज हुआ..! 

गुठली के दाम सरीखे, बीज के दाम

छत्तीसगढ़ में सरकार ने केन्द्र सरकार की कोशिशों से बहुत आगे बढक़र लोगों से वनोपज खरीदने का काम किया है। पहले तेंदूपत्ता ही सबसे अधिक कमाई जंगल के आदिवासियों को और वहां बसे हुए लोगों को देता था, लेकिन राज्य सरकार ने धीरे-धीरे इमली और दूसरे कई किस्म के लघु वनोपज कहे जाने वाले सामान इस लिस्ट में जोड़े, और देश में सबसे अधिक दाम पर सरकार इन्हें खरीद रही है। इनमें इमली भी शामिल है, इसे सरकार तो खरीदती ही है, लेकिन बस्तर में व्यापारी भी इमली में इतनी दिलचस्पी लेते हैं कि उनमें से एक तो वहां के इमली किंग कहलाते थे।

अब एक वैज्ञानिक खबर यह आई है कि इमली का बीज बहुत फायदेमंद होता है, और यह कैल्शियम और खनिजों से भरपूर होता है, हड्डियों को मजबूत करता है। इमली महिलाओं को अधिक पसंद रहती है, और उसका यह बीज भी महिलाओं की उम्र के साथ कमजोर होने वाली हड्डियों को मजबूती दे सकता है। इसके अलावा इमली के बीज से कमर का दर्द कम होता है, और यह वजन कम करने में भी मदद करता है।

अब सरकार अगर चाहे तो इमली के बीज के इन्हीं दो-तीन गुणों की वैज्ञानिक जानकारी जुटाकर बीज की मार्केटिंग भी कर सकती है, और आम के आम, गुठली के दाम की तरह इमली तो इमली, बीज से भी कमाई जैसी बात हो सकती है।

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