राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : मीटिंग में सिगरेट फूंकता शिक्षक
12-Sep-2020 6:47 PM 9
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : मीटिंग में सिगरेट फूंकता शिक्षक

मीटिंग में सिगरेट फूंकता शिक्षक

सरकारी स्कूल जब खुलेंगे तब किस तरह कोर्स पूरा होगा पता नहीं, पर ऑनलाइन पढ़ाई किस तरह से हो रही होगी इसका अंदाजा रायगढ़ में हुई घटना से लगा सकते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कैसे हो, यह तय करने के लिये शिक्षा अधिकारी ने यहां बैठक बुलाई, सभी संकुल प्रमुखों की। बैठक के दौरान ही एक शिक्षक सिगरेट सुलगाकर पीने लगे। शिक्षा अधिकारी ने भी इस बदतमीजी को बर्दाश्त नहीं किया और मीटिंग का स्क्रीन शॉट लेकर कलेक्टर को भेज दिया। कलेक्टर ने उस शिक्षक पर तत्काल कार्रवाई की और निलम्बित कर दिया। यह सब तो शिक्षक तब कर रहे हैं जब मीटिंग उनके अधिकारी ले रहे हैं। ऐसे बेखौफ शिक्षक जब अपने विद्यार्थियों को पढ़ाते होंगे तब कितने अनुशासनहीन होते होंगे और बच्चे कितना मन लगाकर पढ़ पाते होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है। ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा-स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण, नेटवर्क नहीं मिलने के कारण, ज्यादातर गरीब बच्चों तक वैसे भी पहुंच नहीं पा रही है। कोरोना काल में पढ़ाई को जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई कई वर्षों तक हो पाना बहुत मुश्किल है। दूसरी ओर जो थोड़े प्रयास हो रहे हैं उन पर भी ऐसे शिक्षक पानी फेरने पर तुले हुए हैं।

ऐसे लॉकडाउन का क्या मतलब?

वैसे तो केन्द्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर लॉकडाउन लगाने से पहले अनुमति लेना जरूरी कर दिया है पर कोरोना का फैलाव कम करने के लिये कुछ जिला दंडाधिकारी नई तरकीबों से रास्ता निकाल रहे हैं। जैसे राजनांदगांव में एक सप्ताह का लॉकडाउन किया गया। इसके लिये पूरे शहर को ही कंटेनमेन्ट जोन घोषित कर दिया गया। हैरानी की बात है कि इस दौरान कोरोना का प्रसार कम नहीं हुआ बल्कि 850 से ज्यादा नये मरीज सामने आये। कुछ सैम्पल हो सकता है लॉकडाउन शुरू होने के पहले के भी हों फिर भी ये संख्या कम नहीं है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों से रिपोर्ट सामने आई है कि लॉकडाउन के बावजूद वहां कोरोना के केस बढ़े। ऐसा क्यों हुआ? सीधी सी बात है, छूट का दुरुपयोग। जरूरी खरीदारी के लिये चार-पांच घंटों की जो छूट दी जाती है उस दौरान सडक़ों, दुकान, बाजारों में इतनी भीड़ पहुंच जाती है कि कोरोना रोकने के उपाय ध्वस्त हो जाते हैं। छूट के समय पर लोग इस तरह घरों से निकल रहे हैं मानो जेल से छूटे हों। प्रशासन और पुलिस के हाथ में नहीं कि सब निकलने वालों पर निगरानी रखी जा सके, यह तो लोगों को ही समझना पड़ेगा। बहरहाल, राजनांदगांव नगर निगम एरिया एक बार फिर पूरे एक सप्ताह के लिये कंटेनमेन्ट जोन घोषित है, देखें इस बार लोग कितने सावधान हैं।

 

अन्य पोस्ट

Comments