राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : भाजपा के हारे प्रत्याशी अब भी नाराज
09-Dec-2020 4:14 PM 289
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : भाजपा के हारे प्रत्याशी अब भी नाराज

भाजपा के हारे प्रत्याशी अब भी नाराज

भाजपा की नवनियुक्त प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने विधानसभा के पराजित प्रत्याशियों की बैठक बुलाई, तो उनमें खुशी की लहर दौड़ पड़ी। राजनांदगांव जिले के कुछ पराजित प्रत्याशियों ने तो बकायदा भितरघातियों  की सूची भी तैयार कर ली थी, जो कि अभी भी पार्टी में प्रभावशाली हैं। लेकिन बाद में उन्हें यह बताया गया कि पराजित प्रत्याशियों के साथ ही विजयी प्रत्याशी अर्थात मौजूदा विधायक भी रहेंगे, तो वे थोड़े मायूस हो गए। थोड़ी देर बाद पार्टी दफ्तर से पराजित प्रत्याशियों के पास फोन आया कि भाई साब आए हुए हैं, आप लोग बैठक के बाद उनसे मिल सकते हैं। इसके बाद तो ज्यादातर हारे हुए प्रत्याशियों ने शिकवा-शिकायत का इरादा ही बदल दिया।

प्रत्याशियों की बैठक का नजारा एकदम अलग था। सुनते हैं कि हारे प्रत्याशियों को उम्मीद थी कि उनसे हार के कारणों की पूछताछ होगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें बैठक शुरू होते ही प्रोफार्मा दे दिया गया। जिसमें अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र और जिले का नाम भरना था। और उन्हें प्रदेश सरकार के खिलाफ उनके इलाके में मुद्दों का भी ब्यौरा देना था। बैठक में मंच में अतिथियों ने अपनी बातें कही, और फिर बैठक खत्म होने से पहले प्रत्याशियों से प्रोफार्मा भरवाकर वापस ले लिए। चर्चा है कि पुरंदेश्वरी ने ताड़ लिया कि पराजित प्रत्याशियों में काफी नाराजगी है, लेकिन वे अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं। उन्होंने यह कहकर उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही वे जिले और मंडल तक का दौरा करेंगी, और उनकी बात सुनेंगी। पुरंदेश्वरी की बात सुनकर पराजित प्रत्याशी संतुष्ट होकर रवाना हुए।

कंवर का लेटर बम

भाजपा प्रभारी और सह प्रभारी के दौरे के बीच असंतुष्टों ने ननकीराम कंवर का लेटर बम फोड़ दिया। चर्चा है कि अगर असंतुष्ट नेताओं को खुलकर बोलने का दिया जाता, तो शायद अमित शाह को लिखा यह पत्र लीक नहीं होता। तीन साल पुराने इस पत्र में दिग्गज आदिवासी नेता ने रमन सरकार में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक आतंकवाद का खुलकर जिक्र किया था। उन्होंने यह भी लिखा था कि समय रहते इसको नियंत्रित नहीं किया गया, तो विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मीडिया के माध्यम से यह पत्र पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नवीन तक  पहुंचाकर असंतुष्ट नेताओं ने एक तरह से अपनी बातें रख दी है। अब जहां तक पत्र लिखने वाले ननकीराम कंवर का सवाल है, तो वे यह मान रहे हैं कि अमित शाह को पत्र लिखकर सारी जानकारी पहले ही दे दी थी। देखना है कि पत्र लीक होने के मामले में कंवर से पार्टी पूछताछ करती है अथवा नहीं।

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