राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : पीडि़त रेंजर का सस्पेंड होना
10-Feb-2021 5:37 PM 166
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : पीडि़त रेंजर का सस्पेंड होना

पीडि़त रेंजर का सस्पेंड होना

कथित मीडियाकर्मी और उसकी गर्लफ्रेंड की ब्लैकमेलिंग के पीछे 1.40 करोड़ लुटा चुके मुंगेली के रेंजर सीआर नेताम ने पैसे की व्यवस्था करने के लिये ऐसा फर्जीवाड़ा कर दिया कि अभी तो उसे निलम्बित कर दिया गया है, अब एफआईआर की तैयारी भी की जा रही है। दरअसल, नेताम ने 25 लाख रुपये रतनपुर के मजदूरों के निकाल लिया। वह भी तब जब 6 माह पहले यहां से उनका तबादला हो चुका था। दरअसल नये अधिकारी के आने पर सम्बन्धित बैंकों में उनका अधिकृत हस्ताक्षर भी भेजा जाता है। बैंक के पास जो भेजा ही नहीं गया और रतनपुर से हटने के बाद भी वे यह रकम निकाल ले गये। अब रतनपुर के मजदूर अपनी मजदूरी के लिये परेशान हैं तो दूसरी तरफ संस्पेंड हो चुके नेताम के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराये जाने की तैयारी हो रही है।

कामयाब होगा सोशल मीडिया कैम्पेन?

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया कैम्पेन के लिये फिलहाल 11 हजार  स्वयंसेवकों को जोडऩे का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। कोई संदेह नहीं कि कांग्रेस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने विरोधी दल भाजपा से काफी पीछे है। न केवल प्रदेश स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी। भाजपा के असल नाम से कुछ सैकड़ा ही प्रोफाइल होंगे पर फेसबुक, वॉट्सअप और दूसरे प्लेटफॉर्म पर हजारों की संख्या उन लोगों की है जो पहचान में ही नहीं आते। ऐसे अनजान लोग अपनी पोस्ट को जो कई बार भ्रामक, तथ्यहीन और उकसाने वाले भी होते हैं वे एक से दूसरे तक वायरल होते हुए लाखों लोगों तक पहुंच चुके होते हैं। कांग्रेस किस तरह से इनका मुकाबला कर पायेगी?

छनकर क्या निकलेगा भाजपा में?

भाजपा इन दिनों अपने सांगठनिक उठापटक को लेकर ज्यादा चर्चित है। भाजयुमो में 35 साल से ऊपर के लोगों को नहीं लिये जाने को लेकर काफी विवाद की स्थिति बनी रही, आखिरकार इसमें शिथिलता बरती गई और कई नाम इससे ऊपर वाले भी दिखाई दे रहे हैं। राजनांदगांव की भाजपा कार्यकारिणी की सूची में मृत कार्यकर्ताओं को जगह देने से बात सामने आई है। भाजपा महामंत्री भूपेन्द्र सवन्नी और विधायक डॉ. अजय चंद्राकर के बीच का विवाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिकायत केन्द्रीय नेतृत्व तक पहुंच गई है। कांग्रेस इन बातों पर कटाक्ष कर रही है। नई प्रदेश प्रभारी सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रति धारदार विरोध की रणनीति बनाने के लिये परिश्रम करती दिख रही हैं पर शायद उन्हें घर सुधारने में ही काफी समय लग जायेगा।

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