राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : 90 करोड़ रूपए पक्के में !
22-Mar-2021 4:51 PM (234)
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : 90 करोड़ रूपए पक्के में !

90 करोड़ रूपए पक्के में !

माना एयरपोर्ट के नजदीक सहारा समूह की सवा सौ एकड़ का सौदा पक्का हो गया है। सुनते हैं कि अरोरा उपनाम के एक कारोबारी ने करीब डेढ़ सौ करोड़ में सहारा से जमीन खरीदी है। सरगुजा संभाग के एक बड़े राजनेता के करीबी माने जाने वाले अरोरा को करीब 90 करोड़ रूपए पक्के में देना है। जमीन कारोबारियों के बीच इस सौदे की जमकर चर्चा है। इस पूरे सौदे में पेंच सिर्फ इतना है कि सामान्य कारोबारी अरोरा इतनी बड़ी रकम नंबर एक में कैसे देगा। 

हालांकि राजनेता के साथ उनके कारोबारी रिश्तों को देखकर इतनी बड़ी रकम अदा करने में कोई शक की गुंजाइश नहीं है। वैसे भी नेताजी रायपुर से लेकर सरगुजा संभाग में एक के बाद एक जमीन में अपने करीबियों के जरिए काफी निवेश कर रहे हैं। उनके भारी भरकम निवेश पर जांच एजेंसियों की नजर भी है। ऐसे में देर-सवेर वे अपने कारोबारी मित्रों समेत किसी मुसीबत में घिर जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। 

पारवानी ही व्यापारियों के सबसे बड़े नेता

चेम्बर चुनाव के नतीजे आने वाले राजनीतिक उठापटक की तरफ भी इशारा कर रहे हैं। चेम्बर में पिछले कई दशकों से चले आ रहे एकता पैनल के वर्चस्व को तोड़कर जय व्यापार पैनल ने अपना दबदबा कायम किया है। पैनल के मुखिया अमर पारवानी भारी वोटों से अध्यक्ष निर्वाचित हुए। पारवानी की जीत से श्रीचंद सुंदरानी को तगड़ा झटका लगा है। 

श्रीचंद व्यापारियों के सबसे बड़े नेता माने जाते थे, और उन्होंने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। वे प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भी नहीं गए। वे योगेश अग्रवाल को साथ देकर प्रदेश भर घूमते रहे। मगर व्यापारियों ने योगेश के बजाए पारवानी पर भरोसा किया, और चुनाव परिणाम से यह साबित हो गया कि पारवानी ही व्यापारियों के सबसे बड़े नेता हैं।

भाजपा ने व्यापारी नेता होने के नाते श्रीचंद को रायपुर उत्तर प्रत्याशी बनाया था, और वे विधायक भी बने। लेकिन पारवानी की जीत के बाद फेसबुक-सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें अभी से रायपुर उत्तर से भाजपा प्रत्याशी बताने में लग गए हैं। क्या वाकई ऐसा होगा, यह कहना अभी मुश्किल है। मगर श्रीचंद चेम्बर के मोह में अपना काफी कुछ गंवा बैठे हैं। 

शिवरतन भी योगेश को बढ़त नहीं दिला पाए

खबर है कि अमर पारवानी को कांग्रेस के बड़े व्यापारी नेताओं के साथ-साथ पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विरोधियों का भरपूर साथ मिला। बृजमोहन अपने छोटे भाई योगेश को जिताने के लिए काफी मेहनत भी कर रहे थे। वे तकरीबन सभी व्यापारी नेताओं के संपर्क में थे। बृजमोहन के करीबी विधायक शिवरतन शर्मा ने तो भाटापारा और बलौदाबाजार में रोड शो भी किया। मगर शिवरतन भाटापारा से भी योगेश को बढ़त नहीं दिला पाए। 

अजय चंद्राकर ने भी धमतरी, बालोद में योगेश के पक्ष में काफी लॉबिंग की थी। इससे परे राजेश मूणत के समर्थक खुले तौर पर अमर पारवानी के साथ थे। पूर्व सीएम रमन सिंह और धरमलाल कौशिक के करीबी व्यापारी नेताओं ने पारवानी का साथ दिया। यही नहीं, कांग्रेस संगठन के ताकतवर अग्रवाल नेता ने तो गुपचुप तौर पर कांग्रेस के व्यापारी नेताओं को पारवानी का साथ देने के लिए कह दिया था। कांग्रेस के व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी के खुलकर पारवानी के प्रचार में जुटने से साफ तौर पर संकेत चला गया था। इन सब वजहों से भी पारवानी को भारी वोटों से जीत हासिल हुई। 

योगेश से हिसाब चुकता..

चेम्बर का चुनाव जातिगत समीकरणों अछूता नहीं रहा है। चेम्बर चुनाव अग्रवाल वर्सेस सिंधी हो गया था। सिंधी व्यापारियों ने एकतरफा अमर पारवानी के पक्ष में वोटिंग की। यही नहीं, जैन समाज के व्यापारियों ने भी पारवानी का साथ निभाया। इससे परे अग्रवाल बेल्ट माने जाने वाले सरगुजा, रायगढ़, कोरिया, कोरबा में योगेश को बढ़त तो मिली लेकिन यहां वोटर इतने कम हैं कि वे अपनी बढ़त को ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रख पाए। 

दूसरी तरफ, अजय भसीन को अपने पैनल से महामंत्री उम्मीदवार बनाए जाने का पारवानी को भरपूर फायदा मिला। भसीन की वजह से भी पारवानी को भिलाई-दुर्ग से अच्छी खासी बढ़त मिली। रायपुर में समता कॉलोनी में गरबा, और जमीन विवाद के चलते भी योगेश अग्रवाल विवादित रहे हैं। समता कॉलोनी में व्यापारियों की संख्या अच्छी खासी है, और इनमें से ज्यादातर योगेश के विरोधी हो गए थे। मतदान का मौका आया, तो उन्होंने योगेश के खिलाफ मतदान कर अपना हिसाब चुकता किया।

छत्तीसगढिय़ा दर्शकों का मनोरंजन

अपने यहां एक कवि हैं जो  मंचों पर अक्सर जिक्र करते हैं कि हम छत्तीसगढिय़ा लोग गजब स्मार्ट होते हैं, कोई पार नहीं पा सकता। शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम नया रायपुर में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के दौरान मनोरंजन केवल मैदान पर नहीं, बल्कि गैलरी पर भी हो रहा है। अब इन्हें देखिये। एक दर्शक साउथ अफ्रीका के खिलाडिय़ों से अपील कर रहे हैं- छइहां भुइयां देखकर जाना। कोई और बता रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट देखने का मौका पुरखों को नहीं मिला, उसे मिल गया। स्टेडियम में इस तरह के अनेक पोस्टर्स के दर्शन, मैच के दौरान हो रहे हैं और ध्यान खींच रहे हैं।  

किसानी के दिन फिरेंगे?

कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त कल जारी कर दी। इस तरह से किसानों से किये गये वादे का एक चरण पूरा हुआ। केन्द्र भी किसान सम्मान निधि योजना लेकर आई जब कांग्रेस ने किसानों, बीपीएल परिवारों के हाथ में कैश देने की बात उठाई थी। बाद में इसे अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल किया। ऐसा लगता है कि किसानों, मजदूरों के हाथों में कैश देने की योजना अब कभी बंद नहीं होगी, बल्कि हर चुनाव में दी जाने वाली राशि बढ़ाने की होड़ रहेगी।  

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने कल ही संकल्प-पत्र जारी किया है जिसमें इस बात का जिक्र है कि बीते तीन साल से जो सम्मान निधि टीएमसी की सरकार किसानों को नहीं दे रही है, उसे सरकार बन जाने पर वह एकमुश्त देगी। इस घोषणा को लेकर यहां छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता विपक्ष में बैठी भाजपा से सवाल कर रहे हैं कि किसानों को धान बोनस के रूप में 300 रुपये हर साल देने का वादा था, वो तो दिया नहीं। सिर्फ दो बार दिया, घोषणा वाले साल और चुनाव वाले साल में। अब कम से कम केन्द्र से कहकर यहां के किसानों को भी वह रुकी हुई राशि दिला दें। भले ही वादा राज्य सरकार का था लेकिन केन्द्र पिछला पैसा बांटने जा रही है तो अपनी ही भाजपा सरकार के वादे को पूरा करने में हर्ज क्या है।

वैक्सीन मुफ्त है, याद रखना

अगले विधानसभा चुनाव में अभी दो साल से ज्यादा वक्त है पर भाजपा सक्रिय हो चुकी है, खोई हुई जमीन वापस हासिल करने के लिये। हाल ही में कई धरने आंदोलन हुए, सरकार को घेरते हुए। कहीं भीड़ जुटी, कहीं नहीं, पर हौसले में कमी नहीं है। लेकिन सब कुछ नकारात्मक ही किया जा रहा हो, ऐसा नहीं। युवा इकाई के हाथों में गुलाब हैं और वे लोगों का अभिवादन भी कर रहे हैं। जो लोग कोरोना का टीका लगवाने के लिये वैक्सीनेशन सेंटर जा रहे हैं उन्हें फूल थमा रहे हैं।

इंजेक्शन लगवाने वाले तो खूब फोटो खिंचवा रहे हैं। युवाओं की अभी बारी नहीं आई है पर वे भी फूल देने के बहाने तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और शेयर कर रहे हैं। पार्टी ने यह काम उन्हें खूब सोच-समझकर दिया है। हजारों लोगों को टीका लगना है, इस बहाने उनका जनसम्पर्क हो रहा है। साथ ही भाजपा उपस्थिति होकर यह बता रही है कि टीका केन्द्र सरकार का है, मोदी ने इसे फ्री दिया है। राज्य सरकार तो सिर्फ इंजेक्शन लगाने का काम कर रही है।

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