राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : टूर्नामेंट से कोरोना बढ़ा ?
27-Mar-2021 5:27 PM (199)
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : टूर्नामेंट से कोरोना बढ़ा ?

टूर्नामेंट से कोरोना बढ़ा ?

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का स्पष्ट तौर पर मानना है कि रोड सेफ्टी क्रिकेट टूर्नामेंट की वजह से कोरोना संक्रमण बढ़ा है। सिंहदेव ने कोई गलत बात नहीं कही। रोड सेफ्टी क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए ठीक बाद स्टार खिलाड़ी सचिन तेंदूलकर कोरोना पॉजिटिव हो गए। टूर्नामेंट के दौरान, तो वे पूरी तरह स्वस्थ थे, और उनकी अगुवाई में भारत ने टूर्नामेंट जीता।

कहा जा रहा है कि मैच खत्म होने के बाद सचिन किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए, और वे पॉजिटिव हो गए। इसी तरह पूर्व सीएम रमन सिंह के ओएसडी रहे विक्रम सिसोदिया भी रोड सेफ्टी क्रिकेट मैच के दोबारा पॉजिटिव हो गए। सिसोदिया खुद खिलाड़ी हैं, और वे ओलंपिक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। सिसोदिया भी रोड सेफ्टी मैच देखने जाते थे, और वे वहां किसी संक्रमित के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए।

इसी तरह कांग्रेस पदाधिकारी विष्णु साहू भी रोड सेफ्टी टूर्नामेंट के दौरान पॉजिटिव हो गए, और शुक्रवार को उनका निधन हो गया। इस टूर्नामेंट से लोग सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक हुए हैं अथवा नहीं, यह तो पता नहीं, लेकिन कोरोना से सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं थे। कम से कम जिस रफ्तार से रायपुर और दुर्ग में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उससे तो यही लगता है।

आखिरकार नेता प्रतिपक्ष

आखिरकार सवा साल बाद रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के रूप में पार्षद मीनल चौबे के नाम पर मुहर लग गई। दरअसल, रायपुर जिले के बड़े भाजपा नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को प्रतिष्ठा का सवाल बना रखा था। इस वजह से नियुक्ति लगातार टल रही थी। कुछ महीने पहले बृजमोहन अग्रवाल की सिफारिश पर सूर्यकांत राठौर का नाम तकरीबन तय कर लिया गया था। मगर विरोधियों के दबाव में घोषणा रोक दी गई।

कुछ दिन पहले पार्षदों ने प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी से नेता प्रतिपक्ष नियुक्त नहीं होने की शिकायत की, तब कहीं जाकर चयन के लिए पार्टी ने पर्यवेक्षक नियुक्त किए। तीन सीनियर नेता विक्रम उसेंडी, भूपेन्द्र सवन्नी, और खूबचंद पारख को पार्षदों से चर्चा कर नाम सुझाने के लिए कहा था। सुनते हैं कि 29 पार्षदों में से 10-10 पार्षदों ने सूर्यकांत और मीनल चौबे के पक्ष में राय दी। बाकी पार्षदों ने पार्टी नेतृत्व पर छोड़ दिया था।

सूर्यकांत और मीनल के पक्ष में बराबर समर्थन होने के कारण पर्यवेक्षकों ने प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी को रिपोर्ट भेजी। चर्चा है कि प्रदेश प्रभारी ने प्रभारी सचिव नितिन नबीन को प्रमुख नेताओं से बात कर नाम तय करने के लिए कहा। नितिन नबीन ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह से चर्चा की, और फिर रमन सिंह की अनुशंसा पर मीनल चौबे को पार्षद दल का मुखिया बनाया गया।

मनरेगा में टॉप छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की अनेक ऐसी उपलब्धियां है जिन पर छत्तीसगढ़ सरकार की बीते दो सालों में तारीफ होती रही है। वित्तीय, जल प्रबंधन पर शीर्ष में रहा। गोबर संग्रह कर आजीविका माध्यम बनाने को सराहा गया। अब इस बात पर प्रशंसा हो रही है कि 17 करोड़ मानव दिवस को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत काम दिया गया। इसके चलते केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिये आबंटित की जाने वाली राशि भी बढ़ा दी है।

पहली जरूरत तो यही है कि कोई भूखा न रहे, कोई भी चाहे तो उसे काम मिले। दूसरा पहलू यह भी है कि जो लोग ग्रेजुएट, पीजी की डिग्री हासिल कर लेते हैं, क्या उनको भी मिट्टी खोदने, सडक़ बनाने के काम में लगा देना चाहिये?  उच्च शिक्षा लेने के बाद भी जो लोग मजदूरी कर रहे हैं, उन पर भी बात होनी चाहिये।

बेलगाम सीमेंट की कीमत

सीमेंट की कीमत यदि परिवहन भाड़े की वजह से बढ़ाई जाती तो समझ में भी आता, पर यह तो फैक्ट्रियों से ही 30 प्रतिशत अधिक दाम पर निकल रहा है। कुछ ही दिन पहले जो सीमेंट 210 रुपये से लेकर 240 में मिल रहा था, आज 330 से 370 रुपये बिक रहा है। न तो कच्चे माल का दाम बढ़ा है न ही मजदूरी। डीजल का दाम भी इतना तो नहीं बढ़ा है कि हर बैग पर 100 रुपये की बढ़ोतरी कर दी जाये।

बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के लिये मौजूदा मौसम मुफीद है। केवल व्यक्तिगत घर बनाने वालों के लिये ही नहीं, बल्कि समय पर निर्माण पूरा करने के लिये रेरा का दबाव झेल रहे बिल्डर्स के लिये भी।

हैरानी यह है कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी सिर्फ छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रही है। सरकार की खामोशी संदेह पैदा कर रही है।

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