Today Picture

Posted Date : 18-Oct-2018

Posted Date : 18-Oct-2018
  • -तस्वीर और जानकारी बिलासपुर के फोटोजर्नलिस्ट 
    सत्यप्रकाश पांडेय ने भेजी
    शक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि बड़ी ही आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। देवी मंदिरों के अलावा शहर में बनाये गए आकर्षक पंडालों में विराजित माँ जगदम्बा के दर्शनों को भक्त आतुर दिखे। बिलासपुर शहर के पुराना बस स्टैण्ड के पास करबला रोड पर पिछले नौ वर्षों से माँ दुर्गा की स्थापना माँ देवी कृपा उत्सव समिति द्वारा की जाती है। हर बरस एकदम नई थीम और सन्देश के साथ इस दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में जगत जननी का आगमन होता है। इस बार सभी देवियों माँ काली, दुर्गा, सरस्वती को मिलकर एक आकार दिया गया है। देवी की इस प्रतिमा में सभी देवियों के अंश शामिल किये गए हैं। प्राचीन भारतीय परम्परा को इस मूर्ति के जरिये दिखाने की कोशिश की गई है।  समिति के अध्यक्ष राहुल छडि़ले ने बताया कि समिति कुछ छोटे बच्चों को मिलाकर बनाई गई है। 
    उन्होंने बताया कि इस बरस स्थापित देवी प्रतिमा को प्राचीन मंदिरों में स्थापित देवी की तर्ज पर बनाया गया है। 

    ...
  •  


Posted Date : 17-Oct-2018

Posted Date : 17-Oct-2018
  • तस्वीर और जानकारी बिलासपुर के फोटोजर्नलिस्ट 
    सत्यप्रकाश पांडेय ने भेजी

    इसे इत्तेफाक कहूं या फिर कुछ और.. सच जो भी हो लेकिन इस बार बाजार में उपलब्ध रावण में अधिकांश के चेहरे भगवा रंग में रंगे हैं। लगता है इस बार चुनावी गर्माहट के बीच बाजार में बिकने के लिए खड़े रावण सियासी रंग में रंग दिए गए हैं। अरे पहले ही क्या कम थे जो सड़क किनारे और खड़े कर दिए गए। एक वक्त था जब बिलासपुर शहर में इक्का-दुक्का जगह रावण दहन होता था, वक्त ने करवट ली और रावण हर घर, गली-मोहल्ले में पहुंच गया। अब हर बरस सैकड़ों रावण संस्कारधानी में जलते हैं। कभी रावण दहन के पहले रामलीला की परम्परा थी जो समय के साथ उत्सव में बदल गई। रामलीला की परम्परा को जि़ंदा रखने वाले कलाकार आज  महंगाई के रावण से जूझ रहे हैं। सदियों से रावण जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता रहा है लेकिन वक्त के साथ रावण का कद और संख्या दोनों बढ़ती चली गई, अच्छाई का कहीं पता-ठिकाना नहीं रहा। बस एक रस्म है, जिसे वो लोग ही निभा रहे हंै जिन्हें अच्छाई से कम बुराई से ज्यादा सरोकार है। आज रावण दहन के लिए राम के आत्मबल की नहीं, कुबेर के खजाने की जरुरत है। रावण दहन के लिए अब बोली लगती है, जिसने ज्यादा दिया वो रावण के सीने में तीर चलाने का हकदार हो गया। दो दिन बाद दशहरा है, रावण दहन होगा। मंच सजेगा, मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों का जुमला दोहराया जाएगा मगर कोई राम के बताये रास्ते पर चलने को तैयार नहीं होगा ।  दो-तीन दशक पहले रावण इतनी आसानी से बाजार में उपलब्ध नहीं थे, अब रावण बाजार में हर कद-काठी का उपलब्ध है। जगह-जगह रावण का बाजार सज गया है। जितने दाम उतना बड़ा, तगड़ा रावण ! 

    ...
  •  


Posted Date : 16-Oct-2018

Posted Date : 16-Oct-2018

Posted Date : 15-Oct-2018

Posted Date : 15-Oct-2018

Posted Date : 14-Oct-2018

Posted Date : 13-Oct-2018
  • कर्नाटक में 60 बरस के एक आदमी की आंख से डॉक्टरों ने अभी 15 सेंटीमीटर लंबा एक कृमि निकाला है। उसने अपनी आंख में दर्द और खुजली की शिकायत की थी और पहली नजर में ही डॉक्टरों को उसकी पुतली पर घूमता हुआ यह कृमि नजर आ गया। इसका वीडियो दिल दहला देता है, लेकिन इसके साथ-साथ एक दूसरी बात यह मिली कि उसके खून में भी ऐसे कृमि तैर रहे थे। चिकित्सा विज्ञान का मानना है कि अफ्रीका, अमरीका, और  एशिया के कई हिस्सों में करोड़ों लोगों के बदन में ऐसे कृमि हैं, लेकिन आंखों में इनका मिलना एक बहुत दुर्लभ मामला है। डॉक्टरों के सामने यह भी चुनौती थी कि इसे जिंदा निकाला जाए क्योंकि यह भीतर मर जाता, तो आंख को बड़ा नुकसान पहुंचाता। 

    ...
  •  


Posted Date : 12-Oct-2018
  • विधानसभा चुनाव में तैनाती के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के जवान बीती शाम-रात पुलिस लाइन रायपुर पहुंचे। आज सुबह सभी जवानों ने यहां सिविल लाइन व आसपास के क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। आने वाले एक-दो दिनों में ये सभी जवान सुरक्षा के तौर पर बस्तर, राजनांदगांव क्षेत्र में तैनात कर दिए जाएंगे। वे सभी वहां विधानसभा चुनाव तक तैनात रहेंगे। तस्वीर / छत्तीसगढ़

    ...
  •  


Posted Date : 11-Oct-2018

Posted Date : 10-Oct-2018

Posted Date : 10-Oct-2018

Posted Date : 09-Oct-2018

Posted Date : 08-Oct-2018
  • ... और वक्त के साथ आँखें नीली पड़ गई। सुकली गोड़, पूछने पर अपनी उम्र नहीं बता पाई। बस इतना ही बोली अब राम के पास जाने का समय आ गया है ! करीब-करीब 85 बरस से अधिक उम्र की सुकली बाई कोटा विकासखंड के ग्राम नवागांव की रहने वाली है, पिछले दिनों उस रास्ते से गुजरना हुआ तो इन पर नजर पड़ी। मैं देखकर आगे निकल चुका था, फिर मुझे लगा कुछ छूट रहा है। कुछ खास है उस बुढिय़ा दाई में, मैं लौटकर उसे फिर निहारने लगा। झुर्रियों की चादर से लिपटी देह में वो आँखें मुझे आकर्षित कर गईं जिनका रंग गाढ़ा नीला था।   
    -तस्वीर और जानकारी बिलासपुर के फोटोजर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय ने भेजी

    ...
  •  


Posted Date : 08-Oct-2018
  • शारदीय नवरात्रि के लिए मूर्तिकारों के गढ़ माना में भव्य, सुंदर दुर्गा प्रतिमाएं गढ़ी गई हैं। यहां से मूर्तियां न सिर्फ रायपुर बल्कि जगदलपुर, सारंगगढ़, कांकेर, पिथौरा, बसना भेजी जा रही हैं। मूर्तिकार रंजीत विश्वास द्वारा इस बार रायपुर समता कॉलोनी की दुर्गोत्सव समिति के लिए भव्य काली और शिव की प्रतिमा गढ़ी गई है। रंजीत विश्वास ने बताया पिछले एक महीने से मूर्ति तैयार की जा रही थी। अंतिम चरण में सोमवार को मूर्ति को अलंकृत किया जाएगा। तस्वीर / छत्तीसगढ़

    ...
  •  


Posted Date : 06-Oct-2018

Posted Date : 05-Oct-2018

Posted Date : 05-Oct-2018