सोशल मीडिया

मोदी द्वारा कोविंद की उपेक्षा का वीडियो झूठा

Posted Date : 14-Nov-2017



दुष्यंत कुमार
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की उपेक्षा करने का आरोप लगाया जा रहा है। एक वीडियो के आधार पर यह दावा किया गया है। बीती छह नवंबर का यह वीडियो तमिलनाडु के एक आईएएस अधिकारी की बेटी की शादी का है। कहा जा रहा है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 'राष्ट्रपति राम नाथ कोविंदÓ भी शरीक हुए थे। नीचे वीडियो के स्क्रीनशॉट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 'राष्ट्रपति राम नाथ कोविंदÓ को देखा जा सकता है।
सरकार और लोकतांत्रिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए खास प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। यह एक तरह का औपचारिक शिष्टाचार होता है। राष्ट्रपति जहां भी होते हैं, उन्हें प्रोटोकॉल के तहत सबसे पहले प्राथमिकता दी जाती है। अगर साथ में प्रधानमंत्री हों, तो भी प्रोटोकॉल के तहत पहले राष्ट्रपति को ही प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि वे देश के सर्वोच्च पदाधिकारी हैं। वहीं, वीडियो में नरेंद्र मोदी को ज्यादा प्राथमिकता मिलती दिख रही है।
यह वीडियो छह नवंबर का है। इसकी असली कहानी बताने से पहले आपको राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की एक और तस्वीर दिखाते हैं। यह तस्वीर भी छह नवंबर की ही है, लेकिन तमिलनाडु की नहीं है, देखें।
इस तस्वीर में राष्ट्रपति कोविंद के साथ रमन सिंह दिख रहे हैं। रमन सिंह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री नहीं हैं। वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। छह नवंबर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद छत्तीसगढ़ के गिरौधपुरी में एक सामुदायिक भवन के भूमि पूजन में गए हुए थे। ऊपर जो तस्वीर आपने देखी वह उसी समय की है और राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट से निकाली गई है। उनके फेसबुक पेज पर भी यही जानकारी दी गई है। यानी यह तो साफ है कि तमिलनाडु की शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जो व्यक्ति थे वे राष्ट्रपति कोविंद नहीं थे। 
वे कौन थे, यह जानने के लिए न्यूज एजेंसी एएनआई का यह वीडियो देखा जाना चाहिए। वीडियो देखने से पहले पीएम मोदी के साथ दिख रहे व्यक्ति की वेश-भूषा याद रखने की जरूरत है, पहचान के लिए।
इस वीडियो के शुरुआती एक-दो सेकंड में वही शख्स पीएम मोदी के पीछे दिखाई दे रहा है। यह व्यक्ति तमिलनाडु के गवर्नर बनवारी लाल हैं। छह नवंबर को प्रधानमंत्री के तमिलनाडु दौरे के दौरान वे उनके साथ ही रहे। प्रधानमंत्री के कई कार्यक्रम थे और गवर्नर बनवारी लाल उनके साथ हर जगह गए। इन सभी में उन्होंने वही कपड़े पहने हुए थे जो उन्होंने शादी वाले वीडियो में पहने हुए थे।
ऊपर की इन दोनों तस्वीरों में राज्यपाल बनवारी लाल को प्रधानमंत्री मोदी के साथ देखा जा सकता है। यानी यह दावा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति की उपेक्षा की, झूठा है। (सत्याग्रह)

 




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