सामान्य ज्ञान

यूरोपियन इकॉनोमिक कम्युनिटी

Posted Date : 13-Jan-2018



वर्ष 1957 में व्यापार की उलझनों को मिटाने के लिए, बेल्जियम, फ्रांस, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स और पश्चिमी जर्मनी ने मिलकर रोम की संधि के तहत यूरोपियन इकॉनोमिक कम्युनिटी यानि ईईसी का गठन किया।  1973 में डेनमार्क, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम भी इसके सदस्य बन गए।   इसके बाद 1981 में ग्रीस और 1985 में स्पेन और पुर्तगाल भी ईईसी के सदस्य बने।  
14 जून 1985 को 10 सदस्य देशों में से 5 ने शेंगेन समझौते पर हस्ताक्षर किए।   इस समझौते से सहमत सदस्य देशों की सीमाएं आपस में खुल गई।   वर्ष  2016 तक 26 देश शेंगेन इलाके से जुड़ गए हैं।  7 फरवरी 1992 में सदस्य देशों ने नीदरलैंड्स के मास्त्रिष्ट में यूरोपियन यूनियन की संधि पर हस्ताक्षर किए और 1993 में यह संधि लागू हो गई।  30 अप्रैल 2004 को ईयू के 15 सदस्यों की संख्या के 25 पहुंच जाने के मौके पर डब्लिन में एक समारोह का आयोजन हुआ।   इसी साल जून में सदस्य देशों ने ईयू के संविधान को पारित किया।   जिस पर अक्टूबर में सभी देशों ने हस्ताक्षर कर लिए।  फ्रांस में यूरोपीय संघ के संविधान के खिलाफ जनमत संग्रह हुआ जिसमें उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद ऐसा ही नीदरलैंड्स में भी हुआ।  जबकि संविधान के प्रभावी होने के लिए सभी 27 देशों की सहमति की जरूरत थी।  वर्ष  2007 में यूरोपीय संघ के नेता एक ऐसे समझौते के मसौदे पर सहमत हुए जिसे यूरोपीय संघ के दो देशों की ओर से खारिज हुए संविधान का विकल्प बनना था।   इसे लिस्बन समझौता कहा गया।  लिस्बन समझौते के तहत 19 नवंबर 2009 को बेल्जियम के प्रधानमंत्री हरमन फान रूम्पे यूरोपीय आयोग के पहले अध्यक्ष बने।  यूरोपीय संघ को वर्ष 2012 में यूरोप में शांति और सुलह, लोकतंत्र और मानव अधिकारों की उन्नति में योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  क्रोएशिया ने 28वें सदस्य के बतौर 1 जुलाई 2013 में यूरोपीय संघ में पदार्पण किया।   23 जून को यूरोपीय संघ में बने रहने या ना बने रहने पर लंबी बहस के बाद ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह में ब्रिटिश मतदाताओं ने यूरोपीय संघ से बाहर निकल जाने का फैसला लिया।  


 अतिबला
अतिबला प्राचीन काल में प्रचलित एक प्रमुख युद्घ-विद्या है। इस विद्या के ज्ञाता का पराक्रम बढ़ता था और उसे श्रम, ज्वर आदि की बाधा का भय नहीं रहता था। कहा जाता है कि ऋषि विश्वामित्र ने श्रीराम को यह विद्या सिखाई थी।

29 वां संविधान संशोधन
भारतीय संविधान में 29 वें संविधान अधिनियम के द्वारा कोरल भूमि सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1969 और केरल भूमि सुधार (संशोधन) अधिनियम, 1971 को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल किया गया ताकि न्यायालयों में उनकी वैधता को चुनौती न दी जा सके। यह संशोधन राज्यसभा में 31 मई, 1972 को पास हुआ। 9 जून 1972 को राष्टï्रपति की अनुमति मिली और उसी दिन से यह प्रभावी हो गया।




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