छत्तीसगढ़ » कवर्धा

Posted Date : 16-Nov-2017
  • धमकी भरे बैनर से अफसर सकते में
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 16 नवंबर। एसपी कार्यालय, पुराना जिला अस्पताल व प्रोफेसर कॉलोनी के समीप बुधवार को विभिन्न भाषाओं में हाथ से लिखे हुए बैनर टंगा मिला। मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना तो अफसरों की नींद उड़ गई। अफसरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन बैनर को देखा और कहा कि यह किसी की शरारत हो सकती है, लेकिन जब खुफिया विभाग ने इस बाबत शासन को रिपोर्ट भेजी गई तो यही अधिकारी अपना पूर्व का बयान पलटते नजर आए। बोले, बैनर विभिन्न भाषाओं में लिखे हैं इसलिए बिना जांच के वह कुछ नहीं कह पाएंगे। फिलहाल नगर समेत पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
    एसपी कार्यालय, पुराना जिला अस्पताल व प्रोफेसर कॉलोनी के समीप बुधवार की सुबह आठ बजे तक सब कुछ सामान्य था, अचानक सड़क चलते हुए राहगीरों की नजर उर्दू, हिंदी व अंग्रेजी भाषा में हाथ से लिखे इन बैनर पर पड़ी। राहगीरों ने इन बैनर को पढऩे की कोशिश की पर भाषा उनकी समझ में नहीं आई। पुलिस कर्मियों ने इन बैनर को देखा तो अफसरों को उसकी जानकारी दी। 
    पत्रकारों ने जब इस बाबत पुलिस के अधिकारियों से पूछा तो पहले तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। बाद में कहा कि यह कुछ नहीं है, यह सबकुछ किसी की शरारत है। शाम होते होती इस बाबत राज्य की राजधानी बैठे अफसरों ने जानकारी ली तो उनको भी अधिकारियों ने यही बात बताई। आला अफसरों ने खुफिया विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल दागने शुरू किए तो अफसर दंग रह गए। 
    उन्होंने आला अफसरों को बताया कि वह इस बाबत जांच टीम गठित कर चुके हैं। बैनर की भाषा की जांच कराई जा रही है, इसके बाद ही पता चलेगा कि उन पर क्या लिखा है। एसपी डॉ. लाल उम्मेद का कहना है कि इस मामले में छानबीन पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है, इतना जरूर है कि क्षेत्र में सतर्कता जरूर बढ़ाई गई है।
    दो साल पहले टिफिन बम मिला था करीब दो साल पहले जनपद के सोनवाही समनापुर जंगल में टिफिन बम लगाया गया था। पुलिस जांच में इस बम के अंदर लोहे और कांच के टुकड़े, बारूद, कील आदि सामग्री मिली थी, जिसके बाद से नक्सलियों का क्षेत्र में होना तय माना गया था। इस बाबत पूर्व एसपी राहुल भगत ने जांच टीम भी गठित की थी और क्षेत्रवासियों ने नक्सलियों की सर्तकता के बारे में पूछताछ की थी। बुधवार को नगर में विभिन्न स्थानों पर टंगे बैनर भी सोनवाही समनापुर जैसे मामले से जोड़कर चल रहे है पर पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

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Posted Date : 16-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 16 नवंबर। आज सुबह पलानसरी गांव के पास स्कूली वैन में आग लग गई। चालक ने तुरंत सवार  बच्चों को बाहर निकाल लिया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। 
    मिली जानकारी के मुताबिक  कवर्धा के पलानसरी गांव से बच्चे स्कूल वैन से स्कूल जा रहे थे, इसी बीच वैन में शार्ट शर्किट से आग लग गयी। जिस वक्त स्कूल आग लगी, 5 बच्चे सवार थे। चालक ने तत्काल वैन रोकी, बच्चों को बाहर निकाल। इसी बीच स्थानीय लोग भी  पहुंचे और आग बुझाया।  वैन लक्ष्य पब्लिक स्कूल मोहगांव की है।   
    बिना पंजीयन के चल रहा है स्कूल
    सूत्रों  के अनुसार स्कूल का पंजीयन नहीं हुआ है। इस घटना के बाद जिला शिक्षाधिकारी के द्वारा  तत्काल कार्यवाही करते हुए  स्कूल संचालक को जारी आदेश में  15 दिवस के अंदर अध्ययनरत बच्चों को निकटतम शाला में समायोजित  करने का निर्देश दिया गया है।  

    साथ ही यह भी अवगत कराया गया है कि यदि शाला बंद नहीं की जाती है तो शाला व शाला संचालक के विरुद्ध आरटीई एक्ट अधिनियमों के अंतर्गत प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज कर क़ानूनी कार्यवाही की जावेगी।
    जिला शिक्षाधिकारी कबीरधाम सी एस ध्रुव ने कहा कि  जिला कलेक्टर के आदेशानुसार स्कूल उक्त मामले की जांच जारी है। तथ्य सही पाए जाने पर स्कूल के ऊपर निर्धारित कार्रवाई की जाएगी।

     

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Posted Date : 09-Nov-2017
  • आत्मदाह पर आक्रोश, मिलाजुला असर, दर्जनों गिरफ्तार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 9 नवंबर। कलेक्ट्रेट जनदर्शन,थाने में रिपोर्ट के बाद भी पांडातराई नगर पंचायत अध्यक्ष रामचंद साहू से अमानत के तौर पर दिए 40 हजार न मिलने से हताश बच्चूलाल के मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मघाती कदम के खिलाफ राजनीतिक संगठनों सहित सामाजिक स्तर पर भी नाराजगी है। मुख्यमंत्री निवास के सामने सफाईकर्मी द्वारा की गई घटना और प्रदेश सरकार के कई मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने गुरुवार को कवर्धा,पांडातराई बंद के आव्हान के तहत नगर बंद का असर मिला-जुला रहा। इसी दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
      विरोध में सुबह से छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अमित जोगी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नगर बंद का आव्हान करते हुए रैली निकालकर सभी क्षेत्रों का भ्रमण किया व संस्थानों को बंद रखने की अपील करते रहे। उसके बाद चौक में प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर शहर से दूर भोरमदेव थाने ले जा रही थी पर रास्ते में कई कार्यकर्ता बस से कूद गए जिसके कारण पुलिस ने स्थानीय उपजेल में सभी कार्यकर्ताओं को अंदर किया।

     कार्यकर्ता गिरफ्तार
    जनता कांग्रेस जोगी के आव्हान पर नगर में किया जा रहा बंद का असर नहीं रहा। सुबह  जब जनता कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शन में निकले कवर्धा बंद के अह्वान को व्यापारियों ने समर्थन  दिया। उसी दौरान उनकी गिरफ्तारी कर ली गई, कुछ देर बंद करने के बाद दुकानें खुल गईं।। प्रदर्शन को देखते हुए नगर में सुबह से बड़े पैमाने पर पुलिस बंदोबस्त कर दिया गया था।  बंद को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता शहर में सुबह से व्यापारियों से सहयोग की अपील कर रहे थे।

    पंडरिया में 51 कार्यकर्ता गिरफ्तार 
    दोषी अधिकारियों  पर कार्यवाही और 50 लाख के मुआवजे  की मांग को ले  जनता कांग्रेस ने आज पांडातराई बंद का आह्वान किया गया था।  कार्यकर्ताओं को दुकानों को बंद कराते पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में   गिरफ्तार  करने की कोशिश की गई ।  झूमाझट के बीच 51 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    युकां ने किया पुतला दहन 
    इसी घटना के विरोध में कल शाम युवक कांग्रेस में पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आकाश केसरवानी ने कहा कि  मुख्यमंत्री के गृह जिले में उनके ही आवाज में जाकर एक छोटे कर्मचारी भाजपा अध्यक्ष की प्रताडऩा से तंग आकर आत्महत्या की कोशिश कि जिस के विरोध में  प्रदर्शन किया गया।  प्रदर्शन में विकास केसरी, तुकाराम चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    सीएम ने दिए जांच के आदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने आत्मदाह का प्रयास किए जाने की घटना को अत्यंत दुखद बताया है।   मुख्यमंत्री  ने मामले को गंभीरता से लिया है और जिला कलेक्टर को मामले की जांच तथा बच्चूलाल को बेहतर से बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं।  अपर कलेक्टर पी.के. मिश्रा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। 
    वहीं सांसद अभिषेक सिंह और कलेक्टर कबीरधाम नीरज बंसोड़ ने अम्बेडकर अस्पताल पहुंचकर बच्चूलाल के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके इलाज के बारे में डॉक्टरों से चर्चा कर उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

    आरोप बेबुनियाद-नपं अध्यक्ष
    अध्यक्ष नगर पंचायत पांडातराई रामचंद्र साहू का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है आज तक बच्चू ने मुझे एक रुपया नहीं दिया है। उसको काम से भी नहीं निकाला गया है वह स्वयं   काम में नहीं आता।  सफाई कर्मियों का वेतन प्लेसमेंट ठेकेदार के माध्यम से भुगतान होता है सितम्बर का अक्टूबर में हो गया था और अक्टूबर के 10 नवंबर तक भुगतान होता है इसी को वो वेतन रुका हुआ बोल रहा होगा। वहीं ऑडिट प्रक्रिया के कारण महीने भर से सभी कर्मचारियों के साथ उनका भी वेतन रुका हुआ था।  

    जांच जारी-एसपी
    एसपी कबीरधाम डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि एडिशनल एसपी व पंडरिया एसडीओपी की जांच कर रहे है शीघ्र ही मामले का खुलासा कर तथ्य सामने आ जायेंगे।

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Posted Date : 08-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता
    कवर्धा, 8 नवंबर। बुधवार दोपहर को नगर पंचायत पांडातराई में कार्यरत एक सफाई कर्मी ने मुख्यमंत्री निवास के सामने आग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। करीब 55 फीसदी झुलसे पीडि़त को प्राथमिक उपचार पश्चात रायपुर रिफर कर दिया गया है।    
    बताया गया कि सफाई कर्मी बच्चू मूलत: शहडोल (मप्र) का रहने वाला है।  वह पिछले कुछ समय से पांडातराई नपं में सफाई कर्मी के रूप में काम कर रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर नपं अध्यक्ष को 40 हजार रुपये दिये थे। लेकिन नौकरी देना तो दूर काम से भी निकाल दिया गया। एक माह का वेतन भी नहीं दिया। जिसकी मांग को लेकर कलेक्टर के पास आवेदन भी दिया था, इस पर भी कोई सुनवाई नहीं की गई।  
    परिवार जनों ने बताया कि पांडातराई थाने में भी इसके पहले भी शिकायत की, लेकिन पुलिस उनको भगा दिया था। पांडातराई से भाग जाने की धमकी दी और दुबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी दी। जिससे व्यथित होकर उसने आत्मदाह की कोशिश की। 

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Posted Date : 03-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 3 नवंबर।   जिले के सहसपुर लोहारा मुख्यालय में आज कांग्रेस की जनअधिकार रैली में हजारों की भीड़ देखने को मिली। हालाकि अब तक कार्यक्रम शुरू नहीं हो पाया है।  सभा के मुख्य वक्ता एवं कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया कवर्धा पहुंच चुके हैं।  उनके साथपीसीसी अध्यक्ष भूपेश पटेल, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, प्रभारी सचिव कमलेश्वर पटेल, अरुण उरांव, रविंद्र चौबे, धनेंद्र साहू और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री चरणदास महंत, ताम्रध्वज साहू, छाया वर्मा, शिशुपाल सोरी, शिव डहेरिया, अमितेश शुक्ला भी मौजूद हैं। कवर्धा में पत्रकारवार्ता के बाद सभी सहसपुर लोहारा लिए रवाना होंगे। सभा में भीड़ को देखते हुए कांग्रेसियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इसके पहले पुनिया ने कवर्धा रवाना होने से पहले बेमेतरा में पत्रकारों को संबोधित किया।
     उल्लेखनीय है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों को जनता के बीच ले जाने की योजना कांग्रेस ने बनाई है। अगले साल 2018 में विधानसभा चुनाव होने है। इसे लेकर कांग्रेस अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गई है।  

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Posted Date : 27-Oct-2017
  • सड़क पर लाश रख प्रदर्शन, बल प्रयोग, लोरमी में तनाव  
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    लोरमी,27 अक्टूबर। आबकारी विभाग की टीम की छापामार कार्रवाई के दौरान भाग रहे युवक की करंट की चपेट में आने से  मौत के बाद लोरमी  में भारी तनाव  है।  मामले को लेकर कांग्रेसियों ने मृतक के परिजनों के साथ मिलकर सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। जिसके चलते लोरमी-पंडरिया मुख्य मार्ग पर तहसील चौक के पास लंबा जाम लग गया।  प्रदर्शनकारियों को खदेडऩे पुलिस ने बल प्रयोग भी किया है।  पुलिस ने ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सागर सिंह समेत 4 कांग्रेसी को हिरासत में ले लिया है। 
     लोरमी के डिंडौरी गांव में गुरुवार की दोपहर आबकारी विभाग  ने निरीक्षक कल्पना राठौर के नेतृत्व में दबिश दी थी। जिससे गांव के सोनू सिंह गोंड़ नाम का युवक घर में आबकारी विभाग की टीम की दबिश पर भाग रहा था। इसी दौरान घर से महज 300 मीटर की दूर भागने के दौरान खेत में गिरे एलटी लाईन तार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। 
    मृतक सोनू के पिता विष्णु का आरोप है कि आबकारी विभाग की टीम जबरदस्ती (बाकी पेजï 5 पर)
    उसकी पत्नी के खिलाफ 40 लीटर शराब जब्त करनें की कार्रवाई की है। जबकि शराब उसके घर से बरामद नहीं हुआ है। वहीं बेटे के मौत के पीछे आबकारी विभाग के महिला अधिकारी और उसकी टीम के द्वारा जबरदस्ती खौफ दिखाकर उसके बेटे को दौड़ाये जाने के कारण करंट की चपेट में आ गया। पिता का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान घंटों आबकारी विभाग की टीम और अधिकारी जमकर उसके घर में उत्पात मचाते हुए धमकी देते रहे। जिससे वो और उसके परिवार के लोग सहम गए। उसका आरोप है कि नदी किनारे पकड़े गये शराब को उसकी पत्नी संतोषी गोंड़  के पास जब्ती बनाकर पेश किया गया। घर में दबिश से घबराये छोटा बेटा सोनू  खेत की ओर भाग रहा था। 
    मामले की रिपोर्ट मृतक के परिजनों ने देर रात चिल्फी चौकी पहुंचकर पुलिस को दी। मामले की जानकारी लगने पर चिल्फी चौकी पुलिस देर रात ही गांव पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुबह  का इंतजार करने लगी। इधर सुबह 9 बजे के आसपास जब पुलिस परिजनों के साथ शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोरमी पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों नें कांग्रेसियों के साथ मिलकर तहसील कार्यालय चौक के पास चक्काजाम कर दिया। इस दौरान लोरमी-पंड़रिया मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गर्इं। पिकअप वाहन में शव रखकर सड़क पर चक्काजाम कर रहे कांग्रेसियों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग भी किया। 
    प्रदर्शन कर रहे ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सागर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन यहां खुलेआम दादागिरी कर रही है। एक आदिवासी समाज का एक युवक जिसके पास से किसी तरह का कोई शराब जब्त नहीं हुआ है जबरदस्ती उसे खौफ दिखाकर दौड़ाया गया।   
    वहीं  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के केंद्रीय उपाध्यक्ष औऱ लोरमी के पूर्व विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि गुरुवार की शाम को ही मैंने लोरमी एसडीएम को ज्ञापन देकर कहा था कि यहां प्रशासनिक अधिकारियों का आतंकवाद चल रहा है। जिसके बाद रात को ये घटना भी हो गई। 
    इस मामले में एसडीओपी तेजराम पटेल ने कहा कि चिल्फी चौकी अंतर्गत डिंडौरी गांव में एक 22 वर्षीय युवक की करंट की चपेट में आनें से मौत हो गई थी। आबकारी टीम की दबिश की सूचना मिली है उसके माता को शराब जब्त कर रिमांड में भेजा गया है लेकिन दोनों अलग-अलग मामला है ऐसा लग रहा है। अभी जांच की जा रही है। आबकारी विभाग से भी कार्रवाई के दौरान क्या हुआ इसके संबंध में पूछताछ की जायेगी। जो भी दोषी होगा या  किसी की गलती होगी तो कार्रवाई की जायेगी।

     

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Posted Date : 06-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 6 सितंबर। बस स्टैंड स्थित एक ढाबा में विक्षिप्त महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले ढाबे के मालिक व नौकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    सिटी कोतवाली से मिली जानकारी के मुताबिक 1 सितम्बर को सखी वन स्टाफ सेंटर को जानकारी मिली कि बस स्टैंड के आस पास एक विक्षिप्त महिला घूमती रहती है जिसके साथ बलात्कार हुआ है। 
    दरअसल महिला के परिवार में कोई नहीं है। वह अपने नाना नानी के घर मे रहती थी लेकिन उसका स्वास्थ्य अधिक खराब होने से उसके नाना-नानी ने भी घर से निकाल दिया। इसके बाद वह बस स्टैंड में ही रहती थी और इधर-उधर से मांग कर खाना खाती थी।  
    बस स्टैंड के पास ही अभिजीत होटल में संचालक अभिजीत सिंह गुम्बर(37) निवासी गुरुनानक गेट कवर्धा व पास के होटल में काम करने  वाले नंदकुमार  सोनटके (20) होटल में रहते थे। दोनों ने महिला के साथ एक एक कर दुष्कर्म कर छोड़ दिया।
    चूड़ी बेचने वाली महिलाओं को जानकारी मिलने पर पीडि़ता को जिला अस्पताल भेजा। एक सितम्बर की घटना की जानकारी सखी वन स्टाफ सेंटर को हुई। इसके बाद सखी वन स्टाफ सेंटर की टीम ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई,लेकिन इस पर कोई ध्यान नही दिया गया। इसके बाद टीम ने घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी बाद एसपी ने पुलिस,महिला सेल व सखी वन स्टाफ सेंटर की टीम गठित किया इसके बाद टीम ने विक्षिप्त महिला को वापस घटना स्थल पर ले गए। जहाँ उसकी निशानदेही पर घटना व आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद    कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

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Posted Date : 20-Aug-2017
  • मन्नू चंदेल
    कवर्धा, 20 अगस्त (छत्तीसगढ़)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जहां लोग बकरी,गाय, जेवर,मोटरसायकल बेचकर, कर्ज लेकर शौचालय बनवाने के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं वही जिले के पेड्री पंचायत के आश्रित ग्राम बाघामुडा में शौचालय को सील करने का अनोखा मामला सामने आया है। एक ओर जहां देश भर में च्च्जहां सोच वहां शौचालयज्ज् की धारणा से काम किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कवर्धा जिले के बाघामुडा गांव में शौचालय को सील करना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। सबसे खास बात यह है कि कवर्धा ब्लाक ओडीएफ घोषित किया गया है । वहीं अब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद विवाद सुलझने तक सील तोड़कर शौचालय का उपयोग करने का आदेश दिया गया है। 
    प्रदेश को खुले में शौचमुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कवर्धा जिले के बाघामुडा गांव में जमीन विवाद के कारण ओडीएफ घोषित ब्लाक के अंतर्गत आने वाले गांव में शौचालय को ही सील लगा दिया गया है। दरअसल पूरा मामला यह है कि पेड्री पंचायत के आश्रित गांव बाघामुडा में जेठू श्रीवास विगत 25 साल से भी ज्यादा समय से अपने रिश्तेदार के साथ रहते है। उसकी कोई सन्तान नहीं है। पति-पत्नी ही रहते है।
    जेठू की माने तो 25 साल पहले ही जिस स्थान पर निवासरत है, ठीक सामने की जमीन को गांव के ही किसी व्यक्ति से 11 हजार में लिया था, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई थी। इस बीच शौचालय अनिवार्य होने की दशा में कुछ माह पहले ही सरपंच द्वारा घर में शौचालय की अनिवार्यता बताई जिसके बाद घर के सामने वाले खाली हिस्से में शौचालय भी निर्माण करा दिया गया।
     इस बीच ग्रामीणों ने इस बात का विरोध किया कि जिस स्थान पर शौचालय निर्माण किया गया है वह शासकीय है जिसे दैहान के रूप में ग्रामीण उपयोग करते आ रहे है। शिकायत के आधार पर सप्ताह भर पहले ही जिला प्रशासन की टीम ने शौचालय  सील कर दिया। जिसके बाद से जेठूराम की दिक्कतें शुरू हो गई।
     बुजूर्ग होने के कारण जेठूराम भागदौड़ नहीं कर पाये न ही इस बात की शिकायत किसी प्रशासनिक अधिकारी से की। अब जेठू के परिवार वाले खुले में ही शौच जाते हंै। 
    आला अधिकारी भी है हैरान...
    मामला सामने आने के बाद अब जिला पंचायत के आला अधिकारी भी हैरान है,तहसीलदार द्वारा टायलेट में सील लगाने की बात तो मान रहे है साथ ही ओडीएफ घोषित ब्लाक में इस प्रकार की कार्यवाई पर हैरानी जताते हुए, गांव के विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की समझाइश ग्रामीणों को देने की बात कही जा रही है। साथ ही विवाद सुलझने तक शौचालय उपयोग करने के लिए खोलने का आदेश दिया गया है। 

    पेंड्रीकला पंचायत के ग्राम बाघामुडा में एक हितग्राही काफी समय से बेजा कब्जा किये थे, बेजा कब्जा में शौचालय बनाये थे, जिसे गांव वालों ने विरोध किये जिसे तहसीलदार द्वारा शौचालय सील किये जाने की बात सामने आई है। ग्राम पंचायत को कहा गया है प्राथमिक रूप से पंचायत को बात का हल करना चाहिए, हमारा जिला शौचमुक्त है ऐसे में तुरंत शौचालय तोड़कर शौचालय निर्माण करने कहा गया है। बेसकली गांव की समस्या को पंचायत में ही हल करने कहा गया है।
    एस एन भूरे 
    सीईओ जिला पंचायत कवर्धा

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Posted Date : 01-Aug-2017
  • क्या एक दिन सफाई कर अपने गौरव को बचा सकते हैं?

    मन्नू चंदेल
    कवर्धा, 1 अगस्त (छत्तीसगढ़ )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान ने पूरे देश को स्वच्छता के प्रति जागृत कर दिया है। इसके मद्देनजर सफाई अभियान की एक झलक इन दिनों कवर्धा में देखने को मिल रही है। स्वच्छता को लेकर शहर में जोर-शोर से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की पहल पर शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सकरी नदी में सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
    ज्ञात हो कि सकरी नदी कबीरधाम जिले की जीवन रेखा है। सकरी नदी अब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नदी तट पर हो रहे अवैध कब्जों से किनारे सिमट रहे है। कहीं अवैध ईंट भ_े संचालित हो रहे हैं तो कहीं सब्जी बाड़ी में बोर लगाकर नदी का दोहन किया जा रहा है। वहीं शहर पहुंचते ही नालों के गंदे पानी से नदी दूषित हो गई है। ऐसे में नदी का संरक्षण व पुनरुद्धार एक कड़ी चुनौती है।
     नदी का अस्तित्व संकट में
     मैकल पर्वत श्रेणियों के बीच भोरमदेव के जंगल में दुरदुरी के समीप उद्गमित शंकरी(सकरी) नदी जंगल क्षेत्रों में आज भी खिलखिलाती हुई प्रवाहित होती है, लेकिन ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों द्वारा नदी के तटों पर किए जा रहे अवैध ईंट भ_े तथा सब्जी बाड़ी के चलते नदी तट अब खत्म होने लगी है। ऐसे में शंकरी नदी अपने प्रवाह तथा अस्तित्व को लेकर स्वयं संघर्ष कर रही है।
     कवर्धा शहरी क्षेत्रों में नालियों के गंदे पानी नदी में मिलने से नदी का पानी दूषित हो चुका है। राजमहल चौक, सकहरा घाट, कचहरी पारा तथा मिनीमाता चौक के समीप नदी में शहर का गंदा पानी मिलकर नदी के पानी को पूर्ण रूप से दूषित कर रहा है। ऐसे में नदी को बचाए रखना कड़ी चुनौती है।
    4 करोड़ 88 लाख की सीवरेज सिस्टम हो गई फ्लॉप
      अगस्त 2008 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर सकरी को प्रदूषण से बचाने के लिए सकरी सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई थी। गंदे पानी का शुद्धिकरण करने के लिए फिल्टर प्लांट के लिए पीएचई विभाग को शासन ने चार करोड़ 88 लाख का प्रोजेक्ट सौंपा था। काम तो प्रारम्भ हुआ लेकिन अंजाम धरातल में नजर नहीं आता। 
    परियोजना के तहत नाले के प्रदूषित पानी सहित शहर की नालियों में बहने वाले गंदे पानी को एक स्थान पर एकत्रित कर उसे शुद्ध किया जाता। शुद्धिकरण के बाद साफ पानी को विभिन्न प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल किया जाता। शुद्ध जल की आपूर्ति से लोगों को जलजनित विभिन्न बीमारियों से बचाव की दृष्टि से भी काफी राहत मिलती।
    नदी बचाने किये गए कई प्रयास
    सकरी नदी को बचाने व लोगों में जागरूकता लाने के लिए शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा प्रयास किये गए हैं। लगभग 15 वर्ष पहले पं. अर्जुन प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में सकरी नदी के उद्गम तक पदयात्रा हुई थी, वहीं मई 2010 में मुख्यमंत्री की पत्नी वीणा देवी सिंह, संसदीय सचिव सियाराम साहू के नेतृत्व में पानी पद यात्रा निकाल व मानव श्रृंखला बनाकर श्रमदान किया गया था, जिसमें भी नगरवासियों ने अपना योगदान देकर नदी के सफाई अभियान का शुभारंभ किया गया था। जिले के पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने कार्यकाल में नदी के संवर्धन के लिए कई प्रयास किये थे।
    कभी होता था एक बांस की 
    गहराई, गलत जगह बना पुल

    सकरी नदी के प्रमुख सकरहा घाट जहां शहर के गणेश, दुर्गा, ताजिया, जंवारा विसर्जन होता था, वहां एक दशक पूर्व एक बांस का गड्ढा होता था। नदी कलकल होकर बहती थी, बाजू गौठान के सैकड़ों मवेशी अपनी प्यास बुझाते व हजारों रहवासी निस्तारी करते, लेकिन अब मंजर विपरीत है। समय के साथ वो जगह अब समतल मैदान में तब्दील हो गया है। इसका कारण है मोहल्ले वालो के विरोध के बावजूद ठेकेदार ने बचत के उद्देश्य से नियत स्थान से पुल को नदी के आस पास बड़े-बड़े सुंदर पत्थरो को बारूद से फोड़कर कार्य को अंजाम दिया फलस्वरूप नदी का स्त्रोत वहीं के वहीं कंक्रीट से दब गया। जिसके वजह से आज शहर के हजारों लोग निस्तारी के समस्या से जूझ रहे हंै।
    नवम्बर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद करेंगे पदयात्रा
    स्वामी श्री के शिष्य चंद्रप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि सकरी नदी के अस्तित्व को बचाने के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महराज के शिष्य दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज नवम्बर 17 में सकरी नदी के उद्गम से दुर्ग जिले के फोक नदी संगम तक लगभग 80 किमी का पदयात्रा अपने अनुयायियों व समाजसेवी संगठनों के निकालेंगे।
    सकरी नदी का एक परिचय
    शंकरी अपभ्रंस नाम सकरी नदी का उद्गम कबीरधाम जिले के दक्षिण पश्चिम किनारे से मैकल पर्वत श्रृंखला से है। यह नदी जिले के दक्षिण पश्चिम कोने से बहती हुई पूर्व दिशा की ओर जाती है। यह नदी मैकल पर्वत श्रृंखला के समुद्र सतह से 888 मीटर उंचाई से उद्गमित होकर लगभग 14 किमी घने जंगलों एवं पहाड़ी से होते हुए बह रही है। उद्गम स्थान से 14 किमी दूरी तक 27 फीट का जलप्रपात है। जलप्रपात के नीचे की ओर यह नदी 21 किमी की गहरी खाई से होते हुए भोरमदेव मंदिर के पास पठारी सतह पर बहना प्रारंभ करती है।
    शंकरी और फोंक नदी का संगम
    शंकरी नदी 21 से 47 किमी ढलान युक्त पठार में बहते हुए कवर्धा नगर तक आती है। कवर्धा नगर पश्चात 47 से 83 किमी तक कबीरधाम जिले में एवं 83 से 90 किमी दुर्ग जिले में बहते हुए फोक नदी में मिलती है। शंकरी एवं  फोंक नदी का संगम स्थल समुद्र सतह से 272 मीटर ऊंचाई पर है। नदी का संपूर्ण जल ग्रहण क्षेत्र 666 वर्ग किमी है। जिससे 266 मिलीयन घन मीटर जल प्राप्त होता है।

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Posted Date : 28-Jul-2017
  • खिलौने की जगह सांपों से खेलते हैं बच्चे
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 28 जुलाई।  बोड़ला विकासखंड में गौरिया समुदाय की बस्ती है जहां सपेरा परिवार बसते है जहां बच्चे खिलौने की जगह सांप से खेलते हंै। मौत से खेलना सहज एवं स्वभाविक प्रवृत्ति है जो उन्हें विरासत में मिला है जहां सपेरा परिवार दहेज में अपनी बिटिया को 12 सांप दामाद की आजीविका चलाने के लिए देने का रिवाज है।
    जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर आदिवासी विकासखण्ड बोड़ला अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं. 12-्र पर स्थित गांव बांधाटोला से करीब डेढ़ दो किलोमीटर आगे गौरिया समुदाय की बस्ती है सामान्य तौर पर इसे सपेरों की बस्ती कहा जाता है। इस बस्ती में हर घर पर जहरीले खतरनाक सांपो का बसेरा है जहां पर बच्चे भी खिलौने की जगह पर सांप का उपयोग करते है यह उनके लिए बहुत सामान्य बात है लेकिन मौत से खेलना इनकी सहज एवं स्वभाविक प्रवृत्ति है जो बच्चों को विरासत में मिलती है। यहां विवाह के अवसर पर लड़की का पिता दहेज के रूप में 12 सांप, अपने दामाद को देता है ऐसा मानना है कि उससे दामाद की आजीविका चल सके।
    आजीविका साधन है सांप...
    करीब दो किलोमीटर कीचड़ भरी पगडंडी में चलकर जंगल के पास बसी इस बस्ती में जाकर इस समुदाय के रहन-सहन संस्कृति एवं सभ्यता के विषय में हमने जो जाना वह औरों के लिए अचंभित करने वाला है। बचपन से सांप पकडऩ़ा एवं उनको देवता मानकर प्रदर्शित कर अपनी आजीविका चलाना पहले सिखाया जाता है। आधुनिक सभ्यता से कोसों दूर गौरिया समुदाय के लोग एक जगह पर स्थायी रूप से नहीं  रहते हैं।
    शौक नहीं मजबूरी?
    संवरा जाति के मोतीराम, लालजी गोड़ ने बताया कि इससे पूर्व उनका डेरा अमरकंटक मार्ग पर कोटा परिक्षेत्र के जंगल में था उसके बाद वे यहां आ गए। इनकी बस्ती में बने झोपड़े में भौतिक विलासिता के समान की जगह खतरनाक सांप होते है। दिन-रात मौत के साए में रहने पर भी इनके चेहरे पर कोई शिकन तक दिखाई नहीं देती। एक पल के लिए हम भी इन सांपों को देखकर सहम गए थे। इस सपेरे ने बताया कि कुछ मौतें भी सांप के काटने से हो जाती है जो इस कहावत को चरितार्थ करता है कि कभी-कभी अच्छे तैराक की मौत भी पानी में हो सकती है। मुनी, कुन्दे, हल्कू, बिजाती की मौत अपनी रोजी-रोटी के इंतजाम के लिए मौत से खेलना उनका शौक नहीं मजबूरी है। इस समुदाय के लोग सांप को मारना पाप समझते है जो हमारे लिए मौत का पर्याय है वही उनके लिए जीवन का आधार है।
    दहेज में सांपों का उपहार...
    जिस देश में आस्था और विश्वास की जड़े इतनी गहरी वहां पर कुछ न कुछ विशेष और असाधारण तो है ही। अपनी वैवाहिक संस्कृति एवं परंपरा के विषय में फूलचंद, बेदबाई, सुखमेला ने बताया कि हमारी जाति में दहेज की कुप्रथा नही है और इस कारण कम से कम दहेज के कारण कोई मरता तो नही है विवाह के अवसर पर लड़की के पिता दहेज के रूप में 12 सांप देता है जिससे दामाद की अजीविका चल सकें। एक तरफ सभ्य समाज की मानसिकता की तुलना कीजिए जहां पर बिना दहेज के कोई बेटी बिदाई नही होती। जिस समाज में आए दिन लड़कियां आत्महत्या कर लेती है, ऐसे में खोखली आधुनिकता एवं सभ्य होने का दिखावा नही करने वाले सपेरे की जिंदगी भले ही ज्यादा रोशन न हो कम से कम सकुन से रात में इन्हें नींद तो आती है।

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Posted Date : 20-Jul-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 20 जुलाई।  कबीरधाम जिले के पिपरिया थाना के ग्राम डेहरी निवासी एक किसान ने  जहर खाकर जान दे दी। पास ही सुसाइडल नोट भी मिला है जिसमें खेत के डायवर्सन न होने तथा कर्ज सम्बन्धी बातेें लिखी हंै।  परिजनों के अनुसार वह कर्ज से परेशान था।
    मिली जानकारी के अनुसार  पिपरिया थाना अंतर्गत ग्राम डेहरी के किसान संतोष साहू पिता बालाराम (50) ने कर्ज के चलते जहर खाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार  उसकी लाश उसके खेत के पम्प हाउस में मिली।  परिजनों ने पुलिस को कल शाम  सूचना दी थी।  आज  सुबह  पुलिस पंचनामा के लिए पहुंची। 
    लाश के पास ही सुसाइडल नोट भी मिला है जिसमें खेत के डायवर्सन न होने तथा कर्ज सम्बन्धी बातें लिखी हंै। इसे  पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।  परिजनों का कहना  है कि उसने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है। किसान  गुड़ फैक्ट्री चला रहा था। अधिक कर्ज के कारण खेत को डायवर्सन करा कर लोन लेना चाहता था। लोन लेकर कर्ज से मुक्ति पाना चाहता था लेकिन तत्कालीन कलेक्टर ने डायवर्सन को रिजेक्ट कर दिया था। वहीं खेत व गुड़ फैक्टी का कर्ज अधिक हो गया था। किसान के पास 11 एकड़ खेत है। इसमें से ढाई एकड़ उसने गिरवी रखा है।  वहीं कुछ कर्ज प्राइवेट बैंक का भी था।

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