छत्तीसगढ़

  • बीजापुर, जवान की मौजूदगी पर सीबीआई अफ सरों ने जताया खेद
    बीजापुर, जवान की मौजूदगी पर सीबीआई अफ सरों ने जताया खेद

    जवान की मौजूदगी पर सीबीआई अफ सरों ने जताया खेद

    पीडि़त अभी अड़े हैं गांव में ही बयान दर्ज कराने, आप नेत्री ने समझाने की बात कही

    सोनी सोढ़ी ने भी जताया ऐतराज, अगस्त में होगा बयान

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बीजापुर, 20 जुलाई।
    एड़समेटा में बातचीत के दौरान एक जवान के वहां पत्रकार बता मौजूद रहने पर सीबीआई की अफ सर सारिका जैन ने गांव के लोगों के सामने खेद जताया और इधर, याची एवं आप नेत्री सोनी सोढ़ी ने भी इस पर गहरा ऐतराज जताते विरोध किया है। 

    सूत्रों के मुताबिक सीबीआई टीम ने एड़समेटा में ग्रामीणों से मुलाकात के बाद अगस्त में गंगालूर में आकर बयान देने कहा है। आप नेत्री सोनी सोढ़ी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने बयान के दौरान किसी भी पुलिस के जवान की मौजूदगी पर सख्त पाबंदी लगाई थी लेकिन एक जवान शुक्रवार को सीबीआई टीम के आसपास खुद को पत्रकार बताकर मौजूद था। यही नहीं, वह टीम और ग्रामीणों के बीच हो रही बातचीत के दौरान भी था। आप नेत्री के मुताबिक जब टीम लौट रही थी, तो गांव की महिलाओं ने उस व्यक्ति का जूता देख पहचाना और उसे पकड़कर सीबीआई के सामने लाया। तब उस व्यक्ति ने कबूल किया कि वह जवान है। तब टीम लीडर सारिका जैन ने ग्रामीणों से खेद जताते कहा कि अभी बयान नहीं हो रहा है। सोनी सोढ़ी ने भविष्य में बयान के दौरान इस पर बात खास गौर करने का आग्रह सीबीआई से किया है। हालांकि आप नेत्री ने कहा कि मीडियाकर्मियों के बारे में कोर्ट ने उनके रहने या नहीं रहने के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है। 

    कदम काबिले ए तारीफ
    याची सोनी सोढ़ी ने एक महिला सीबीआई अफ सर के एड़समेटा जैसे अंदरूनी गांव में पैदल जाने को काबिल ए तारीफ  बताते कहा कि वहां जाना ही हिम्मत का काम है। पहाड़ी रास्तों पर उन्हें मीलों पैदल चलना पड़ा। उन्होंने विधायक विक्रम मण्डावी और एसपी दिव्यांग पटेल का भी आभार मानते कहा कि सारी सुविधाएं टीम को दी गईं। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आई। 

    फिर आएगी टीम
    सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम फि र से अगस्त में आएगी। शुक्रवार को गंगालूर पहुंचते टीम को रात हो गई थी। टीम रात में गंगालूर में ही रूकी और सुबह जिला मुख्यालय आई। 

    फि र वह लौट गई। आप नेत्री ने बताया कि अगस्त में गंगालूर में बयान लेने की नोटिस पीडि़त परिवारों को दी गई है लेकिन इसका ये कहकर विरोध किया जा रहा है कि बयान गांव में ही हो। सोनी सोड़ी ने पत्रकारों को बताया कि वे गंगालूर में आकर बयान देने के लिए ग्रामीणों को समझाएंगी क्योंकि अंदरूनी गांव जाना सीबीआई अफ सरों को परेशानी में डालने वाला होता है। इसके अलावा कंप्यटर टाइपिंग आदि की सुविधा भी गांव में नहीं है। 

     

अंतरराष्ट्रीय

  • टैंकर के चालक दल के 23 सदस्यों में भारतीय भी
    टैंकर के चालक दल के 23 सदस्यों में भारतीय भी

    लंदन/तेहरान, 20 जुलाई। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा जब्त किये गये ब्रिटेन के टैंकर पर सवार चालक दल के 23 सदस्यों में भारतीय भी शामिल हैं।
    टैंकर की कंपनी स्टेना बल्क के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक हैनेल कहा, टैंकर पर सवार चालक दल के 23 सदस्यों में भारत, रूस, लताविया और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। उनमें से किसी को कोई नुकसान होने की कोई खबर नहीं है। हमार ध्यान मुख्य रूप से हमारे चालक दल की सुरक्षा और बचाव पर है। हम समस्या के समाधान के लिए ब्रिटिश और स्वीडिश सरकार के संपर्क में हैं। हम चालक दल के सदस्यों के परिवार के साथ भी संपर्क स्थापित कर रहे हैं। 
    इससे पहले रिपोर्टें आई थीं कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतररराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के मामले में ब्रिटेन के दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है। ईरान ने दावा किया था कि उसने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के कारण ब्रिटेन के एक टैंकर स्टेना इम्पेरो को जब्त किया है। 
    इस बीच, ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके एक टैंकर के ईरान के जब्त करने से वह ‘बहुत चिंतित’ है। ब्रिटेन के विदेश सचिव जेरेमी हंट ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का शीघ्र समधान नहीं हुआ तो इसके ‘गंभीर परिणाम’ होंगे। 
    श्री हंट ने कहा कि यह कार्य पूरी तरह से अस्वीकार्य है और नेविगेशन की स्वतंत्रता को बनाये रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तरफ से यह बल्कुल स्पष्ट है कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।’’
    बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार स्टेना इम्पेरो कंपनी ने कहा है कि हार्मुज जलडमरूमध्य में जब्त किये गये टैंकर से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
    फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार टैंकर स्टेना इम्पेरो को शुक्रवार को ईरानियन रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जब्त किया है। 
    टैंकर की कंपनी स्टेना बल्क ने कहा है कि वह नेविगेशन एवं अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन करता है। स्टेना बल्क ने कहा कि टैंकर पर सवार चालक दल  के 23 सदस्यों में से किसी को कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है जिनमें  भारत, रूस, लातविया और फिलीपींस के नागिरक शामिल हैं। 
    श्री हंट ने कहा कि टैंकर चार जहाजों से घिरा था और एक हेलीकॉप्टर ईरानी समुद्र क्षेत्र में जा रहा था। 
    इसके साथ ही ब्रिटेन के स्वामित्व वाली एक लाइबेरियाई टैंकर एमवी मेसडार को भी जब्त किया गया था लेकिन उसे बाद में रिहा कर दिया गया। इस बीच, ग्लासगो में स्थित इसके ऑपरेटर नोरबल्क शिङ्क्षपग यूके ने कहा है कि टैंकर के साथ संपर्क स्थापित हो गया है और इसके चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। 
    एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि बिटिश सरकार ईरान के इस ‘अस्वीकार्य कार्य’ से बहुत ङ्क्षचतित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने यूके शिपिंग को कुछ समय के लिए क्षेत्र से बाहर रहने की सलाह दी है।’’ (वार्ता)
     

राष्ट्रीय

  • 3 बार मुख्यमंत्री, एक बार राज्यपाल और सांसद रहीं शीला दीक्षित का निधन
    3 बार मुख्यमंत्री, एक बार राज्यपाल और सांसद रहीं शीला दीक्षित का निधन

    नई दिल्ली, 20 जुलाई। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित का निधन हो गया। पूर्व सीएम की आकास्मिक मौत से पार्टी में शोक की लहर है। कांग्रेस ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक प्रकट किया है। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पडऩे की वजह से आज दोपहर 3 बजकर 55 मिनट उनका निधन हुआ। शीला दीक्षित के निधन के बाद उनके आवास पर बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहीं थी और अस्पताल में भी भर्ती थीं।
    15 साल तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज रहने वालीं शीला दीक्षित इससे पहले 1984 से 89 तक वे कन्नौज (उप्र) से सांसद रह चुकी हैं। इस दौरान वे लोकसभा की समितियों में रहने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं के आयोग में भारत की प्रतिनिधि रहीं। वह राजीव गांधी सरकार में केन्द्रीय मंत्री भी थीं। शीला दीक्षित 1998 से 2013 तक लगातार 15 साल दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को मिली अप्रत्याशित जीत के बाद शीला दीक्षित ने राजनीति से दूरी बना ली थी। लेकिन लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी की अगुवाई में उन्होंने दिल्ली की कमान संभाली थी। हाल ही में प्रदेश स्तर पर शीला दीक्षित बनाम पीसी चाको के बीच अनबन की खबरें भी सामने आई थी। पीसी चाको ने अपने पत्र में जिक्र किया था कि शीला दीक्षित बीमार चल रही हैं।  
    शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च, 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। शीला दीक्षित ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की थी। उनका विवाह उन्नाव (यूपी) के आईएएस अधिकारी स्वर्गीय विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद कांग्रेस के बड़े नेता और बंगाल के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय उमाशंकर दीक्षित के बेटे थे। शीलाजी एक बेटे और एक बेटी की मां हैं। उनके बेटे संदीप दीक्षित भी दिल्ली के सांसद रह चुके हैं। दरअसल, मिरांडा हाउस से पढ़ाई के दौरान ही उनकी राजनीति में रुचि थी। 
    शीला दीक्षित अपनी काम की बदौलत कांग्रेस पार्टी में पैठ बनाती चली गईं थी। सोनिया गांधी के सामने भी शीला दीक्षित की एक अच्छी छवि बनी और यही वजह है कि राजीव गांधी के बाद सोनिया गांधी ने उन्हें खासा महत्व दिया था। साल 1998 में शीला दीक्षित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष बनाई गईं थी। 1998 में ही लोकसभा चुनाव में शीला दीक्षित कांग्रेस के टिकट पर पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ीं, मगर जीत नहीं पाईं थी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि तीन-तीन बार मुख्यमंत्री भी रहीं।  (एनडीटीवी)

स्थायी स्तंभ

  • छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : भले की फजीहत, बुरों की हँसी
    छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : भले की फजीहत, बुरों की हँसी

    भारतीय वन सेवा के अफसर एसएस बजाज के खिलाफ बिना अनुमति सिंगापुर यात्रा की पड़ताल चल रही है। बजाज सबसे ज्यादा समय तक नया रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ पद पर रहे। एक तरह से नया रायपुर में जो भी कुछ डेवलपमेंट हुआ है, कुछ हद तक उन्हें ही श्रेय जाता है। उनकी साख भी अच्छी रही है। परंतु विधानसभा में उनके खिलाफ मामला उठने पर आईएफएस अफसरों में हलचल है। 

    सुनते हैं कि बजाज ने अपने खर्चें से विदेश यात्रा पर जाने के लिए दो महीने पहले विधिवत विभाग से अनुमति मांगी थी। उनका पूरा परिवार सिंगापुर में एकत्र होने वाला था। इसी बीच विभाग के सचिव बदल गए। अनुमति की फाइल इधर-उधर घूमती रही। न तो आवेदन निरस्त किया गया और न ही स्वीकृति दी गई। यह भी कहा जा रहा है कि बजाज ने विदेश जाने से पहले अपर मुख्य सचिव (वन) को  फोन से सूचित भी किया था। विदेश यात्रा के लिए 21 दिन पहले अनुमति लेनी होती है। यदि आवेदन निरस्त नहीं किया जाता है तो अनुमति स्वयमेव मान लिया जाता है। ऐसे में बजाज विदेश यात्रा पर निकल पड़े। लौटकर आए तो उनके खिलाफ जांच खड़ी हो गई। हालांकि विभागीय मंत्री मो. अकबर को नियम-कायदे के मुताबिक काम करने वाला माना जाता है। ऐसे में बजाज से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि हकीकत जानने पर उन्हें राहत मिल जाएगी। वन विभाग में कम ही लोग इतनी अच्छी साख वाले हैं, और उनकी फजीहत होते देखकर कई ऐसे आईएफएस खुश हो रहे हैं, जिनकी जगह जंगल में नहीं जेल में होनी चाहिए थी।

    रायपुर से अगरतला
    रायपुर के 7 बार सांसद रहे रमेश बैस पूरे ही समय पान-मसाला और तंबाकू चबाते रहते हैं। लेकिन वे जिस त्रिपुरा में राज्यपाल बनकर जा रहे हैं, वहां उन्हें कोई सांस्कृतिक दिक्कत नहीं होगी क्योंकि उस राज्य में सुपारी पैदा होती है, और खूब चबाई जाती है। त्रिपुरा का राजभवन एक पुराना महल है, और जिस तरह लखनऊ वगैरह के पुराने महलों में पीकदान का चलन रहता था, वैसा ही चलन रमेश बैस के वहां पहुंचने पर फिर शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ के पहले राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय यहां से त्रिपुरा के गवर्नर बनाकर भेजे गए थे, और उनके परिचित लोगों को हर वर्ष दीवाली पर उनका जो कार्ड मिलता था उस पर राजभवन की तस्वीर ही छपी रहती थी। छत्तीसगढ़ी लोगों को ऐसे विशाल राजभवन में राज्यपाल का मेहमान बनकर ठहरने का अब खूब मौका मिलेगा, और लगे हाथों उत्तर-पूर्व के बाकी राज्यों को भी छत्तीसगढ़ी सैलानी मिलने लगेंगे। (rajpathjanpath@gmail.comh)

राजनीति

  •  प्रियंका गांधी के बाद अब टीएमसी सांसदों को भी सोनभद्र जाने की नहीं मिली इजाजत, एयरपोर्ट पर दे रहे हैं धरना
    प्रियंका गांधी के बाद अब टीएमसी सांसदों को भी सोनभद्र जाने की नहीं मिली इजाजत, एयरपोर्ट पर दे रहे हैं धरना

    लखनऊ, 20 जुलाई । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को भी यूपी सरकार ने सोनभद्र जाने से रोक दिया है। शनिवार को टीएमसी सांसदों को यूपी पुलिस ने बनारस एयरपोर्ट से बाहर आने की अनुमति नहीं दी। यूपी प्रशासन के इस रवैये से खफा टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन अपने साथियों के साथ बनारस एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठ गए। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि एडीएम और एसपी ने हमें बताया कि हमें हिरासत में लिया जा रहा है क्योंकि यहां धारा 144 लागू है। लेकिन हमनें उन्हें कहा कि हम तीन लोग हैं और धारा 144 लागू होने की सूरत में पांच या पांच से  ज्यादा लोग अगर साथ जाएं तभी उसका उल्लंघन माना जाता है। लेकिन हम तो सिर्फ हैं। हम यहां से बीएचयू ट्रामा सेंटर जाने की कोशिश करेंगे जहां सोनभद्र की घटना में घायल हुए लोगों को रखा गया है। (एनडीटीवी)
     

मनोरंजन

  • आलिया को अपना इंस्पिरेशन मानती हैं अनन्या
    आलिया को अपना इंस्पिरेशन मानती हैं अनन्या

    नई दिल्ली, 20 जुलाई । अनन्या पांडे की डेब्यू फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 भले ही बॉक्स ऑफिस पर उमीद जितना कमाल नहीं दिखा पाई हो, लेकिन अनन्या को दर्शकों ने पूरा सपोर्ट किया है। फिल्म में अनन्या की परफॉर्मेंस की क्रिटिक्स से ऑडियंस समेत सभी ने काफी सराहना की है। लेकिन टैलेंटेड अनन्या अपनी इंस्पिरेशन आलिया भट्ट को मानती हैं।
    हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अनन्या ने बताया कि वो आलिया भट्ट को कितना पसंद करती हैं। अनन्या ने बताया कि वो बॉलीवुड में आलिया की जर्नी से काफी इंस्पायर होती हैं। अनन्या ने यह भी बताया कि आलिया ने कभी भी अपने शुरुआती करियर में खुद को परफेक्ट दिखाने का शो ऑफ नहीं किया और उनकी यही क्वालिटी अनन्या को काफी पसंद है।
    अनन्या ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं कुछ और बनने की कोशिश करती हूं। यह बात सच है कि आलिया से मुझे बहुत इंस्पिरेशन मिलता है। मैंने जो आलिया से सीखा है वो यह है कि करियर की शुरुआत से लेकर अब तक आलिया ने कभी भी खुद को परफेक्ट दिखाने का शो ऑफ नहीं किया है। वो अपनी पहली फिल्म में काफी नॉर्मल थीं। वहां से उनमें एक्टर के तौर पर एक ग्रोथ शुरू हुई और आज लोग उनका टैलेंट देख सकते हैं।
    बॉलीवुड के मशहूर एक्टर चंकी पांडे की बेटी होने के तौर पर अनन्या ने बताया कि उनको कितना प्रेशर महसूस होता है। अनन्या ने कहा, प्रेशर तो रहता ही है, लेकिन मैं नेगेटिव चीजों पर ध्यान नहीं देना चाहती हूं। अनन्या पांडे इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म पति पत्नी और वो की शूटिंग में बिजी है। अनन्या के साथ इस फिल्म में कार्तिक आर्यन और  भूमि पेडनेकर भी लीड रोल में होंगे। अनन्या की यह फिल्म 6 दिसंबर 2019 को रिलीज होगी। (आज तक)

     

     

सेहत/फिटनेस

  •  जानिए अपेन्डिक्स के दर्द के बारे में, एक्सपर्ट से जानें बारिश में क्यों बढ़ जाता है इसका खतरा
    जानिए अपेन्डिक्स के दर्द के बारे में, एक्सपर्ट से जानें बारिश में क्यों बढ़ जाता है इसका खतरा

    अपेन्डिक्स का दर्द बारिश के मौसम में और अधिक बढ़ जाता है, इसलिए इस मौसम में सावधानी और जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित आलेख

    अपेन्डिक्स लगभग चार-पांच इंच लंबी एक बंद और पतली नली होती है। यह वहां स्थित होती है, जहां छोटी आंत और बड़ी आंत मिलती हैं। सामान्यतया यह पेट के दाएं भाग में नीचे की ओर होती है। अपेन्डिक्स की वैसे हमारे लिए कोई उपयोगिता नहीं है। अपेन्डिक्स का संक्रमण घातक हो सकता है, इसलिए इसे सर्जरी कर निकाल दिया जाता है।

    क्या है अपेन्डिसाइटिस
    अपेन्डिसाइटिस का अर्थ है अपेन्डिक्स का संक्रमण। ऐसा माना जाता है कि इसकी शुरुआत तब होती है, जब अपेन्डिक्स का दूसरा किनारा अवरुद्ध हो जाता है। यह ब्लॉकेज अपेन्डिक्स में म्युकस के जमाव के कारण हो सकता है या मल के सेकम से अपेन्डिक्स में प्रवेश करने के कारण हो सकता है। म्युकस या मल कड़ा हो जाता है और ओपनिंग को ब्लॉक कर देता है। ब्लॉकेज होने के पश्चात जो बैक्टीरिया सामान्यतया अपेन्डिक्स में होते हैं, वे अपेन्डिक्स की दीवार पर आक्रमण (संक्रमित) करने लगते हैं। इससे अपेन्डिक्स में सूजन आ जाती है। इसी संक्रमण को अपेन्डिसाइटिस कहते हैं। अपेन्डिसाइटिस अकसर 10 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के बीच में होता है। यह समस्या महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक सामान्य होती है, लेकिन बहुत अधिक चिंता की बात नहीं होती।

    क्या हैं कारण
    अपेन्डिसाइटिस लिम्फोइड फॉलिकल का आकार बढ़ने और चोट आदि लगने से भी हो सकता है। जब अपेन्डिक्स में रुकावट आती है, तब बैक्टीरिया इसमें तेजी से बढ़ने लगते हैं। इससे पस का निर्माण होने लगता है। दबाव बढ़ने से उस स्थान की रक्त नलिकाएं भी दब सकती हैं।

    कैसे शुरू होता है दर्द
    इसका दर्द पेट में हल्की मरोड़ के साथ शुरू हो सकता है। बहुत कम मामलों में ऐसा देखा जाता है कि इसके लक्षण दिखाई देने के 24 घंटों के भीतर अपेन्डिक्स फट जाए। हालांकि जिन लोगों में लगातार 48 घंटे तक अपेन्डिसाइटिस के लक्षण दिखाई देते हैं, उनमें से 80 प्रतिशत लोगों में यह फट जाता है। ऐसी स्थिति घातक हो सकती है।

    सर्जरी ही है उपचार 
    अपेन्डिसाइटिस का एकमात्र उपचार सर्जरी है। सर्जरी के पारंपरिक तरीके में एक बड़ा-सा लंबा कट लगाया जाता है। दूसरा तरीका है लैप्रोस्कोपी(इसमें 3-5 मिलीमीटर के छेद किये जाते हैं और शरीर के अंदर देखने के लिए दूरबीन का प्रयोग किया जाता है)। यह एक दिन की प्रक्रिया है।

    लक्षणों को जानें
    - पेट के निचले भाग में दर्द
    - भूख न लगना
    - जी मिचलाना
    - उल्टी होना
    - डायरिया की शिकायत
    - कब्ज रहना
    - हल्का बुखार रहना।

    बढ़ जाता है खतरा
    भारत में अपेन्डिक्स के अधिकतर मामले बरसात के मौसम में ही देखे जाते हैं। इन दिनों बारिश होने के कारण वातावरण में अत्यधिक नमी होती है। इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है, जिस कारण अपेन्डिसाइटिस के मामले भी अधिक होते हैं। इसलिए इस मौसम में ताजा खाना खाएं तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। 

     

     

खेल

  •  वल्र्ड कप फाइनल में मिली हार से निराश थे विलियमसन, ट्रॉफी देते हुए सचिन ने कही थी यह खास बात
    वल्र्ड कप फाइनल में मिली हार से निराश थे विलियमसन, ट्रॉफी देते हुए सचिन ने कही थी यह खास बात

    वल्र्ड कप के 12वें सीजन के समाप्ति के बाद जहां दुनिया को इंग्लैंड के रूप में नया वल्र्ड चैंपियन मिला वहीं न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन के रूप में नया जेंटलमैन। रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच का मैच टाई होने और फिर सुपर ओवर के भी टाई होने पर मैच में अधिक बाउंड्रीज के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित कर ट्रॉफी दे दी गई।

    ये वल्र्ड कप इतिहास में पहला ऐसा मामला था जब विजेता का फैसला आईसीसी के अजीबोगरीब नियम के तहत हुआ। इस फैसले पर जहां दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली वहीं सबने विलियमसन के शांत स्वभाव और व्यवहार की जमकर तारीफ की। विवादों से दूर रहने वाले केन ने मुस्कुराते हुए हार को स्वीकार किया और आईसीसी के इस फैसले को सहर्ष ही मान लिया।
    मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी के समय सचिन ने विलियमसन को मैन ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड दिया और उन्हें कुछ कहते दिखे थे। अब ये बात भी सामने आ गई है कि उस रोज सचिन तेंदुलकर ने विलियमसन से क्या कहा था। सचिन ने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन से कहा कि ‘तुम्हारे खेल को सभी ने सराहा और तुम्हारा विश्व कप शानदार रहा।’  
    सचिन ने अपने 100 एमबी एप पर कहा, विलियमसन के बारे में सबसे अच्छी बात है उनके शांत रहने की क्षमता। वह किसी भी परिस्थिति में अपना मानसिक संतुलन नहीं खोते। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि वह विश्व कप नहीं जीत सके लेकिन यह उनके चेहरे पर दिखाई नहीं दिया।’ 
    तेंदुलकर ने आगे कहा, विलियमसन खेल को अलग नजरिए से देखते हैं। कम स्कोर का बचाव करते हुए उनकी फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजी में बदलाव सराहनीय है। यहां तक कि जब (रवींद्र) जडेजा सेमीफाइनल में बड़े शॉट खेल रहे थे, वे शांत थे और अंत में परिणाम उनके पक्ष में था।’ विलियमसन को सचिन ने विश्व कप-2019 की अपनी सर्वश्रेठ एकादश में भी चुना था। 

     

कारोबार

  • रायपुर, श्री शिवम में तीन दिन का धमाका ऑफर
    रायपुर, श्री शिवम में तीन दिन का धमाका ऑफर

    श्री शिवम में तीन दिन का धमाका ऑफर 

    रायपुर, 20 जुलाई। श्री शिवम की तोड़-फोड़ सेल में लोगों को शॉपिंग के साथ मिलेगा सुनहरा मौका अपनी पसंद का ब्रांड और बेहतर क्वालिटी के कपड़े आधे दामों में खरीदने का, जो 19 से 21 जुलाई तक तीन दिन के धमाका ऑफर में स्टोर के अधिकतर ब्रांड में फ्लैट 50 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। तोड़-फोड़ सेल में हर हफ्ते नए ऑफर और बड़े डिस्काउंट जुड़ते जा रहे हैं, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे है। 

    यह तीन दिन का धमाका ऑफर रायपुर, बिलासपुर, नागपुर, भोपाल, और जबलपुर स्थित श्री शिवम के सभी स्टोर में दिया जा रहा है। इस सेल में सभी फ्रेश स्टॉक पर ग्राहकों को छूट का लाभ मिलता है। किड्स वियर, वीमेन वियर और मेंस वियर में लगभग सभी ब्रांड इस स्टोर में है। साड़ी, सलवार सूट, इवेनिंग गाउन, शेरवानी, कुर्ता, डे्रस मटिरियल पर ऑफर में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 

     

     

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