छत्तीसगढ़

  • कुरूद, सामाजिक कट्टरता का त्याग करने का संकल्प
    कुरूद, सामाजिक कट्टरता का त्याग करने का संकल्प

    भाठागांव में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण
    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    कुरूद, 18 फरवरी। 21 सदीं में भी समाज पिछड़ा हुआ है, और चंद लोगों की व्यवस्था पर चल रहा है। आजाद भारत में इनके ही कारण मानवधिकार सुरक्षित नहीं है। जबकि भारतीय संविधान हमें जीने का अधिकार, भोजन का अधिकार, रहने का अधिकार, मान-सम्मान का अधिकार, सामाजिक समानता का अधिकार देता है। हमें अपने संवैधानिक अधिकारों को बचाने के लिए सामाजिक कट्टरता का परित्याग करना होगा, और समाज को संविधान के प्रति सजग करना होगा। उक्त बातें आदिवासी ध्रुव गोंड समाज परिक्षेत्र के ग्राम भाठागांव में आयोजित शहीद वीरनारायण सिंह की प्रतिमा अनावरण एवं वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य नीलम चन्द्राकर ने कही। 
    सम्मेलन में सर्वप्रथम मां आदि शक्ति, बूढ़ादेव प्रकृति पूजा के पश्चात, छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण नीलम चन्द्राकर के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर देश, समाज और छत्तीसगढ की उन्नति के लिये सर्वमंगलकारी प्रार्थना की गई तथा सामाजिक कट्टरता का परित्याग करने का संकल्प लिया गया। श्री चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह ने लोगों को जीने के अधिकार के प्रति जागरूक किया। 
    इस दौरान वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं को श्रीफ ल, शाल भेंटकर एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व नगद राशि भेंट कर सम्मान किया। सम्मेलन में ग्राम कुहकुहा युवक खेलन नेताम ने कुल्हाडीकोट की युवती नर्मदा मण्डावी से आदर्श विवाह किया। जिसमें समाज के लोगों ने आशीर्वाद दिया। 
    इस अवसर पर मासिक पत्रिका गोंडवाना स्वदेश के संपादक रमेश ठाकुर, सर्वआदिवासी समाज संरक्षक सरजु राम परते, ध्रुव गोंड समाज परिक्षेत्र कुरूद अध्यक्ष हरिश्चन्द्र मण्डावी , शिवचरण नेताम, रोहित साहू, प्रेमसिंह प्रेमार्ट, बसंत ध्रुव, बोधन छेदैया, समारू मरकाम, अभयराम मरकाम, होमन सिंह कतलम, सुखित छेदैया, धीरसिंह नेटी सहित समाज के लोग उपस्थित थे। 

     

Daily Chhattisgarh News

 

Daily Chhattisgarh News

Daily Chhattisgarh News

राजनीति

  • भाजपा नेता ने खुद रची बेटी के अपहरण की साजिश, आरोप टीएमसी पर

    कोलकाता, 18 फरवरी । पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक स्थानीय भाजपा नेता सुप्रभात बटव्याल को अपनी बेटी के अपहरण के सिलसिले में रविवार को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बटव्याल की बेटी को गुरूवार को बंदूक का डर दिखाकर अगवा कर लिया गया था। उसे उत्तर दिनाजपुर जिले से ‘छुड़ाया' गया। अधिकारी ने बताया कि उत्तर दिनाजपुर पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में बीरभूम की एक पुलिस टीम ने 22 साल की युवती को रविवार की सुबह दालखोला रेलवे स्टेशन इलाके से बरामद किया। 
    उन्होंने कहा कि बटव्याल और उनके दो सहयोगियों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब शुरुआती जांच में संकेत मिले कि अपहरण में उनकी भूमिका है। बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया, हमने आज सुबह दालखोला से लडक़ी को छुड़ाया। वह ठीक है और हम यह पता लगाने के लिए उससे बात कर रहे हैं कि असल में हुआ क्या था। हमने लडक़ी के पिता को भी गिरफ्तार कर लिया है, क्योंकि हमें लगता है कि उसने अपहरण में अहम भूमिका निभाई है।
    अपहरण के पीछे की मंशा के बारे में पूछने पर सिंह ने कहा, इसके दो पहलू हैं। एक तो पारिवारिक समस्या है और दूसरा यह भी है कि राजनीतिक फायदा लेना इसका मकसद रहा हो। हम मामले की जांच कर रहे हैं। हम तीनों से पूछताछ कर रहे हैं। जिला पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि करीब पांच महीने पहले तृणमूल कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हुए बटव्याल को शनिवार की रात हिरासत में लिया गया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को उसकी बेटी के ठिकाने के बारे में पता चला। 
    तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पहले बटव्याल माकपा की जिला कमेटी का सदस्य था। उसकी बेटी के अपहरण के बाद लाभपुर में तनाव की स्थिति बन गई थी। प्रदर्शनकारियों ने तीन दिन से सूरी-कटवा रोड जाम कर रखा था। शनिवार को एक भीड़ ने तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक मनिरुल इस्लाम की गाड़ी पर हमला किया और उन्हें खदेड़ दिया, जिसकी वजह से उन्हें स्थानीय पुलिस थाने में शरण लेनी पड़ी। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। भाजपा के जिला नेतृत्व ने आरोप लगाया था कि इस अपहरण के पीछे तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों का हाथ है। (भाषा)

मनोरंजन

  • अब दिशा पाटनी के साथ रोमांस करेंगे कार्तिक आर्यन?

    फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी की स्वीटी के बाद ऐक्टर कार्तिक आर्यन के सितारे बुलंदियों पर हैं। उनकी आने वाली फिल्म लुका छिपी की भी अभी से काफी चर्चा होने लगी है जिसमें वह पहली बार कृति सैनन के साथ नजर आएंगे। 
    इसके अलावा वह भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे के साथ फिल्म पति पत्नी और वो के रीमेक में भी लीड रोल में और बिलकुल अलग अवतार में दिखेंगे। अब ऐसा लग रहा है कि फिल्ममेकर्स कार्तिक के टैलंट से काफी इम्प्रेस हैं और यही वजह है कि उन्होंने अनीस बज्मी और भूषण कुमार की एक और फिल्म साइन कर ली है। 
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनीस ने कार्तिक को अपनी अगली फिल्म के लिए साइन किया है। यही नहीं, बताया जा रहा है कि वह इस क्लासिक रोमांटिक कॉमिडी में ऐक्ट्रेस दिशा पाटनी के साथ रोमांस करेंगे। 
    1998 में आई फिल्म प्यार तो होना ही था के बाद बज्मी इस जॉनर की फिल्म का निर्देशन करेंगे। बात करें कार्तिक की तो वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहते हैं। जहां वह अनन्या पांडे के साथ काफी क्वालिटी टाइम स्पेंड करते हैं तो वहीं सारा अली खान भी कह चुकी हैं कि कार्तिक उनका क्रश हैं।  (नवभारत टाईम्स)

     

स्थायी स्तंभ

खेल

  • पुलवामा हमले के कारण पीएसएल का प्रसारण नहीं करेगा आईएमजी रिलायंस

    नई दिल्ली, 18 फरवरी । आईएमजी रिलायंस पुलवामा आतंकी हमले के विरोध में पाकिस्तान सुपर लीग के प्रसारण से हट गया है। पुलवामा में अर्धसैनिकों बलों पर आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए, जबकि कई अन्य घायल हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के शोएब शेख और कामिल खान को संबोधित ई-मेल में कहा गया है, ‘दो दिन पहले की दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें भारतीय सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी, को देखते हुए आईएमजी रिलायंस तुरंत प्रभाव से पीएसएल की प्रसारण सेवा से हट रहा है।’ पीएसएल गुरुवार से दुबई में शुरू हुआ है।
    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पुष्टि की है कि आईएमजी रिलायंस दुबई में रविवार के मैचों के बाद एचबीएल पाकिस्तान सुपर लीग-2019 के मैचों का लाइव प्रसारण नहीं करेगा। नए लाइव प्रसारण भागीदार की घोषणा सोमवार को होने की संभावना है। गौरतलब है कि पीएसल पाकिस्तान का टी-20 टूर्नामेंट है।
    पीसीबी के प्रबंध निदेशक वसीम खान ने कहा, हमें आईएमजी रिलायंस द्वारा सूचित किया गया है कि वह एचबीएल पीएसएल-2019 के लिए हमारे साथ साझेदारी करने में असमर्थ होंगे। पीसीबी ने अपने सभी अधिकार सुरक्षित रखे हैं। पीसीबी के पास हमेशा एक आकस्मिक योजना थी, और हमें विश्वास है कि हम औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद सोमवार को नए साथी की घोषणा करने की स्थिति में होंगे।
    इधर, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले का अनूठे तरीके से विरोध जताते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान का पोस्टर हटा दिया है। पहले खबर आई थी कि उनकी तस्वीर को ढका गया है, लेकिन बाद में उसे हटाने का निर्णय किया गया। पीसीबी ने कहा है कि इन मुद्दों को वह दुबई में अगले महीने होने वाली आईसीसी समिति की बैठक में रखेगा।
    बीसीसीआई की मान्य इकाई सीसीआई का मुख्यालय मुंबई स्थित ब्रेबोर्न स्टेडियम में है। उसके समूचे परिसर में दुनियाभर के महान क्रिकेटरों की तस्वीरें हैं। इनमें पाकिस्तान के 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की भी तस्वीर लगाई गई थी। (आजतक)

कारोबार

  • मान्यवर और मोहे में है पारंपरिक पर क्लासी एहसास-करिश्मा

    रायपुर में शोरूम का उद्घाटन 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 18 फरवरी। वेदांत फैशन्स प्रा.लि. पारंपरिक कपड़ों के उत्पादन से जुड़ी भारत की एक अग्रणी कंपनी हैं। कंपनी के 5वें एक्सक्लयूजिव स्टोर का उद्घाटन आज रायपुर के पंडरी इलाके में बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने किया। इस कंपनी का मकसद है ग्राहकों को एक अनोखा अनुभव प्रदान करना। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर कुमार सौरभ ने बताया कि ग्राहकों को अद्भुत अनुभव का अहसास दिलाने का यह स्टोर अभिनव प्रयास करेगा। स्टोर संचालक जितेश शाह, रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा और पार्षद एजाज ढेबर मुख्य रूप से मौजूद थे। करिश्मा कपूर की झलक पाने राजधानीवासी भारी तादाद में मौजूद थे।

    श्री सौरभ ने बताया कि हमारी कंपनी रिटेल के क्षेत्र में बढ़ रही है। हमें सभी शहरों में बहुमुल्य ग्राहकों से अभी तक अच्छा प्रतिसाद मिलते आया है और ग्राहकों को संतुष्टि प्रदान करते रहने में हम प्रतिबद्ध हैं। और दूसरे शहरों में मिले इस अच्छे प्रतिसाद के फलस्वरूप हमनें रायपुर में एक स्टोर को लाने का निर्णय लिया। हमारे ब्रांड में परंपरा और नएपन का एक अनोखा मिश्रण है, जो उत्सव के हर मौके में नई पीढ़ी को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। 

    मान्यवर और मोहे के इस स्टोर का उद्घाटन करने प्रख्यात बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर रायपुर आमंत्रित थीं। इस मौके पर उन्होंने आयोजित एक प्रेसवार्ता में बताया कि मान्यवर और मोहे में पारंपरिक पर एक जीवंत और क्लासी एहसास है।

    करिश्मा ने बताया कि इस बै्रन्ड के नेचर से मैं बहुत प्रभावित हूँ। इस स्टोर से आज बहुत सारे कपड़े मैं खुद लेने वाली हूँ।

सेहत/फिटनेस

  • विदेशी कार निर्माताओं ने चेन्नई का खानपान कैसे बदल दिया?

    -सिमरित माल्ही
    अमरीका के सुशी व्यंजनों से परिचित होने से एक दशक पहले ही दक्षिण भारत के तटीय शहर चेन्नई का एक रेस्तरां स्थानीय टूना मछली से साशिमी बनाता था.
    अकासाका नाम का यह छोटा जापानी रेस्तरां चेन्नई के भीड़भाड़ भरे चौराहे के पास एक बिल्डिंग के पीछे बना था. इसके निजी कमरे और घर में बनी बार्ली टी चेन्नई के अति-व्यस्त और शोरगुल से भरे रेस्त्रां से बिल्कुल अलग थे.
    स्थानीय रेस्तरां सांभर-वडा परोसते थे, जिनको खाने वालों के पास इतना समय भी नहीं होता कि वे कुर्सी पर बैठकर आराम से खाना खा सकें.
    साल 1996 में जब यहां जापानी रेस्तरां खुला तो ये तुरंत क़ामयाब हो गया. रान तकायामा अकासाका में काम कर चुके हैं.
    रान तकायामा की राय में "ये रेस्तरां बहुत लोकप्रिय हुआ, क्योंकि यहां के प्रोडक्ट बहुत ही उम्दा थे." उससे पांच साल पहले (1991 में) भारत ने अपने बाज़ार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए खोला था.
    तब चेन्नई महानगर की जगह सिर्फ़ शहर जैसा था. जे जयललिता तमिलनाडु की नई-नई मुख्यमंत्री बनी थीं.
    एफडीआई को मंजूरी मिलने के कुछ ही दिनों बाद वह सत्ता में आई थीं. उन्होंने कार बनाने वाली कंपनियों को चेन्नई लाने में सक्रियता दिखाई.
    जयललिता की कोशिशें रंग लाईं. मित्सुबिशी, निसान, ह्युंदई और यामाहा ने चेन्नई के बाहर अपनी फैक्ट्रियां लगाईं.
    ह्युंदई ने इस शहर पर ख़ास तौर पर असर छोड़ा, क्योंकि एक साथ 3,000 कोरियाई कर्मचारी इसकी फैक्ट्री में काम करने के लिए चेन्नई आए.
    आज इस शहर में करीब 10 हजार विदेशी काम करते हैं, जिनमें से ज़्यादातर एशियाई हैं.
    कार बनाने वाली फैक्ट्रियां स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में बनी हैं, जो शहर से ज़्यादा दूर नहीं हैं.
    श्रीपेरूम्बदूर एसईज़ेड चेन्नई से 50 किलोमीटर दूर ऑटोमोटिव कॉरीडोर पर बना है. हाईवे पर आते ही कोरियाई भाषा के संकेत चिह्न मिलने लगते हैं.
    वहां कोरियाई सुपरमार्केट हैं, जापानी होटल हैं और एक बड़ा बुक स्टोर भी है. दक्षिण भारत की भयंकर गर्मी के बीच ये सारी सुविधाएं पूरी तरह वातानुकूलित हैं.
    यहीं 20 साल पहले खुला अरिरंग भी है जो शहर का पहला कोरियाई रेस्त्रां है. अरिरंग को 50 साल के कोरियाई जो सांगयुन चलाते हैं.
    सांगयुन ने भारत आकर ही क़ामयाबी पाई है. 1990 के दशक में वह एक कोरियाई कंपनी में काम करने चेन्नई आए थे. भोजन के प्रति दीवानगी के कारण वह यहीं रह गए.
    अरिरंग के बाद उन्होंने दूसरे कई रेस्त्रां भी खोले. इनके साथ वह ह्युंदई की फैक्ट्री में कैंटीन भी चलाते हैं.
    जो के कोरियाई व्यंजनों में पोर्क बॉसम (उबला हुआ सुअर का सुगंधित गोश्त) और डक बुलगोगी (भुना हुआ मसालेदार बत्तख) शामिल है.
    ये आकर्षक दिखते हैं और जायके से भरपूर होते हैं. इन्हें देखकर रसम (टमाटर से बना सूप) और रेड फिश करी की याद आती है जिनको चेन्नई में बहुत पसंद किया जाता है.
    जो के बनाए व्यंजनों को स्थानीय लोग भी चाव से खाते हैं. इस तरह वह यहां पाककला के अग्रदूत बन गए हैं.
    जो कहते हैं, "इनसोल मेरे सबसे पुराने रेस्तरां में से एक था जिसने भारतीयों को कोरियाई व्यंजनों से परिचित कराया."
    "वह शहर के बीच में था और हमेशा भरा रहता था. बहुत से भारतीय वहां आते थे."
    तमिलनाडु दुनिया के 10 सबसे प्रमुख ऑटोमोबाइल हब में से एक के रूप में विकसित हुआ है.
    विकास के साथ उत्तर पूर्वी एशिया से यहां आने वाले विदेशियों का असर भी बढ़ा है.
    कोरियाई शराब 'सोजू' यहां की सरकारी शराब दुकानों में मिलती है. युवाओं में के-पॉप (कोरियाई पॉप) की प्रतियोगिताएं लोकप्रिय हो रही हैं.
    याकीटोरी (भुना हुआ चिकन) के लिए मशहूर जापानी रेस्तरां चेन कुराकू ने भी इस शहर में अपनी ब्रांच खोली है.
    चेन्नई में जापानी और कोरियाई व्यंजन परोसने वाले करीब 50 रेस्तरां हैं, जिनमें कम से कम 1,000 स्थानीय लोग काम करते हैं.
    जापानियों की दुकानें ज़्यादा बड़ी और महंगी हैं. कोरिया के कुछ लोग जापानी रेस्तरां भी चलाते हैं और कई जगहों पर दोनों तरह के व्यंजन मिलते हैं.
    जापान और कोरिया
    शहर के आसपास स्थानीय व्यंजन परोसने वाले हजारों रेस्तरां हैं.
    चिकन 65 नाम से मशहूर एक डिश के कारण 2015 में नेशनल जियोग्राफिक ने चेन्नई को टॉप 10 फ़ूडी सिटी के रूप में चुना था.
    इस डिश के लिए चिकन को मसाले में लपेटकर डीप फ्राई किया जाता है. भारत के प्रमुख अखबारों में लिखने वाली फ़ूड क्रिटिक अमीता अग्निहोत्री चेन्नई में ही रहती हैं.
    उनको लगता है कि नये व्यंजनों ने यहां के खानपान पर स्थायी असर छोड़ा है.
    "लोग यह जानकर हैरत में पड़ जाते हैं कि हम चेन्नई के लोग जापान और कोरिया के पारंपरिक व्यंजनों के बारे में कितना कुछ जानते हैं."
    चेन्नई में इडली, डोसा और चीला की फास्ट फ़ूड संस्कृति के सामने टिके रहना मैकडोनल्ड जैसे विदेशी चेन के लिए भी आसान नहीं है.
    फिर भी कोरियाई और जापानी रेस्तरां देसी व्यंजनों वाले स्थानीय रेस्तराओं के साथ फल-फूल रहे हैं. रति शेट्टी चेन्नई में रहती हैं और खुद की फाइनेंस सर्विसेज़ कंपनी चलाती हैं.
    रति शेट्टी का कहना है कि विदेश में रह चुके भारतीय और अनिवासी भारतीयों के आने से शहर में खाने-पीने का बाज़ार तेज़ी से बदल रहा है.
    "अब आप अपने ऑफिस की डेस्क पर ही टेंपुरा या सुशी की डिलीवरी ले सकते हैं. चाय की ज़्यादातर दुकानों में बबल टी उपलब्ध हैं."
    चेन्नई के ज़्यादातर लोगों के घरों में मिसो पेस्ट मिल जाते हैं. शहर के कई एशियाई सुपरमार्केट में अब यह आसानी से उपलब्ध है.
    रति कहती हैं, "यह खानपान के मामले में पहले से अधिक खुले समाज के निर्माण और बाज़ार की भूख बढ़ने का संकेत है."
    दक्षिण भारतीय और पूर्वी एशियाई देशों के ज़ायके को मिलाकर नये व्यंजन भी बनाए जा रहे हैं. कई जापानी रेस्तरां, जिनको भारतीय चला रहे हैं, स्थानीय लोगों को लुभाने के लिए अपना ज़ायका बदल रहे हैं.
    वे एक नये तरह का मसालेदार जापानी हाइब्रिड व्यंजन बना रहे हैं. कोरियाई व्यंजनों के साथ इस तरह के प्रयोग कम हुए हैं. जो कहते हैं कि श्रीपेरूम्बदूर में खाने-पीने की कम से कम 20 जगहें हैं जहां सिर्फ़ कोरियाई समुदाय के लोग जाते हैं.
    वजह यह है कि एसईज़ेड खुल जाने के बाद शहर के बाहर बने अपार्टमेंट और सुपरमार्केट का फ़ायदा उठाने के लिए विदेशी लोग इनमें रहने चले आए.
    उनके कर्मचारी भारतीय ही हैं. मतलब यह कि पहले से ज़्यादा स्थानीय लोग कोरियाई व्यंजनों से अच्छी तरह वाकिफ हो गए हैं.
    गिरीश और एल.टी. लेप्सा दोनों जो के अरिरंग रेस्तरां में मिले थे. वे वहीं काम करते थे. वर्षों तक इस बिजनेस में रहने के बाद दोनों दोस्तों ने अपना कोरियाई रेस्तरां खोला- न्यू सोल होटल्स.
    ये चेन्नई का पहला कोरियाई रेस्तरां है जो पूरी तरह भारतीयों के हाथ में है. गिरीश ने अरिरंग में वेटर के रूप में शुरुआत की थी और लेप्सा वहां की किचेन में काम करते थे.
    लेकिन अब उनके अपने रेस्त्रां में आने वाले व्यापारी एकदम अलग सामाजिक-आर्थिक हैसियत के होते हैं.
    पिछले चार साल में कई कोरियाई इस रेस्त्रां के स्थायी ग्राहक बन चुके हैं और भारतीय ग्राहकों की संख्या भी बढ़ रही है.
    गिरीश कहते हैं, "वे हमारे कुल ग्राहकों के कम से कम 10 फीसदी के बराबर हैं. उनमें से कई बिजनेसमैन हैं."
    "उनको कोरियाई व्यंजनों के बारे में बहुत कुछ पता है. ऐसा लगता है कि कोरियाई लोगों के साथ काम करते-करते उनको इन व्यंजनों का अनुभव मिला है."
    जिस देश में भीषण आर्थिक असमानता हो, वहां अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों का कोरियाई स्वाद चखने के लिए आना विदेशी कार निर्माताओं के असर का अहम संकेत है. (बीबीसी)

सामान्य ज्ञान

  • हर दिन हॉट सीट 18 फरवरी

    1. निम्नलिखित में से किस नृत्य का संबंध देवदासी परंपरा से है?
    (अ) चाक्यारकुन्तु (ब) ओट्टनतुल्लन (स) मोहिनीअट्टम (द) कृष्णनअट्टम
    2. निम्नलिखित नृत्यों में कौन गरीबों की कथकली के नाम से जानी जाती है?
    (अ) चाक्यारकुन्तु (ब) ओट्टनतुल्लन (स) कूडियाट्टम (द) मोहिनीअट्टम
    3. निम्नलिखित में से नृत्य का शास्त्रीय रूप कौन सा है?
    (अ) भांगड़ा (ब) शिद्दा (स) छऊ (द) मणिपुरी
    4. कौन सा नृत्य केवल पुरुष कलाकारों द्वारा किया जाता है?
    (अ) मोहिनीअट्टम (ब) ओडिसी (स) कथकली (द) मणिपुरी
    5. निम्नलिखित नृत्य शैलियों में से किसका उद्गम पूर्वी भारत से है?
    (अ) कथकली (ब) कुचिपुड़ी (स) भरतनाट्यम (द) मणिपुरी
    6. प्रियंवदा मोहंती का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य कला शैली से है?
    (अ) कथकली (ब) भरतनाट्यम (स) ओडिसी (द) कुचिपुड़ी
    7. मृणालिनी साराभाई का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य कला शैली से है?
    (अ) कथकली (ब) भरतनाट्यम (स) ओडिसी (द) कुचिपुड़ी
    8. भातखंडे संगीत महाविद्यालय कहां स्थित है?
    (अ) लखनऊ (ब) अहमदाबाद (स) चंडीगढ़ (द) इलाहाबाद
    9. अमीर खुसरो का नाम किस वाद्ययंत्र के आविष्कार से संबंधित है?
    (अ) सितार (ब) तबला (स) शहनाई (द) सरोद
    10. शास्त्रीय संगीत के सिद्धांत की विवेचना कहां की गई है?
    (अ) ऋग्वेद में (ब) अथर्ववेद में (स) यजुर्वेद में (द) सामवेद में
    11. अवतारवाद का प्रथम उल्लेख कहां मिलता है?
    (अ) महाभारत (ब) रामायण (स) भगवद्गीता (द) विष्णु पुराण
    12. विष्णु के दस अवतारों की जानकारी का स्रोत कौन सा है?
    (अ) भागवत पुराण (ब) मत्स्य पुराण (स) विष्णु पुराण (द) मार्केण्डय पुराण
    13. जैन साहित्य को क्या कहा जाता है?
    (अ) पिटक (ब) आगम (स) कल्प (द) सुत्त
    14. किस मंदिर को द्रविड़ चोल कला शैली का उत्कृष्टतम उदाहरण माना जाता है?
    (अ) वृहदेश्वर मंदिर (ब) चोलेश्वर मंदिर (स) कोरंगनाथ मंदिर (द) उपर्युक्त सभी
    15. बद्रीनाथ धाम किस शहर में स्थित है?
    (अ) देहरादून (ब) रूद्रप्रयाग (स) पौड़ी (द) चमोली
    16. हरिद्वार स्थित ‘हर की पौड़ी’ का निर्माण कराया था?
    (अ) राजा मंगलसेन ने (ब) राजा विक्रमादित्य ने (स) राजा अशोक ने (द) राजा हरपाल ने
    17. कोणार्क के सूर्य मंदिर के निर्माता कौन हैं?
    (अ) राजेंद्र चोल (ब) राजराज प्रथम (स) नरसिंह देव द्वितीय (द) कृष्णदेव राय
    18. निम्नलिखित में से किस देश में अधिकतम संख्या में भाषाएं बोली जाती हैं?
    (अ) ब्रिटेन (ब) यूएसए (स) भारत (द) फ्रांस
    19. अंग्रेजी भाषा को भारत में शिक्षा के माध्यम के रूप में आरंभ किया गया?
    (अ) लॉर्ड मैकाले द्वारा (ब) लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा (स) राजा राममोहन राय द्वारा (द) वारेन हेस्टिंग्स द्वारा
    20. केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान कहां स्थित है?
    (अ) हैदराबाद (ब) वाराणसी (स) मैसूर (द) उज्जैन
    21. विद्युत मात्रा की इकाई क्या है?
    (अ) एम्पियर (ब) ओम (स) वोल्ट (द) कूलम्ब
    22. एसआई पद्धति में लेंस की शक्ति की इकाई क्या है?
    (अ) वाट (ब) डायोप्टर (स) ऑप्टर (द) मीटर
    23. बर्फ में स्केटिंग करना प्रदर्शित करता है कि दाब बढ़ाने पर बर्फ का गलनांक?
    (अ) बढ़ जाता है (ब) अपरिवर्तित रहता है (स) घट जाता है (द) पहले घटता है फिर बढ़ता है
    24. पानी से भरे गिलास में बर्फ का एक टुकड़ा तैर रहा है। टुकड़े के पूरा पिघल जाने पर गिलास में पानी का तल?
    (अ) बढ़ जाता है (ब) घट जाता है (स) अपरिवर्तित रहता है (द) इनमें से कोई नहीं
    25. रेफ्रीजरेटर में थर्मोस्टेट का कार्य है?
    (अ) तापमान को कम करना (ब) हिमायन ताप को बढ़ाना (स) एक समान तापमान बनाए रखना (द) गलनांक को घटाना
    26. वायुमंडल में ओजोन स्तर के अवक्षय का कारण निम्नलिखित में से कौन सा रसायन है?
    (अ) सल्फर डाइऑक्साइड (ब) नाइट्रस ऑक्साइड (स) कार्बन डाइऑक्साइड (द) क्लोरो-फ्लोरो कार्बन
    27. वायुमंडल की सबसे निचली परत क्या कहलाती है?
    (अ) मध्य मंडल (ब) आयन मंडल (स) क्षोभ मंडल (द) समताप मंडल
    28. वायुदाब प्राय: सर्वाधिक होता है, जब वायु होती है?
    (अ) ठंडी तथा शुष्क (ब) ठंडी तथा नम (स) उष्ण तथा शुष्क (द) उष्ण तथा नम
    29. गर्म मौसम में पंखा चलाने से आराम महसूस होता है, क्योंकि?
    (अ) पंखा ठंडी हवा देता है (ब) हमारा पसीना तेजी से वाष्पीकृत होता है (स) हमारे शरीर से अधिक ऊष्मा विकरित होती है (द) हवा की संवाहकता बढ़ जाती है
    30. किसी पदार्थ को गर्म करने से विस्तारण-
    (अ) केवल ठोस पदार्थ में होता है (ब) पदार्थ का भार बढ़ा देता है (स) पदार्थ का घनत्व घटा देता है (द) सभी द्रव्यों और ठोस पदार्थों में समान दर से होता है 
    31. मैक अंकों का प्रयोग वेग के संबंध में किया जाता है?
    (अ) ध्वनि के (ब) जलयान में (स) वायुयान के (द) अंतरिक्ष यान के
    -----
    सही जवाब- 1.(स) मोहिनीअट्टम, 2.(ब) ओट्टनतुल्लन , 3.(द) मणिपुरी, 4.(स) कथकली, 5.(द) मणिपुरी, 6.(स) ओडिसी, 7.(अ) कथकली, 8.(अ) लखनऊ, 9.(अ) सितार, 10.(द) सामवेद में, 11.(स) भगवद्गीता, 12.(ब) मत्स्य पुराण, 13.(ब) आगम, 14.(अ) वृहदेश्वर मंदिर, 15.(अ) देहरादून, 16.(ब) राजा विक्रमादित्य ने, 17.(स) नरसिंह देव द्वितीय, 18.(स) भारत, 19.(अ) लॉर्ड मैकाले द्वारा, 20.(स) मैसूर, 21.(अ) एम्पियर, 22.(ब) डायोप्टर, 23.(स) घट जाता है, 24.(स) अपरिवर्तित रहता है, 25.(स) एक समान तापमान बनाए रखना, 26.(द) क्लोरो-फ्लोरो कार्बन, 27.(स) क्षोभ मंडल, 28.(अ) ठंडी तथा शुष्क, 29. (ब) हमारा पसीना तेजी से वाष्पीकृत होता है, 30. (स) पदार्थ का घनत्व घटा देता है, 31.(स) वायुयान के। 

अंग्रेज़ी

  • भारत में विनिवेश की शुरुआत कब हुई

    अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 13 अक्टूबर, 1999 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार को सरकार बनी तो उसने विनिवेश की दिशा में कई अहम क़दम उठाए। सबसे पहले 10 दिसंबर, 1999 को विनिवेश विभाग का गठन किया गया और बाद में 6 सितंबर, 2001 को अलग से विनिवेश मंत्रालय गठित कर दिया गया और अरुण शौरी को इस मंत्रालय की जि़म्मेदारी सौंप दी गई।

     वाजपेयी सरकार ने पर्यटन विकास निगम के कई होटलों में विनिवेश किया, लेकिन बाद में उसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था। दरअसल, विनिवेश प्रक्रिया के जरिए सरकार अपने शेयर किसी और पक्ष को बेचकर संबंधित कंपनी की मिल्कियत से भी छुटकारा पा जाती है और उसे दूसरी योजनाओं पर ख़र्च करने के लिए धन भी मिल जाता है। कहा जा सकता है कि विनिवेश किसी कंपनी का आंशिक निजीकरण होता है। शुरुआत में तय किया गया था कि सरकार घाटे में चल रही सार्वजनिक कंपनियों का विनिवेश करेगी, पर बाद में मुनाफ़े में चल रही कंपनियों के विनिवेश के प्रस्ताव भी सामने आए। 

फोटो गैलरी


विडियो गैलरी