छत्तीसगढ़

  • चुनाव प्रचार के लिए भूपेश महाराष्ट्र गए, रमन पर कटाक्ष
    चुनाव प्रचार के लिए भूपेश महाराष्ट्र गए, रमन पर कटाक्ष

    चुनाव प्रचार के लिए भूपेश महाराष्ट्र गए, रमन पर कटाक्ष

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए महाराष्ट्र रवाना हो गए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर निशाना साधा और कहा कि पूरा देश जान चुका है कि गरीबों का चावल किसने लूटा है, और इसलिए उन्हें प्रचार से दूर रखा गया है।

    श्री बघेल महाराष्ट्र के साथ-साथ हरियाणा और उत्तरप्रदेश में भी चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को प्रचार के दूर रखने के कारण देश जान चुका है कि गरीबों का चावल किसने लूटा है। इसलिए उन्हें प्रचार से दूर रखा गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में तीन दिन का प्रचार कार्यक्रम बना है। वहां कांग्रेस अच्छी स्थिति में है। श्री बघेल नागपुर उत्तर, पूर्व और दक्षिण विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा लेंगे। नागपुर दक्षिण से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में प्रचार के लिए जाएंगे। वहां प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया के पुत्र तनुज पुनिया विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल हरियाणा भी जाएंगे जहां वे एक दिन रहकर अलग-अलग जगहों में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।

    रमन का पलटवार

    मुख्यमंत्री के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि तमाम आरोपों और झूठी बातें करके अगर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं, तो इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव अभियान में मुझे कहां जाना है, यह रमन सिंह तय नहीं करते हैं। यह पार्टी तय करती है। इसमें मुख्यमंत्री को दुखी होने की क्या जरूरत है?

अंतरराष्ट्रीय

  • नेपाल में शी जिनपिंग ने क्यों दी हड्डी-पसली तोडऩे की चेतावनी
    नेपाल में शी जिनपिंग ने क्यों दी हड्डी-पसली तोडऩे की चेतावनी

    नेपाल, 14 अक्टूबर। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल में कठोर चेतावनी देते हुए कहा है कि चीन को तोडऩे की कोई कोशिश हुई तो वो हड्डी-पसली तोड़ देगा। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार राष्ट्रपति जिनपिंग की यह चेतावनी नेपाल दौरे पर आई है।
    नेपाल में ही राष्ट्रपति जिनपिंग ने काफ़ी सख्त भाषा में कहा कि चीन में किसी ने आज़ादी की वकालत की तो उसका कचूमर निकाल दिया जाएगा। नेपाल के नेताओं से बातचीत के दौरान जिनपिंग ने कहा, अगर चीन के किसी भी हिस्से में मुल्क को बाँटने की कोशिश की तो उसकी हड्डियां तोड़ दी जाएंगी। किसी बाहरी ताक़त ने ऐसी कोशिशों का समर्थन किया वो चीन की नजऱ में दिन में सपने देखने वाले लोग हैं।
    चीन के राष्ट्रपति की इस कड़ी चेतावनी को कई संदर्भों में देखा जा रहा है। नेपाल में तिब्बत की आज़ादी के समर्थन में कुछ तिब्बती एक्टिविस्ट राष्ट्रपति जिनपिंग के दौरे का विरोध कर रहे थे।
    इन प्रदर्शनकारियों पर नेपाल सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। शी जिनपिंग के इस बयान को इससे भी जोडक़र देखा जा रहा है। इसके साथ ही हॉन्ग कॉन्ग में पिछले चार महीनों से जारी विरोध प्रदर्शन से भी जिनपिंग के बयान को जोड़ा जा रहा है।
    ट्विटर पोस्ट पीएम नेपाल : मित्रराष्ट्र जनवादी गणतन्त्र चीनका महामहिम राष्ट्रपति सी चिनफिङको दुई दिवसीय ऐतिहासिक नेपाल भ्रमण भव्य रुपमा सम्पन्न भएको छ। उहाँको भ्रमणबाट दुई देशबीचको सम्बन्धले नयाँ उचाई र गतिशीलता प्राप्त गरेको छ। 
    रविवार को हॉन्ग कॉन्ग में कई शांतिपूर्ण रैलियां निकाली गईं और इस दौरान पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़पें भी हुईं। इस विरोध-प्रदर्शन में पुलिस ट्रांसपोर्ट स्टेशन और चीन समर्थित दुकानों को नुक़सान पहुंचा है।
    प्रदर्शनकारियों की रैलियों के कारण हॉन्ग मेट्रो के 27 स्टेशन बंद रहे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया गया लेकिन टेलीविजन फुटेज में दिख रहा है कि वीकेंड पर खऱीदारी करने निकले लोग भगदड़ में फंसे हुए थे। कई लोग तो परेशान और रोते हुए दिखे। शॉपिंग सेंटर पर कई लोग जख़़्मी भी हुए।
    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार पुलिस ने एक शॉपिंग से मॉल से प्रदर्शनकारियों के समर्थन में नारे लगा रहे लोगों पर बल का प्रयोग किया।
    प्रशासन का कहना है कि मॉन्ग कोक पुलिस स्टेशन पर पेट्रोल बम फेंका गया और एक पुलिस अधिकारी की गर्दन पर चीरा लग गया। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार पुलिस अधिकारी की हालत स्थिर है। प्रदर्शनकारियों में ज़्यादातर युवा थे और अलग-अलग इलाक़ों में झुंड में बँटे थे।
    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से शी यिहोंग नाम के एक ऐकेडमिक ने कहा, हॉन्ग कॉन्ग की वर्तमान स्थिति काफी गंभीर है। यह चेतावनी अमरीका और उन सभी के लिए है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हॉन्ग में जारी अतिवादियों की हिंसा के पक्ष में खड़े हैं। राष्ट्रपति जिनपिंग ने न केवल चीन का रुख़ साफ़ किया है बल्कि अमरीका को भी चेतावनी है कि वो चीन के आंतरिक मामलों से दूर रहे।
    हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर टेड कू्रज़ ने हॉन्ग कॉन्ग में चीन के रुख़ की आलोचना की थी और चीन को क्षेत्रीय शांति के लिए ख़तरा बताया था।
    शी जिनपिंग के नेपाल दौरे में दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर सहमति बनी है। चीन नेपाल में कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम करेगा। दोनों देशों के साझा बयान में कहा गया है, नेपाल और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध अब नए दौर में पहुंच गए हैं। दोनों देश एक दूसरे की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता का सम्मान करेंगे।
    नेपाल ने भी वन चाइना पॉलिसी को लेकर प्रतिबद्धता जताई। नेपाल ने कहा कि ताइवान चीन का अविभाज्य अंग है। नेपाल ने ये भी कहा कि तिब्बत का मामला चीन का आंतरिक मामला है। इसके साथ ही नेपाल ने चीन को आश्वस्त किया कि वो अपनी धरती से चीन विरोधी गतिविधियां नहीं चलने देगा।
    शी जिनपिंग को नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट से विदा करने के बाद प्रधानमंत्री केपी ओली ने ट्वीट कर कहा कि इस दौरे से दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।
    नेपाल ने चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना वन बेल्ट वन रोड का भी समर्थन किया। हालांकि भारत इस परियोजना के ख़िलाफ़ है। साझा बयान में नेपाल और चीन को रणनीतिक पार्टनर बताया गया है। चीन और नेपाल के बीच कुल 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
    दोनों देशों में इस बात पर भी सहमति बनी है कि चीन नेपाल में अपने बैंकों का ब्रांच खोलेगा। दोनों देशों में प्रत्यर्पण संधि पर भी बात हो रही है। हालांकि इस संधि को लेकर विवाद है।
    भारत भी नेपाल से प्रत्यर्पण संधि करना चाहता है लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है। भारत और नेपाल के बीच दो अक्टूबर 1953 में इस तरह की संधि हुई थी लेकिन भारत इसमें संशोधन चाहता है। इस संशोधन की कोशिश 2008 और 2010 में भी हुई थी लेकिन अब तक लटका ही है।
    चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि नेपाल पर अमरीका के नेतृत्व वाले यूएस इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटिजी में शामिल होने का दबाव है। अख़बार के मुताबिक नेपाल ने चीन को आश्वस्त किया है कि वो ऐसे किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगा जिससे चीन की संप्रभुता पर सवाल खड़ा होता है।
    साल 1997 में जब हॉन्ग कॉन्ग को चीन के हवाले किया गया था तब बीजिंग ने एक देश-दो व्यवस्था की अवधारणा के तहत कम से कम 2047 तक लोगों की स्वतंत्रता और अपनी कानूनी व्यवस्था को बनाए रखने की गारंटी दी थी।
    साल 2014 में हॉन्ग कॉन्ग में 79 दिनों तक चले अम्ब्रेला मूवमेंट के बाद लोकतंत्र का समर्थन करने वालों पर चीनी सरकार कार्रवाई करने लगी थी। इस आंदोलन के दौरान चीन से कोई सहमति नहीं बन पाई थी।
    विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को जेल में डाल दिया गया था। आजादी का समर्थन करने वाली एक पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया गया और उस पार्टी के संस्थापक से इंटरव्यू करने पर एक विदेशी पत्रकार को वहां से निकाल दिया गया था। हॉन्गकॉन्ग में अमरीकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अलावा अमरीका ने प्रस्तावित संशोधन पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि वहां रहने वाले उनके नागरिकों और व्यावसायिक हितों पर इसका ग़लत असर पड़ेगा।
    साल 2003 में भी राष्ट्रीय सुरक्षा पर लाए गए क़ानून के विरोध में प्रदर्शन हुए थे। उस समय चीन को पीछे हटना पड़ा था। हालांकि अभी के वक्त में बीजिंग की पकड़ हॉन्गकॉन्ग पर कहीं अधिक मजबूत है।
    2014 में लोकतंत्र के समर्थन में हुए प्रदर्शन के बाद चीन का दबदबा दुनिया भर में बढ़ा है। इसकी अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हुई है। (बीबीसी)
     

राष्ट्रीय

  • रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया अपना फिल्मी बयान
    रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया अपना फिल्मी बयान

    नई दिल्ली, 14 अक्टूबर । केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अर्थव्यवस्था में लगातार जारी गिरावट को खारिज करते हुए फिल्मों की कमाई पर जो टिप्पणी की थी उस पर खेद जताते हुए वापस ले लिया है।
    रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि तीन फि़ल्मों की कमाई एक दिन में 120 करोड़ हो रही है तो मंदी कहां है? रविशंकर प्रसाद की इस टिप्पणी की चौतरफ़ा आलोचना हो रही थी।
    अपनी टिप्पणी की सफ़ाई में कानून मंत्री ने ट्विटर पर एक प्रेस स्टेटमेंट जारी किया है।
    इसमें उन्होंने लिखा है, मैंने शनिवार को मुंबई में तीन फि़ल्मों की एक दिन में 120 करोड़ कमाई की बात कही थी, जो कि अब तक की सबसे बड़ी कमाई है। यह तथ्यात्मक रूप से सही है। मुंबई फि़ल्मों की राजधानी है और मैंने वहीं ये बात कही थी। हमें अपनी फि़ल्म इंडस्ट्री पर बहुत गर्व है जिससे लाखों लोगों को रोजग़ार मिला हुआ है। टैक्स कलेक्शन में भी इस इंडस्ट्री का बड़ा योगदान है।
    प्रसाद ने लिखा है, मैंने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की बात भी कही थी। नरेंद्र मोदी की सरकार हमेशा आम लोगों की फिक्र करती है। मीडिया से बातचीत का पूरा वीडियो मेरे सोशल मीडिया पर मौजूद है। मुझे दुख है कि मेरे बयान के एक हिस्से को संदर्भों से काटकर दिखाया गया। एक संवेदनशील व्यक्ति होने के नाते मैं अपना बयान वापस लेता हूं।
    रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा था कि एनएसएसओ (नेशनल सैंपल सर्वे ऑफि़स) के बेरोजग़ारी से जुड़े आंकड़े पूरी तरह ग़लत हैं।
    मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि अगर फि़ल्में करोड़ों का कारोबार कर रही हैं तो फिर देश में मंदी कैसे है?
    उन्होंने कहा, मैं एनएसएसओ की रिपोर्ट को ग़लत कहता हूं और पूरी जि़म्मेदारी के साथ कहता हूं। उस रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफ़ैक्चरिंग, आईटी क्षेत्र, मुद्रा लोन और कॉमन सर्विस सेंटर का जि़क्र नहीं है। क्यों नहीं है? हमने कभी नहीं कहा था कि हम सबको सरकारी नौकरी देंगे। हम ये अभी भी नहीं कह रहे हैं। कुछ लोगों ने आंकड़ों को योजनाबद्ध तरीके से गलत ढंग से पेश किया। मैं ये दिल्ली में भी कह चुका हूं।
    रविशंकर प्रसाद ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बारे में पूछे जाने पर इसे फिल्मों से जोड़ दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, दो अक्टूबर को तीन फिल्में रिलीज हुई थीं : वॉर, जोकर और सायरा। बॉक्स ऑफिस के कारोबार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ कोमल नहाटा के मुताबकि उस दिन इन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा की कमाई की थी। यानी देश की अर्थव्यवस्था ठीक है। तभी तो फि़ल्में इतना अच्छा बिजनेस कर रही हैं।
    रविशंकर प्रसाद ने ये भी कहा था कि वो अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी सूचना प्रसारण मंत्री थे इसलिए उनका फि़ल्मों से लगाव है।
    रविशंकर प्रसाद के इस बयान पर सोशल मीडिया में भी ख़ासी प्रतिक्रिया देखी गई। उनके इस बयान पर चुटकुले और मीम्स भी बने।
    एक ट्विटर यूजऱ ने लिखा, सर, कोमल नहाटा को वित्तमंत्री बना देते हैं। क्या कहते हैं?
    एक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है, आज ये लोग बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों का हवाला दे रहे हैं। कल बोलेंगे थियेटर के बाहर ब्लैक करना भी रोजग़ार है। पक्का बोलेंगे।
    इस साल फरवरी में एनएससओ के लीक हुए आंकड़ों के अनुसार साल 2017-18 में बेरोजग़ारी की दर 6.1 फ़ीसदी थी जो कि पिछले 45 साल में सबसे ज़्यादा थी।
    ये आंकड़े बाहर आने पर सरकार की काफ़ी किरकिरी हुई थी। हाल के दिनों भी बेरोजग़ारी और आर्थिक सुस्ती के सवालों को लेकर सरकार को कड़े सवाल झेलने पड़े हैं।
    कुछ समय पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारतीय युवा गाडिय़ां खरीदने के बजाय ओला-ऊबर से जाना पसंद करते हैं इसलिए ऑटो सेक्टर में गिरावट आई है।
    वित्त मंत्री के इस बयान की भी काफी आलोचना हुई थी।(बीबीसी)

स्थायी स्तंभ

  • छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : एक काबिल के आने का फर्क
    छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : एक काबिल के आने का फर्क

    एक काबिल के आने का फर्क
    रेणु पिल्ले के डीजी बनने के बाद से प्रशासन अकादमी का माहौल बदला है। अब तक एक हजार अफसर अकादमी में टे्रनिंग ले चुके हैं। ट्रेनिंग क्वालिटी में काफी सुधार आया है। यही वजह है कि टे्रनिंग ले रहे नए-पुराने अफसर अकादमी की क्लास में पूरी दिलचस्पी लेते नजर आते हैं। जबकि पहले ट्रेनिंग क्वालिटी ठीक नहीं थी। इसके चलते अनुशासनहीनता भी बढ़ गई थी। क्लास में प्रशिक्षु अफसर लेक्चर पर ध्यान देने के बजाए मोबाइल पर वीडियोगेम खेलना ज्यादा पसंद करते थे। 

    आईएएस की 91 बैच की अफसर रेणु पिल्ले को डीजी का काम संभाले सालभर हो गए हैं। उनकी गिनती बेहद ईमानदार और अनुशासनप्रिय अफसरों में होती है। वे सुबह ठीक 10 बजे अकादमी पहुंच जाती हैं। उनकी वजह से अकादमी का स्टाफ भी समय पर आने लगा है। वैसे तो रेणु पिल्ले घर से लंच बॉक्स लेकर आती हैं, यदि लंच बॉक्स लेकर नहीं आईं, तो अकादमी के कैंटीन में लंच करती हैं और बिल का भुगतान भी खुद करती हैं। उनके आने से पहले अकादमी के स्टाफ की मुफ्तखोरी की आदत पड़ चुकी थी, लेकिन डीजी की ईमानदारी का असर स्टाफ पर भी हुआ है, और उन्होंने भी मुफ्तखोरी बंद कर दी। 

    प्रशासन अकादमी में व्यवस्था ठीक करने के नाम पर खरीदी-बिक्री का खेल चलता रहा। सुनते हैं कि अकादमी के एक अफसर ने अलग-अलग प्रयोजन पर करीब 5 करोड़ का बजट प्रस्ताव डीजी रेणु पिल्ले को दिया था। मगर रेणु पिल्ले ने गैरजरूरी खर्चों पर रोक लगाकर बजट को 7 करोड़ से घटाकर 17 लाख कर दिया। जबकि उनसे पहले एक अफसर ने तो केन्द्र से मिली राशि से फर्नीचर खरीद लिया था। चूंकि पिछली सरकार में उनका काफी दबदबा था। इसलिए उनके मातहत असहमति के बावजूद इसका विरोध नहीं कर पाए और वे अपना हाथ साफ कर निकल गए। ऐसे में रेणु पिल्ले की साफ-सुथरी कार्यशैली से हर कोई प्रभावित दिख रहा है, क्योंकि उसका असर दिख रहा है। (rajpathjanpath@gmail.com)

राजनीति

  • खट्टर ने राहुल को कहा पप्पू, सोनिया पर भी दिया विवादित बयान।।।
    खट्टर ने राहुल को कहा पप्पू, सोनिया पर भी दिया विवादित बयान।।।

    रोहतक, 14 अक्टूबर । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर एक चुनावी रैली में बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद बवाल मच गया है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री खट्टर से तुरंत माफी मांगने को कहा है।
    खट्टर ने अपने भाषण में कहा, ये लोग सारे देश में घूमने लगे कि कांग्रेस के लिए एक राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाए। घूमते-घूमते तीन महीने बीता दिए और तीन महीने बाद भी कौन बना। सोनिया गांधी। फिर वही गांधी परिवार, यानी खोदा पहाड़ निकली चुहिया, वो भी मरी हुई।
    जानकर हैरानी होगी कि मुख्यमंत्री जी अपनी पार्टी की महिला उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांग रहे थे लेकिन उसी मंच से एक दूसरी महिला पर अभद्र टिप्पणी कर रहे थे। सिर्फ सोनिया ही नहीं सुनिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को उन्होंने पप्पू कहा।
    खट्टर ने कहा, सेंटर में भी परिवारवाद वाली पार्टियां किस प्रकार तमाशा कर रही हैं आपको पता है और घर-घर में लड़ाई हो गई है। एक तो पप्पू और एक मम्मी, दोनों की अलग पार्टियां हो रही हैं। पहले पप्पू चौधरी था। लोकसभा चुनाव हारने के बाद बोला कि मैं नहीं रहता पार्टी का अध्यक्ष और राहुल बाबा ने अध्यक्षता छोड़ दी।
    मनोहर लाल खट्टर के इस बयान पर कांग्रेस भडक़ गई। इसके बाद कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बयान जारी किया गया और उनसे माफी की मांग की गई।
    कांग्रेस ने लिखा, बीजेपी के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान न केवल अशोभनीय और निम्नस्तरीय है, बल्कि ये बीजेपी के महिला विरोधी चरित्र को भी दर्शाता है। हम मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करते हुए उनसे अतिशीघ्र माफी की मांग करते हैं।(आजतक)
     

मनोरंजन

  •  बाहुबली प्रभास ने किया खुलासा मां नहीं चाहती थीं वो बने हीरो!
    बाहुबली प्रभास ने किया खुलासा मां नहीं चाहती थीं वो बने हीरो!

    फिल्म अभिनेता प्रभास ने हाल ही में एक इंटरव्यू में पूछे जाने पर बताया कि उनके माता-पिता ने बाहुबली की सफलता के बाद क्या प्रतिक्रिया दी थी? इस बारे में बताते हुए प्रभास ने कहा कि उनकी मां फिल्म बाहुबली की सफलता से बेहद खुश थीं और उन्होंने प्रभास को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि इसे अपने सिर पर कभी मत चढऩे देना। इस बारे में बताते हुए प्रभास ने कहा, ‘उनकी मां ने उनसे कहा कि इसे अपने सिर पर मत चढऩे दो, शांत रहो, इसे अपने सिर में मत जाने दो।’

    प्रभास ने आगे यह भी कहा कि उनकी मां नहीं चाहती थी कि वह कभी फिल्मों में आएं, बल्कि उनका मानना था कि प्रभास को कोई अच्छी नौकरी करनी चाहिए थीं। वह चाहती थी कि वह एक घर खरीदे और खुशी-खुशी जीवन व्यतीत करे लेकिन प्रभास ऐसे बिलकुल भी नहीं होने के कारण उन्होंने वैसा नहीं किया। जब वह 19 साल वर्ष के थे तब अपने शुरुआती दिनों के दौरान एक छोटे समय के लिए उन्होंने एक रेस्तरां शुरू करने और खाने के व्यवसाय में जाने का भी विचार किया और जब वह 22 साल के हुए तब तक वह एक अभिनेता बन गए थे और फिर बाहुबली फिल्म आई और उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया।

    बाहुबली में प्रभास को अपने दमदार प्रदर्शन के लिए बहुत सराहना मिली और उनके प्रशंसक फिल्म देखकर दीवाने हो गए। प्रभास एक बहुत ही शानदार अभिनेता हैंद्य जिनके फॉलोअर विश्व स्तर पर हैं। प्रभास आखिरी बार फिल्म साहो में नजर आए थे और इसके बाद वे राधा कृष्ण कुमार के निर्देशन में बन रही फिल्म में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ पूजा हेगड़े नजर आएंगी। इस फिल्म का वर्किंग टाइटल अमौर है। प्रभास की पिछली फिल्म साहो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी और इस फिल्म ने विश्व स्तर पर कुल 400 करोड़ से अधिक का व्यापार किया था।

सेहत/फिटनेस

  • शरद पूर्णिमा का क्या है महत्व? सेहत और धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय
    शरद पूर्णिमा का क्या है महत्व? सेहत और धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय

    प्रेम और कलाओं से परिपूर्ण होने के कारण श्री कृष्ण ने इसी दिन महारास रचाया था. इस दिन विशेष प्रयोग करके बेहतरीन स्वास्थ्य, अपार प्रेम और खूब सारा धन पाया जा सकता है.

    नई दिल्ली, 13 अक्टूबर : शरद ऋतु की पूर्णिमा काफी महत्वपूर्ण तिथि है. शरद पूर्णिमा आज है और चन्द्रमा इस दिन संपूर्ण, सोलह कलाओं से युक्त होता है. इस दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है जो धन, प्रेम और स्वास्थ्य तीनों देती है. प्रेम और कलाओं से परिपूर्ण होने के कारण श्री कृष्ण ने इसी दिन महारास रचाया था. इस दिन विशेष प्रयोग करके बेहतरीन स्वास्थ्य, अपार प्रेम और खूब सारा धन पाया जा सकता है. पर प्रयोगों के लिए कुछ सावधानियों और नियमों के पालन की आवश्यकता है.
    शरद पूर्णिमा पर किन सावधानियों के पालन की आवश्यकता है?
    - इस दिन पूर्ण रूप से जल और फल ग्रहण करके उपवास रखने का प्रयास करें
    - उपवास रखें न रखें पर इस दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें तो ज्यादा बेहतर होगा
    - शरीर के शुद्ध और खाली रहने से आप ज्यादा बेहतर तरीके से अमृत की प्राप्ति कर पायेंगे
    - इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें. चमकदार सफेद रंग के वस्त्र धारण करें तो ज्यादा अच्छा होगा
    - अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस दिन क्या प्रयोग करें?
    - रात्री के समय स्नान करके गाय के दूध में घी मिलाकर खीर बनायें
    - खीर को भगवान् को अर्पित करके विधिवत भगवान् कृष्ण की पूजा करें
    - मध्य रात्री में जब चन्द्रमा पूर्ण रूप से उदित हो जाए तब चंद्रदेव की उपासना करें
    - चन्द्रमा के मंत्र "ॐ सोम सोमाय नमः" का जाप करें
    - खीर को चन्द्रमा की रौशनी में रख दें
    - खीर को कांच,मिटटी या चांदी के पात्र में ही रखें , अन्य धातुओं का प्रयोग न ही करें  
    - प्रातः काल जितनी जल्दी इस खीर का सेवन करें उतना ही उत्तम होगा
    - सबसे उत्तम है कि इस खीर का सेवन भोर में , सूर्योदय के पूर्व किया जाय
    - प्रेम में सफलता के लिए इस दिन क्या प्रयोग करें ?
    - शाम के समय भगवान राधा-कृष्ण की उपासना करें
    - दोनों को संयुक्त रूप से एक गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें
    - मध्य रात्रि को सफेद वस्त्र धारण करके चन्द्रमा को अर्घ्य दें
    - इसके बाद निम्न मंत्र का कम से कम 3 माला जाप करें -"ॐ राधावल्लभाय नमः"
    - या मधुराष्टक का कम से कम 3 बार पाठ करें
    - मनचाहे प्रेम को पाने की प्रार्थना करें
    - भगवान को अर्पित की हुयी गुलाब की माला को अपने पास सुरक्षित रखें
    - अपार धन की प्राप्ति के लिए इस दिन क्या प्रयोग करें?
    - रात्री के समय मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं
    - इसके बाद उन्हें गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें
    - सफेद मिठाई और सुगंध भी अर्पित करें
    - इसके बाद निम्न मंत्र का कम से कम 11 माला जाप करें
    - "ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः"
    - आपको धन का अभाव नहीं होगा
    (aajtak.in)

खेल

  • गांगुली ने किया अपने एजेंडे का खुलासा
    गांगुली ने किया अपने एजेंडे का खुलासा

    नई दिल्ली, 14 अक्टूबर । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर और देश के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना तय हो गया है। यह पहला मौका होगा जब गांगुली इस अहम पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले वह बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्हें हाल ही में इस पद के लिए दोबारा चुना गया था। हालांकि पहले बीसीसीआई अध्यक्ष बनने की होड़ में बृजेश पटेल का नाम सबसे आगे चल रहा था, लेकिन आखिरी पलों में सौरव गांगुली के नाम पर सहमति बन गई। अब खुद गांगुली ने बताया है कि आखिर कैसे उनका नाम इस पद के लिए तय हुआ और बीसीसीआई अध्यक्ष का पद संभालने के बाद वे आखिर क्या-क्या काम करेंगे।
    टीम इंडिया के पूर्व ओपनर सौरव गांगुली ने कहा, निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि मैं देश के लिए खेला हूं और कप्तान रहा हूं। मैं ऐसे समय में बीसीसीआई की कमान संभालने जा रहा हूं, जब पिछले तीन साल से बोर्ड की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है  इसकी छवि बहुत खराब हुई है। मेरे लिए यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है। यह पूछे जाने पर कि क्या यह जिम्मेदारी अलग होगी, गांगुली ने कहा कि भारतीय टीम का कप्तान होने से बढक़र कुछ नहीं है।
    ब्रजेश पटेल, बीसीसीआई अध्यक्ष, सौरव गांगुली, बीसीसीआई, भारतीय क्रिकेट टीम, बीसीसीआई चुनाव सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 2003 के वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई थी। 
    बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद के एजेंडे का खुलासा करते हुए सौरव गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। गांगुली का इरादा भारतीय क्रिकेट के सभी पक्षों से मिलने का और वे सारे काम करने का है जो पिछले 33 महीने में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी। उन्होंने कहा, ‘पहले मैं सभी से बात करूंगा और फिर फैसला लूंगा। मेरी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल करना होगा। मैं तीन साल से सीओए से भी यही कहता आया हूं लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। सबसे पहले मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति दुरुस्त करूंगा।’
    सौरव गांगुली को ‘कूलिंग ऑफ’ अवधि के कारण जुलाई में बीसीसीआई अध्यक्ष का पद छोडऩा होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी।’ यह पूछने पर कि कार्यकाल सिर्फ नौ महीने का होने का क्या उन्हें अफसोस है, उन्होंने कहा कि हां, यही नियम है और हमें इसका पालन करना है।
    बीसीसीआई अध्यक्ष के लिए नाम तय होने के घटनाक्रम का खुलासा करते हुए सौरव गांगुली ने बताया, जब मैं आया तो मुझे पता नहीं था कि मैं अध्यक्ष बनूंगा। पत्रकारों ने मुझसे पूछा तब भी मैंने बृजेश पटेल  का ही नाम लिया। मुझे बाद में पता चला कि हालात बदल गए हैं। मैंने कभी बीसीसीआई चुनाव नहीं लड़ा तो मुझे नहीं पता कि बोर्ड रूम राजनीति क्या होती है।’ गांगुली ने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। यह पूछने पर कि पश्चिम बंगाल में चुनाव में क्या वह भाजपा के लिए प्रचार करेंगे, उन्होंने न में जवाब देते हुए कहा कि  ऐसा कुछ नहीं है। उनसे किसी ने कुछ नहीं कहा।
    सौरव गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल महज 9 महीने का ही रहेगा। सौरव गांगुली साल 2014 में बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव बने थे। ऐसे में 47 वर्षीय गांगुली जुलाई 2020 में कैब पदाधिकारी के तौर पर छह साल पूरे कर लेंगे, जिसके बाद कूलिंग ऑफ पीरियड शुरू हो जाएगा। कूलिंग ऑफ पीरियड तीन साल का होता है। इस अवधि में आप किसी पद पर नहीं रह सकते। अब जबकि गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष बन गए हैं तो फिर उन्हें कैब का अध्यक्ष पद छोडऩा होगा। कुछ दिन पहले प्रशासकों की समिति (सीओए) ने अपने चुनाव निर्देशों में कहा था कि दो कार्यकाल के बीच बाहर रहने के लिए तय अवधि (कूलिंग ऑफ पीरियड) के लिए कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में बिताए गए कार्यकाल को भी शामिल किया जाएगा।(न्यूज18)

     

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  • अमेजन व फ्लिपकार्ट पोर्टल पर दिए जा रहे  छूट पर कैट ने ब्रांड कंपनियों से मांगा स्पष्टीकरण
    अमेजन व फ्लिपकार्ट पोर्टल पर दिए जा रहे छूट पर कैट ने ब्रांड कंपनियों से मांगा स्पष्टीकरण

    अमेजन व फ्लिपकार्ट पोर्टल पर दिए जा रहे  छूट पर कैट ने ब्रांड कंपनियों से मांगा स्पष्टीकरण

    रायपुर, 14 अक्टूबर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) एवं अमेजन और फ्लिपकार्ट के बीच वाणिज्य मंत्रालय द्वारा विगत दिनों की गई बैठक के बाद कैट ने उन सभी प्रमुख ब्रांडों को पत्र भेजा, जिनके उत्पाद अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों के ई-वाणिज्य पोर्टलों पर बेचे जाते हैं, और सभी ब्रांड कंपनियों से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या अमेजन और फ्लिपकार्ट पर विभिन्न उत्पादों पर गहरी छूट उनके द्वारा दी जा रही है जैसा कि दोनों कंपनियों ने उपरोक्त बैठक में दावा किया है। यह जानकारी कैट पदाधिकारियों ने दी।

    कैट पदाधिकारियों ने बताया कि ब्रांड्स कंपनियों को भेजे पत्र में कहा कि अमेजन एवं फ्लिपकार्ट पर उनके ब्रांड के विभिन्न उत्पादों पर दी जा रही गहरी छूट के सवाल पर अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पोर्टल कोई छूट नहीं दे रहे हैं, और यह विभिन्न ब्रांड हैं जो इस तरह की गहरी छूट दे रहे हैं और अमेजन और फ्लिपकार्ट की उनके पोर्टल्स पर छूट में कोई भूमिका नहीं है।

    उन्होंने बताया कि एक अन्य प्रश्न में दोनों ई-कॉमर्स कंपनियों ने कहा कि यह ब्रांड ही हैं जो इन पोर्टलों पर विक्रेताओं को विशेष उत्पाद देते हैं जो बाजार में नहीं मिलते और इस पर भी अमेजन एवं फ्लिपकार्ट की कोई भूमिका नहीं है। यह उनका आधिकारिक बयान है, जो कैट को वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुलाई गई आधिकारिक बैठक में दिया गया है। कैट ने शीघ्र ही इस मुद्दे पर नई दिल्ली में ब्रांड् कंपनियों की बैठक रखने व इस बैठक में शामिल होने का आग्रह भी किया।

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