छत्तीसगढ़

  • रायपुर, जमा पूंजी वापस नहीं, हजारों निवेशक 5 को मनाएंगे प्रदेशव्यापी आग्रह दिवस
    रायपुर, जमा पूंजी वापस नहीं, हजारों निवेशक 5 को मनाएंगे प्रदेशव्यापी आग्रह दिवस

    सीएम, वित्त मंत्री से मिलकर याद दिलाएंगे चुनावी वादा 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 27 मई।
    करोड़ों की जमापूंजी वापस नहीं होने पर प्रदेश के हजारों निवेशक अब 5 जून को प्रदेशव्यापी अनुरोध दिवस मनाएंगे। इस दौरान वे प्रदेश के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री से मिलकर उनकी फर्जी चिटफंड कंपनियों में जमा पूंजी को जल्द वापस दिलाने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि कांग्रेस ने चुनाव के समय यह वादा किया था, कि उनकी सरकार बनने पर फर्जी चिटफंड कंपनियों की संपत्ति नीलाम कर निवेशकों की जमा पूंजी वापस दिलायी जाएगी, लेकिन अभी तक किसी भी निवेशक की जमा पूंजी वापस नहीं हो पाई है, ऐसे में उनमें असंतोष है। 

    प्रदेश के सैकड़ों निवेशक-अभिकर्ता बीती शाम यहां कलेक्टोरेट गार्डन में एकजुट हुए। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के वादे के मुताबिक उनकी जमा पूंजी वापस न होने पर चर्चा की गई। इस दौरान कहा गया कि फर्जी चिटफंड कंपनियों की जाल में प्रदेश के करीब 20 लाख निवेशक-अभिकर्ता फंसे हैं और उनकी करीब 50 हजार करोड़ की पूंजी फंसी हुई है। भूपेश सरकार की ओर से कम समय में उनकी जमा पूंजी को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए आवेदन मंगाए जा रहे है, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि उन्हें उनकी जमा पूंजी की जल्द वापसी का इंतजार है। 

    छग नागरिक अधिकार समिति के महासचिव शुभम साहू व पदाधिकारियों का कहना है कि वे सभी पिछले छह-सात वर्षो से प्रदेश में फर्जी चिटफंड कंपनियों के खिलाफ आंदोलनरत् हैं। समिति ने प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद मांग की थी कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे के मुताबिक प्रदेश सरकार को विशेष कोष का गठन करना है, क्योंकि अधिकांश कंपनियों की संपत्तियां उनकी देनदारी से कम है। पिछले 15 वर्षो से जारी चिटफंड कंपनियों की लूट, धोखाधड़ी की हर पहलू की बारीकी से जांच की मांग भी की गई है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके, लेकिन सरकार इस दिशा में प्रयास नहीं कर रही है। 

    उन्होंने सरकार से मांग की है कि फर्जी चिटफंड कंपनियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। वहीं सभी फरार संचालकों को गिरफ्तार कर उनकी चल-अचल संपत्ति को राजसात की जाए। इतना ही नहीं, कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल करते हुए उन्हें भुगतान शुरू किया जाए। उन्होंने कहा है कि लगातार मांग और तमाम दावों के बावजूद निवेशकों का भुगतान शुरू नहीं होने से संशय की स्थिति बनने लगी है। निवेशकों-अभिकर्ताओं को भुगतान की सरल व स्पष्ट व्यवस्था जल्द न करने पर वे सभी फिर से सडक़ पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। 

     

     

Daily Chhattisgarh News

 

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राजनीति

  • प्रचंड जीत के बाद मोदी ने काशी में कहा- मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता, हर घर का मोदी चुनाव लड़ रहा था

    नई दिल्ली, 27 मई । वाराणसी से दोबारा सांसद चुने जाने के बाद सोमवार को पहली बार काशी पहुंचे नामित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी पीएम मोदी के साथ के साथ काशी पहुंचे थे। मोदी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला केन्द्र में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। इसके बाद पीएम मोदी ने भोजपुरी में वहां मौजूद लोगों कहा- प्रणाम बा।  उन्होंने कहा कि पार्टी और कार्यकर्ता जो आदेश करते हैं तो मैं उसका पालन करने का पूरा करता हूं। उन्होंने कहा कि जिस दिन में काशी आया था उस दिन जो दृश्य था उसने पूरे देश को प्रभावित किया था। काशी का मिजाज जिस तरह से प्रकट हो रहा था कि उसे पूरा देश देख रहा था। उसके बाद जब यहां के कार्यकर्ताओ ने कहा था कि एक महीने तक आप काशी में प्रवेश में नहीं कर सकते हैं तो मेरे लिए आपका आदेश सर आंखों पर है। मैं आपके लिए कार्यकर्ता हूं। 
    मोदी ने कहा कि मैं काशी आना चाहता था। मैं चुनाव नतीजों को लेकर निश्चिंत था। मैं काशीवासियों का परिश्रम में था। मैं इसीलिए बाबा केदार के चरणों में बैठा था। काशी ने जो शक्ति मुझे दी है, ऐसा सौभाग्य मिलना बहुत मुश्किल है। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में अलग-अलग दलों के साथी और निर्दलीय साथी थे वह भी अभिनंदन के अधिकारी हैं। वह मीडिया और प्रशासन का अभी बहुत-बहुत अभिनंदन करना चाहता हूं। इस चुनाव में ऐसा लग रहा था कि एक नहीं हर घर का नरेंद्र मोदी लड़ेगा। आमतौर पर जब इस तरह का चुनाव होता है तो लोगों को लगता है कि हर अब क्या है चुनाव जीतने वाले हैं। लेकिन इस चुनाव को जय-पराजय के तराजू से नहीं तौला, इस लोकशिक्षा और लोकसमर्पण का पर्व माना। कार्यकर्ता हर घर से, हर मतदाता से मिले। इन सभी कसौटियों के साथ आप पास हुए हैं इसलिए आप बधाई के पात्र हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यहां की बेटियों की भी चर्चा है।  पीएम मोदी ने कहा कि आज भले ही मैं काशी से बोल रहा हूं लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश का आभारी हूं। उत्तर प्रदेश के गांव गरीब परिवार का शख्स भी भारत के भविष्य के बारे में सोचता है और उसी दिशा में चलने के लिए प्रेरित करता है। 
    उन्होंने कहा कि तीन-तीन चुनाव के बाद भी अगर चुनावी पंडितों की आंखें नहीं खुली हैं तो वह 21 वीं सदी के लिए नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव परिणाम क्षणिक होते हैं, 20वीं सदी के चुनाव भले ही अंकगणित से चले हैं लेकिन 2014, 2017 और 2019 के बाद चुनाव विशेषज्ञों के सोचना होगा कि अंकगणिक के आगे केमेस्ट्री होती है। समाज में एक एक केमेस्ट्री होती है जिसने सभी अंकगणित को फेल कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें ऐसी जो चाहती हैं कि किसी भी तरह से हमारे पक्ष में परसेप्शन न बने और अगर परसेप्शन बने तो उसे बिगाड़ दिया जाए। लेकिन ऐसे लोगों को सोचना होगा कि पारदर्शिता और परिश्रम से किसी भी परसेप्शन को समाप्त करने की ताकत रखती हैं। 
    पीएम मोदी ने कहा कि हमें सकारात्मकता लेकर आगे जाना है क्योंकि देश उसी से आगे बढ़ेगा। सरकार और संगठन के बीच समन्वय बड़ी ताकत होती है। अपने देखा होगा कि राज्यों और केंद्र में सरकारें हैं लेकिन समन्वय है। सरकार नीति बनाती है और संगठन रणनीति बनाती है, सरकार का काम है कार्य करना है। कार्य और कार्यकर्ता मिलकर करिश्मा करती है। ये आपने देखा है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने कम किया, शौचालय बनाया, घरल बनवाया लेकिन कार्यकर्ताओं ने विश्वास दिलाया कि अभी और भी लोगों को मिलने वाला है।  उन्होंने कहा हमने दो संकट भी झेले हैं, केरल, बंगाल, कश्मीर की बातें अखबारों में नहीं छपती हैं क्योंकि कुछ लोगों की सेलेक्टिव मानववाद और संवेदनशीलता है। हमारे कार्यकर्ताओं ने शहादत दी है, त्रिपुरा में कार्यकर्ताओं को फांसी पर चढ़ा दिया गया, केरल में मारा गया, कश्मीर में हमारे कार्यकर्ताओं ने जान की बाजी लगाई है। दूसरा संकट हमारे देश में राजनीतिक छुआ-छूछ बढ़ती जा रही है। बीजेपी का नाम लेते ही कहा जाता है कि हमें छुओ मत, बड़े खतरनाक हैं। जो लोग एकता के ठेकेदार हैं वह आज तक तेलंगाना और केरल में आज तक शांति नहीं ला पाए। हमने भी उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड बनाया लेकिन किसी के भी चेहरे शिकन नहीं है।
    पीएम ने कहा कि वह गुजरात का मुख्यमंत्री तब भी ऐसा ही छुआछूत का माहौल था ऐसा परसेप्शन बना दिया गया। आज राजनीतिक कैनवास पर लोकतंत्र को लेकर जीने वाला दल है। त्रिपुरा में कम्युनिस्टों का शासन था क्या कभी किसी ने विपक्ष के बारे में सुना था। आज हमारी सरकार है और वहां अब विपक्ष की सुनी जा रही है। विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह जनता का विश्वास जीते लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि हम विपक्ष की आवाज सुनें।  वोटबैंक ने हमारी राजनीति को कुचल देते हैं। हमने वोट बैंक की राजनीति की परवाह नहीं की इसलिए हमने 10 फीसदी आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू कर दिया। हम भारत की महान विरासत को लेकर आगे बढऩा चाहते हैं और जो ऋषियों  मुनियों ने कामगारों और किसानों ने जो विरासत को छोड़ी है उस पर किसी को भी शर्म आती हो तो आए हमें इसे लेकर आगे बढऩा है। 
    मोदी ने परसेप्शन (धारणा) की बात करते हुए पूछा कि अयोध्या में दिवाली मनाने से किसने रोका था?  कुंभ के मेले को लेकर परसेप्शन गढ़ा गया कि नागाओं की जमात है। लेकिन योगी जी की अगुवाई में इस बार कुंभ के गौरव ने  पूरे देश ने देखा है। हम कल्चर की बात करते हैं साथ में 21वीं सदी की भी बात करते हैं। हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की कोशिश कर रहे हैं। आज हिंदुस्तान के कोने में हमारा वोट बैंक बढ़ रहा है। हमें हिंदी हार्ट लैंड का दल कहा जाता है। लद्दाख, कर्नाटक में हम जीते, उत्तर पूर्व में हम सरकार बना रहे हैं, लेकिन ऐसा परसेप्शन बनाया है कि भारतीय जनता पार्टी हिंदी हार्ट लैंड की पार्टी है। हमें यह भाव करना है कि जो भी सरकारी है वह देश की जनता उसकी मालिक है। 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपनी मां हीराबेन से मिले और उनका आशीर्वाद लिया। वह गांधीनगर के समीप रायसान गांव में वृंदावन बंगला में अपने छोटे बेटे और प्रधानमंत्री के छोटे भाई पंकज के साथ रहती हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरे कार्यकाल के लिए 30 मई के अपने शपथ ग्रहण समारोह से पहले मोदी यहां पहुंचे और उन्होंने शाम को खानपुर के जेपी चौक इलाके में एक अभिनंदन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मोदी अपनी मां के पास करीब 20 मिनट तक रूके और उन्होंने चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।
    30 मई को होगा शपथ
    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 मई को राष्ट्रपति भवन में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके बाद मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी जाएगी। राष्ट्रपति भवन ने रविवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 मई को शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ने शनिवार को भाजपा और एनडी संसदीय दल नेता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री नामित करते हुए केंद्र में नयी सरकार बनाने का न्यौता दिया था। (एनडीटीवी)

     

मनोरंजन

  • बिग बॉस 13 में लगेगा डर का तडक़ा, हॉरर थीम लेकर लौटेंगे सलमान!

    नई दिल्ली, 27 मई। बिग बॉस सीजन 13 को लेकर मेकर्स की तैयारियां जोरों पर हैं। शो के कंटेस्टेंटेस के नाम से लेकर लोकेशन, थीम से जुड़ी नई अपडेट्स लगातार सामने आ रही हैं। ये तो पहले ही कंफर्म हो गया है कि सीजन 13 भी सलमान खान ही होस्ट करेंगे। लोकेशन के लोनावला से मुंबई के फिल्म सिटी में शिफ्ट करने की चर्चा है। इस बीच शो के कॉन्सेप्ट यानी थीम को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है।
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिग बॉस 13 की थीम को लेकर मेकर्स के बीच मंथन जारी है। अगर बात बनी तो इस बार का थीम हॉरर हो सकता है। लेकिन अभी हॉरर थीम को लेकर बात फाइनल नहीं हो पाई है। मालूम हो कि सीजन 12 की थीम विचित्र जोड़ी थी। अगर मेकर्स हॉरर थीम पर बिग बॉस का कॉन्सेप्ट तय करते हैं तो ये वाकई यूनीक होगा। इससे पहले किसी रियलिटी शो में ऐसा कॉन्सेप्ट देखने को नहीं मिला है।
    वैसे भी इन दिनों टीवी की दुनिया में सुपरनैचुरल शोज की बाढ़ देखने को मिल रही है। नागिन 3, कवच 2, डायन, नजर जैसे शोज टीआरपी रेटिंग में बेहतरीन कर रहे हैं। हॉरर और सुपरनैचुरल मसाला हमेशा से ही टीवी ऑडियंस को इंप्रेस करते आया है। अब देखना होगा कि रियलिटी शो में हॉरर का तडक़ा क्या जादू बिखेरेगा।
    बिग बॉस 12 श्रींसत और दीपिका कक्कड़ इब्राहिम, दीपक ठाकुर, सुरभि राणा, अनूप जलोटा, जसलीन मथारू की वजह से खूब चर्चा में रहा था। लेकिन टीआरपी और एंटरटेनमेंट के मामले में सीजन 12 खास कमाल नहीं दिखा पाया था। इसलिए मेकर्स नए सीजन को खूब एंटरटेनिंग बनाने की कोशिश में हैं। वैसे तो खबरें ये भी हैं कि इस बार कॉमनर्स शोज में नहीं आएंगे। पूरा शो सेलेब्रिटी कंटेस्टेंट्स पर बेस्ड होगा।  (आजतक)
     

     

स्थायी स्तंभ

  • आज का इतिहास 27 मई

    27 मई 1964 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आखिरी सांस ली. नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता माना जाता है.
    जवाहरलाल नेहरू का निधन अचानक ही हुआ. नेहरू पहाड़ों पर छुट्टियां बिता कर लौटे थे. नई दिल्ली में उन्हें सुबह सीने में दर्द की शिकायत हुई. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका. निधन के वक्त नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी सिराहने पर मौजूद थी. नेहरू के निधन की जानकारी केंद्रीय मंत्री सी सुब्रमणियम ने सार्वजनिक की. राज्य सभा में रुआंसे गले से उन्होंने कहा, "प्रकाश नहीं रहा."भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के धुर आलोचक भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि वे महान लोकतांत्रिक मूल्यों वाले नेता थे. नेहरू ने तमाम मुश्किलें उठाकर धर्मनिरपेक्ष ढांचे की नींव रखी और उसकी पूरी शक्ति से हिफाजत भी की. संसद में आलोचना करने वालों की भी वो पीठ थपाया करते थे.नेहरू के करिश्माई नेतृत्व के कायल दुनिया भर के कई नेता रहे. इन्हीं में से एक थे सोवियत संघ के पूर्व राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचोव. गोर्बाचोव जब छात्र थे, तब वो कॉलेज बंक कर नेहरू का भाषण सुनने गए. मिखाइल गोर्बाचोव ने ही पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाई.अमेरिका और सोवियत संघ के बीच छिड़े शीत युद्ध के कारण नेहरू ने गुट निरपेक्ष आंदोलन की भी शुरुआत की. वो चाहते थे कि दुनिया लोकतांत्रिक रहे, दो ध्रुवों में न बंट जाए. नेहरू के कार्यकाल में भारत में अच्छी शिक्षा वाले कॉलेज खुले. गांवों और कस्बों के विकास में स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पॉलीटेक्निक, आईआईटी और आईआईएम जैसे कॉलेज खोले गए.

    कई विश्लेषकों के मुताबिक नेहरू ने वह कर दिखाया जो पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना नहीं कर सके. नेहरू ने भारत को किसी दूसरे देश पर निर्भर होने के बजाए अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास दिया.

    • 1796- पियानो के लिए पहला अमेरिकी पेटेन्ट जेम्स सिलवैनस मैक्लीन को जारी किया गया।
    • 1924-ऐडिसन ने क्लोरीनयुक्त रबर बनाने का तरीका पेटेन्ट कराया।
    • 1994 - नोबेल साहित्य पुरस्कार विजेता रूसी लेखक एलेक्ज़ेंडर सोल्केनित्सिन पश्चिम में 20 वर्ष का निर्वासन समाप्त कर स्वदेश लौटे।
    • 1999 - बोत्सवाना की सुन्दरी पुले क्वेलागोव वर्ष 1999 की मिस यूनिवर्स चुनी गयीं, विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरण पुरस्कार (सोफी पुरस्कार) डरमन हेली (सं.रा. अमेरिका) तथा थॉमस केयरी (भारत) को प्रदान किया गया, सर्विया के राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण द्वारा युद्ध अपराधी घोषित।
    • 2000 - फिजी में महेन्द्र चौधरी सरकार बर्खास्त, राष्ट्रपति मारा ने प्रशासन सम्भाला।
    • 2002 - नेपाल के प्रधानमंत्री देउबा को 3 साल के लिए पार्टी से निकाला गया।
    • 2005 - दक्षिण अफ्रीका की राजधानी प्रिटोरिया का नाम बदलकर श्वाने करने का निर्णय लिया गया।
    • 2006 - इंडोनेशिया में आये विनाशकारी भूकम्प में कम से कम 2900 लोग मारे गये और हज़ारों लोग घायल हुए।
    • 2008 - केन्द्र सरकार ने सीमेंट निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध को वापस लिया।
    • 2010- भारत ने ओडिशा के चांदीपुर में बालसोरा जि़ले में परमाणु तकनीक से लैस धनुष और पृथ्वी 2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। पृथ्वी 2 मिसाइल धरती से धरती पर मारक क्षमता वाली बेलिस्टिक मिसाइल है जिसकी रेंज 350 किमी है। जबकि धनुष पृथ्वी मिसाइल का नौसेना संस्करण है।
    • 1894 - ख्यातिप्राप्त आलोचक तथा निबंधकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का जन्म हुआ। 
    • 1964 - भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के महान सेनानी एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन हुआ। 
    • 1983 -भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष  सरदार हुकम सिंह का निधन हुआ। 
    • 1887 -पॉलिश अमेरिकी रसायनज्ञ कासिमिर फैजान का जन्म हुआ, जिन्होंने ब्रिटेन के फ्रेड्रिक सोडी के साथ रेडियोऐक्टिव विस्थापन नियम प्रतिपादित किया। नियम के अनुसार जब एक रेडियोऐक्टिव धातु का विखण्डन होता है तो उसका परमाणु भार दो संख्या कम हो जाता है। (निधन-18 मई 1975)
    • 1907 -अमेरिकी जीव विज्ञानी रैचेल लुइस कार्सन का जन्म हुआ, जिन्होंने पर्यावरण प्रदूषण और समुद्र के प्राकृतिक इतिहास पर बहुत से लेख लिखे। उन्होंने अपनी पुस्तक साइलेन्ट स्प्रिंग (1962) में कीटनाशकों के अधिक प्रयोग के प्रभावों को बताया और लोगों को जागरुक करने की अपील की। (निधन-14 अप्रैल 1964)
    • 1910 - जर्मन चिकित्सक हेनरिक हर्मन रॉबर्ट कोच का निधन हुआ,  जो जीवाणुविज्ञान के संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने क्षय रोग तथा हैजा के जीवाणुओं की खोज की।   (जन्म-11 दिसम्बर 1843)
    • 1988-जर्मन इलेक्ट्रिक इंजीनियर अर्नस्ट आगस्ट फ्रेड्रिक रुस्का का जन्म हुआ, जिन्होंने इलेक्ट्रॉन सूक्षमदर्शी का आविष्कार किया। (जन्म-25 दिसम्बर 1906)।

खेल

  • वल्र्ड कप में पहली बार लागू होंगे ये 7 नियम पिछले चार सालों में आया बदलाव

    नई दिल्ली, 27 मई । इंग्लैंड एवं वेल्स में 30 मई से क्रिकेट के महाकुंभ यानी आईसीसी विश्व कप का आगाज होने जा रहा है। क्रिकेट के इस बड़े खिताब को हासिल करने के लिए 10 टीमें एक-दूसरे से टकराएंगी। इस विश्व कप के फॉर्मेट में बदलाव हुआ है और इस बार राउंड रॉबिन फॉर्मेट में टीमें खिताबी जंग के लिए जद्दोजहद करेंगी। विश्व कप के इस 12वें सीजन में कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं और राउंड रॉबिन फॉर्मेट के हिसाब से हर टीम को नौ मैच खेलने हैं। इसके अलावा इस विश्व कप में सात नए नियम भी लागू होंगे।

    पिछला विश्व कप साल 2015 में खेला गया था। तब से आईसीसी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सात नए नियम लागू किए हैं। इसी वजह से चार साल बाद अब विश्व कप में भी ये नियम लागू होंगे। हालांकि, ये सारे नियम वनडे क्रिकेट में लागू हो चुके हैं। लेकिन विश्व कप में ये नियम पहली बार लागू किए जाएंगे। 
    0 पहले किसी गेंदबाज के नो बॉल फेंकने पर अगर बाई या लेग बाई से रन बनता था, तो उसे नो बॉल में जोड़ा जाता था। मगर अब ऐसा नहीं है। नो बॉल और बाई-लेग बाई का रन अलग से जुड़ेगा। 
    0 पहले रन आउट या स्टंपिंग के मामले में बैट के ऑन द लाइन होने पर आउट नहीं दिया जाता था, लेकिन अब इस नियम को बदल जा चुका है। अगर अब बल्ला लाइन पर होगा तो भी आउट करार दिया जाएगा। हालांकि, बैट या बल्लेबाज का पैर लाइन के अंदर या हवा में होगा तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा।
    0 नए नियम के अनुसार गेंद दो बार बाउंस हुई तो नो बॉल करार दी जाएगी। अगर गेंदबाज के गेंद डालने पर गेंद दो बाउंस के साथ बल्लेबाज तक जातीहै तो उसे नो बॉल माना जाता है। नो बॉल पर बल्लेबाज को फ्री हिट भी मिलती है। पहले नो बॉल देने का नियम नहीं था।
    0 किसी खिलाड़ी के खराब व्यवहार करने पर अंपायर उसे मैदान से बाहर भेज सकता है। आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट की लेवल 4 की धारा 1.3 के तहत अंपायर को यह अधिकार मिला हुआ। अगर अंपयार को महसूस हुआ कि कोई खिलाड़ी ठीक व्यवहार नहीं कर रहा तो वह इस धारा का दोषी मानते हुए उसे तत्काल बाहर भेज सकता है।
    0 अंपायर्स कॉल पर अब रिव्यू बेकार नहीं होगा। कोई बल्लेबाज या फील्डिंग टीम डीआरएस का निर्णय लेती है और अंपायर्स कॉल की वजह से अंपायर का फैसला बरकरार रहता है तब इस स्थिति में टीम का रिव्यू बेकार नहीं होगा। 
    0 खेल में संतूलन बनाए रखने के लिए बल्ले की चौड़ाई और मोटाई तय कर दी गई है। अब बल्ले के इस आकार का सभी को पालन करना होगा। बल्ले की चौड़ाई 108 मि.मी, मोटाई 67 मि.मी और कोनो पर 40 मि.मी से अधिक नहीं हो पाएगी। इसके बावजूद अगर अंपायर को शक होगा तो बैट गेज (माप यंत्र) से बल्ले की चौड़ाई को मापी जा सकेगी
    0 किसी बल्लेबाज का हवाई शॉट अगर फील्डर के हेलमेट से लगकर उछला और किसी फील्डर ने उसे कैच पकड़ लिया तो बल्लेबाज को आउट दे दिया जाएगा। मगर हैंडल द बॉल की स्थिति में बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा। (टाईम्स नाऊ)

     

     

कारोबार

  • फिलिप्स ट्रिमर खरीद कर रायपुर के आदित्य टहिल्यानी रहे ग्रैंड प्राइज के विजेता

    फिलिप्स ट्रिमर खरीद कर रायपुर के आदित्य टहिल्यानी रहे ग्रैंड प्राइज के विजेता

    रायपुर, 26 मई। फिलिप्स के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बाजार में कितने सुप्रसिद्ध और पसंदीदा हैं यह तो आप जानते ही होंगे। लेकिन इन दिनों फिलिप्स ट्रिमर की खरीदी पर ग्राहकों को एक च्स्क्रैच एंड विन कूपनज् दिया जा रहा है, जिसमें ग्राहकों को सुजुकी बाइक, डी एस एल आर कैमरा और भी कई आकर्षक उपहार जितने का मौका मिल सकता है । इतना ही नहीं, 10 लकी कपल्स ग्रैंड प्राइज के विजेताओं को 6 जुलाई को इंग्लैंड में भारत और श्रीलंका के बीच होने वाला मैच देखने का मौका मिलेगा। मैच के टिकट के साथ आने-जाने की टिकट तथा 3 दिनों के लिए रहने की व्यवस्था भी इस उपहार में शामिल है । 

    रायपुर के आदित्य टहिल्यानी ने स्टेशन रोड स्थित बालाजी एजेंसी से फिलिप्स ट्रिमर खरीदा एवं कूपन स्क्रैच किया, वे ग्रैंड प्राइज के छठवें विजेता रहे। फिलिप्स के एरिया मैनेजर ‘ज्ञान मिश्रा जी’ एवं ‘कंचन डिस्ट्रीब्यूटर्स’   के संचालक ‘हरजिंदर सिंह वोहरा’ ने उन्हें यह अवार्ड देकर बधाई दी। 
    उन्होंने बताया कि यह स्कीम अभी भी चालू है। ग्राहक ट्रिमर खरीदते समय बिल अवश्य लें।

     

सेहत/फिटनेस

  • फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं ये 5 चीजें

    फेफड़ों का कैंसर (लंग कैंसर) तब होता है जब फेफड़ों में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से ऊपर-नीचे होने लगती हैं। आमतौर पर इसके लक्षण प्रारंभिक चरण में सामने नहीं आते हैं। लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, गला बैठना, हड्डियों में दर्द, सिरदर्द, खांसते वक्त खून आना आदि फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हैं। धूम्रपान फेफड़े के कैंसर के सबसे सामान्य कारणों में से एक है।
    फेफड़ों का कैंसर मूल रूप से दो प्रकार के होता है पहला स्मॉल सेल लंग कैंसर और दूसरा नॉन  स्मॉल सेल लंग कैंसर। स्मॉल सेल लंग कैंसर आम नहीं है और अधिकतर उन लोगों को होता है जो धूम्रपान करते हैं। हालांकि नॉन  स्मॉल सेल लंग कैंसर नें अन्य सभी प्रकार के फेफड़ों के कैंसर आते हैं। जहां बात इसके उपचार की आती है तो डॉक्टर सीटी स्कैन और पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) स्कैन जैसे इमेजिंग परीक्षणों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, प्रयोगशाला परीक्षण के लिए फेफड़े के ऊतकों को लिया जा सकता है।
    इस स्थिति का शुरू में निदान किसी का भी जीवन बचा सकता है। फेफड़ों का कैंसर संभावित रूप से शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है और जान जाने का खतरा पैदा कर सकता है। इसके उपचार के लिए डॉक्टर सर्जरी, कीमोथेरेपी, विकिरण चिकित्सा या लक्षित चिकित्सा का प्रयोग करते हैं। फेफड़ों के कैंसर को रोकने के लिए आपको इसके जोखिम कारकों की ओर ध्यान देने की जरूरत है। इसलिए हम आपको ऐसे पांच जोखिम कारकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपनी दिनचर्या से हटाकर स्वस्थ रह सकते हैं।
    धूम्रपान
    आपमें फेफड़ों के कैंसर का जोखिम आपके द्वारा रोजाना पीएं जाने वाली सिगरेट की संख्या पर निर्भर करता है। अगर आप रोजाना अधिक संख्या में सिगरेट पीते हैं तो आपमें फेफड़ों के कैंसर का जोखिम अधिक रहता है। वैसे धूम्रपान हमेशा से ही स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध होता है।
    सिगरेट का धुआं भी है खतरनाक
    अगर आप सिगरेट नहीं पीते लेकिन आपके समूह में कुछ लोग ऐसे हैं, जो नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं और आप अक्सर उनके साथ रहते या घूमते हैं तो आप भी फेफड़ों के कैंसर की चपेट में आ सकते हैं क्योंकि सिगरेट से निकलना वाला धुआं भी हवा में घुलकर आपके भीतर जा रहा है, जो कि कैंसर का कारण बन सकता है।
    पीने के पानी में मौजूद आर्सेनिक
    जर्नल इनवायरमेंटल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक पीने के पानी में मौजूद आर्सेनिक से भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।
    एसबेस्टस के संपर्क में आने से हो सकता है कैंसर
    सामान्यतौर पर वे लोग, जो खदानों में काम करते हैं वे अधिकतर एसबेस्टस के संपर्क में आते हैं। एसबेस्टस कैंसरकारी तत्व है।  एसबेस्टस संभावित रूप से फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है।
    परिवार में रहा हो फेफड़ों के कैंसर का इतिहास
    अगर आपके परिवार के लोगों को फेफड़ों का कैंसर रहा है तो आप भी इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं। दरअसल परिवार में कैंसर के रोगी होने का इतिहास आपके जीन से जुड़ा होता है। इसलिए घर के किसी सदस्य को हुई बीमारी, आपको भी हो सकती है।

     

सामान्य ज्ञान

  • हर दिन हॉट शीट- 27 मई

    1. इंसुलिन का उत्पादन निम्न में से किसके द्वारा किया जाता है?
    (अ) आइलेट्स ऑफ लैंगरहैन्स द्वारा (ब) पियूष ग्रंथि द्वारा (स) थायरॉइड ग्रंथि द्वारा (द) एड्रीनल संधि द्वारा
    2. निम्नलिखित में से कौन सा रोग संक्रामक है?
    (अ)डायबिटीज (ब) डिप्थीरिया (स) आर्थराइटिस (द) कैंसर
    3. प्रकाश संश्लेषण में पौधों द्वारा निम्न में से कौन सी गैस उपयोग की जाती है?
    (अ) अमोनिया (ब) कार्बन डाइ-ऑक्साइड (स) क्लोरीन (द) सल्फर डाइ-ऑक्साइड
    4. त्रिफला में मुख्य रूप से कौन-कौन से फल शामिल होते हैं?
    (अ) आंवला, हर्रा, बहेरा (ब) रीठा, आंवला, शिकाकाई (स) सेब, अंगूर, जामुन (द) आम, केला, पपीता
    5. रोड आइलैण्ड सूती उद्योग केंद्र समायोजित है?
    (अ) ऑस्ट्रेलिया में (ब) पोलैण्ड में (स) चीन में (द) संयुक्त राज्य अमेरिका में
    6. निम्न में से कौन सा नगर जापान का पिट्सबर्ग के उपनाम से जाना जाता है?
    (अ) ओसाका (ब) याकोहामा (स) इनाबागून (द) यावाता
    7. थोरियम के सबसे अधिक भंडार कहां स्थित है?
    (अ) भारत (ब) रूस (स) चीन (द) संयुक्त राज्य अमेरिका
    8. विश्व में सबसे पहले नाइट्रेट की प्राप्ति निम्नलिखित किस स्थान से हुई?
    (अ) तिब्बत का पठार (ब) चिली का पठार (स) कोलंबिया का पठार (द) ब्राजील का पठार 
    9. पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में होता है?
    (अ) मिश्रित कृषि में (ब)  बागानी कृषि में (स) गहन आर्थिक निर्वाहक कृषि में (द) स्थानांतरणशील कृषि में
    10. विश्व में कुल गैस की सर्वाधिक खपत किस देश द्वारा होती है?
    (अ) ब्रिटेन (ब) रूस (स) ब्राजील (द) घाना
    11. विश्व के एकमात्र देश का नाम क्या है, जिसके राष्टï्रीय ध्वज पर उसका मानचित्र अंकित रहता है?
    (अ) बरूण्डी (ब) साइप्रस (स) कैमरून (द) लक्जमबर्ग
    12. किस देश की नागरिक वायुयान सेवा को मिड ईस्ट एयरवेज के नाम से जाना जाता है?
    (अ) लीबिया (ब) मिस्र (स) लेबनान (द) तुर्की
    13. ह्वïार्टसफील्ड अंतरराष्टï्रीय हवाई अड्डïा कहां स्थित है?
    (अ) सिडनी (ब) बर्सिलोना (स) माण्ट्रियल (द) अटलाण्टा
    14. किस देश की राजधानी को सिटी ऑफ रैट्स (चूहों का शहर) कहा जाता है?
    (अ) चिली (ब) मलेशिया (स) मैक्सिको (द) स्विट्रलैण्ड
    15. विश्व में जंगली गधा एक मात्र कहां पाया जाता है?
    (अ) सुंदरवन (ब) कच्छ के वन (स) लद्दाख (द) छोटा नागपुर
    16. ब्लू हाउस किस देश के राष्टï्रपति का निवास स्थान है?
    (अ)फिलीपीन्स (ब) दक्षिण कोरिया (स) इटली (द) ब्राजील
    17. विश्व का एकमात्र देश कौन सा है, जहां महिलाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है?
    (अ) उत्तर कोरिया (ब) चीन (स) पराग्वे (द) इजराइल
    18. गेहूं के अंकुरित बीज का वह भाग जो जमीन के ऊपर सबसे पहले दिखाई देता है, उसे कहते हंै?
    (अ) भू्रण मूल चोल (ब) वरुथिका (स) भूणाग्र चोल (द) बह:स्तर
    19. धान के खेत में पंकभंजन की जाती है?
    (अ) मृदा सतह को मृदु बनाने हेतु (ब) खरपतवार नियंत्रण हेतु (स) जड़ों को गहरा जाने के रोकने हेतु (द) पानी का रिसाव कम करने हेतु
    20.  मैगनीशियम के प्रयोग से पौधों द्वारा बढ़ता है?
    (अ) फॉस्फोरस का अपटेक (ब) पोटाश का अपटेक (स) नाइट्रोजन का अपटेक (द) गंधक का अपटेक
    21. सूरजमुखी का उत्पत्ति स्थान कौन सा देश है?
    (अ) दक्षिणी यूनाइटेड स्टेट्स और मैक्सिको (ब) स्पेन (स) सोवियत यूनियन (द) अर्जेन्टीना
    22. उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों के लिए रबी की बुआई हेतु मक्के की  सबसे उपयुक्त प्रजाति कौन सी है?
    (अ) मंजरी (ब) नवीन (स) तरुण (द) कंचन
    23. एक स्वयं परागित फसल है?
    (अ) मक्का (ब) धान (स) बरसीम (द) अंडी
    24. गदर आंदोलन अमेरिका के किस शहर से शुरू हुआ?
    (अ) न्यूयार्क (ब) कैलीफोर्निया (स) सैनफ्रांसिस्को (द) सिएटल
    25. बाल गंगाधर तिलक ने निम्नलिखित में कहां पर होमरूल लीग की स्थापना की?
    (अ) बंबई (ब) बेलगांव, पुणे (स) मैसूर (द) बरार
    26. निम्नलिखित में कहां से होमरूल लीग आंदोलन की प्रेरणा ली गई?
    (अ) फ्रांस (ब) जापान (स) इथोपिया (द) आयरलैण्ड
    27. गुरु गोविंद सिंह द्वारा निम्नलिखित में किस प्रथा की शुरूआत की गई?
     (अ) समस्त सिखों को खालसा पुकारा (ब) प्रत्येक सिख के नाम के आगे सिंह लगाने को कहा (स) सिखों को केश, कंघा, कृपाण कच्छा और कड़ा धारण करने को कहा (द)  इनमें से  सभी
    27. भारतीय संसद की समितियों में सबसे महत्वपूर्ण कौन सी समिति है?
    (अ) लोकलेखा समिति (ब) प्राक्कलन समिति (स) सार्वजनिक उपक्रमों की समिति (द) अधीनस्थ विधायन की समिति
    28. अभी तक कितनी बार राष्टï्रपति द्वारा लोकसभा को समय से पूर्व भंग किया गया है?
    (अ) 8 बार (ब) 4 बार (स) 6 बार (द) 2 बार
    29. लोकसभा अध्यक्ष को अपना पद संभालने पर?
    (अ) शपथ लेनी पड़ती है (ब) शपथ नहीं लेनी पड़ती है (स) प्रतिज्ञा करनी पड़ती है (द) इनमें से कोई नहीं
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    सही जवाब- 1.(अ) आइलेट्स ऑफ लैंगरहैन्स द्वारा, 2.(ब) डिप्थीरिया, 3.(ब) कार्बन डाइ-ऑक्साइड, 4.(अ)आंवला, हर्रा, बहेरा,  5.(द) संयुक्त राज्य अमेरिका में, 6.(द) यावाता, 7.(अ)भारत, 8.(स) कोलंबिया का पठार, 9.(अ) मिश्रित कृषि में, 10.(ब) रूस, 11.(द) लक्जमबर्ग, 12.(स) लेबनान, 13.(द) अटलाण्टा, 14. (स) मैक्सिको, 15.(ब) कच्छ के वन, 16.(ब) दक्षिण कोरिया, 17.(द) इजराइल, 18.(स) भूणाग्र चोल, 19.(द) पानी का रिसाव कम करने हेतु, 20.(अ) फॉस्फोरस का अपटेक, 21.(अ) दक्षिणी यूनाइटेड स्टेट्स और मैक्सिको, 22.(अ) मंजरी 23.(ब)धान, 24.(स) सैनफ्रांसिस्को, 25.(ब) बेलगांव, पुणे, 26.(द) आयरलैण्ड, 27.(द)इनमें से सभी, 27.(अ) लोकलेखा समिति, 28.(ब) 4 बार, 29.(ब) शपथ नहीं लेनी पड़ती है।

     

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