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  •   ट्रंप का कश्मीर-मध्यस्थता राग जारी,  कहा-धर्म की वजह से मामला गंभीर
    ट्रंप का कश्मीर-मध्यस्थता राग जारी, कहा-धर्म की वजह से मामला गंभीर

    नई दिल्ली, 21 अगस्त । जम्मू-कश्मीर के मामले पर भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के प्रमुखों से बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर नया बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि कश्मीर में तनाव के पीछे धर्म का अहम हाथ है। इसके साथ ही उन्होंने फिर से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की इच्छा जाहिर की है।
    जम्मू और कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले से पाकिस्तान घबराया हुआ है। इस मुद्दे को पाकिस्तान कई देशों के सामने उठा भी चुका है, लेकिन सभी देशों ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है। इस मामले में हस्तक्षेप करने से अमेरिका ने भी इनकार किया था।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह कश्मीर की तनावपूर्ण स्थिति पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोबारा चर्चा करेंगे। पीएम मोदी के साथ यह चर्चा ट्रंप जी-7 समिट के दौरान करेंगे।
    डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, मैं फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहूंगा, मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी अलग से बातचीत की थी। साथ ही उन्होंने एक बार फिर से दोहराया कि वह फिर से इस मामले में मध्यस्थता करने को तैयार हैं।
    जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। जम्मू और कश्मीर से लद्दाख को अलग करने पर भी पाकिस्तान ने ऐतराज जताया था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी कहा है कि जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना भारत का निजी फैसला था। पाकिस्तान को सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए।
    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) के बीच तनाव है और हम मध्यस्थता करवाने के लिए तैयार हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं मध्यस्थता करूं या कुछ और कर सकूं। हमारे भारत और पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। दोनों शानदार व्यक्तित्व हैं और दोनों अपने लोगों से बहुत प्यार भी करते हैं लेकिन अभी दोनों के बीच दोस्ती नहीं है।
    कश्मीर मसले पर भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि वह इसमें किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप नहीं चाहती। यह भारत और पाकिस्तान के बीच का मसला है। ट्रंप ने कहा, सच कहूं तो, यह एक बहुत ही विस्फोटक स्थिति है। मैंने कल प्रधानमंत्री खान से बात की, प्रधानमंत्री मोदी से भी इस मुद्दे पर बात की। वह दोनों ही मेरे दोस्त हैं और वह दोनों ही अपने-अपने देश से प्यार करते हैं। यह एक जटिल स्थिति है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कश्मीर की मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति के पीछे धर्म का भी अहम रोल है। उन्होंने कहा कि वहां पर धर्म एक जटिल मसला है।
    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उपमहाद्वीप में इस मसले पर सैकड़ों सालों से चर्चा चल रही है। ट्रंप ने आगे कहा कि कश्मीर बहुत ही जटिल स्थान है। वहां पर हिंदू हैं और मुसलमान भी हैं। मैं यह नहीं कहूंगा कि दोनों का साथ बहुत अच्छा रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति ही वास्तविकता है। यह दोनों देश तय करेंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दोनों देश साथ नहीं आए हैं।(आजतक)
     

राष्ट्रीय

  •  बाढ़ राहत में लगा हेलीकॉप्टर क्रैश, 2 मौतें
    बाढ़ राहत में लगा हेलीकॉप्टर क्रैश, 2 मौतें

    उत्तरकाशी, 21 अगस्त । उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। यह हेलीकॉप्टर देहरादून से राशन लेकर उड़ा था और मोलड़ी से अराकोट जा रहा था। तभी उत्तरकाशी पहुंचने पर यह क्रैश हो गया। हादसे के वक्त इसमें पायलट, को-पायलट और एसडीआरएफ के जवान सहित तीन लोग सवार थे।
    जानकारी के मुताबिक राहत और बचाव कार्य में जुटा यह हेलीकॉप्टर अचानक बिजली के तारों में उलझकर गिर गया। क्रैश हुआ हैलिकॉप्टर हैरिटेज एविएशन का था जिसे राहत और बचाव कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
    इस हादसे पर एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार तीन लोगों में से दो की मौत हो चुकी है। जबकि एक गंभीर रूप ये घायल है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    उत्तराखंड के कई इलाकों में भीषण बाढ़ आ चुकी है। ऐसे में एनडीआरएफ और सेना के जवान जहां राहत कार्य कर रहे हैं। वहीं हेलीकॉप्टर के माध्यम से उन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।(न्यूज18)

     

स्थायी स्तंभ

  • छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सुबोध दिल्ली की ओर
    छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सुबोध दिल्ली की ओर

    सुबोध दिल्ली की ओर

    श्रम सचिव सुबोध सिंह जल्द ही केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। पहले भी उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई थी। सुनते हैं कि उन्होंने दोबारा आवेदन देकर प्रतिनियुक्ति जाने की इच्छा जताई है। वे केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव पद के लिए इम्पैनल हो चुके हैं। राज्य सरकार भी उनके कॅरियर को देखकर कोई ज्यादा रोकने के मूड में नहीं है। वैसे भी सोनमणि बोरा विदेश प्रवास से लौट आए हैं। ऐसे में संभावना है कि सुबोध सिंह को केंद्र में जाने की अनुमति मिल जाएगी। वर्तमान में केंद्र सरकार में आधा दर्जन अफसर पदस्थ हैं। ये सभी पिछली सरकार के रहते ही वहां चले गए थे। 

    वर्तमान में अमित अग्रवाल, निधि छिब्बर, विकासशील केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव के पद पर हैं। रोहित यादव भी संयुक्त सचिव पद के लिए इम्पैनल हो चुके हैं। यादव केंद्र सरकार में पहले से ही पदस्थ हैं और वे वहां संयुक्त सचिव के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। यहां खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी संयुक्त सचिव पद के लिए इम्पैनल हो चुके हैं। 

    लैंडयूज बदल सकेंगे?
    एक तरफ तो देश भर के हर राज्य में निर्माण में मनमानी रोकने के लिए बिल्डरों और कॉलोनाईजरों पर लगाम लगाने रेरा नाम की संस्था बनाई गई है। दूसरी तरफ सरकार को ऐसा लगता है कि वह अपनी कॉलोनियों में अपने खुद के नियम चला सकती है जबकि वहां रहने वाले, वहां मकान और प्लॉट खरीदने वाले भी ऐसे फैसलों के खिलाफ रेरा जा सकते हैं। 

    छत्तीसगढ़ में राजधानी के रायपुर विकास प्राधिकरण को पिछली सरकार के चलते जो लंबा-चौड़ा घाटा हुआ है उससे उबरने के लिए इस संस्था के विभागीय मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि कमल विहार के भू-उपयोग को बदलकर उसे महंगे दाम पर बेचकर घाटा पूरा किया जाएगा। लेकिन लोगों को याद होगा कि आरडीए को भी नगर एवं ग्राम निवेश से अपनी कॉलोनी का नक्शा पास करवाना पड़ता है जिसमें हर तरह का भू-उपयोग दर्ज रहता है। ऐसे में अगर कोई फेरबदल होता है, किसी जमीन को महंगे भू-उपयोग का बनाकर बेचा जाता है, तो यह उस कॉलोनी के लोगों के अधिकारों के खिलाफ रहेगा, और वे रेरा भी जा सकते हैं, और अदालत भी जा सकते हैं क्योंकि कमल विहार का मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाकर वहां तय हुआ है।

    छत्तीसगढ़ में रेरा ने पिछले महीनों कॉलोनियों और रिहायशी इमारतों में बिल्डर-कॉलोनाईजर द्वारा किए गए फेरबदल या वहां वायदे पूरे न करने पर उनके खिलाफ फैसले दिए गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आरडीए किस तरह यह काम करके बच सकता है।

     

राजनीति

  • हरियाणा में कांग्रेस को झटका लगना लगभग तय, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा बोले- राजनीति भी छोड़ सकता हूं
    हरियाणा में कांग्रेस को झटका लगना लगभग तय, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा बोले- राजनीति भी छोड़ सकता हूं

    नई दिल्ली, 19 अगस्त । लगता है हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस छोडऩे का मन बना लिया है। उन्होंने पहले अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस आलाकमान के रुख से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी रास्ते से भटक गई है और अब आगे का रास्ता तय करने के लिए एक कमिटी के गठन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में कमिटी गठित कर दी जाएगी। हुड्डा ने कमिटी की सिफारिश पर राजनीति से संन्यांस लेने तक की बात कह डाली। 
    हरियाणा कांग्रेस के इस दिग्गज नेता ने कहा, कमिटी बनने के बाद संयोजक एक मीटिंग बुलाएंगे। कमिटी जो कहेगी, मैं वह करूंगा। अगर मुझे राजनीति छोडऩे को कहा जाएगा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। कांग्रेस के लिए बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी वर्ष हरियाणा में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। 
    गौरतलब है कि हरियाणा के कद्दावर कांग्रेसी नेता ने रोहतक में रैली कर न सिर्फ शक्तिप्रदर्शन किया, बल्कि बागी तेवर दिखाते हुए अपनी ही पार्टी पर तीखे हमले किए और कहा कि कांग्रेस रास्ते से भटक गई है। रविवार को आयोजित परिवर्तन महारैली में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके गुट के ही ज्यादातर नेता मौजूद रहे। इस मौके पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अब कांग्रेस वह कांग्रेस नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि वह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के पक्ष में थे जबकि कांग्रेस के कई नेता इसके खिलाफ थे। 
    ध्यान रहे कि जुलाई महीने के पहले पखवाड़े में ही दिल्ली तक एक खबर पहुंची है कि पार्टी के एक कद्दावर नेता अलग होकर अपनी एक रीजनल पार्टी बनाने की सोच रहे हैं। संभावना की तलाश में कांग्रेस के इस बड़े नेता ने एक निजी कंपनी से व्यक्तिगत स्तर पर सर्वे कराया है कि अगर कांग्रेस से अलग होकर वह अपनी पार्टी बनाते हैं तो कितना फायदा होगा। इसके पीछे दो वजहें बताई जा रही हैं। 
    राज्य में लीडरशिप को लेकर जिस तरह का घमासान मचा हुआ है, उसमें यह कद्दावर नेता अपने लिए हर रोज स्पेस कम होता देख रहे हैं। दूसरा, उन्हें लगता है कि फिलहाल कांग्रेस की जो हालत है, उसमें किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं की जा सकती। अगर कांग्रेस से अलग होकर स्थानीय स्तर पर नए समीकरण तैयार किए जाएं तो कहीं बेहतर नतीजे देखने को मिल सकते हैं। 
    वैसे चुनाव के मौके पर कांग्रेस के कद्दावर नेताओं का पार्टी से अलग होना कोई नई बात नहीं है। 2014 लोकसभा चुनाव के समय चौधरी वीरेंद्र सिंह बीजेपी के साथ हो गए थे। जब उन्होंने पार्टी छोड़ी थी तो धड़ों में बंटी पार्टी के भीतर जश्न हुआ था कि एक प्रतिद्वंदी कम हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को मिली हार के बावजूद राज्य में नेताओं की आपसी प्रतिद्वंद्विता कम नहीं हुई है। (नवभारतटाईम्स)

     

मनोरंजन

  • प्रेग्नेंट पत्नी गिन्नी चतरथ के साथ बेबी शॉवर पार्टी में मस्ती करते दिखे कपिल शर्मा
    प्रेग्नेंट पत्नी गिन्नी चतरथ के साथ बेबी शॉवर पार्टी में मस्ती करते दिखे कपिल शर्मा

    मुम्बई, 21 अगस्त । कपिल शर्मा शो की पूरी टीम अपने राइटर वंकुश अरोड़ा और उनकी पत्नी रिद्धी भट्ट के बेबी शॉवर सेरेमनी में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान शो के सभी स्टार्स की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। शो के स्टार्स इस दौरान अपनी पत्नियों के साथ दिखाई दिए।
    इस बेबी शॉवर सेरेमनी में कॉमेडियन कपिल शर्मा अपनी प्रेग्नेंट वाइफ गिन्नी चतरथ के साथ पहुंचे तो वहीं कृष्णा अभिषेक भी पत्नी कश्मीरा को साथ लेकर गए थे।
    तस्वीरों में किकू शारदा, सुमोना चक्रवर्ती और सभी एक दूसरे के साथ खूब मस्ती करते दिखाई दिए।
    तस्वीर में रिद्धी भट्ट अपने बेबी बंप फ्लॉन्ट करती दिखाई दे रही हैं वहीं सुमोना उनके साथ पोज दे रही हैं। कपिल शर्मा के फैंस उनके आने वाले बच्चे के लिए काफी एक्साइटेड हैं।(एबीपी)

     

सेहत/फिटनेस

  • पीरियड्स में गड़बड़ी बन सकती है इस गंभीर रोग की वजह, समय रहते संभल जाएं
    पीरियड्स में गड़बड़ी बन सकती है इस गंभीर रोग की वजह, समय रहते संभल जाएं

    महिलाएं अक्सर पीरियड्स की गड़बड़ी को लंबे समय तक नजरअंदाज करती रहती हैं, पर क्या आप जानते हैं आपकी ये आदत आपको एक गंभीर रोग का शिकार बना सकती है. जी हां नार्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसाइटी (एनएएमएस) के मेडिकल निदेशक स्टेफनीन फ्यूबियन का तो ऐसा ही कुछ कहना है.  

    अगर किसी लड़की को 14 साल या या उससे पहले ही मासिक धर्म होना शुरु हो जाता है तो उसे डायबिटीज का खतरा अधिक बना रहता है. हालांकि कुछ मामलों में यह शरीर के बीएमआई पर भी निर्भर करता है.

    भारत में डायबिटीज से पीड़ित 25 साल से कम उम्र के हर चौथे व्यक्ति में से एक (25.3 फीसदी) को वयस्क टाइप 2 मधुमेह की शिकायत है.

    शोध में पाया गया है कि विटामिन-सी टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों के रक्तचाप को कम रखने में मदद करता है. जिसकी वजह से व्यक्ति का दिल स्वास्थ्य बना रहता है.  

    जल्दी मासिक धर्म की शुरुआत ज्यादा जोखिम वाले टाइप-2 मधुमेह से जुड़ी है, लेकिन बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) इसमें रोकथाम कर सकता है. मेनोपॉज जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार मासिक धर्म आयु में हर साल की देरी टाइप-2 मधुमेह का जोखिम छह फीसदी कम होता है.

    नार्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसाइटी (एनएएमएस) के मेडिकल निदेशक स्टेफनीन फ्यूबियन ने कहा, "मासिक धर्म का 14 साल में शुरुआत बाद के जीवन में मधुमेह से जुड़ा है, यह वयस्क के बीएमआई से भी प्रभावित है." स्टेफनीन फ्यूबियन ने कहा, "बचपन में दूसरे कारक जैसे पोषण व बीएमआई भी इसके जुड़ाव में मुख्य भूमिका निभाते हैं."

    टाइप-2 मधुमेह दुनिया भर में सबसे आम बीमारियों में एक बन गया है. 2015 में इससे वैश्विक रूप से 20 से 79 की आयु के 8.8 फीसदी लोग प्रभावित थे और 2040 तक इससे 10.4 फीसदी लोगों के प्रभावित होने की संभावना है.

खेल

  •  कोहली के लिए गेंदबाजों ने खड़ी की मुश्किल, रोहित या रहाणे में किसे लें
    कोहली के लिए गेंदबाजों ने खड़ी की मुश्किल, रोहित या रहाणे में किसे लें

    एंटीगा, 21 अगस्त । चार गेंदबाजों के साथ उतरने पर रोहित और रहाणे दोनों को मिल सकता है मौका। गेंदबाजों के साथ उतरने पर इन दोनों में से किसी एक को बाहर बैठना होगा।
    वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए संयोजन तैयार करने को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन असमंजस की स्थिति में है। पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरने की दशा में रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे में से किसका चयन करना है यह अभी तय नहीं हुआ है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट 22 से 26 अगस्त तक सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम (नॉर्थ साउंड, एंटीगा) में खेला जाएगा। यह दोनों टीमों का विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत पहला मुकाबला होगा।
    टीम इंडिया अगर चार गेंदबाजों के साथ उतरने की रणनीति पर चलती है तो रोहित और रहाणे दोनों को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर इन दोनों में से किसी एक को बाहर बैठना होगा और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रहाणे का चयन मुश्किल लग रहा है।
    भारत साढ़े सात महीने के बाद लंबी अवधि के प्रारूप में खेलने के लिए उतरेगा और अंतिम एकादश को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि विराट कोहली और रवि शास्त्री गुरुवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए अतिरिक्त छठे बल्लेबाज या अतिरिक्त गेंदबाज के साथ उतरते हैं या नहीं।
    अगर भारतीय टीम प्रबंधन परंपरागत रणनीति से चलता है तो केएल राहुल और मयंक अग्रवाल को पारी का आगाज करना चाहिए, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि राहुल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट मैचों के लिए टीम में नहीं चुना गया था और हनुमा विहारी ने पारी की शुरुआत की थी।
    विहारी ने हालांकि ज्यादा रन नहीं बनाए, लेकिन उन्होंने गेंद की चमक उतारने में अहम भूमिका निभाई, जिसका अग्रवाल और चेतेश्वर पुजारा को फायदा मिला। अगर राहुल के पिछले साल के खराब टेस्ट रिकॉर्ड को ध्यान में रखा जाता है तो विहारी फिर से पारी का आगाज कर सकते हैं।
    पुजारा और कोहली तीसरे और चौथे नंबर पर दो मजबूत स्तंभ हैं, लेकिन समस्या उसके बाद शुरू होती है। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत छठे नंबर पर उतर सकते हैं और हार्दिक पंड्या की गौरमौजूदगी में रवींद्र जडेजा टीम को संतुलन देने के लिए सातवें नंबर पर आ सकते हैं। ऐसे में कोहली को रोहित और रहाणे में से किसी एक का ही चयन करना होगा।
    रोहित ने अपनी अंतिम टेस्ट पारी में नाबाद अर्धशतक जमाया था और अभ्यास मैच की पहली पारी में भी उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की। रहाणे ने दूसरी पारी में रन बनाए, लेकिन वह अच्छे फॉर्म में नहीं हैं और यहां तक कि हैम्पशायर के लिए काउंटी क्रिकेट में खेलते हुए भी उनका आत्मविश्वास नहीं बढ़ पाया।
    इन दोनों को चार गेंदबाजों के साथ उतरने की रणनीति पर ही एकादश में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में तीन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा तथा रविचंद्रन अश्विन या कुलदीप यादव के रूप में एकमात्र स्पिनर को टीम में रखा जाएगा।
    अतिरिक्त बल्लेबाज उतारने का मतलब जडेजा को मौका नहीं मिल पाएगा। कप्तान कोहली हमेशा पांच गेंदबाजों को उतारने के पक्षधर रहे हैं, क्योंकि टेस्ट मैच जीतने के लिए 20 विकेट लेने जरूरी होते हैं। अगर पिच तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल हो तो उमेश यादव को भी टीम में लिया जा सकता है।(आज तक)

     

कारोबार

  • बिल्डर्स एसोसिएशन क्रेडाई और एसबीआई के साथ प्रापर्टी फेयर होने से बायर्स भारी उत्साह
    बिल्डर्स एसोसिएशन क्रेडाई और एसबीआई के साथ प्रापर्टी फेयर होने से बायर्स भारी उत्साह

    बिल्डर्स एसोसिएशन क्रेडाई और एसबीआई के साथ प्रापर्टी फेयर होने से बायर्स भारी उत्साह

    रायपुर, 14 अगस्त। प्रापर्टी फेयर में यदि बिल्डर्स एसोसिएशन क्रेडाई और एसबीआई साथ हों तो स्वाभाविक है बायर्स का भरोसा बढना। खासकर तब जब एसबीआई ने होम लोन में 0.20 फीसदी के कटौती की घोषणा सोमवार को की, इससे बायर्स को बड़ी राहत मिलेगी और बिल्डर्स एसोसिएशन क्रेडाई के प्रापर्टी फेयर चालू होने से पहले की खुशखबरी भी। छत्तीसगढ़  क्रेडाई पहली बार प्रापर्टी फेयर 23 से 25 अगस्त तक आयोजित कर रही है और इसकी तैयारियां इंडोर स्टेडियम में लगभग अंतिम चरण में हैं। फेयर में 40 बिल्डर्स के दो सौ प्रोजेक्ट का डिसप्ले होगा। 

    इस प्रापर्टी फेयर की खासियत यह है प्रदेश के अधिकांश बिल्डर्स क्रेडाई के मेंबर्स हैं और जब वे स्वंय का फेयर आयोजित कर रहे हों तो स्वाभाविक है प्रापर्टी बायर्स व इनवेस्टर्स का रूझान बढना। प्रापर्टी की वैधानिकता पर सौ फीसदी गारंटी का दूसरा नाम है क्रेडाई। पहले प्रापर्टी के सेक्टर में जो गड़बडियां होती थी और जाने अनजाने में लोग इसमें फंस जाते थे क्रेडाई के गठित होने के बाद से खत्म हो गया है इसलिए बार-बार कहा जाता है कि क्रेडाई से पंजीकृत मेंबर्स से खरीदी करें ताकि किसी प्रकार की संभावित परेशानियों से बच सकें। 

     

    यदि कुछ बात हो भी गई तो क्रेडाई ने अलग-अलग फोरम बना रखे हैं जहां ऐसे विषयों का निपटारा हो जाता है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई राष्ट्रीय क्रेडाई से संबद्ध है जो सारे मापदंड उन्हीं के गाइनलाइन पर पूरा करते हैं। प्रदेश में दो सौ से भी अधिक क्रेडाई मेंबर्स हैं। क्रेडाई के आने से लोगों को प्रापर्टी सेक्टर के नियम कायदों के बारे मे सारी जानकारी भी सहज मिल जा रही है।
    क्रेडाई के प्रेसीडेंट श्री रवि फतनानी व आयोजन समिति के चेयरमेन संजय रहेजा ने बताया कि 23 से लेकर 25 अगस्त तक इंडोर स्टेडियम में प्रापर्टी फेयर आयोजित है। 40 बिल्डर्स के दो सौ प्रोजेक्ट का डिसप्ले होगा। जिससे बायर्स को विकल्प मिलेगा जहां वे अपनी पसंद की प्रापर्टी का चयन आसानी से कर सकेंगे।क्रेडाई की ओर से प्रापर्टी फेयर में तीनो दिन विजिटर्स के लिए लक्की ड्रा कूपन दिए जाएंगे जिसे उसी दिन जमा करना होगा। अंतिम ड्रा समापन दिवस 25 अगस्त को होगा और इसमें सोने का सिक्का, एक्टिवा से लेकर और भी कई आकर्षक उपहार पाने का अवसर मिलेगा। बिल्डर्स स्पाट बुकिंग पर अपनी ओर से अलग आफर देंगे वहीं एसबीआई की ओर से भी आकर्षक उपहार दिये जायेंगे। मतलब फेयर के दौरान एक नहीं तीन-तीन फायदे एक साथ मिलेंगे।
    बैंकिंग सेक्टर में सबसे भरोसेमंद नाम है एसबीआई,इस लीडिंग बैंक की साख शहर से लेकर गांव तक है। एसबीआई क्रेडाई के प्रापर्टी फेयर में प्रमुख सहयोगी है। जो फेयर के दौरान बायर्स को आसान प्रक्रियाओं को पूर्ण पर फाइनेंस की सुविधाएं उपलब्ध करायेगी। सरकारी व निजी नौकरी पेशा से लेकर हर वर्ग के लोगों को फाइनेंस इसलिए हो जायेगा क्योकि आप खरीदी क्रेडाई के बिल्डर्स से कर रहे हैं। एसबीआई टीम भी इस बात को लेकर उत्साहित है कि प्रापर्टी फेयर में लोगों के घर व प्लाट लेने में उनका भी योगदान होगा। एसबीआई ने होम लोन में 0.20 फीसदी के कटौती की यह फेयर के लिए बड़ी खुशखबरी है। इंडोर स्टेडियम में प्रापर्टी फेयर की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

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