छत्तीसगढ़

  • भिलाई में स्वाइन फ्लू से पहली मौत
    भिलाई में स्वाइन फ्लू से पहली मौत

    2 संदिग्ध मरीजों का इलाज जारी 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    भिलाई नगर, 20 जनवरी । भिलाई में स्वाइन फ्लू से शनिवार को एक व्यक्ति की मौत हो गयी है। मृतक का नाम रामप्रसाद गुप्ता  है। सेक्टर-6 निवासी गुप्ता 10 जनवरी से खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने के कारण बीएम शाह अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। चंद महीने पहले ही भिलाई डेंगू की चपेट से उबरा था, जिसके बाद फिर से वहां स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है।
     स्वाइन फ्लू का लक्षण मिलने पर 13 जनवरी को अस्पताल प्रबंधन ने उनकी जांच कराई थी। 14 जनवरी को रिपोर्ट आने पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने इलाज शुरू ही किया था कि मरीज बेहोश हो गया। ब्लड यूरिया बढ़ जाने के कारण गुप्ता की डायलिसिस भी कराई गई थी। तबियत ज्यादा बिगडऩे लगी तो दो दिनों पहले डॉक्टरों ने गुप्ता को वेंटीलेटर पर रख दिया था।
    भर्ती होने के करीब 9 दिनों बाद शनिवार को गुप्ता की मौत हो गई। इस साल स्वाइन फ्लू से भिलाई में यह पहली मौत हुई है। इससे पहले स्वाइन फ्लू का पाजीटिव मरीज रिसाली सेक्टर में मिला था। रायपुर में कुछ दिनों तक उपचार होने से उसकी जान बच गई थी। बताया जा रहा है कि स्वाइन फ्लू से पीडि़त दो संदिग्ध मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

     

Daily Chhattisgarh News

 

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राजनीति

  • जो महिलाओं को गाली देते हैं, प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को ट्विटर पर फॉलो करते हैं-अरविंद केजरीवाल

    दिल्ली के अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे यह कहते हुए शर्म आती है कि हमारे प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को फॉलो करते हैं जो महिलाओं को गाली देते हैं। अगर मोदी और शाह दोबारा 2019 में वापस आ गए तो देश को बर्बाद कर देंगे। हमें इन लोगों को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। 
    उन्होंने कहा कि जो काम 70 वर्षों में पाकिस्तान नहीं कर पाया वह 5 वर्षों में मोदी और शाह की जोड़ी ने कर दिया। अगर मोदी और शाह दोबारा लौट आए तो वे संविधान खत्म कर देंगे, चुनाव खत्म कर देंगे, लोकशाही खत्म कर देंगे, तानाशाही ले आएंगे। जिसके मन में भारत के लिए जरा सा भी प्रेम है वह तय कर ले कि इस जोड़ी को दोबारा नहीं आने देंगे। मोदी और अमित शाह जाने वाले हैं, देश के अच्छे दिन आने वाले हैं। 

     

मनोरंजन

  • मणिकर्णिका की स्पेशल स्क्रीनिंग, राष्ट्रपति कोविंद और आडवाणी ने देखी फिल्म

    कंगना रनौत की फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी अगले हफ्ते रिलीज होगी। झांसी की रानी की वीरता की कहानी पर बेस्ड इस फिल्म का फैन्स इंतजार कर रहे हैं। रिलीज से पहले राष्ट्रपति भवन में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान वहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी मौजूद थे। 
    शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में फिल्म की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान कंगना रनौत, प्रसून जोशी के साथ फिल्म की कास्ट और क्रू भी मौजूद थी। राष्ट्रपति ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। 
    इससे पहले कंगना ने कहा था कि राष्ट्रपति को फिल्म दिखाने के लिए वह काफी एक्साइटेड हैं। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर बेस्ड यह फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के लिए कंगना के साथ ही पूरी टीम काफी एक्साइटेड नजर आ रही है। हाल ही में करणी सेना के विरोध पर भी कंगना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। करणी सेना ने धमकी दी थी कि अगर फिल्म में कुछ आपत्तिजनक हुआ तो एक बार फिर से पद्मावत जैसा विरोध देखने को मिलेगा। इसपर कंगना ने कहा कि वह खुद एक राजपूत हैं और अगर करणी सेना ने उन्हें परेशान किया तो वह भी उनको नहीं छोड़ेंगी।  (नवभारत टाईम्स)

     

स्थायी स्तंभ

  • इतिहास में आज 20 जनवरी

    अंटार्कटिक को पार करने के मिशन के साथ 1958 में आज ही के दिन खोजी दल साउथ पोल पर मिला था. यह अंटार्कटिक को सतह से पार करने का पहला प्रयास था.
    माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई कर चुके न्यूजीलैंड के सर एडमंड हिलेरी अपने दल के साथ 17 दिन पहले ही साउथ पोल पहुंच चुके थे. इसके बाद वहां डॉक्टर विवियन 'बनी' फुख्स के नेतृत्व में ब्रिटेन का दल पहुंचा. इनका संयुक्त दल कॉमनवेल्थ ट्रांस-अटलांटिक अभियान का हिस्सा था. इन दोनों दलों ने महाद्वीप के दो विपरीत छोरों से नवंबर 1957 में चलना शुरु किया. न्यूजीलैंड की टीम ने रॉस सी से जबकि ब्रिटिश टीम ने वेडेल सी से अभियान की शुरुआत की. इन दोनों दलों ने साउथ पोल तक की यात्रा के लिए मोटराइज्ड गाड़ियों का इस्तेमाल किया. इन दलों का मकसद अंटार्कटिक की कुल 2,158 मील यानि लगभग 3,473 किलोमीटर की दूरी तय करना था.
    अभियान के सदस्य अपनी यात्रा के साथ साथ कई वैज्ञानिक परीक्षणों को भी अंजाम दे रहे थे. इन प्रयोगों में भूकंप की जानकारी से जुड़ा सीस्मिक साउंडिंग प्रयोग और ग्रेवीमीट्रिक रीडिंग शामिल थे. खराब मौसम और बेहद कठिन रास्ते के बावजूद इस संयुक्त दल ने 2 मार्च 1958 को अंटार्कटिक का पहला सर्फेस क्रॉसिंग अभियान सफलता से पूरा किया. 2,000 मील से भी अधिक की यह यात्रा कुल 99 दिनों में पूरी हुई. इस कामयाबी के लिए डॉक्टर फुख्स को ब्रिटेन पहुंचने के बाद नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया. सर विवियन और सर हिलेरी ने इस यात्रा के बारे में मिल कर एक किताब भी लिखी, जिसका शीर्षक था, दि क्रॉसिंग ऑफ अंटार्कटिका.

    • 1265 - इंग्लैंड में संसद की पहली बैठक हुई।
    • 1503 - स्पेन में अमेरिकी मामलों को सुलझाने के लिए व्यापार बोर्ड का गठन हुआ।
    • 1817 -कलकत्ता हिन्दू कॉलेज  की स्थापना हुई।
    • 1957 -भारत की पहली परमाणु भट्टी अप्सरा का उद्घाटन हुआ। भारत द्वारा आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय जहाज़ों को अपने यहां सुविधाएं नहीं देने की घोषणा की। 
    • 1961 - जॉन एफ केनेडी ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
    • 1971 - अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम का उदय केंद्रशासित प्रदेश  के रूप में हुआ।
    • 1977 - जिम्मी कार्टर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति बने।
    • 1989 - जॉर्ज बुश ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
    • 1993 - बिल क्लिंटन द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार गहन।
    • 2001 - जार्ज बुश जूनियर संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति बने, ग्लोरिया आरोया फिलीपींस की राष्ट्रपति बनीं।
    • 2010  -सिनेमेटोग्राफर वी के मूर्ति को वर्ष 2008 के प्रतिष्ठित दादासाहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया। वर्ष 1969 में शुरू हुए दादा साहब फाल्के पुरस्कार पहली बार किसी सिनेमेटोग्राफर को दिया गया।   एशिया की सबसे बड़ी विमान सेवा जापान एयरलांइस ने खुद को दीवालिया घोषित किया।   भारत में मोबाइल पोर्टेबिलिटी सेवाओं की शुरुआत हुई। 
    • 1926 - भारतीय और पाकिस्तानी उपन्यासकार कुर्रतुलएन हैदर का जन्म हुआ। 
    • 1988 - भारत रत्न से सम्मानित महान स्वतंत्रता सेनानी ख़ान अब्दुलगफ्फ़़ार ख़ान का निधन।
    • 2005 - भारतीय अभिनेत्री परवीन बॉबी का निधन।
    • 1820-फ्रांस के भूविज्ञानी ऐलेक्ज़ेन्डर एमील बेग्यूअर डी कैन्कॉर्टोइस का जन्म हुआ,  जिन्होंने रासायनिक तत्वों को उनके परमाणु भार के अनुसार क्रम में रखा था। (निधन-14 नवम्बर 1886)
    • 1812-अमेरिकी मनोचिकित्सक  ऐडवर्ड सेग्युइन का जन्म हुआ, जिन्होंने गंभीर मानसिक विकलांगता से पीडि़त लोगों के लिए दुनिया का पहला विद्यालय खोला। उन्होंने संवेदी प्रशिक्षण विधि का विकास किया। वर्ष 1850 में वे अमेरिका चले गए जहां उन्होंने कई और प्रशिक्षण केन्द्र खोले। (निधन-28 अक्टूबर 1880)
    • 1907-  रूसी रसायनशास्त्री  डिमिट्री इवानोविक मेन्डलीव का निधन हुआ,  जिन्होंने 1871 में रासायनिक तत्वों के वर्गीकरण पर आधारित आवर्त सारिणी दी। उन्होंने आवर्त सारणी में जगह छोड़ रखी थी क्योंकि उनका कहना था कि ये जगह उन तत्वों के लिए है जो अभी खोजे नहीं जा सके हैं। (जन्म- 8 फरवरी 1834)
    • 1922-  फ्रांसीसी गणितज्ञ और इंजीनियर कैमिली जॉर्डन का निधन हुआ,  जिन्होंने समूह सिद्धान्त की नींव रखी। इसके अलावा उन्होंने रेखीय तथा बहुरेखीय बीजगणित, विभेदक समीकरणों (डिफरेन्शियल इक्वेशन्स) तथा यान्त्रिकी पर भी कार्य किया।(जन्म-5 1838)
    • 1998-अमेरिकी बछड़े का क्लोन तैयार किया गया है। इसका श्रेय मैसाचुसेट्स विश्विद्यालय के डॉ जेम्स रॉब्ल, तथा एड्वान्स सेल टेक्नोलॉजी के डॉ. स्टीवन स्टाइस को जाता है।
    • 1929-अमेरिका में पहला सम्पूर्ण चलचित्र लोगों के लिए जारी किया गया जिसका नाम था ओल्ड ऐरिज़ोना ।

     

खेल

  • अंतर महाविद्यालयीन नेटबॉल में कुरूद कॉलेज उपविजेता

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    कुरुद, 19 जनवरी। पं. रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर के तत्वावधान में अयोजित अंतर महाविद्यालयीन नेटबांल प्रतियोगिता का आयोजन शासकीय महाविद्यालय भाटापारा बलौदाबाजार में हुआ। जिसमें संत गुरू घासीदास महाविघालय कुरूद ने भाग लिया। 
     कुरूद महाविद्याालय ने विप्र महाविघालय रायपुर  को 13-10 से सेंचुरी सीमेन्ट महाविद्यालय बैकुन्ठ को 15-6 के मुकाबाले हरा कर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल मैच मेजबान टीम शासकीय महाविद्यालय भाटापारा व संत गुरू घासीदास पीजी कॉलेज कुरूद के मध्य खेला गया। जिसमें कुरूद महाविघालय हार का सामना करते हुए उपविजेता के खिताब पर कब्जा किया। 
    चयनित खिलाड़ी ऑल इण्डिया नेटबॉल प्रतियोगिता में पं.रविशकर विश्वविद्यालय रायपुर प्रतिनिधित्व करेंगे। टीम में अजीत कुमार, कमलेश्वर यादव, शुभम गोस्वामी, योगेश निर्मलकर, डोमेंश साहू ,मुकेश पटेल, हेमशंकर, हितेश कुमार शामिल थे। ये सभी परखंदा के ग्रामीण ़क्षेत्र खेल अभ्यास केन्द्र के खिलाड़ी हैं। इस उपलब्धि पर टीम कोच गोपाल कुमार साहू, मैनेजर अमीत कुमार टण्डन प्रोफेसर महाविद्यालय प्रचार्य ओपी चन्द्राकर, ओम जी गुप्ता, खेल अधिकारी सुधा कुमार ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

     

     

     

     

कारोबार

  • अविनाश कैपिटल होम्स-2 में स्पेशल ऑफर की सौगात

    रायपुर, 19 जनवरी। रियल एस्टेट कंपनी अविनाश ग्रुप द्वारा अविनाश केपिटल होम्स-2, सड्डू में स्पेशल ऑफर की सौगात दी जा रही है, जिसमें फ्लैट बुक कराने पर फर्नीचर फ्री का ऑफर दिया जा रहा है। इस संदर्भ में अविनाश ग्रुप के प्रबंध संचालक आनंद सिंघानिया ने बताया कि यह प्रोजेक्ट्स सुविधाओं से भरपूर शानदार लोकेशन में तथा अविश्वसनिय कम किमतों में एक अति उत्तम विकल्प है। जहां प्लॉट्स, फ्लैट्स एवं डूप्लेक्स उपलब्ध हैं। 

    उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी न्युनतम मासिक किस्त में 1,2,3 बीएचके फ्लैट्स की बुकिंग की जा सकती हैं। 32 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट ग्राहकों की जरूरत एवं बजट के अनुसार प्रदेश का सबसे तेज डेवलपिंग एरिया में है एवं शंकर नगर का एक्सटेंशन हैं। साथ ही 1,2,3 बीएचके मॉडल फ्लैट्स तैयार हैं, जिन्हें देखकर ग्राहक अपने सपनों के अशियाना को साकार होते हुए देख सकते हैं एवं बंगलों का निर्माण कार्य पूर्ण प्रगति पर है। यहां पर उत्कृष्ट क्लब कैपिटल के अलावा गार्डन, मंदिर, स्वीमिंगपूल, जिम, सोनाबाथ, मल्टीपरपस हॉल, जॉंिगग ट्रैक, बैडमिंटन एवं बास्केटबॉल कोर्ट सहित वल्र्ड क्लास सुविधाओं से सुसज्जित यह प्रोजेक्ट निवेश के लिए ग्राहकों की पहली पसंद है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 6 लाख से 18 लाख तक के आय वर्ग के लोगों के लिए भी अब अपने सपनों का घर बनाने के लिए ब्याज में छूट दी जा रही है। 

     

सेहत/फिटनेस

  • तनाव में हैं तो दिन में एक घंटा बंद कर दीजिए फोन

    ब्रायन लुफ़किन

    पिछले महीने एप्पल ने स्क्रीन टाइम फ़ीचर लॉन्च किया। इससे यूज़र्स को पता चलता रहता है कि वे कितने समय तक फोन या टैब पर रहे। अगर आपने इस फीचर को नहीं देखा है तो आपको देखना चाहिए। ऑफिस के कंप्यूटर पर या पर्सनल फोन पर अपने स्क्रीन टाइम को चेक करें तो आप हैरान रह जाएंगे। हममें से ज्यादातर लोग घर और ऑफिस में कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन पर बहुत ज्यादा समय बिताते हैं और इस बारे में सोचते भी नहीं।
    ऑफिस में ईमेल, नोटिफिकेशन, इंटरनल मेसेजिंग सिस्टम और इंटरनेट, ये सब मिलकर समय का बहुत बड़ा हिस्सा खा लेते हैं। इस तरह की तकनीक हमारी उत्पादकता घटाती है। थोड़े समय के लिए इन सबसे दूर रहना, भले ही एक घंटे के लिए ही सही, हमारी मदद कर सकता है।
    शोध ने साबित किया है कि टेक्नोलॉजी की तरफ ज्यादा झुकाव से सेहत, खुशियों और उत्पादकता पर बुरा असर पड़ता है। लगातार स्क्रीन देखते रहने से आंखें खराब होती हैं। चौबीसों घंटे का मेसेजिंग कल्चर हमारे तनाव और अवसाद को बढ़ा रहा है।
    इंटरनेट हमारे जुनून और लत का दोहन करता है। 2012 में अमरीकी शोधकर्ताओं ने ईमेल को 21वीं सदी में ऑफिस का सबसे घातक तकनीकी विचलन बताया था। उन्होंने कर्मचारियों की हृदय गति मापने के लिए मॉनिटर लगाए। यह देखा गया कि जो लोग लगातार ईमेल देख रहे थे और एक साथ कई ब्राउजर विंडो और एप्लिकेशन पर नजऱ रख रहे थे, उनके हृदय की गति ज्यादा थी और उनका तनाव भी ज्यादा था। ऑफिस में पूरी तरह कट कर भी नहीं रहा जा सकता। ऑफिस के ईमेल चेक ना करें, ऐसा नहीं हो सकता।
    मीडिया विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक पामेला रटलेज कहती हैं, सोशल मीडिया पर संबंध तोड़ लेना दुनिया की जिम्मेदारियों से भागना है।
    संबंध तोड़ लेने की जगह हम दिन में कुछ समय निकाल सकते हैं जिसमें टेक्नोलॉजी से दूर रहें। रटलेज कहती हैं, दिमाग और ऊर्जा को मुक्त करना ही लक्ष्य है।
    तकनीक से एक घंटा दूर रहने का मतलब कहीं छिप जाना नहीं है। इसका मतलब काम-धाम छोड़कर माइंडफुलनेस रूम में मेडिटेशन करना या फोन को दराज में बंद कर देना भी नहीं है। इस तरकीब का मकसद है तकनीकी उपकरणों और एप्लिकेशंस के बीच मल्टी-टास्क की कोशिशों को रोकना।
    सैन डियागो यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान की प्रोफेसर सांद्रा स्गौटस-एम्च कहती हैं, न्यूरो वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया है कि इंसानी दिमाग एक साथ कई काम के लिए नहीं बना है। हमारे दिमाग को हर नये काम को समझने और उस पर फोकस करने के लिए समय चाहिए।
    एक समय पर एक काम करने से हमारा ध्यान बना रहता है और हम उस काम को अच्छे से कर पाते हैं। स्गौटस-एम्च कहती हैं, हर दिन कुछ समय के लिए तकनीक से दूर रहने से हमारे दिमाग को ऐसा करने में मदद मिलती है। काम के दौरान छोटे-छोटे टेक इंटरैक्शन हमारे समय को खा जाते हैं। उपकरणों और ब्राउजर विंडो के बीच लगातार स्विचिंग से बेचैनी बढ़ती है और ध्यान भटकता है।
    ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ऑपरेशंस मैनेजमेंट के प्रोफेसर मैट्टिस हॉलवेग कहते हैं, जब भी हम एक टास्क से दूसरे टास्क पर जाते हैं तो हम सेट-अप टाइम गंवाते हैं। इससे उत्पादकता घटती है। छोटे अंतराल के लिए टेक्नोलॉजी से दूर रहे बिना इस चक्र को तोडऩा मुश्किल है।
    हॉलवेग कहते हैं, हमारा दिमाग तुरंत संतुष्टि चाहता है इसलिए हम हर 10 मिनट पर वॉट्सएप, फेसबुक या ईमेल चेक करते हैं। दुर्भाग्य से यह उत्पादक कार्यों के लिए नुकसानदेह है।
    अच्छी बात यह है कि विशेषज्ञ आपकी मदद के लिए तैयार हैं। हर दिन काम के बीच एक घंटे का समय निकालना और उसमें टेक्नोलॉजी से दूर रहना स्मार्ट प्लानिंग से संभव है। हमने जिस भी एक्सपर्ट से बात की उन्होंने सलाह दी कि दिन में किसी निश्चित समय पर ही ईमेल चेक किए जाएं। इससे वे ऑन-स्क्रीन नोटिफिकेशन अपने आप बंद हो जाएंगे जो हर ईमेल के साथ पॉप-अप होते हैं। ईमेल चेक करने के लिए दिन में दो या तीन समय तय किए जा सकते हैं।
    सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के दूसरे फंक्शन के लिए भी यही रणनीति अपनाई जा सकती है। आप उन छोटे अंतरालों की भी योजना बना सकते हैं जब आप हर तकनीक और उपकरणों से दूर रहें।
    स्गौटस-एम्च कहती हैं, समय का शेड्यूल बनाएं, फोन छोड़ दें और बाहर घूम आएं। मौसम खराब हो तो बिल्डिंग के बाहर ही चक्कर लगा लें और सहयोगियों से बातें करें। सुकून से लंच कर लें।
    हर काम के लिए जरूरी नहीं कि कंप्यूटर के सामने बैठे रहें या स्मार्टफोन से चिपके रहें। हर व्यक्ति इस तरह का होता भी नहीं कि हमेशा ऑनलाइन रहे। इसके अलावा, अधिक नींद लेना और दिन में एक घंटा अतिरिक्त निकाल लेना असल में उन बड़ी समस्याओं का समाधान नहीं करता जो बुरी आदतों की जड़ में है।
    अचानक सबसे कट जाना, जैसा कुछ टॉप सीईओ और टेक गुरु करते हैं, भलाई से ज्यादा बुराई कर सकता है। ग्लोरिया मार्क कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में इंफॉर्मेटिक्स की प्रोफेसर हैं। 2012 में उन्होंने ईमेल पर एक अध्ययन का नेतृत्व किया था।
    मार्क कहती हैं, यदि किसी व्यक्ति को सिगरेट पीने की लत हो और उसे कुछ समय के लिए सिगरेट से दूर कर दिया जाए तो इससे तनाव बढ़ जाता है। काम में तकनीक का दखल खत्म करना या बहुत कम कर देना भी पूरी तरह अव्यावहारिक है। मार्क को लगता है कि यह कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्मचारियों को टेक्नोलॉजी का गुलाम न बनने दें। मिसाल के लिए, किसी निश्चित समय पर ई-मेल जारी करने से मदद मिल सकती है, क्योंकि इससे अपेक्षाएं बदल जाती हैं। ध्यान बंटाने वाले संदेशों की बौछार होने से कर्मचारियों का तनाव बढ़ता है और कार्यकुशलता घटती है। कर्मचारी ईमेल तभी भेजें जब उसका कोई मतलब हो, ना कि तुरंत जवाब देने की मजबूरी हो।
    2017 में फ्रांस में एक कानून बना था जिसमें कर्मचारियों को यह अधिकार दिया गया था कि वे अपने काम के घंटे खत्म होने के बाद ऑफिस के मेल को नजरंदाज़ कर सकते हैं। न्यूयॉर्क सिटी ने भी पिछले साल ऐसे बिल पर विचार किया। ऑटो निर्माता कंपनी फोक्सवैगन ने 2012 से ही कर्मचारियों को असमय ई-मेल भेजने बंद कर दिए थे। हालांकि हममें से कई लोगों के लिए तकनीक से पूरी तरह भागने का कोई रास्ता नहीं हैं। फिर भी, दिन में एक घंटे के लिए इससे दूर रहने के महत्व को कम नहीं आंकना चाहिए।
    स्मार्ट शेड्यूल बनाकर और डिजिटल टूल्स का अलग तरीके से इस्तेमाल करके हम अतिरिक्त समय निकाल सकते हैं। अगर हम ऐसा नहीं कर पाए तो रटलेज कहती हैं कि यह तकनीक हमारे लिए ज्यादा समस्याएं खड़ी करने वाली है। आप काम करने में जितना नहीं थकते, उससे ज्यादा ध्यान को बार-बार भटकाने से आपका दिमाग थक जाता है।

     

सामान्य ज्ञान

  • हर दिन हॉट सीट 19 जनवरी

    1. पानी से भरे किसी बर्तन में पड़ा एक सिक्का किस कारण थोड़ा उठा हुआ प्रतीत होता है?
    (अ) प्रकाश के परावर्तन के कारण (ब) प्रकाश के अपवर्तन के कारण (स) प्रकाश के विवर्तन के कारण (द) प्रकाश के परिक्षेपण के कारण
    2. पानी में लटकाकर बैठे हुए व्यक्ति को उसका पैर मुड़ा हुआ और छोटा दिखाई पड़ता है?
    (अ) अपवर्तन के कारण (ब) परावर्तन के कारण (स) विवर्तन के कारण (द) परिक्षेपण के कारण
    3. जब एक काम्पेक्ट डिस्क सूर्य के प्रकाश में देखी जाती है, तो इंद्रधनुष के समान रंग दिखाई देते हैं। इसकी व्याख्या की जा सकती है?
    (अ) परावर्तन एवं विवर्तन की परिघटना के आधार पर (ब) परावर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर (स) विवर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर (द) अपवर्तन, विवर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर
    4. जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है, तो वह?
    (अ) सीधी दिशा में चली जाती है (ब) अभिलंब की ओर झुक जाती है (स) अभिलंब से दूर हटती है (द) इनमें से कोई नहीं
    5. पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जब प्रकाश जाता है?
    (अ) हीरे से कांच में (ब) जल से कांच में (स) वायु से जल में (द) वायु से कांच में
    6. साबुन के पतले झाग में चमकदार रंगों का बनना किस परिघटना का परिणाम है?
    (अ) बहुलित परावर्तन और व्यतिकरण (ब) बहुलित अपवर्तन और परिक्षेपण (स) अपवर्तन और परिक्षेपण (द) धु्रवण और व्यतिकरण
    7. कार में दृश्यावलोकन के लिए किस प्रकार के शीशे का प्रयोग होता है?
    (अ) अवतल दर्पण (ब) बेलनाकार दर्पण (स) उत्तल दर्पण  (द) समतल दर्पण
    8. पानी में हवा का बुलबुला वैसे काम करेगा, जैसे करता है-
    (अ) उत्तल दर्पण (ब) उत्तल लेंस (स) अवतल दर्पण (द) अवतल लेंस
    9. प्रिज्म में प्रकाश के विभिन्न रंगों का विभाजन क्या कहलाता है?
    (अ) प्रकाश का परावर्तन (ब) प्रकाश का अपवर्तन (स) प्रकाश का विवर्तन (द) प्रकाश का वर्ण विक्षेपण
    10. श्वेत प्रकाश जब प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वर्ण सबसे अधिक विचलित होता है, वह रंग  कौन सा है?
    (अ) लाल (ब) बैंगनी (स) पीला (द) आसमानी
    11. प्राथमिक रंग किसे कहते हैं?
    (अ) प्रकृति में पाए जाने वाले रंग (ब) इंद्रधनुष के रंग (स) श्वेत प्रकाश के स्पेक्ट्रम के रंग (द) वे रंग जो अन्य रंगों के मिश्रण से उत्पन्न नहीं किए जा सकते हैं
    12. प्रकाश का रंग निश्चित किया जाता है?
    (अ) वेग द्वारा (ब) आयाम द्वारा (स) तरंगदैध्र्य द्वारा (द) आवृत्ति द्वारा
    13. तीन रंग मूल रंग हैं। वे कौन-कौन से हैं?
    (अ) नीला, पीला और लाल (ब) नीला, हरा और लाल (स) पीला, हरा और लाल (द) नीला, पीला और हरा
    14. घड़ी साज घड़ी के बारीक पुर्जों को देखने के लिए किसका उपयोग करता है?
    (अ) फोटो कैमरा का (ब) आवद्र्धक लेंस (स) संसुक्त सूक्ष्मदर्शी (द) दूरदर्शी
    15. दूरबीन का आविष्कार किया था?
    (अ) गैलीलियो ने (ब) गुटिनबर्ग ने (स) एडिसन ने (द) ग्राह्म बेल ने
    16. प्रिंटर, मॉनिटर आदि जैसे पेरिफरल उपकरणों को क्या माना जाता है?
    (अ) हार्डवेयर (ब) सॉफ्टवेयर (स) डॉटा (द) सूचना
    17. कंप्यूटर प्रिंटर किस प्रकार का डिवाइस है?
    (अ) इनपुट (ब) आउटपुट (स) सॉफ्टवेयर (द) स्टोरेज
    18. किस प्राकृतिक प्रदेश में मौसमी वर्षा होती है, मुख्यत: गर्मी के अंत में?
    (अ) भूमध्यसागरीय प्रदेश (ब) मानसूनी प्रदेश (स) विषुवतीय प्रदेश (द) प्रेयरी प्रदेश
    19. ग्रीष्मकालीन वर्षा का प्रदेश है?
    (अ) मानसूनी प्रदेश (ब) भूमध्यसागरीय प्रदेश (स) विषुवतीय प्रदेश (द) पश्चिमी यूरोपीय प्रदेश 
    20. आर्थिक दृष्टि से सर्वाधिक विकसित प्रदेश है?
    (अ) भूमध्यसागरीय प्रदेश (ब) भूमध्यरेखीय प्रदेश (स) पश्चिमी यूरोपीय प्रदेश (द) सेंट लारेंस तुल्य
    21. विश्व में सबसे अधिक वर्षा का स्थान किस प्राकृतिक प्रदेश के अंतर्गत आते हैं?
    (अ) विषुवतीय प्रदेश में (ब) मानसूनी प्रदेश में (स) शीतोष्ण तृण प्रदेश में (द) पश्चिम यूरोपीय प्रदेश में
    22. सोना को कठोर बनाने के लिए उसमें क्या मिलाया जाता है?
    (अ) लोहा (ब) निकेल (स) तांबा (द) सीसा
    23. हॉलमार्क का चिह्न किन उत्पादों पर लगाया जाता है?
    (अ) खाद्य पदार्थ (ब) स्वर्णाभूषण (स) पेट्रोलियम उत्पाद (द) पर्यावरण मित्र उत्पादन
    24. बेवकूफों का सोना के नाम से जाना जाता है?
    (अ) पायराइट्स को (ब) गैलना को (स) फ्लूराइट्स को (द) पायरोलुसाइट्स को
    25. शुद्ध सोना होता है?
    (अ) 18 कैरेट (ब) 20 कैरेट (स) 22 कैरेट (द) 24 कैरेट
    26. पारा तथा अन्य धातु के मिश्रण को क्या कहा जाता है?
    (अ)एक्वाप्योर (ब) एक्वारेजिया (स) क्विक सिल्वर (द) अमलगम 
    27. निम्नलिखित में से कौन सी अकादमी भारत में नृत्य, नाटक तथा संगीत के विकास को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तरदायी है?
    (अ) संगीत अकादमी (ब) ललित कला अकादमी (स) साहित्य अकादमी (द) नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा 
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    सही जवाब- 1.(ब)प्रकाश के अपवर्तन के कारण, 2.(अ) अपवर्तन के कारण, 3.(द) अपवर्तन, विवर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर, 4.(ब) अभिलंब की ओर झुक जाती है, 5.(अ) हीरे से कांच में, 6.(अ) बहुलित परावर्तन और व्यतिकरण, 7.(स) उत्तल दर्पण, 8.(द) अवतल लेंस, 9.(द) प्रकाश का वर्ण विक्षेपण, 10.(ब) बैंगनी, 11.(द) वे रंग जो अन्य रंगों के मिश्रण से उत्पन्न नहीं किए जा सकते हैं, 12.(स) तरंगदैध्र्य द्वारा, 13.(द) नीला, पीला और हरा, 14.(अ) फोटो कैमरा का, 15.(द) ग्राह्म बेल ने, 16.(अ) हार्डवेयर, 17.(ब) आउटपुट,18.(ब) मानसूनी प्रदेश, 19.(अ) मानसूनी प्रदेश, 20.(स) पश्चिमी यूरोपीय प्रदेश, 21.(ब) मानसूनी प्रदेश में, 22.(स) तांबा, 23.(ब) स्वर्णाभूषण, 24.(अ) पायराइट्स को, 25.(द) 24 कैरेट, 26.(द) अमलगम, 27. (अ) संगीत अकादमी (ब) ललित कला अकादमी ।

     

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