सामान्य ज्ञान

जम्मू कश्मीर के अंतिम राजा हरिसिंह
15-Jun-2021 12:38 PM (78)
जम्मू कश्मीर के अंतिम राजा हरिसिंह
राजा हरि सिंह जम्मू और कश्मीर के अंतिम राजा थे। वे 1925 में राजगद्दी पर बैठे। राजा हरि सिंह ने दूसरे विश्व युद्ध में इम्पीरियल वॉर कैबिनेट के सदस्य रहे। लेकिन भारत के बंटवारे के बाद सभी रियासतों के शासकों को यह विकल्प दिया गया कि वे पाकिस्तान में शामिल हों भारत में या विशेष परिस्थितियों में आज़ाद रहें।
 राजा हरि सिंह ने तीसरा विकल्प चुना लेकिन जब अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान से क़बाइलियों का हमला हुआ तो उन्होंने भारत सरकार से मदद मांगी। इस मदद के बदले उन्होंने भारत में शामिल होना स्वीकार कर लिया.। भारतीय सेना क़बाइलियों को रोका लेकिन जो हिस्सा उनके क़ब्ज़े में आ चुका था उसे ख़ाली करवाने की अनुमति उन्हें नहीं मिली। सन 1951 में जम्मू कश्मीर के भारत के एक राज्य बन जाने पर राजा हरि सिंह की सत्ता समाप्त हो गई. 
सन 1964 में उनके पुत्र करन सिंह को सद्रे रियासत और राज्य का गवर्नर बनाया गया। भारत एक गणतंत्र है और अब वहां कोई राजा नहीं है लेकिन पुराने राज घराने अब भी हैं जिनके बहुत से सदस्य राजनीति में सक्रिय हैं। 
 
 
प्रमुख संगठनों के मुख्यालय
संगठन मुख्यालय
विश्व व्यापार संगठन जेनेवा
अमरीकी राज्यों का संगठन वांिशंगटन डी.सी
अरब लीग टयूनिश
परम्पर आर्थिक सहायता परिषद (कोमेकान) मास्को
वल्र्ड काउंसिल आफ चर्चेंज जेनेवा
अफ्रीकी आर्थिक आयोग आदिस अबाबा
पश्चिमी एशिया आर्थिक आयोग   बगदाद
गैट जेनेवा
एमनेस्टी इंटरनेशनल लंदन
एशियाई विकास बैंक मनीला
दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्टï्रों का संघ जकार्ता
नाटो ब्रुसेल्स
अफ्रीकी एकता संगठन आदिस अबाबा
चोगम (राष्ट्रमंडलीय राष्टï्राध्यक्ष सम्मेलन) स्ट्रांसबर्ग
पेट्रोलियम उत्पादक देशों का संगठन वियाना
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन पेरिस
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ जेनेवा
रेडक्रास जेनेवा
सार्क काठमाण्डु
संयुक्त राष्टï्र पर्यावरण कार्यक्रम नैरोबी
इंटरपोल पेरिस
संयुक्त राष्टï्र शरणार्थी उच्चायोग जेनेवा
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी वियाना
संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन वियाना
विश्व वन्य जीव संरक्षण कोष ग्लाड (स्विटजरलैंड)
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी लुसाने
यूरोपीय कामन मार्कट जेनेवा
 

अन्य पोस्ट

Comments