राजनीति

यूपी के सिंहासन पर काबिज होने के लिए BJP-RSS ने तैयार किया रोडमैप, नेताओं और मंत्रियों को दिए ये निर्देश
22-Jun-2021 1:07 PM (252)
यूपी के सिंहासन पर काबिज होने के लिए BJP-RSS ने तैयार किया रोडमैप, नेताओं और मंत्रियों को दिए ये निर्देश

 

-यतेंद्र शर्मा

नई दिल्‍ली/लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश में बीजेपी चुनावी मोड में आ गई है. यही कारण है कि मीटिंग दर मीटिंग मंथन का दौर शुरू हो चुका है. वैसे तो अगले साल 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ होने हैं, लेकिन बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश की अहमियत इससे समझी जा सकती है कि बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष ने महज 15 दिनों में यूपी में अपना दूसरा दौरा शुरू कर दिया है.

पुरानी कहावत है कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है, इसलिए शायद यही कारण है कि बीजेपी आलाकमान ने पूरी तरह से यूपी पर फोकस कर दिया है. यही नहीं, साथ ही संघ भी अब मैदान में सामने आ गया है. यूपी के सिंहासन पर फिर से काबिज होने के लिए ऐसे रोडमैप पर काम हो रहा है जिस पर पूरा संघ परिवार एकजुट नजर आये. जबकि रविवार रात ही संघ के सर सरकार्यवाह और बीजेपी मामलों के प्रभारी डॉ.कृष्ण गोपाल लखनऊ पहुंच गये थे. सोमवार सुबह एक महत्वपूर्ण मीटिंग लखनऊ में संघ के निराला नगर कार्यालय में हुई जिसमें डॉ. कृष्ण गोपाल के साथ बीएल संतोष, सुनील बंसल, राधामोहन सिंह और स्वतंत्र देव सिंह मौजूद थे.

संघ ने दिया जीत का मंत्र!
सूत्रों की मानें तो इस मीटिंग में संघ के सर कार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने जीत का मंत्र देते हुए कहा,'जीत के रोडमैप का सबसे अहम पहलू है कि सभी अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम करते हुए एक ही दिशा में आगे बढ़ें.' यानी उन्होंने साफ निर्देश दिया कि चुनावी बेला में बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं का स्वर एक रहना चाहिए और जो नेतृत्व फैसला ले उसी दिशा में काम करना है. वहीं, संघ के इस निर्देश को अभी हाल ही में बीजेपी के कई नेताओं द्वारा दिये गये उन बयानों के आधार पर देखा जा रहा है जिसमें सीएम योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व पर संशय जताया गया है.

सीएम योगी के नेतृत्‍व बीजेपी लड़ेगी चुनाव
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी आलाकमान ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही यूपी विधानसभा चुनाव लड़ा जायेगा. इसके बाद भी बीजेपी के नेताओं द्वारा बयानबाजी की जा रही है. इस पर लगाम लगाने के निर्देश संघ-बीजेपी की मीटिंग में दिये गये, क्योंकि नेतृत्व को चिंता है कि यदि इसी तरह की बयानबाजी होती रही तो कैडर और जनता में भ्रम की स्थिति बनी रहेगी, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. वहीं, दूसरी तरफ ये भी दलील दी गई कि पिछड़े वोटों को पार्टी के लिए एकजुट करने के लिए वरिष्ठ नेताओं द्वारा ये बयान एक रणनीति के तहत दिये गये थे. इसके अलावा मीटिंग में यूपी के हर मुद्दे और सियासी पहलू पर चर्चा की गई.

इसके अलावा संघ और बीजेपी की इस मीटिंग के बाद शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी एक अहम मीटिंग हुई, जिसमें सरकार और संगठन के बीच तालमेल को लेकर मंथन किया गया. यही नहीं, बीजेपी के रूठे हुए कार्यकर्ताओं पर फोकस करने की रणनीति बनाई गई है.

(news18.com)

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