सामान्य ज्ञान

कार्बन डाइआक्साइड की खोज किसने की थी?

Posted Date : 16-May-2018



कार्बन डाइऑक्साइड एक रंगहीन, गंधहीन है जो पृथ्वी के वातावरण में कम मात्रा में पाई जाती है। यह गैस ग्रीन हाउस गैस के रूप में काम करती है। 17वीं शताब्दी के बैल्जियन रसायनविद यान बैप्टिस्ट वान हैल्माट ने देखा कि जब उन्होंने एक बर्तन में कोयला जलाया तो जा ेराख बची थी वह कोयले की मात्रा से बहुत कम थी।  इसका उन्होंने यही नतीजा निकाला कि  बाकी का कोयला  गैस में बदल कर गायब हो गया। फिर सन  1750 के दशक में स्कॉटलैंड के रसायनविद और चिकित्सक जोजफ ब्लैक ने  इस गैस के गुणों का अध्ययन किया और उसकी कार्बन डाइऑक्साइड गैस के रूप में पहचान की गई।  कार्बन डाइऑक्साइड में एक अणु कार्बन और दो अणु ऑक्सीजन होती है। इसीलिए इसे सी ओ 2 के नाम से भी जाना जाता है।
विद्युत आर्क लैम्प
विद्युत आर्क लैम्प का आविष्कार  वर्ष 1809 मं  डैवी नामक एक व्यक्ति ने किया था।  यह बहुत तेज प्रकाश करने वाला यंत्र होता है, जिसमें दो कार्बन इलेक्ट्रोडों के बीच विद्युत आर्क के कारण प्रकाश होता है। वैल्डिंग करते समय इसका इस्तेमाल किया जाता है।
आईआईसी
आईआईसी यानी इंडिया इन्वेस्टमेंट कॉपोरेशन । देश में आरक्षित विदेशी मुद्राकोषों के विशाल भंडार को देखते हुए इन कोषों के उत्पादक कार्य में इस्तेमाल के उद्देश्य से इंडिया इन्वेस्टमेंट कॉपोरेशन नाम से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल की स्थापना की योजना सरकार के विचाराधीन है।  10 अरब डॉलर की राशि से इसे गठित करने का प्रस्ताव है। इसका इस्तेमाल दीर्घकालिक आधारित संरचना परियोजनाओं के वित्तीयन और इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉड्स में निवेश आदि किए किया जाएगा। इससे  रिजर्व बैंक को अपने इन कोषों पर कुछ प्रतिफल भी प्राप्त हो सकेगा। 

 




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