विचार / लेख

क्या होता अगर भारतीय राज्य अलग-अलग देश होते
21-Jul-2021 1:13 PM (65)
क्या होता अगर भारतीय राज्य अलग-अलग देश होते

भारत में कई ऐसे राज्य हैं, जिनकी आबादी करोड़ों में है. हमने विकसित और विकासशील देशों से इन राज्यों की तुलना कर यह जानने की कोशिश की कि भारत के राज्य अगर देश होते, तो उनकी प्रतिस्पर्धा किन देशों से होती.

  डॉयचे वैले पर अविनाश द्विवेदी की रिपोर्ट 

भारत दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है. संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक जनसंख्या के मामले में यह 2027 तक चीन को भी पीछे छोड़ देगा. हाल ही में भारत की एक सरकारी संस्था ने जनसंख्या करीब 140 करोड़ होने का अनुमान लगाया.

पाकिस्तान से कई मोर्चों पर पिछड़ा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश (UP) की जनसंख्या अब करीब 23 करोड़ है जो पाकिस्तान की जनसंख्या के लगभग बराबर है. अमेरिका की जनसंख्या इससे कुछ ज्यादा है. यूपी में प्रति 1000 पुरुषों पर सिर्फ 878 महिलाएं हैं, जबकि पाकिस्तान में यह आंकड़ा 971 और अमेरिका में 1031 है.

यूपी में लोगों की औसत आयु 65 साल है. पाकिस्तान और अमेरिका दोनों ही इस मामले में यूपी से आगे हैं. यूपी की जीडीपी भी पाकिस्तान से कम है. वहीं अमेरिका की जीडीपी यूपी से 900 गुना से भी ज्यादा है. इसी तरह यूपी में प्रति व्यक्ति आय 65 हजार रुपये है जबकि पाकिस्तान में यह 94 हजार रुपये और अमेरिका में 42 लाख रुपये है.

महाराष्ट्र वालों से 3.5 गुना ज्यादा कमाते हैं मेक्सिको के लोग
मेक्सिको और महाराष्ट्र दोनों ने ही कोरोना का सबसे बुरा असर झेला. दोनों की जनसंख्या भी लगभग बराबर है. इसके अलावा रूस की जनसंख्या भी लगभग इतनी ही है. महाराष्ट्र में साक्षरता दर 84.8 है लेकिन मेक्सिको (96) और रूस (99.7) बेहतर स्थिति में हैं. महाराष्ट्र में प्रति 1000 पुरुषों पर सिर्फ 881 महिलाएं हैं जबकि मेक्सिको में यह आंकड़ा 1028 और रूस में 1159 है.

भारत के सबसे बड़े औद्योगिक राज्यों में से एक महाराष्ट्र की जीडीपी मेक्सिको से तीन गुना कम और रूस से चार गुना कम है. महाराष्ट्र में प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये है जबकि मैक्सिको में हर व्यक्ति सालाना 7 लाख और रूस में सालाना 8.5 लाख रुपये कमाता है.

इथोपिया से भी पीछे बिहार
बिहार की जनसंख्या अब करीब 12.3 करोड़ है, जो इथोपिया और जापान की जनसंख्या के लगभग बराबर है. बिहार में प्रति 1000 पुरुषों पर 900 महिलाएं हैं जबकि इथोपिया में यह आंकड़ा 1010 और जापान में 1054 है.
    
बिहार की जीडीपी 86 अरब डॉलर है जबकि गृह युद्ध में फंसे इथोपिया की जीडीपी भी 97 बिलियन डॉलर है. वहीं जापान की जीडीपी बिहार से 60 गुना ज्यादा है. बिहार में प्रति व्यक्ति आय सालाना 46 हजार रुपये है जबकि इथोपिया तक में यह 63 हजार रुपये और जापान में 32 लाख रुपये सालाना है.

फिलीपींस और मिस्र से पिछड़ा बंगाल
पश्चिम बंगाल की जनसंख्या अब करीब 10 करोड़ है जो फिलीपींस और मिस्र के लगभग बराबर है. बंगाल में प्रति 1000 पुरुषों पर 939 महिलाएं हैं जबकि फिलीपींस में यह आंकड़ा 996 और मिस्र में 992 है. हाल ही में चुनावों से गुजरे बंगाल में बेरोजगारी दर 22 फीसदी के भयानक स्तर पर है, जो फिलीपींस में 7.7 और मिस्र में 7.4 फीसदी है.

पश्चिम बंगाल की जीडीपी 180 अरब डॉलर है जबकि फिलीपींस और मिस्र दोनों की ही जीडीपी इसके दोगुने से भी ज्यादा है. बंगाल में प्रति व्यक्ति सालाना आय 1.1 लाख रुपये है जो फिलीपींस में 2.7 लाख और मिस्र में 2.8 लाख रुपये सालाना है.

मध्य प्रदेश से 7 गुना कमाते हैं तुर्की वाले
मध्य प्रदेश (MP) की जनसंख्या करीब 8.7 करोड़ है जो कॉन्गो और तुर्की की जनसंख्या के बराबर है. यहां साक्षरता दर 73.7 है, जो कॉन्गो और तुर्की दोनों से ही कम है. एमपी में हजार पुरुषों के मुकाबले 916 महिलाएंहैं, जबकि कॉन्गो (998) और तुर्की (1005) में यह आंकड़ा कहीं ज्यादा है.

एमपी की जीडीपी 130 बिलियन डॉलर है जबकि कॉन्गो की जीडीपी 55 बिलियन डॉलर और तुर्की की जीडीपी 6 गुना ज्यादा करीब 790 बिलियन डॉलर है. एमपी में प्रति व्यक्ति आय सालाना 1 लाख रुपये है जबकि कॉन्गो के लोगों की प्रति व्यक्ति आय 31 हजार और तुर्की के लोगों की आय करीब 7 लाख रुपये सालाना है.

ईरान से हर पायदान पर पिछड़ा राजस्थान
राजस्थान की जनसंख्या फिलहाल 8.2 करोड़ है, जो ईरान और जर्मनी के आस-पास है. राजस्थान में साक्षरता दर 70 फीसदी है. ईरान (96%) और जर्मनी (99% से ज्यादा) दोनों ही इससे बहुत आगे हैं. राजस्थान में हजार पुरुषों के मुकाबले 856 महिलाएं हैं जबकि ईरान (972) और जर्मनी (1040) की हालत इसके मुकाबले बहुत अच्छी है.

राजस्थान में बेरोजगारी दर 26.2 फीसदी के भयानक स्तर पर है, जो ईरान और जर्मनी दोनों से बहुत ज्यादा है. राजस्थान में लोगों की अधिकतम औसत आयु भी 68.5 साल है, जो ईरान में 77 साल और जर्मनी में 81.5 साल है. राजस्थान की जीडीपी 130 बिलियन डॉलर है जबकि ईरान की जीडीपी 680 बिलियन डॉलर और जर्मनी की करीब 4300 बिलियन डॉलर है. राजस्थान में प्रति व्यक्ति आय सालाना 1.1 लाख रुपये है. ईरान में यह करीब 6 लाख रुपये और जर्मनी में करीब 34 लाख रुपये सालाना है.

गुजरात से दोगुनी है थाईलैंड की इकॉनमी
भारत में गुजरात को उद्योगों के एक बड़े गढ़ के तौर पर देखा जाता है. इसकी अर्थव्यवस्था के कई बार उदाहरण दिए जाते हैं लेकिन यह राज्य ज्यादातर मुद्दों पर इतनी ही जनसंख्या वाले थाईलैंड से पीछे है. गुजरात की जनसंख्या करीब 6.4 करोड़ है, जो थाईलैंड के अलावा ब्रिटेन के करीब है. गुजरात में हजार पुरुषों के मुकाबले 855 महिलाएं हैं जबकि थाईलैंड (1035) और ब्रिटेन (1031) में यह संख्या कहीं ज्यादा है.

गुजरात की अधिकतम औसत आयु 69.7 साल है, जबकि थाईलैंड (77.3 साल) और ब्रिटेन (81.5 साल) इस मामले में बहुत आगे हैं. गुजरात की जीडीपी 230 बिलियन डॉलर है जो थाईलैंड की जीडीपी (540 बिलियन डॉलर) की आधी और ब्रिटेन की जीडीपी (21500 बिलियन डॉलर) से करीब 950 गुना कम है. गुजरात में प्रति व्यक्ति आय भी सिर्फ 2 लाख है, जो थाईलैंड की प्रति व्यक्ति आय (2.5 लाख रुपये) और ब्रिटेन की प्रति व्यक्ति आय (30 लाख रुपये) से कम है. (dw.com)
 

अन्य पोस्ट

Comments