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कलिंगा विवि एनआईआरएफ रैंकिंग में देश की टॉप 200 में
12-Sep-2021 12:48 PM (287)
कलिंगा विवि एनआईआरएफ रैंकिंग में देश की टॉप 200 में

रायपुर, 12 सितंबर। कलिंगा विश्वविद्यालय मध्य भारत का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है। सिर्फ  कुछ ही वर्षों में यह छत्तीसगढ़ प्रदेश का सर्वोत्कृष्ट निजी विश्वविद्यालय तो है ही, साथ ही साथ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति भी प्राप्त कर चुका है। एनआईआरएफ की रैंकिंग में यह छत्तीसगढ़ का पहला निजी विश्वविद्यालय है। जिसे कुल 1657 उच्च शिक्षण संस्थाओं के बीच 150-200 की सूची में स्थान में मिला है।
 
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एनआईआरएफ  की रैंकिंग का महत्वपूर्ण स्थान है। यह संस्थान पूर्णत: वस्तुनिष्ठ, निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए प्रसिद्ध है। देश के सभी प्रतिष्ठित उच्च शैक्षणिक संस्थान उत्सुकता से भाग लेते हैं। एनआईआरएफ उच्च शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता का सभी मानकों में मूल्यांकन करके उन्हें रैंकिंग प्रदान करता है। कलिंगा विश्वविद्यालय के लिए यह खुशी और गर्व का क्षण है कि उसे देश के सर्वोत्कृष्ट 200 विश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है। साथ ही यह सम्मानित सूची में सम्मिलित होने वाला  छत्तीसगढ़ प्रांत का यह पहला निजी विश्वविद्यालय है।
 
कुलपति डॉ. आर श्रीधर ने समस्त सदस्यों को बधाई देते हुए बताया कि कोरोना के बाद अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उसके बावजूद भी विश्वविद्यालय परिवार की निष्ठा, कार्यकुशलता और अथक श्रम के परिणामस्वरूप कलिंगा ने यह सफलता अर्जित की है। महानिदेशक डॉ. बैजू जॉन ने बताया कि कलिंगा में वैश्विक मापदंड के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आकर्षक अद्भुत संरचना, विशेषज्ञ प्राध्यापकों की टीम के द्वारा उपयोगी और शोधपरक शिक्षण के साथ उच्च रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का बहुत योगदान है। भविष्य में भी हम बेहतरीन उच्च सुविधा प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित हैं।
 
कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि कोरोना के दौरान भी यहाँ पर व्यवस्थित तरीके से सत्र के अनुसार नियमित अध्ययन जारी रहा है। ऑनलाइन स्टडी के साथ असाइनमेंट, स्टडी मटेरियल, क्विज के साथ देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद विद्वान के सैकड़ों वेबिनार का आयोजन किया गया। निर्धारित समय पर सभी परीक्षाएं और परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। बेहतरीन संसाधन, संरचना और मूल्यपरक शिक्षा प्रदान करने के मामले में हम कोई समझौता नहीं करते हैं। शायद यही कारण है कि आज हम देश के टॉप विश्वविद्यालयों में एक है।

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