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सिर्फ फल और सब्ज़ी पर ज़िंदा है लड़की, लंच में रोज़ाना खाती है उबले आलू और पत्तागोभी
15-Sep-2021 11:01 AM (41)
सिर्फ फल और सब्ज़ी पर ज़िंदा है लड़की, लंच में रोज़ाना खाती है उबले आलू और पत्तागोभी

हम Growing Age में बच्चों को ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन रिच डायट देते हैं, ताकि उनका विकास अच्छी तरह हो सके. सोचिए, अगर इस उम्र में किसी बच्ची को सिर्फ 4 ग्राम प्रोटीन हर दिन खाने की इज़ाजत हो तो उसका खाना मैनेज करना कितना मुश्किल होगा. यूनाइटेड किंगडम के लिंकनशायर में रहने वाली लिली की मां हर दिन इस समस्या से जूझ रही हैं.

8 साल की लिली को PKU नाम की रेयर कंडीशन है. इसमें शरीर प्रोटीन में पाए जाने वाले एमिनो एसिड को पचा नहीं पाता. इस कंडीशन के चलते लिली अंडा, फिश, कॉर्न, पालक, बींस और पनीर जैसी चीज़ें नहीं खा सकती. वो सिर्फ फलों और सब्ज़ियों पर ही ज़िंदा है.

लिली का डायट प्लान हैरान कर देगा
स्कूल में पढ़ने वाली लिली की इस कंडीशन के साथ उसका रोज़ाना का डायट प्लान तैयार करना आसान नहीं होता. PKU के चलते उसके शरीर में प्रोटीन पहुंचने की मात्रा बहुत सीमित होनी चाहिए. ऐसे में उसकी मां कैरमेन विल्की के लिए पैरेंटिंग और मुश्किल हो जाती है. वे अपनी बच्ची के लिए ऐसी डिशेज़ तैयार करती हैं, जिन्हें वो आसानी से खा सके और इसका कोई बुरा प्रभाव उसकी सेहत पर न पड़े. लिली के लिए मीठे ड्रिंक्स और प्रोटीन रिच फूड अवॉयड किए जाते हैं, लेकिन उसे पोषण देने का पूरा इंतज़ाम रखा जाता है. उसके स्कूल के लिए खास टिफिन दिया जाता है, जबकि वे कहीं बाहर जाते हैं तो लिली का खाना उनके साथ होता है. लिली की हालत की वजह से ज्यादातर वक्त उन्हें कोई अपने घर इनवाइट नहीं करता. लिली ज्यादातर वक्त लंच में उबले आलू और पत्तागोभी खाती है.

क्या है PKU?
Phenylketonuria वो कंडीशन है, जिसमें शरीर प्रोटीन के एमिनो एसिड को ब्रेक डाउन करने की क्षमता नहीं रखता. ऐसे में करीब हर हफ्ते ब्लड टेस्ट के ज़रिये इसका स्तर मापा जाता है. ये बेहद दुर्लभ कंडीशन है, जो 10 लाख लोगों में से किसी एक को होती है. इसकी वजह माता-पिता के डिफेक्टिव जींस होते हैं. लिली को अपनी इसी कंडीशन के चलते सिर्फ 4 ग्राम प्रोटीन खाना अलाउड है. हालांकि ये मात्रा 5 ग्राम तक पहुंच सकती है. अगर प्रोटीन की मात्रा ज़रा भी ज्यादा हुई, तो लिली सुस्त महसूस करने लगेगी. इसके लिए लिली को रोज़ाना कुछ सप्लीमेंट्स पानी में घोलकर पीने होते हैं. जो उसके शरीर के बाकी पोषण को पूरा करते हैं. (news18.com)

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