राजनीति

एलजी के घर धरने से केजरीवाल ने कहा, ये मेरा सर्जिकल स्ट्राइक

Posted Date : 13-Jun-2018



नई दिल्ली, 13 जून । दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर तीन दिन से धरने पर बैठे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है, मैं दिल्ली की जनता के लिए उन लोगों के खिलाफ लड़ रहा हूं, जिन्होंने सार्वजनिक सेवाएं बंद कर दी हैं... आप कह सकते हैं कि यह धरना उन लोगों के खिलाफ मेरा सर्जिकल स्ट्राइक है, जो दिल्ली के मतदाताओं को दंडित करना चाहते हैं...
लेखिका एवं पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी को फोन पर यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू अरविंद केजरीवाल ने राजनिवास के वेटिंग रूम से दिया, जहां वह अपने डिप्टी मनीष सिसोदिया, अपने दो मंत्रियों सत्येंद्र जैन (जो अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं) तथा गोपाल राय के साथ दो रात बिता चुके हैं। उनका कहना है कि वे तब तक नहीं लौटेंगे, जब तक उपराज्यपाल उनकी मांगें नहीं मान लेते हैं।
अरविंद केजरीवाल का उपराज्यपाल अनिल बैजल के खिलाफ किया जा रहा यह विरोध प्रदर्शन देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अपनी तरह का पहला अवसर है, जो काफी लम्बा चलने वाला लग रहा है।
मुख्यमंत्री सहित कुल सात मंत्रियों वाली दिल्ली सरकार कहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही उपराज्यपाल तथा नौकरशाहों को इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केजरीवाल काम नहीं कर पाएं। सरकार का आरोप है कि नौकरशाह काम पर नहीं आ रहे हैं, और फरवरी माह से ही अघोषित हड़ताल पर हैं, जब एक वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा था कि उन पर केजरीवाल की पार्टी के विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास पर आधी रात को हुई एक बैठक के दौरान हमला किया था।
फोन पर बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा, हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक एलजी साब आईएएस अधिकारियों को मेरी सरकार के साथ फिर सहयोग शुरू करने का निर्देश नहीं देते... तीन महीने से वे हमारे द्वारा आहूत की गई बैठकों में आने से इंकार कर रहे हैं, और किसी भी निर्देश का पालन करने से भी... क्या आपने देश के किसी भी हिस्से में आईएएस अधिकारियों के काम करना छोड़ देने के बारे में सुना है...? मैंने एलजी से गिड़गिड़ाकर कहा, दिल्ली के खिलाफ यह बदले की कार्रवाई बंद कीजिए, लेकिन साफ है कि वह अपने बॉस के आदेश पर काम कर रहे हैं... अब मेरे पास यह (धरना) करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था, और मैं यहां से नहीं जाने वाला...
जिस वेटिंग रूम में धरना चल रहा है, वह किसी भी लिहाज से बड़ा नहीं कहा जा सकता, और यहां सोने के लिए भी कोई इंतजामात नहीं हैं। चारों राजनेताओं को सोफे पर सोते हुए दो रातें बीत चुकी हैं, लेकिन धरना-प्रदर्शन करते रहने के आदी रहे केजरीवाल हंसकर कहते हैं, यह अब तक का सबसे आरामदायक धरना है... कम से कम बैजल साब राजनिवास से हमें पानी उपलब्ध करवा रहे हैं... मैं और मेरे सहयोगी अपनी फाइलें यहां से मंज़ूर कर भेज रहे हैं... लेकिन मैं फिर कहता हूं कि हम यहां से तब तक नहीं जाएंगे, जब तक अधिकारियों पर लगाई गई पाबंदी खत्म नहीं कर दी जाती... दिल्ली के लिए मेरा इतना करना तो बनता है...
अरविंद केजरीवाल को डायबिटीज़ है, इसलिए उनका भोजन तथा दवाएं उनके घर से भेजी जा रही हैं। टिफिन बॉक्स में अन्य तीन मंत्रियों के लिए भी भोजन पहुंचाया जा रहा है।
सोमवार को धरना शुरू होने के वक्त वहां मौजूद लोगों का कहना है कि जब उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आईएएस अधिकारियों को दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिखित निर्देश देने से इंकार कर दिया, तब केजरीवाल सोफे पर जा बैठे थे, और कहा था कि यह मामला सुलझ जाने तक वह यहां से नहीं जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद गुस्से में आए उपराज्यपाल ने कहा था, आप मेरे सिर पर बंदूक तान रहे हैं... तब अरविंद केजरीवाल ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर जवाब दिया था, मैं गरीब आदमी हूं... मेरे पास कोई बंदूक नहीं है, सिर्फ अपने लोगों का समर्थन है... जब तक आप हमारी बात नहीं सुनेंगे, मैं यहां से नहीं जाऊंगा...
इंटरव्यू के दौरान केजरीवाल ने एक बार फिर इस बात से इंकार किया कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर फरवरी में उनकी पार्टी के विधायकों ने हमला किया था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पुलिस द्वारा उनसे की गई पूछताछ तथा जांच के बावजूद कोई चार्जशीट फाइल नहीं की गई है, जो उनके इस दावे की पुष्टि करता है कि हमले के आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस उन्हीं को रिपोर्ट करती है... उन्होंने अगली शाम को एफआईआर क्यों दर्ज करवाई...? यह हमारे काम को पटरी से उतारने के लिए रची गई सोची-समझी साजिश है, और कुछ नहीं...
वर्ष 2015 में आम आदमी पार्टी (आप) कि दिल्ली में शानदार जीत के बाद से ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से केजरीवाल के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं। केजरीवाल ने, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा, का नया मंत्र अपना लिया है, और भाजपा से कहा है कि अगर वह ऐसा कर देती है, तो वह खुद भी 2019 के आम चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करेंगे।
लेकिन फिलहाल यह मामला किसी नतीजे पर पहुंचता नजर नहीं आ रहा है, सो, अरविंद केजरीवाल के घर से खाने के डिब्बे एलजी हाउस में लगातार आते रहेंगे...(एनडीटीवी)




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