सामान्य ज्ञान

भारत पर्यटन विकास निगम
27-Sep-2021 9:17 AM (64)
 भारत पर्यटन विकास निगम

भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) अक्टूबर 1966 में अस्तित्व में आया और इसने देश में पर्यटन के उत्तरोतर विकास, संवर्धन और विस्तार में प्रमुख भूमिका निभाई है। व्यापक रूप से निगम के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं- होटलों का निर्माण, वर्तमान होटलों का अधिग्रहण और प्रबंध तथा होटलों, तट-विहारों, ट्रैवल्र्स लॉज/रैस्त्रां का विपणन, परिवहन, मनोरंजन, खरीदारी और सम्मेलन सेवाएं प्रदान करना। पर्यटक प्रचार सामग्री की प्रस्तुति एवं वितरण, भारत तथा विदेश में परामर्श एवं प्रबंधन सेवाएं प्रदान करना। संपूर्ण मनी चेंजर्स (एफएफएमसी), प्रतिबंधित मनी चेंजर्स आदि के रूप में व्यवसाय करना तथा पर्यटन विकास और इंजीनियरिंग उद्योग की आवश्यकताओं के लिए नवीन एवं विश्वसनीय सेवाएं देना।

निगम पर्यटकों के लिए होटल तथा रैस्त्रां चला रहा है और साथ ही परिवहन सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस समय भारत पर्यटन विकास निगम के नेटवर्क में अशोक होटल समूह के आठ होटल, पांच संयुक्त उद्यम होटल, एक रैस्त्रां , 11 परिवहन इकाई, एक पर्यटक सेवा केंद्र, विमानपत्तनों एवं समुद्रपत्तनों पर नौ शुल्क-मुक्त दुकानें और दो ध्वनि एवं प्रकाश प्रदर्शन शामिल हैं। इसके अलावा निगम की ओर से भरतपुर में एक होटल और कोसी में एक रैस्त्रांं का प्रबंध भी किया जा रहा है। निगम इसके अतिरिक्त वैस्टर्न कोड, विज्ञान भवन, हैदराबाद हाऊस और शास्त्री भवन, नई दिल्ली में नेशनल मीडिया प्रेस सेंटर में खान-पान सेवाओं का प्रबंध भी कर रहा है।

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