सामान्य ज्ञान

Police Commemoration Day 2021: क्या है इस दिन का चीन से कनेक्शन
21-Oct-2021 12:58 PM (71)
Police Commemoration Day 2021: क्या है इस दिन का चीन से कनेक्शन

देश भक्ति के जज्बे के लिए ज्यादातर भारतीय सैनिकों को ही याद किया जाता है. लेकिन देश की पुलिस के लिए एक खास दिन को लोग  ज्यादा याद नहीं रखते है. यह दिन है पुलिस स्मृति दिवस, जिसे पुलिस शहीद दिवस, पुलिस रिमेंम्बरेंस डे, पुलिस कमोमोरेशन डे, पुलिस मेमोरियल डे जैसे नाम से भी जाना जाता है. इस दिन को भारत की आजादी के बाद से देश की सेवा करते हुए शहीद हुए देश के तमाम पुलिसकर्मियों को याद करने के लिए मनाया जाता है. लेकिन इसे 21 अक्टूबर को ही मनाने पीछे साल 1959 की एक घटना है जिसका संबंध चीन से है.

क्या हुआ था इस दिन उस साल
21 अक्टूबर 1959 को भारत चीन सीमा पर रखवाली करते हुए दस पुलिस जवानों की शहादत की याद में मनाया जाता है. यह कहानी उस साल 20 अक्टूबर को शुरू हुई थी. उस समय भारत और तिब्बत के बीच ढाई हजार मील लंबी सीमा की देखरेखा का जिम्मा भारतीय रिजर्व पुलिस बल के पुलिसकर्मियों के हाथ में था. उत्तर पूर्वी लद्दाख में यह घटना तिब्बत के लगी सीमा पर हुई थी लेकिन मामले में चीन का हाथ था. तब तक तिब्बत चीन का हिस्सा बन चुका था.

एक दिन पहले यह हुआ था
उत्तर पूर्वी लद्दाख की सीमा पर निगरानी के लिए हॉट स्प्रिंग स्थान पर सीआरपीएफ तीसरी बटालियन  की कंपनी की तीन टुकड़ियों को अलग अलग गशअत पर भेजा गया.  गश्त के लिए गईं तीन में से दो टुकड़ियां तो दोपहर को समय पर वापस आ गईं लेकिन तीसरी टुकड़ी नहीं आई जिसमें दो पुलिस कॉन्सटेबल और एक पॉर्टर शामिल थे. अलग दिन इस टुकड़ी की तलाश के लिए एक नई टुकड़ी बनाई गई.

अचानक हुआ हमला
खोई हुई टुकड़ी की खोज में डीसीआईओ करम सिंह की अगुआई में नई टुकड़ी 21 अक्टूबर को रवाना हुई  जिसमें 20 पुसिलकर्मी थे. इस टुकड़ी क भी तीन हिस्सों में बांटा गया. एक पहाड़ी के करीब पहुंचने पर चीनी सैनिकों ने इस टुकड़ी पर गोलियों  और ग्रेनेड से हमला कर दिया. यह टुकड़ी सैन्य टुकड़ी नहीं थी और इसके पास सेना की तरह खुद की कोई रक्षा हथियार भी नहीं थे.

चीन की भूमिका?
अचानक हुए हमले के कारण सिपाही घायल होने लगे और 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए और सात घायल कर्मियों को चीनी सैनिकों ने बंदी बना लिया. तीन पुलिसकर्मी वहां से बच निकलने में सफल रहे. इसके बाद 13 नवबंर को चीनी सैनिकों ने शहीद हुए 10 पुलिस कर्मियों के शव लौटा दिए जिनका अंतिम संस्कार पूरे पुलिस आत्मसम्मान के साथ किया गया.

फिर यह भी हुआ बदलाव
इस घटना के बाद से भारत तिब्बत सीमा की सुरक्षा का जिम्मा एक विशेष सैन्य दल भारत-तिब्बत सीमा सुरक्षा बल आईटीबीपी इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस को सौंप दिया गया जो एक अर्धसैनिक बल है. लेकिन सीआरपीएफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी तब भी जारी रही और 1965 में भारत पाक युद्ध के बाद सीमा सुरक्षा बल के गठन के बाद उसे सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुक्त कर आंतरिक सुरक्षा हेतु  पुलिस की सहायता करने की जिम्मेदारी दे दी गई.

फिर हुआ इस दिन को मनाने का फैसला
इसके बाद 1960 को हुए  सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों के वार्षिक सम्मेलन में इस घटना में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का फैसला किया गया और हर साल 21 अक्टूबर को देश के लिए जान गंवाने वाले हर पुसिल कर्मी के सम्मान में स्मृति दिवस मनाने का फैसला किया गया.

इसके बाद पुलिस ममोरियल की भी स्थापना हुई. इसकी अवधारणा 1984 में हुई थी, लेकिन उसका बनने का काम साल 2000 के बाद शुरू हुआ अनावरण साल 2018 में हो सका. यह मेमोरियल दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में 6 एकड़ से ज्यादा के क्षेत्र में बना है. साल 2012 से हर साल इस दिवस पर पुलिस परेड का आयोजन और शहीदों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम होता है. (news18.com)

अन्य पोस्ट

Comments