सामान्य ज्ञान

इस महान चित्रकार ने क्यों जला दी थीं अपनी पेंटिंग्स?
25-Oct-2021 2:01 PM (62)
इस महान चित्रकार ने क्यों जला दी थीं अपनी पेंटिंग्स?

दुनिया के महानतम चित्रकारों में शुमार पाब्लो पिकासो का जन्म 25 अक्टूबर 1881 को स्पेन के मलागा नामक शहर में हुआ था. वो 20वीं शताब्दी के सबसे अधिक चर्चित, विवादास्पद और समृद्ध कलाकार थे. पिकासो की कलाकृतियां मानव वेदना का जीवित दस्तावेज हैं. 

बचपन से पिकासो अपने साथियो को अलग-अलग प्रकार की आकृतियां बनाकर अचरज में डाल देते थे. पिकासो के पिता कला के अध्यापक थे, इसलिए कला की प्रारम्भिक शिक्षा उन्हें अपने पिता से मिली थी. 

1900 में कुछ समय के लिए पिकासो पेरिस गए. पेरिस तब कला का केंद्र समझा जाता था. पेरिस में पिकासो अनेक समकालीन कलाकारों के संपर्क में आए. उनकी कला पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा.

पेरिस में अपने पहले कुछ वर्षों में पिकासो ने कुल 200 आयल पेंटिंग बना डालीं. लेकिन शुरुआती सालों में कोई उनकी पेंटिंग खरीदता नहीं था. खुद को साबित करते करते उन्हें 10 साल लगे. तब जाकर उनके काम को पहचाना जाने लगा. पाब्लो ने खुद की एक अनोखी शैली विकसित की. 

गुमनामी के उन सालों में उनकी हालत इतनी खराब थी कि पिकासो और उनके दोस्त मैक्स जेकब के पास सोने के लिए एक ही बिस्तर था. एक दिन में सोता था तो दूसरा रात में. जाड़े के दिनों में दोनों को एक ही बिस्तर पर सोना पड़ता था. ठण्ड से बचने के लिए बहुत बार ऐसा हुआ कि पिकासो को खुद की पेंटिंग जलानी पड़ी.

1901 से लेकर 1904 तक पिकासो ने जो काम किया उसे ब्लू पीरियड का नाम दिया जाता है क्योंकि उनकी सभी पेंटिंग्स में गहरा नीला रंग ही था. 

गहरे अवसाद और गरीबी के दिनों में केवल नीले रंग का इस्तेमाल पिकासो के काम को और उदास बना रहा था. वेश्याओं, भिखारियों औऱ गरीब परिवारों का मार्मिक चित्रण तो पिकासो कर रहे थे लेकिन काम को कोई पूछने वाला तक नहीं था. 

1904 से लेकर 1906 तक किये गए काम को रोज पीरियड कहा जाता है क्योकि पिकासो के लिए ये बेहतर समय था. उन्हें फरनांद ऑलिवियर से प्रेम हुआ और उसी प्रेम के चलते उनकी पेंटिंग में बाकी रंगों ने दस्तक दी.

लेकिन मज़ेदार बात है कि प्रसिद्ध होने के बाद भी आज तक पिकासो का ब्लू पीरियड वाला काम ही सबसे ज्यादा महंगा बिकता है. (news18.com)

अन्य पोस्ट

Comments