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बच्चों को मोटर साइकिल पर बिठाने से पहले जान लिजिए इस नए मसौदा नियम को
26-Oct-2021 8:32 PM (89)
बच्चों को मोटर साइकिल पर बिठाने से पहले जान लिजिए इस नए मसौदा नियम को

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर । सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर साइकिल पर बच्चों को बिठाने को लेकर सुरक्षा प्रावधानों से जुड़े नए मसौदा नियम को जारी किया है। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर मंत्रालय ने मोटर साइकिल / बाइक पर 4 साल से कम उम्र के बच्चों के यात्रा करने को लेकर इस नए नियमों के मसौदे को जारी किया है। मंत्रालय द्वारा जारी इस मसौदा नियम की जानकारी देते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर बताया कि मंत्रालय ने चार साल से कम आयु के बच्चों को मोटरसाइकिल पर ले जाने को लेकर नए सुरक्षा गाइडलाइन्स को जारी किया है। गडकरी ने बाइक के चालक के साथ बच्चे को अटैच करने के लिए सुरक्षा उपकरण का उपयोग करने, बच्चों द्वारा अनिवार्य तौर पर क्रैश हेलमेट पहनने के नियमों के साथ-साथ यह भी बताया कि 4 साल के बच्चे को बिठाकर चलने वाले मोटर साइकिल की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नए मसौदा नियम में कई सिफारिशें की गई हैं। इन सिफारिशों के अनुसार, चार साल से कम आयु के बच्चों को मोटरसाइकिल चालक के साथ अटैच करने के लिए सुरक्षा उपकरण का उपयोग किया जाएगा। चालक यह सुनिश्चित करेगा कि उसके पीछे बैठे 9 महीने से 4 वर्ष तक की आयु का बच्चा अपना क्रैश हेलमेट पहना हो जो उसके सिर पर फिट बैठता हो और भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार बना हो।

नए मसौदा नियम में सिफारिश करते हुए यह भी कहा गया है कि, चार साल तक की आयु के बच्चे को ले जाने वाली मोटर साइकिल की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आपको बता दें कि, सरकार द्वारा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 को मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के द्वारा पहले ही संशोधित किया जा चुका है। इस धारा में दूसरा प्रावधान यह है कि केन्द्र सरकार नियमों द्वारा मोटर साइकिल पर सवारी करने वाले या ले जाये जा रहे चार साल से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा के उपाय उपलब्ध करा सकती है। इसी प्रावधान का सहारा लेते हुए सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर इस नए मसौदा नियम को जारी किया है हालांकि यह अभी मसौदा नियम ही है।( आईएएनएस)

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